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गांधी जयंती के दिन उत्तराखंडी आंदोलनकारियों पर बरपा था पुलिसिया कहर, चुन-चुन कर मारी थी गोलियां

News18 Uttar Pradesh
Updated: October 2, 2019, 1:15 PM IST
गांधी जयंती के दिन उत्तराखंडी आंदोलनकारियों पर बरपा था पुलिसिया कहर, चुन-चुन कर मारी थी गोलियां
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि

अलग उत्तराखंड राज्य की मांग को लेकर दिल्ली कूच कर रहे आंदोलनकारी को रोकने के लिए पुलिस ने चुन-चुन कर गोलियां मारी.

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मुजफ्फरनगर. आज से 25 साल पहले गांधी जयंती (Gandhi Jayanti) के ही दिन मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) के रामपुर तिराहे (Rampur Tiraha) पर जो कुछ भी हुआ उस जख्म पर शायद वक्त का मरहम भी काम न आए. 1 अक्टूबर 1994 की रात को पुलिसिया कहर उत्तराखंडी आंदोलनकारियों (Uttarakhand Revolutionaries) पर मौत के रूप में बरसी. अलग उत्तराखंड राज्य की मांग को लेकर दिल्ली कूच कर रहे आंदोलनकारी को रोकने के लिए पुलिस ने चुन-चुन कर गोलियां मारी. इस गोलीबारी में सात लोग शहद हो गए जबकि डेढ़ दर्जन से अधिक घायल हुए. जिनकी याद में रामपुर तिराहे पर शहीद स्मारक बना हुआ है. प्रत्येक वर्ष गांधी जयंती के मौके पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित करने पहुंचते हैं. इस बार भी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने शहीदों को नमन कर होनी श्रद्धांजलि दी.

2 अक्टूबर रैली में जा रहे थे आंदोलनकारी

1 अक्टूबर को अलग राज्य की मांग को लेकर आंदोलनकारी 2 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन करने के लिए 24 बसों में सवार होकर निकले. लेकिन मुजफ्फरनगर पुलिस को उन्हें दिल्ली जाने से रोकने का आदेश मिला. पुलिस ने उन्हें मुजफ्फरनगर में ही रोकने की योजना बनायी. लेकिन आंदोलनकारी गुरुकुल नारसन में बने बैरियर को तोड़ दिया और आगे बढ़ गए. इसके बाद पुलिस ने उन्हें रामपुर तिराहे पर रोकने की योजना बनाई. पूरे इलाके को सील कर आंदोलनकारियों की बसों को रोक लिया गया. लेकिन आंदोलनकारी दिल्ली कूच पर अड़े थे. वे वहीं बौठकर धरना देने लगे. इस बीच पत्थरबाजी शुरू हो गई. जिसमें तत्कालीन डीएम अनंत कुमार सिंह घायल हो गए. जिसके बाद पुलिस ने लाठी चार्ज शुरू कर दिया. दौड़ा-दौड़ा कर लोगों को पीटा गया. करीब ढाई सौ लोगों को हिरासत में लिया था. इसके बाद देर रात पौने तीन बजे के बीच 42 बसों में आंदोलनकारियों के आने की खबर आई तो रामपुर तिराहे पर अवरोध खड़े कर दिए गए. उन्हें रोकने के लिए अलग से फायरिंग दस्ता भी बनाया गया.

uttarakhand martyar memorial rampur tiraha
उत्तराखंड शहीद स्मारक रामपुर तिराहा


पुलिस ने दागी थी 24 राउंड गोलियां

सुबह चार बजे सूचना मिली कि सौ से अधिक बसे देहरादून, चमोली, टिहरी आदि जिलों से करीब सैंकड़ो वाहनों से हजारों आंदोलनकारी दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं। डीएम अनंत कुमार सिंह ने बल प्रयोग करने की इजाजत दी तो एसपी राजेंद्र पाल सिंह ने स्वयं ही अपने आधीन फायरिंग दस्ता गठित किया। पुलिस की तरफ से 24 राउंड फायरिंग का दावा किया गया था, जिसमें सात की मौत हुई थी और 17 आंदोलनकारी जख्मी हुए थे। यानी पुलिस का एक भी निशाना चूका नहीं था.

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First published: October 2, 2019, 1:15 PM IST
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