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होम Quarantine में रह रहे एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी से मिले BJP विधायक, नियम तार-तार

होम Quarantine में रह रहे एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी से मिले BJP विधायक, नियम तार-तार

नवाजुद्दीन सिद्दीकी

होम क्‍वारंटाइन में रह रहे नवाजुद्दीन सिद्दीकी के 46वें जन्मदिन के मौके पर बुढ़ाना से बीजेपी विधायक उमेश मलिक और एसडीएम उनसे मिलने पहुंचे

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मुजफ्फरनगर. जाने-माने बॉलीवुड एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui) हाल ही में अपने पूरे परिवार के साथ मुंबई (Mumbai) से मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) पहुंचे हैं. खबर है कि वो मुंबई से मुजफ्फरनगर पहुंचते ही पूरे परिवार के साथ क्‍वारंटाइन (Quarantine) हो गए हैं. उनकी मां की तबीयत खराब होने के चलते वो अपने बुढ़ाना स्थित पुश्तैनी घर पहुंचे हैं.

इस बीच, नवाजुद्दीन सिद्दीकी के 46वें जन्मदिन के मौके पर पर बुढ़ाना से बीजेपी विधायक उमेश मलिक और एसडीएम उनसे मिलने पहुंचे. नवाजुद्दीन अभी होम क्‍वारंटाइन में हैं, ऐसे में बीजेपी विधायक पर लॉकडाउन के नियम तोड़ने के आरोप लग रहे हैं.

नवाजुद्दीन के घर पर Do Not Visit नोटिस चस्पा है
नवभारत टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, प्रशासन ने उनके घर के बाहर डू नॉट विजिट का नोटिस चस्पा किया हुआ है. 19 मई को नवाजुद्दीन का 46वां जन्मदिन था. इसी दौरान बुढ़ाना से बीजेपी विधायक उमेश मलिक और एसडीएम काफिले के साथ नवाजुद्दीन के घर पहुंचे और उनसे मुलाकात की. इस मुलाकात का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें बीजेपी विधायक और एसडीएम लाव-लश्कर के साथ वहां पहुंचे हैं. इस वीडियो में एक्टर और विधायक बैठकर चाय पी रहे हैं.

इस मुलाकात को लेकर मुजफ्फरनगर के चीफ मेडिकल ऑफिसर ने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मिलने में कोई हर्ज नहीं है. वहीं, उमेश मलिक ने मीडिया से कहा कि अभिनेता से मिलने और स्वास्थ्य की जानकारी लेने उनके घर गए थे. एक्टर की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आई है. उनकी तरफ से लॉकडाउन का उल्लंघन नहीं किया गया.

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दिनदहाड़े बैंक में गोलीबारी! महिला सहित दो लोग घायल, जानें क्या है पूरा मामला...

दिनदहाड़े बैंक में गोलीबारी! महिला सहित दो लोग घायल, जानें क्या है पूरा मामला...

Up News: मुजफ्फरनगर में बैंक गार्ड की बंदूक कंधे से गिरने के बाद अचानक चली गोली, धमाके की आवाज सुन कर मची अफरा तफरी, पुलिस पूरी फोर्स के साथ पहुंची बैंक.

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मुजफ्फरनगर. शहर में स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक में बुधवार को दिनदहाड़े गोली चलने के बाद दहशत फैल गई. इस घटना में एक महिला सहित तीन लोग गंभीर तौर पर घायल हो गए. हालांकि गोली चलने के साथ ही लोगों ने सोचा कि बैंक में डकेती डालने की नियत से कोई घुस आया है लेकिन जांच के बाद मामला कुछ और ही निकला. दरअसल बैंक में तैनात गार्ड की बंदूक अचानक हाथ से गिर जाने के बाद ये गोली चली. जिसके बाद अफरा तफरी मच गई. बैंक में जिस समय गोली चली उस समय काफी भीड़ मौजूद थी. अब हादसे में घायल लोगों का इलाज अस्पताल में किया जा रहा है और बताया गया है कि तीनों ही खतरे से बाहर हैं.
जानकारी के अनुसार शहर के बालाजी चौक पर स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक में बुधवार को हर दिन की तरह ही भीड़ थी. इसी दौरान वहां पर तैनात गार्ड मेहंदी हसन की डबल बैरल गन उसके कंधे से फिसल कर अचानक गिर गई. इसी दौरान जोरदार धमाका हुआ और गोली चल गई. गोली के छर्रे वहां पर मौजूद एक महिला और दो युवकों के पैरों में जाकर लगे.

