लाइव टीवी
Elec-widget

शामली में बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सहित 25 दलितों ने अपनाया बौद्ध धर्म, मचा हड़कंप

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 13, 2018, 4:22 PM IST
शामली में बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सहित 25 दलितों ने अपनाया बौद्ध धर्म, मचा हड़कंप
शामली में धर्म परिवर्तन. Photo: News 18

मामला कांधला थाना क्षेत्र के अंबेडकर कॉलोनी का है. जहां पर करीब 20 से 25 लोगों ने हिन्दू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपना लिया है.

  • Share this:
पश्चिमी यूपी के बागपत और शामली जिलों में धर्म परिवर्तन करने की खबरों से हड़कंप मचा हुआ है. इसी क्रम में अब कांधला इलाके में एक बार फिर धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया है. कस्बे के ही करीब 20 से 25 महिला, पुरुष एवं बच्चों ने हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपना लिया है. दलित समाज के दो दर्जन लोगों ने समाज के लोगों के साथ घटी घटनाओं से आहत होकर शामली बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष देवीदास जयंत सहित बौद्ध धर्म अपना लिया है. इस दौरान समाज के दर्जनों लोग मौजूद रहे.

गाजीपुर: 30 हिंदू परिवारों ने धर्मांतरण कर अपनाया ईसाई धर्म, घरों पर लगाए क्रॉस के निशान

बता दें मामला कांधला थाना क्षेत्र के अंबेडकर कॉलोनी का है. जहां पर करीब 20 से 25 लोगों ने हिन्दू धर्म को परिवर्तन कर बौद्ध धर्म अपना लिया है. दरअसल जिन लोगों ने अपना धर्म बदला है, वे सभी लोग दलित समाज से ताल्लुक रखते हैं. इन सभी के साथ-साथ शामली जिले के बसपा पार्टी से रहे पूर्व जिला अध्यक्ष देवीदास जयंत, राजेंद्र कुमार, मीनाक्षी देवी, राहुल तरुण जैन वंशिका, रुमा देवी, रंजनी, सूर्या, सतबीर, सचिन काकरान, हर्षित सहित लगभग दो दर्जन लोगों ने बौद्ध भिक्षु प्रतिभाशिल 22 प्रतिभाओं के साथ दीक्षा दिला कर बौद्ध धर्म ग्रहण कर लिया है.

इस मौके पर देवीदास जयंत ने बताया कि पिछले कई वर्षों से समाज के लोगों के साथ कई घटनाएं ऐसी घटी हैं, जिसे समाज पूरी तरह से आहत हुआ है. समाज के लोगों को छुआछूत-भेदभाव की नजरों से देखा जाता है. इसके अलावा कुछ लोगों ने समाज को जातियों के नाम पर बांटने का भी काम किया है. जिन कारणों से दलित समाज को हीन भावना से देखा जाता है.

जिले के बाद इलाहाबाद और फैजाबाद मंडल का भी नाम बदला, योगी कैबिनेट में लगी मुहर

इसके अलावा धर्म परिवर्तन का एक कारण ओर भी बताया जा रहा है. लोगों का कहना है कि हमारे पूर्वज तथागत गौतमबुद्ध, संत रविदास, महात्मा ज्योतिबाराव फूले, डॉक्टर भीमराव अंबेडकर देश की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फूले भी बौद्ध धर्म से है. इसीलिए हम हिंदू धर्म छोड़कर फिर से अपने पूर्वजों के धर्म बौद्ध धर्म में वापसी कर रहे हैं. इस दौरान सभी महिला पुरुष एवं बच्चों ने बौद्ध धर्म के रीति रिवाज के साथ बौद्ध धर्म अपनाया. इस दौरान समाज के दर्जनों लोग मौके पर मौजूद रहे. फिलहाल सभी लोगो ने बौद्ध धर्म अपना लिया है और पूर्ण रीति रिवाज से बौद्धधर्म के साथ चल रहे हैं.

(रिपोर्ट: शाहनवाज राणा)
Loading...

ये भी पढ़ें: 

अखिलेश यादव समाजवादी नहीं मौकावादी विचारधारा के पोषक: बीजेपी

राम मंदिर निर्माण पर अध्यादेश लाए मोदी सरकार, कांग्रेस सहित 400 सांसद करेंगे समर्थन: संजय राउत

पूर्व सपा विधायक विजमा यादव ने एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में किया सरेंडर

2019 से पहले हिंदुत्व को लेकर आक्रामक हुई बीजेपी को इन मुद्दों से चुनौती दे रहा विपक्ष

ललितपुर: पिता ने तीन मासूम बेटियों की हथौड़े से मारकर की हत्या, शवों को जलाने का प्रयास

डबल मर्डर से थर्राया प्रयागराज, दो किशोरों की हत्या कर बीच सड़क पर जलाया शव

आगरा: बंदर ने मां की गोद से 14 दिन के मासूम को छीनकर मार डाला

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मुजफ्फरनगर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 13, 2018, 3:37 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...