मुजफ्फरनगर दंगों से जुड़े 74 मामले नहीं होंगे बंद, कोर्ट ने खारिज की अपील

अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अमित कुमार सिंह ने बताया कि राज्य सरकार ने दंगों के कुल 74 मामलों को वापस लेने के लिए पिछले छह महीने में 10 अलग-अलग अधिसूचना जारी की थी.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 25, 2019, 1:18 AM IST
मुजफ्फरनगर दंगों से जुड़े 74 मामले नहीं होंगे बंद, कोर्ट ने खारिज की अपील
मजफ्फर नगर दंगा, फाइल फोटो
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Updated: July 25, 2019, 1:18 AM IST
साल 2013 में मुजफ्फरनगर में हुए दंगों से जुड़े 74 मामलों को बंद करने की मांग को अदालत ने ठुकरा दिया है. उत्तर प्रदेश सरकार ने दंगों से जुड़े सभी मामलों को बंद करने के लिए अदालत से अनुमति मांगी थी. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को इसके बारे में बताया.

छह महीने में 10 अलग-अलग अधिसूचना जारी की गई थी
अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अमित कुमार सिंह ने बताया कि राज्य सरकार ने दंगों के कुल 74 मामलों को वापस लेने के लिए पिछले छह महीने में 10 अलग-अलग अधिसूचना जारी की थी. उन्होंने कहा कि हालांकि, सरकार को एक भी मामला वापस लेने की अनुमति नहीं मिली है. जिला प्रशासन को करीब दो महीने पहले 20 मामले वापस लेने के अंतिम निर्देश मिले थे लेकिन सभी अनुरोध अदालत के सामने विचार के लिए लंबित हैं.

क्या था पूरा मामला

जाट और मुस्लिम समुदाय के बीच झड़प 27 अगस्त 2013 को शुरू हुआ. कवाल गाँव में कथित तौर पर एक जाट समुदाय लड़की के साथ एक मुस्लिम युवक ने छेड़खानी की. उसके बाद लड़की के दो ममेरे भाइयों गौरव और सचिन ने उस मुस्लिम युवक को पीट-पीट कर मार डाला. जवाबी हिंसा में मुस्लिमों ने दोनों युवकों की जान ले ली थी.

इसके बाद कवाल गांव में जाट-मुस्लिम हिंसा के साथ ये दंगा शुरू हुआ था, जिससे वहां 62 लोगों की जान गई थी. बड़े पैमाने पर लोग हताहत हुए. दंगे के दौरान यहां कर्फ्यू लगा दिया. सेना बुला ली गई. कर्फ्यू करीब 20 दिनों तक रहा. 17 सितम्बर को दंगा प्रभावित स्थानों से कर्फ्यू हटा लिया गया. सेना वापस बुला ली गयी.

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First published: July 25, 2019, 12:06 AM IST
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