फोर्स पहुंची मौके पर
बैंक में गोली चलने की खबर के साथ ही पुलिस पूरी फोर्स के साथ मौके पर पहुंची और बैंक के गार्ड को हिरासत में ले लिया. पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया तो ये एक हादसा ही प्रतीत हो रहा है लेकिन फिर भी पुलिस का कहना है कि गार्ड से पूछताछ करने के बाद कोई कार्रवाई के बोरे में सोचा जाएगा. वहीं पुलिस अब बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाल रही है और घटना की सही जानकारी पता करने की कोशिश कर रही है.

आसपास के लोगों को लगा…
वहीं बैंक के आस पास मौजूद दुकानदारों और राहगीरों ने जैसे ही गोली चलने की आवाज सुनी सभी घबरा गए. सभी को लगा कि बैंक में डकैती हुई है. इसी दौरान किसी ने पुलिस को इस संबंध में सूचना दे दी. बैंक में गोली चलने की बात तेजी से पूरे शहर में फैली और बैंक के बाहर लोगों की भीड़ लग गई. हालांकि बाद में गोली कैसे चली ये पता चलने के बाद सभी ने राहत की सांस ली.

मुजफ्फरनगर में 26 को एक और महापंचायत, गठवाला खाप के राजेंद्र मलिक ने की घोषणा

मुजफ्फरनगर में 26 को एक और महापंचायत, गठवाला खाप के राजेंद्र मलिक ने की घोषणा

Mahapanchayat : गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र मलिक के मुताबिक, कुछ दिन पूर्व संयुक्त किसान मोर्चे द्वारा आयोजित की गई महापंचायत में किसानों की समस्याओं को सही तरह से नहीं रखा गया था. जिसके चलते इस महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है.

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मुजफ्फरनगर. उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में फिर से महापंचायत की जा रही है. इस बार 26 सितंबर को हिंद मजदूर किसान समिति ने महापंचायत बुलाई है. इसे गठवाला खाप के मुखिया चौधरी राजेंद्र मलिक ने भी अपना समर्थन दिया है.

दरअसल शनिवार को नगर की बच्चन सिंह कॉलोनी में हिंद मजदूर किसान समिति ने एक मीटिंग का आयोजन किया था. जिसमें समिति के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने तो हिस्सा लिया ही, इसमें गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र मलिक भी पहुंचे. मीटिंग के दौरान किसानों की समस्याओं को लेकर 26 सितंबर को नगर के राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में एक महापंचायत करने की घोषणा की गई.

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मीडिया से गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र मलिक ने बताया कि किसानों की बिजली, पानी, गन्ने के रेट आदि समस्याओं को लेकर 26 सितंबर को राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में एक महापंचायत बुलाई गई है. जिसमें मुजफ्फरनगर और शामली जनपद के किसान और मजदूर हिस्सा लेंगे. राजेंद्र मलिक की मानें तो कुछ दिन पूर्व संयुक्त किसान मोर्चे द्वारा आयोजित की गई महापंचायत में किसानों की समस्याओं को सही तरह से नहीं रखा गया था. जिसके चलते इस महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है. इसमें किसानों की समस्याओं को सही तरह से सरकार के सामने रखा जाएगा.

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चौधरी राजेंद्र मलिक का साफ तौर पर ये भी कहना है कि कृषि बिल को लेकर चल रहे संयुक्त किसान मोर्चे के आंदोलन में सरकार और किसान दोनों का ही रवइया अड़ियल रहा है. अगर इसे निकालकर आपस में बातचीत की जाये तो समस्या का हल निकल जाएगा. आपको बता दे की कुछ समय पूर्व टिकैत बंधुओं के गांव सिसौली में बुढ़ाना विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक उमेश मलिक की गाड़ी पर हुए हमले को लेकर गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र मलिक टिकैत बंधुओं से नाराज चल रहे हैं. जिसके चलते इन्होंने 5 सितंबर की महापंचायत में हिस्सा नहीं लिया था. अब एक और महापंचायत की घोषणा से ये भी साफ दिखाई पड़ रहा है कि कहीं न कहीं अब खापों में उठापटक शुरू हो गई.

