Muzaffarnagar news

मुजफ्फरनगर

अपना जिला चुनें

मुज़फ्फरनगर: खेतों में पसीना बहा रहा बॉलीवुड का ये मशहूर एक्टर, आप भी देखें VIDEO

लॉकडाउन के दैरान पाने खेतों में पसीना बहा रहे एक्टर नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी

लॉकडाउन के दैरान पाने खेतों में पसीना बहा रहे एक्टर नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी

लॉकडाउन में जब फिल्म की शूटिंग बंद है तो एक्टर नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui) अपने घर मुज़फ्फरनगर आये हुए हैं.

SHARE THIS:
मुजफ्फरनगर. बॉलीवुड (Bollywood) एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Actor Nawazuddin Siddiqi) लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान खेतों में पसीना बहा रहे हैं. उनके खेत में काम करते समय का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. खुद नवाज़ुद्दीन ने भी इस वीडियो को अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया है, जिसे सैकड़ों लोगों ने रीट्वीट भी किया है.

गौरतलब है कि लॉकडाउन में जब फिल्म की शूटिंग बंद है तो एक्टर नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी अपने घर मुज़फ्फरनगर आये हुए हैं. खाली वक्त में वह खेतों में पसीना बहा रहे हैं. वीडियो में नवाजुद्दीन खेत में फावड़ा से काम करते हुए नजर आ रहे है. कृषि कार्य के बाद वे खेत की मेढ़ पर हाथ-पैर धोते हुए भी दिख रहे हैं.

 



फैन्स कर रहे तारीफ़
नवाजुद्दीन ने इस वीडियो को 'Done for The day' के कैप्शन के साथ ट्विटर पर शेयर किया है.  इस वीडियो को उनके फैन्स जमकर रीट्वीट कर रहे हैं साथ ही तारीफ़ भी कर रहे हैं. एक फैन ने लिखा है, "बुलंदी पर पहुंच कर भी जमीन से जुड़े हुए इंसान की पहचान यही होती है.' वहीं एक अन्य फैन ने लिखा है सो सिंपल एंड रियल. जमीन से जुड़े लोग मिट्टी की कीमत जानते हैं. एक फैन लिखते हैं, "वाकई आप एक बेहतरीन अभिनेता और एक जमीन से जुड़े हुए इंसान"



नवाज़ुद्दीन के इस वीडियो को अब तक चार हजार के करीब लोगों ने रीट्वीट किया है, जबकि 52 हजार के करीब लोगों ने लाइक किया है.
 (इनपुट: बिनेश पवार)

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

Lucknow: धर्मांतरण गिरोह के 3 सदस्य अरेस्ट, कुवैत समेत कई देशों से आए थे 20 करोड़ रुपये

पुलिस के हत्थे चढ़े (बाएं से) इदरीस, आसिफ और सलीम.

Conversion Gangs: यूपी एटीएस ने मुजफ्फरनगर के मोहम्मद शरीफ कुरैशी, मोहम्मद इदरीस और नासिक के कुणाल अशोक चौधरी उर्फ आसिफ को गिरफ्तार किया. पूछताछ सामने आया कि कुवैत समेत कई देशों से करीब 20 करोड़ रुपये लोगों का धर्म परिवर्तन कराने के लिए भेजे गए थे.

SHARE THIS:

लखनऊ. अवैध धर्मांतरण मामले में यूपी एटीएस (UP ATS) को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने अवैध तरीके से धर्मांतरण (Religion Change) कराने वाले गिरोह से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. इस मामले में यूपी एटीएस ने मुजफ्फरनगर के मोहम्मद शरीफ कुरैशी, मोहम्मद इदरीस और नासिक के कुणाल अशोक चौधरी उर्फ आसिफ को किया गिरफ्तार किया. इनसे सघन पूछताछ की गई जिसके बाद कई अहम जानकारियां हाथ लगी हैं. धर्मांतरण के इस खेल में विदेशों से पैसा भेजे जाने का मामला सामने आया है.

