ईद का दिन मुस्लिम छात्रा के लिए लेकर आया खुशखबरी, चंद्रयान मिशन-2 का बनेगी हिस्सा

अमरोहा की रहने वाली खुशबू के सिर से 1985 में ही पिता साया उठ गया था जिसके बाद उनका यहां तक का सफर काफी संघर्ष से भरा रहा.

News18 Uttar Pradesh
Updated: June 6, 2019, 1:32 PM IST
ईद का दिन मुस्लिम छात्रा के लिए लेकर आया खुशखबरी, चंद्रयान मिशन-2 का बनेगी हिस्सा
खुशबू मिर्जा एक बार फिर रखेंगी चांद पर कदम
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Updated: June 6, 2019, 1:32 PM IST
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) की पूर्व छात्रा खुशबू मिर्जा चंद्रयान मिशन-2 से जुड़ने वाली हैं. ईद से ऐन पहले यह खबर आई कि खुशबू चंद्रयान मिशन-2 की रिसर्च टीम का हिस्सा हैं. इस बात का पता चलते ही पूरी यूनिवर्सिटी में खुशी का माहौल छा गया. कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने खुशबू मिर्जा को शुभकामनाएं दी हैं. इसके साथ ही इसे विज्ञान के विकास में एएमयू का योगदान करार दिया है.

अमरोहा की रहने वाली खुशबू के सिर से 1985 में ही पिता साया उठ गया था जिसके बाद उनका यहां तक का सफर काफी संघर्षों से भरा था. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) चांद पर दूसरा अभियान 9-16 जुलाई को लॉन्च करने जा रहा है. खुशबू मिर्जा इस मिशन की रिसर्च टीम का हिस्सा हैं. वो चंद्रयान- 1 की चेकआउट टीम की लीडर भी रह चुकी हैं. खुशबू मिर्जा ने एएमयू से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है. छात्र के रूप में वह सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहती थीं.

एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि देश में विज्ञान के विकास में एएमयू का उल्लेखनीय योगदान है. उन्होंने बताया कि भारत के अंटार्कटिका के पहले अभियान के नेता प्रसिद्ध वैज्ञानिक प्रो. सैयद जहूर कासिम एएमयू के छात्र थे. उन्होंने यहां से 1949 में बीएएसी एवं 1951 में एमएससी किया था. वह एएमयू के जूलॉजी विभाग में शिक्षक भी रहे. खुशबू मिर्जा उसी महान परंपरा की अगली कड़ी हैं. उनकी उपलब्धि से एएमयू का नाम रौशन हुआ है.

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First published: June 5, 2019, 5:04 PM IST
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