महापंचायत में गरजे टिकैत, कहा- नहीं छोड़ेंगे दिल्ली बॉर्डर, फिर चाहे हमारा कब्रिस्तान बन जाए

महापंचायत में गरजे टिकैत, कहा- नहीं छोड़ेंगे दिल्ली बॉर्डर, फिर चाहे हमारा कब्रिस्तान बन जाए

संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से आयोजित किसान महापंचायत में टिकैत ने कहा, 'हम संकल्प लेते हैं कि हम धरना स्थल को दिल्ली की सीमाओं पर नहीं छोड़ेंगे, भले ही हमारा कब्रिस्तान वहां बन जाए. जरूरत पड़ी तो हम अपनी जान भी दे देंगे.

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मुजफ्फरनगर. मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) में केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ किसनों ने बड़ी महापंचायत (Mahapanchayat) की. इस दौरान किसान नेताओं ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला. नौ महीने बाद मुजफ्फरनगर किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने कहा कि तीनों कानूनों के खिलाफ आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक कि केंद्र सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती. राकेश टिकैत ने रविवार को कहा कि सरकार कुछ भी कर ले किसान दिल्ली की सीमाओं को नहीं छोड़ेंगे.

संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से आयोजित किसान महापंचायत में टिकैत ने कहा, ‘हम संकल्प लेते हैं कि हम धरना स्थल को वहां (दिल्ली की सीमाओं पर) नहीं छोड़ेंगे, भले ही हमारा कब्रिस्तान वहां बन जाए. जरूरत पड़ी तो हम अपनी जान भी दे देंगे, लेकिन जब तक हम जीत नहीं जाते, तब तक धरना स्थल नहीं छोड़ेंगे. जब भारत सरकार हमें बातचीत के लिए आमंत्रित करेगी, हम जाएंगे, लेकिन किसानों का आंदोलन जारी रहेगा. राकेश टिकैत ने कहा कि आजादी के लिए संघर्ष 90 वर्षों तक जारी रहा. अब लगता है कि यह आंदोलन भी लंबे समय तक जारी रहेगा.

मुजफ्फरनगर के राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में आयोजित किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने कहा, आज संयुक्त किसान मोर्चा ने जो फैसले लिए हैं उसके तहत हमें पूरे देश में बड़ी-बड़ी सभाएं करनी पड़ेंगी. अब यह मिशन केवल उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का मिशन नहीं, अब यह मिशन संयुक्त मोर्चे का देश बचाने का मिशन होगा. यह देश बचेगा तो यह संविधान बचेगा.

इस बीच, उत्तर प्रदेश अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने बताया कि महापंचायत के मद्देनजर पीएससी की 25 कंपनियों और मेरठ अंचल के 20 अधिकारियों को तैनात किया गया है. एडीजी कुमार ने कहा कि हमने यातायात के सुचारू संचालन के लिए यातायात अलर्ट जारी किया है. हम स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं.

Kisan Mahapanchayat: राकेश टिकैत बोले- आजादी का आंदोलन 90 साल चला, नहीं पता कब तक चलेगा किसान आंदोलन?

Kisan Mahapanchayat: राकेश टिकैत बोले- आजादी का आंदोलन 90 साल चला, नहीं पता कब तक चलेगा किसान आंदोलन?

Kisan Mahapanchayat: मुजफ्फरनगर में आयोजित किसान महापंचायत में भाकियू नेता राकेश टिकैत ने भरी हुंकार. हजारों की संख्या में आए किसानों से कहा- जब तक सरकार हमारी मांगें नहीं मान लेती, तब तक जारी रहेगा आंदोलन.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 05, 2021, 15:11 IST
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मुजफ्फरनगर. केंद्र के तीन कृषि कानूनों के विरोध में रविवार को मुजफ्फरनगर के राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में जुटे हजारों किसानों की महापंचायत शुरू हो गई. इसे संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि देश की आजादी के लिए 90 साल तक आंदोलन चला, लेकिन किसान आंदोलन कब तक चलेगा, इसका पता नहीं. उन्होंने कहा कि जब तक सरकार किसानों की मांगें मान नहीं लेती, तब तक हमारा आंदोलन चलता रहेगा.

यूपी में अगले साल विधानसभा का चुनाव होना है. इसके मद्देनजर मुजफ्फरनगर में हो रहे इस आयोजन को सियासी नजरिये से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से आयोजित ‘किसान महापंचायत’ को संबोधित करते हुए भाकियू (अराजनीतिक) के नेता राकेश टिकैत ने किसानों के बीच हुंकार भरी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने महापंचायत में किसानों से अल्लाहु अकबर और हर हर महादेव के नारे भी लगवाए. आपको बता दें कि दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर लगभग 10 महीने से धरना दे रहे राकेश टिकैत ने मुजफ्फरनगर रवाना होने से पहले कहा था कि हमारा आंदोलन किसानों की अस्मिता का मामला है, इसलिए यह महापंचायत ऐतिहासिक होगी.