यूपी एटीएस अवैध धर्मांतरण कराने वाले गिरोह को पकड़ने के लिए जुटी हुई थी. इस मामले में 20 जून 2021 को मामला दर्ज किया गया था, जिसमें विभिन्न राज्यों से 11 गिरफ्तारियां हो चुकी थीं. इनके मुख्य लोगों को पकड़ने को लेकर पुलिस ने चौतरफा जाल फैलाया और उसने सटीक सूचना के साथ धर्मांतरण कराने वाले गिरोह से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. इसमें मुजफ्फरनगर के मोहम्मद शरीफ कुरैशी, मोहम्मद इदरीस और नासिक के कुणाल अशोक चौधरी उर्फ आसिफ को किया गिरफ्तार किया गया. यूपी एटीएस मौलाना कलीम सिद्दीकी से पूछताछ कर रही थी, इसके बाद तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी की गई.

यूपी एटीएस के मुताबिक मौलाना कलीम ने बताया कि उसे धर्म परिवर्तन कराने के लिए विदेशों से पैसा मिलता है. मौलाना कलीम के ट्रस्ट जमीयत ए इमाम वलीउल्लाह के खाते में 20 करोड़ रुपए से अधिक राशि में जमा की गई. यह रकम उसके इंडियन बैंक के खाते में पहुंची, जिसमें कुवैत समेत कई देशों के नाम सामने आ रहे हैं. पुलिस ने जब कलीम से इसका हिसाब पूछा तो वह 20 करोड़ रुपये का हिसाब नहीं दे पाया.

UPSC में यूपी की इन 4 बेटियों का कमाल, जानें मुश्किल हालात में कैसे मिली कामयाबी

मिली कामयाबी की मंजिल. संधि जैन (बाएं), कीर्ति (दाएं) और परिजनों के संग खुश दिख रहीं शालू सोनी.

UPSC Exam Result: UPSC की परीक्षा में यूपी की बेटियों ने कमाल किया है. जौनपुर से झांसी और मुजफ्फरनगर से मेरठ तक यूपीएससी के परिणामों की सफलता की गूंज सुनाई दी. झांसी की कीर्ति को 106 वीं रैंक, मुज़फ्फरनगर की संधि जैन को 329 वीं रैंक, जौनपुर की शालू सोनी को 379 रैंक, मेरठ की अदिति सिंह को 679वीं रैंक मिली है.

SHARE THIS:

मुजफ्फरनगर/जौनपुर/झांसी/मेरठ. UPSC की परीक्षा में यूपी की बेटियों ने कमाल किया है. जौनपुर से झांसी और मुजफ्फरनगर से मेरठ तक यूपीएससी के परिणामों की सफलता की गूंज सुनाई दी. झांसी की रहने वाली कीर्ति का 106 वीं रैंक के साथ यूपीएससी में चयन हो गया. इसके साथ ही मुज़फ्फरनगर की संधि जैन को 329 वीं रैंक, जौनपुर की बेटी शालू सोनी को 379 रैंक, मेरठ की अदिति सिंह को यूपीएससी की परीक्षा में ऑल इंडिया 679वीं रैंक मिली है.

मुजफ्फरनगर की बेटी ने किया नाम रोशन

यूपीएससी के घोषित परिणामों में उत्तर प्रदेश के जनपद मुज़फ्फरनगर की रहने वाली संधि जैन ने भी 329 वी रैंक पाकर अपने परिवार के साथ साथ जनपद का नाम भी रोशन किया है. नगर की नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के पटेलनगर निवासी अर्जुन जैन की बेटी संधि जैन ने दूसरी बार में यूपीएससी का एग्ज़ाम पास किया है. आईएएस बनने का सपना संझोने वाली संधि जैन की मानें तो उनका बचपन से ही आईएएस की तैयारी करने का सपना था. कॉलेज ख़त्म करने के बाद संधि ने दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी की. 2019 में भी संधि ने यूपीएससी का एग्ज़ाम दिया था, लेकिन क़ामयाबी नहीं लगी थी. जिसके बाद 2020 के यूपीएससी एग्ज़ाम में उन्होंने 329 वीं रैंक प्राप्त कर कामयाबी हासिल की है. संधि जैन एक मिडिलक्लास परिवार से हैं. इनके पिता अपने पुश्तैनी गांव कुटेसरा में आज भी एक छोटी सी ज्वैलरी की दुकान करते हैं. संधि जैन के पिता अर्जुन जैन की माने तो बचपन से ही संधि के अंदर कुछ बनने की प्रतिभा दिखाई देती थी.