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भाकियू नेता राकेश टिकैत.

गौरतलब है कि मुजफ्फरनगर में हो रही किसानों की महापंचायत में यूपी के अलावा हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल से भी सैकड़ों की संख्या में किसान पहुंचे हैं. आपको बता दें कि इससे पहले आज सुबह से ही मुजफ्फरनगर में देशभर के किसानों का जत्था महापंचायत के लिए पहुंच गया है. तमाम किसान संगठनों के नेता भी इस महापंचायत में शिरकत कर रहे हैं. भाजपा नेता वरुण गांधी ने आज सुबह किसानों की समस्या को लेकर ट्वीट किया. गांधी ने कहा कि किसान हमारे बीच के लोग है, उनके मुद्दे और समस्याओं को जानने-समझने के बाद ही इस मसले का हल निकल सकता है. गांधी के बयान का रालोद प्रमुख जयंत चौधरी ने स्वागत किया है.

वरुण गांधी ने शेयर किया किसान महापंचायत का वीडियो, बोले- हमें किसानों का दर्द समझना होगा

वरुण गांधी ने शेयर किया किसान महापंचायत का वीडियो, बोले- हमें किसानों का दर्द समझना होगा

Kisan Mahapanchayat: भाजपा सांसद वरुण गांधी ने मुजफ्फरनगर किसान महापंचायत का वीडियो ट्वीट कर कहा- किसानों के मुद्दे और उनकी समस्या को लेकर सार्थक पहल करने की जरूरत है, हमें साझे मंच पर आकर उनका दुख-दर्द समझना होगा.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 05, 2021, 14:12 IST
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नई दिल्ली. मुजफ्फरनगर में आज हो रही किसान महापंचायत के कारण यूपी की राजनीति गर्माई हुई है. महापंचायत में किसान कृषि कानूनों के समर्थन में नारेबाजी कर रहे हैं, साथ ही केंद्र सरकार के खिलाफ भी नारेबाजी की जा रही है. इस बीच भाजपा सांसद वरुण गांधी ने अपने ऑफिशियल टि्वटर पर महापंचायत का एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो के साथ वरुण गांधी ने कहा है कि मुजफ्फरनगर में हो रही महापंचायत में लाखों की संख्या में किसान शामिल हुए हैं. हमें इन किसानों का दुख-दर्द समझना होगा. वरुण गांधी के बयान की रालोद नेता जयंत चौधरी ने तारीफ की है.

भाजपा नेता वरुण गांधी ने टि्वटर पर शेयर किए गए अपने वीडियो के जरिये बयान दिया है कि हमें किसानों के साथ सम्मानपूर्वक बातचीत करने की जरूरत है. उनकी पीड़ा, दर्द समझने की जरूरत है. किसानों की बात जानने के बाद ही जमीनी हालात समझने में मदद मिलेगी.

आपको बता दें कि मुजफ्फरनगर में हो रही किसान महापंचायत में यूपी के अलावा हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और यहां तक कि कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल से भी बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए हैं. भारतीय किसान यूनियन समेत तमाम किसान संगठनों के नेता मुजफ्फरनगर पहुंचे हुए हैं. भाकियू नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि 5 सितंबर की महापंचायत किसान और मजदूरों की अस्मिता से जुड़ी है.

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वरुण गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देने वाले बीजेपी विधायक पर रालोद प्रमुख जयंत चौधरी ने साधा निशाना.

इधर, वरुण गांधी के वीडियो को लेकर राष्ट्रीय लोकदल के प्रमुख जयंत चौधरी ने भी बयान दिया है. वरुण गांधी के बयान का स्वागत करते हुए जयंत चौधरी ने बीजेपी के विधायक विजेंद्र सिंह के बयान को भी अपने ट्वीट में शामिल किया है. उन्होंने कहा है कि बीजेपी के विधायक को अपनी आंखों की जांच कराने की जरूरत है, क्योंकि वरुण गांधी के बयान के भीतर छुपे दर्द को वह देख नहीं पा रहे हैं. जयंत चौधरी ने बीजेपी विधायक को अपनी विधानसभा क्षेत्र के गांवों में जाने की सलाह भी दी है ताकि वे जमीनी हकीकत को समझें.

Kisan Mahapanchayat: मुजफ्फरनगर पहुंचे राकेश टिकैत, गांव की मिट्टी पर नहीं रखेंगे कदम, उमड़ा किसानों का हुजूम

Kisan Mahapanchayat: मुजफ्फरनगर पहुंचे राकेश टिकैत, गांव की मिट्टी पर नहीं रखेंगे कदम, उमड़ा किसानों का हुजूम

Muzaffarnagar Kisan Mahapanchayat: पिछले 10 महीनों से दिल्ली बॉर्डर पर बैठे किसान नेता राकेश टिकैत ने कसम ली है कि 'जब तक बिल वापसी नहीं, घर वापसी नहीं. लिहाजा वे आज मुजफ्फरनगर महापंचायत में शामिल होंगे, पर अपने घर नहीं जाएंगे और न यहां की मिट्टी पर कदम रखेंगे.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 05, 2021, 12:48 IST
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मुजफ्फरनगर. मुजफ्फरनगर के जीआईसी मैदान पर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर बुलाई गई किसान महापंचायत (Muzaffarnagar Kisan MahaPanchayat) में किसानों का हुजूम उमड़ पड़ा है. भारतीय किसान यूनियन (BKU) के प्रवक्ता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) भी मुजफ्फरनगर पहुंच गए हैं. हालांकि अपनी कसम की वजह से वे गांव की मिट्टी पर कदम नहीं रखेंगे. दरअसल, पिछले दस महीने से दिल्ली बॉर्डर पर बैठे राकेश टिकैत ने कसम खा रखी है कि ‘जब तक बिल वापसी नहीं, घर वापसी नहीं. लिहाजा वे आज होने वाली महापंचायत में तो जाएंगे, लेकिन अपने घर नहीं जाएंगे और न ही यहां की मिट्टी पर कदम रखेंगे.

राकेश टिकैत ने कहा कि जब से आंदोलन शुरू हुआ है वे मुजफ्फरनगर नहीं गए हैं. 10 महीने बाद वे आज यहां आ रहे हैं. लेकिन वे यहां की जमीन पर कदम नहीं रखेंगे. वे गलियारे से जाएंगे और अपने घर को देखेंगे. लेकिन घर के अंदर नहीं जाएंगे. बता दें कि राकेश टिकैत मुजफ्फरनगर के ही रहने वाले हैं.

ऐतिहासिक होगी महापंचायत
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि पांच सितंबर की महापंचायत को किसान और मजदूर अपनी अस्मिता से जोड़कर देख रहे हैं. महापंचायत में कितने लोग पहुंचेंगे, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि संख्या की बात छोड़ो, महापंचायत ऐतिहासिक होगी. राकेश टिकैत ने कहा कि उन्होंने “बिल वापसी नहीं तो घर वापसी नहीं” का संकल्प ले रखा है. वह आंदोलन शुरू होने के बाद अब तक मुजफ्फरनगर की सीमा में नहीं गए. संयुक्त किसान मोर्चा के आदेश पर वह रविवार को मुजफ्फरनगर में बुलाई गई महापंचायत में जरूर पहुंचेंगे, लेकिन अपने घर नहीं जाएंगे.

पुलिस अलर्ट पर
आज होने वाली किसान महापंचायत को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा के चाक चौबंद व्यवस्था की है. महापंचायत की सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी की जाएगी. इतना ही नहीं भारी संख्या में पुलिस फोर्स की भी तैनाती की गई है. ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु रहे इसके लिए पार्किंग की भी व्यवस्था की गई है.

Muzaffarnagar: किसानों की महापंचायत आज, कई राज्यों के अन्नदाता भरेंगे हुंकार, सुरक्षा चाक-चौबंद

Muzaffarnagar: किसानों की महापंचायत आज, कई राज्यों के अन्नदाता भरेंगे हुंकार, सुरक्षा चाक-चौबंद

Muzaffarnagar Kisan Mahapanchayat: आज होने वाली किसान महापंचायत को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा के चाक चौबंद व्यवस्था की है. महापंचायत की सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी की जाएगी. इतना ही नहीं भारी संख्या में पुलिस फोर्स की भी तैनाती की गई है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 05, 2021, 07:47 IST
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मुजफ्फरनगर. कृषि कानून की वापसी की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा (Sanyukt Kisan Morcha) के आह्वान पर रविवार को मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) के जीआईसी मैदान में किसान महापंचायत (Kisan Mahapanchayat) बुलाई गई है. किसान नेताओं का दावा है कि मुजफ्फरनगर में होने वाली यह महापंचायत देश के इतिहास की सबसे बड़ी पंचायत होने वाली है जिसमें, पश्चिम उत्तर प्रदेश समेत देश के दूसरे राज्यों के किसान भी शामिल होंगे. गौरतलब है कि शनिवार से ही देशभर के किसान मुजफ्फरनगर पहुंचने लगे थे. जिसके बाद भारतीय किसान यूनियन ने एनएच-58 के सिवाया टोल को फ्री करा दिया.।रविवार को भी मेरठ से मुजफ्फरनगर के बीच टोल फ्री रहेगा.