जौनपुर की शालू सोनी को 379 वीं रैंक

जौनपुर जिले की बेटी शालू सोनी ने देश की सबसे कठिन परीक्षा यूपीएससी में जिले और सुजानगंज का नाम रोशन किया है. जौनपुर की इस बेटी को तीसरे प्रयास में जाकर 379 रैंक हासिल हुई है. सुजानगंज के फरीदाबाद बालवर गंज कस्बे की शालू सोनी पुत्री राधेश्याम सोनी का यूपीएससी में 379 रैंक पर चयन होने से क्षेत्र में जश्न का माहौल बन गया.

शालू प्राथमिक शिक्षा से ही पढ़ने में तेज थी. अपनी काबिलियत के बल पर उसने छह से लेकर इण्टर तक की पढ़ाई नवोदय विद्यालय मड़ियाहूं से पूरी की. उसके बाद उसने एनआइटी श्रीनगर से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया. शालू इंजीनियर बनने के बजाय आइएएस बनने का सपना लिए दिल्ली चली गई. वहां पर उसने तैयारी की. दो बार उसे सफलता नहीं मिली, लेकिन तीसरे प्रयास में वह सफल हो गई.

झांसी की कीर्ति का सपना था आईपीएस का, बन गई आईएएस

झांसी की रहने वाली कीर्ति का यूपीएससी में चयन हो गया. उनकी 106 वीं रैंक आई. कीर्ति झांसी जिले के सर्वनगर में रहने वाली ग्रासलैंड से रिटायर्ड कर्मचारी राजेन्द्र कुमार की बेटी है. उनकी मां का नाम सरोज है और वह दो भाई-बहन हैं. कीर्ति और उनके माता-पिता का सपना था कि वह आईपीएस बने. पिता राजेन्द्र कहते हैं कि उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है. उनकी बेटी ने सेंट फ्रंसिस से हाई स्कूल किया था. इसके बाद जय एकेडेमी से इंटरमीडिएट किया. इसके अलावा कोछाभावंर बीआईटी से बीटेक किया है. आईपीएस का सपना सजोए कीर्ति ने आईपीएस की तैयारी करते हुए कोचिंग शुरु कर दी. लेकिन कोचिंग से उसे कुछ खास समझ नहीं आया. उसने कोचिंग छोड़कर घर पर ही तैयारी शुरु कर दी. जिसमें उसकी मां और उन्होंने काफी सहयोग किया. कड़ी मेहनत के बाद आखिर में उनकी बेटी ने परीक्षा दी और उसका चयन हो गया. उसकी 106 वीं रैंक आई है.

मेरठ डीएम ऑफिस असिस्टेंट की बेटी अदिति सिंह को 679 रैंक

मेरठ कलेक्ट्रेट में सीनियर असिस्टेंट के पद पर तैनात महिला कर्मचारी की बेटी अदिति सिंह ने यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन की परीक्षा में सफलता हासिल की है. अदिति को यूपीएससी की परीक्षा में आल इंडिया 679वीं रैंक मिली है. कंकरखेड़ा स्थित शिवलोकपुरी निवासी अदिति की स्कूली शिक्षा सोफिया ग‌र्ल्स स्कूल से हुई. 12वीं उन्होंने वर्ष 2013 में उत्तीर्ण की और उसके बाद गाजियाबाद के अजय कुमार गर्ग इंजीनियरिग कालेज से कंप्यूटर साइंस से वर्ष 2017 में बीटेक किया. इसके बाद एक साल दिल्ली में रहकर तैयारी की और कोविड काल में घर पर तैयारी की. अदिति के अनुसार उन्होंने बेहतर रैंक की अपेक्षा की थी. पढ़ाई के अलावा अदिति कालेज वालीबाल टीम की कैप्टन रही हैं. अदिति के पिता डा. संजीव सिंह एमडी फिजिशियन हैं. माता ज्योति सिंह कलक्ट्रेट में वरिष्ठ सहायक के तौर पर कार्यरत हैं.