आज होने वाली किसान महापंचायत को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा के चाक चौबंद व्यवस्था की है. महापंचायत की सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी की जाएगी. इतना ही नहीं भारी संख्या में पुलिस फोर्स की भी तैनाती की गई है. ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु रहे इसके लिए पार्किंग की भी व्यवस्था की गई है.

ऐतिहासिक होगी महापंचायत
भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों का दावा है कि आज होने वाली किसान महापंचायत ऐतिहासिक होगी। उनका दावा है कि महापंचायत में लाखों की संख्या में किसान जुटेंगे. महापंचायत में देश के हर राज्य का प्रतिनिधित्व होगा. यूपी, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के अलावा कर्नाटक और तमिलनाडु, केरल से भी किसानों के जत्थे आने शुरू हो गए हैं. कर्नाटक राज्य रैयत संघ की अध्यक्ष और बड़े कृषि वैज्ञानिक रहे डाॅ. नजूड़ा स्वामी की बेटी समेत काफी किसान मुजफ्फरनगर पहुंच गए हैं. अलीगढ़, मथुरा, आगरा समेत वेस्ट यूपी के विभिन्न जिलों से लोग पहुंचना शुरू हो गए हैं.

राकेश टिकैत भी होंगे शामिल 
गाजीपुर बॉर्डर पर धरने पर बैठे भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी आज अपने जत्थे के साथ मुजफ्फरनगर पहुंचेंगे। राकेश टिकैत ने कहा है कि पांच सितंबर की महापंचायत को किसान और मजदूर अपनी अस्मिता से जोड़कर देख रहे हैं. राकेश टिकैत ने कहा कि उन्होंने “बिल वापसी नहीं तो घर वापसी नहीं” का संकल्प ले रखा है. वह आंदोलन शुरू होने के बाद अब तक मुजफ्फरनगर की सीमा में नहीं गए. संयुक्त किसान मोर्चा के आदेश पर वह रविवार को मुजफ्फरनगर में बुलाई गई महापंचायत में जरूर पहुंचेंगे, लेकिन अपने घर नहीं जाएंगे.

मुजफ्फरनगर महापंचायतः चप्पे-चप्पे पर पहरा, पुलिस के 2000 जवान तैनात, ड्रोन और CCTV से निगरानी

मुजफ्फरनगर महापंचायतः चप्पे-चप्पे पर पहरा, पुलिस के 2000 जवान तैनात, ड्रोन और CCTV से निगरानी

Muzaffarnagar Mahapanchayat: केंद्र के 3 कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे 5 सितंबर को मुजफ्फरनगर में महापंचायत का आयोजन. प्रशासन ने इसकी निगरानी के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं. भारतीय किसान संघ की महापंचायत में 10000 किसानों के आने का अनुमान.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 04, 2021, 11:45 IST
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लखनऊ. केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में मुजफ्फरनगर में रविवार (5 सितंबर) को किसानों की महापंचायत होने वाली है. सरकार से लेकर स्थानीय प्रशासन तक की इस पर नजर है. यही वजह है कि प्रशासन ने महापंचायत से पहले निगरानी के पुख्ता इंतजाम किए हैं. प्रशासन ने 1000 से अधिक कर्मियों वाली पीएसी की आठ कंपनियों और इसके अलावा मेरठ क्षेत्र के सभी जिलों के लगभग एक हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है.

जिस जगह महापंचायत हो रही है, उसके अलावा शहर के अन्य इलाकों में भी सुरक्षाबल की तैनाती की गई है. अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस अधीक्षक (मुजफ्फरनगर) अभिषेक यादव ने कहा, “मुजफ्फरनगर के अलावा सहारनपुर, मेरठ, गाजियाबाद, शामली और बागपत जिलों के करीब 1000 पुलिसकर्मी 5 सितंबर को कार्यक्रम स्थल की ओर जाने वाले राजमार्गों और लिंक रोड पर तैनात होंगे.” उन्होंने कहा कि महापंचायत के दौरान किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए डिजिटल कैमरों से लैस विशेष ड्रोन हर सेकंड घटना की लाइव तस्वीरें भेजेंगे. सुरक्षा के लिहाज से मुजफ्फरनगर के सभी चौराहों पर सीसीटीवी लगाए जाएंगे.

भारतीय किसान संघ (बीकेयू) द्वारा आहूत और केंद्र के नए कृषि कानूनों की मुखाफलत कर रहे कई संगठनों द्वारा समर्थित किसान महापंचायत मुजफ्फरनगर के राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित की जाएगी. आयोजकों ने दावा किया है कि यह महापंचायत एक स्थान पर किसानों की अब तक की सबसे बड़ी सभा होगी जहां वे ‘उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड विधानसभा चुनावों में भाजपा की हार सुनिश्चित करने के लिए पश्चिम बंगाल मॉडल को पुनर्जीवित करने की रणनीति तैयार करेंगे.’

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अश्लील वीडियो बनाया, वायरल करने की धमकी देकर तीन दोस्तों ने किशोरी से किया गैंगरेप

भारतीय किसान संघ के मीडिया प्रभारी धर्मेन्द्र मलिक ने कहा, “नरेंद्र मोदी सरकार उन तीन कठोर कृषि कानूनों के बारे में हमारी शिकायतें सुनने के लिए तैयार नहीं है, जो किसानों के लिए मौत की घंटी बजाने को तैयार हैं और केवल कुछ चुनिंदा पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाए गए हैं. किसानों के लिए मुजफ्फरनगर से भाजपा को उखाड़ फेंकने का अभियान शुरू करने का समय आ गया है, क्योंकि यहीं से भाजपा ने अपनी राजनीतिक फसल काटी और केंद्र एवं राज्य में सांप्रदायिकता के बीज बोकर सत्ता हथिया ली.”

सभी स्थानीय खापों और किसान संघों के अलावा, सभी गैर-भाजपा दलों ने महापंचायत को अपना समर्थन दिया है. राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) ने दावा किया है कि वह 4 से 5 सितंबर तक मुजफ्फरनगर में कम से कम 10,000 किसानों के ठहरने की व्यवस्था करेगा.

योगी सरकार के लिए अगला हफ्ता होगा चुनौती भरा, मुजफ्फरनगर और लखनऊ में 2 बड़े आंदोलन

योगी सरकार के लिए अगला हफ्ता होगा चुनौती भरा, मुजफ्फरनगर और लखनऊ में 2 बड़े आंदोलन

UP News: लखनऊ और मुजफ्फरनगर में अगले हफ्ते दो बड़े आंदोलन होने जा रहे हैं. यहां आंदोलनकारियों के होने वाले जमावड़े से शासन-प्रशासन के लिए काफी बड़ी चुनौती खड़ी हो गयी है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार (UP Government) के लिए सितम्बर का दूसरा हफ्ता काफी मुश्किलों भरा होने जा रहा है. सूबे के पूर्वी हिस्से से लेकर पश्चिमी हिस्से तक जिला प्रशासन और सरकार के लिए ये हफ्ता काफी चुनौतियों भरा होने वाला है. दो बड़े शहरों में दो बड़े आंदोलन होने जा रहे हैं. पहला शहर है लखनऊ (Lucknow) और दूसरा शहर है मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar). खास बात ये है कि दोनों बड़े आंदोलन लगातार दो दिनों में ही होंगे.

पहला बड़ा आंदोलन मुजफ्फरनगर में होने जा रहा है. तीन कृषि कानूनों की वापसी को लेकर पिछले 9 महीने से जो किसान आंदोलन चल रहा है, उसी का ये अगला चरण है. मुजफ्फरनगर में अब तक की सबसे बड़ी किसान पंचायत होने का दावा किया जा रहा है. भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता राकेश टिकैत ने लखनऊ में ही घोषणा की थी कि 5 सितम्बर को मुजफ्फरनगर में इतनी बड़ी किसान पंचायत होगी, जो अब से पहले कभी नहीं हुई थी. इसमें देशभर से आने वाले किसान शामिल होंगे.

इस पंचायत का राजनीतिक पार्टियों ने भी इसका समर्थन किया है. किसान नेता किसानों को गोलबन्द करके मुजफ्फरनगर पहुंचने के लिए प्रेरित कर रहे हैं. भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन ने कहा कि वे किसानों को बुलाने के प्रयास नहीं कर रहे हैं बल्कि उनके आने पर उनके रुकने और खाने के इंतजाम में लगे हैं. उन्होंने दावा किया कि 5 सितम्बर को पंचायत में 20 लाख किसान शामिल होंगे.

यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने ट्वीट करके कहा है कि 5 सितंबर को मुजफ्फरनगर में आयोजित पंचायत किसान महापंचायत नहीं, बल्कि किसानों का धर्म युद्ध है. जाहिर है लाखों की भीड़ हुई तो न सिर्फ मुजफ्फरनगर बल्कि प्रदेश के दूसरे इलाकों में भी यातायात की स्थिति बेहद संजीदगी से संभालनी पड़ेगी.

मुजफ्फरनगर के एसपी सिटी अर्पित विजयवर्गीय ने कहा कि शहर में व्यवस्थाओं को कायम रखने के लिए पूरे जिले में फोर्स लगायी गयी है. दूसरे जिलों से भी यूपी पुलिस की फोर्स आयेगी. पैरा मिलिट्री फोर्स नहीं लगायी गयी है.

दूसरा बड़ा आंदोलन 6 सितम्बर को लखनऊ में होने जा रहा है. भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के चीफ चन्द्रशेखर रावण ने देशभर से छात्र-छात्राओं को 6 सितम्बर को लखनऊ पहुंचने के लिए अपील की है. लखनऊ के ईको गार्डन पार्क में ये जमावड़ा होने वाला है. मसला 69 हजार शिक्षक भर्ती से जुड़ा हुआ है. आरोप है कि सरकार ने ओबीसी और एससी-एसटी को उनके कोटे के बराबर सीटें नहीं दी हैं.

कई दिनों तक चन्द्रशेखर रावण लगातार ईको गार्डन में आंदोलनकारी छात्र-छात्राओं के साथ धरने पर बैठे थे. ट्विटर और सोशल मीडिया के माध्यम से 6 सितम्बर को लखनऊ पहुंचने की अपील की जा रही है. मुजफ्फरनगर और लखनऊ में आंदोलनकारियों के होने वाले जमावड़े से शासन-प्रशासन के लिए काफी बड़ी चुनौती खड़ी हो गयी है.

UP: प्रेमी ने जीजा के साथ मिलकर युवती से किया रेप, बनाया अश्लील वीडियो

UP: प्रेमी ने जीजा के साथ मिलकर युवती से किया रेप, बनाया अश्लील वीडियो

Uttar Pradesh News: घटना मुज़फ्फरनगर के चरथावल थाना क्षेत्र के एक गांव की है. यहां रहने वाली 25 वर्षीय युवती ने थाने पहुंचकर गांव के ही साकिब नाम के युवक पर शादी का झांसा देकर चार साल तक यौन शोषण (रेप) करने का आरोप लगाया है.

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मुजफ्फरनगर. उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर (Muzaffarnagar) में एक युवती के साथ लव, सेक्स और धोखा (Love Sex And Dhokha) का मामला सामने आया है. घटना चरथावल थाना क्षेत्र के एक गांव की है. यहां रहने वाली 25 वर्षीय युवती ने थाने पहुंचकर गांव के ही साकिब नाम के युवक पर शादी का झांसा देकर चार साल तक यौन शोषण (रेप) करने का आरोप लगाया है. पीड़िता की मानें तो उसने साकिब पर शादी का दबाव बनाया तो 27 अगस्त को उसने उसे कोर्ट मैरिज (Court Marriage) करने के नाम पर अपने बहनोई आरिफ के घर बुला लिया. यहां दोनों जीजा-साले ने मिलकर उसके साथ गैंगरेप किया और मोबाइल से उसकी अश्लील वीडियो बना ली. आरोपियों ने युवती को मुंह खोलने पर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने की भी धमकी दी.

घटना के बाद अपने घर पहुंची पीड़ित युवती ने अपने परिजनों को पूरी बात बताई जिसे सुनकर उनके होश उड़ गए. युवती को लेकर उसके घरवाले थाने पहुंचे जहां उन्होंने आलाधिकारियों से लिखित शिकायत कर आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की. पुलिस ने पीड़िता को मेडिकल के लिए भिजवाकर मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस मामले की जांच करवाकर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की बात कह रहे हैं.

वहीं, इस मामले में जानकारी यह भी मिल रही है कि आरोपी साकिब जिला छोड़ने की फिराक में है. प्यार में धोखा खाई युवती बार-बार अपने प्रेमी को बुलाकर अब भी शादी करवाने की बात कह रही है.

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