किसान महापंचायत : अफसर नहीं पहुंचे तो किया मुजफ्फरनगर-हरिद्वार रोड जाम

मुजफ्फरनगर किसान महापंचायत: अफसर नहीं पहुंचे तो किया मुजफ्फरनगर हरिद्वार रोड जाम.

Muzaffarnagar News : मुजफ्फरनगर के पुरकाजी ब्लॉक में शनिवार को भारतीय किसान यूनियन तोमर ने महापंचायत बुलाई. महापंचायत किसानों की समस्याओं को लेकर थी, जिसमें अधिकारियों को भी बुलाया गया था. शाम 6 बजे तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचा तो नाराज किसानों ने मुजफ्फरनगर - हरिद्वार रोड जाम कर दिया.

SHARE THIS:

मुजफ्फरनगर. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के जिले मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) के पुरकाजी ब्लॉक में शनिवार को भारतीय किसान यूनियन तोमर ने महापंचायत का आयोजन किया. महापंचायत किसानों की समस्याओं को लेकर थी, जिसमें अधिकारियों को भी बुलाया गया था. महापंचायत सुबह 11 बजे शुरू हुई, लेकिन शाम 6 बजे तक भी कोई प्रशासनिक अधिकारी इस पंचायत में ज्ञापन लेने के लिए नहीं पहुंचा. इस पर पंचायत में मौजूद किसानों और भारतीय किसान यूनियन तोमर के कार्यकर्ताओं में आक्रोश दिखा और उन्होंने इसके विरोध में मुजफ्फरनगर हरिद्वार रोड जाम कर दिया. रोड जाम की सूचना पर मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर दीपक कुमार ने बड़ी मुश्किल से किसानों को समझा कर उनका ज्ञापन लेकर मामले को शांत कराया.

इसे भी पढ़ें : सीएम योगी ने कहा – भारत का डीएनए एक, इसलिए पूरा भारत एक

भारतीय किसान यूनियन तोमर के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव तोमर ने बताया कि इस महापंचायत का आयोजन कृषि बिल के विरोध और किसानों की बिजली, पानी गन्ने के रेट जैसी समस्याओं को लेकर किया गया था. इसमें समस्याओं पर किसानों ने मांगों को रखा. सुबह 11 बजे से चल रही इस महापंचायत में ज्ञापन लेने के लिए जब 6 बजे तक भी कोई अधिकारी नहीं पहुंचा तो विरोध में रोड जाम कर दिया गया. जिसके बाद एसडीएम सदर ने मौके पर पहुंचकर ज्ञापन लेते हुए समाधान का आश्वासन दिया. इसके बाद किसानों ने जाम को खोल दिया.

इसे भी पढ़ें : संजय सिंह ने पूछा – कौन सी मशीन है कि सबका DNA चेक कर लेते हैं योगी

गौरतलब है कि 2022 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मुज़फ्फरनगर जनपद में पंचायतों का दौर शुरू हो चुका है. इसकी शुरुआत 5 सितम्बर को संयुकत मोर्चा ने कृषि बिल को लेकर की थी. शनिवार को भारतीय किसान यूनियन तोमर ने किसानों की समस्याओं को लेकर पुरकाज़ी ब्लॉक में एक महापंचायत का आयोजन किया था. ये ही नहीं आने वाली 26 तारीख को गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र मलिक भी किसान मजदूर समिति के साथ मिलकर एक किसान महापंचायत करने जा रहे हैं.

दिनदहाड़े बैंक में गोलीबारी! महिला सहित दो लोग घायल, जानें क्या है पूरा मामला...

बैंक में गोली चलने की सूचना मिलते ही बड़ी तादाद में पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई.

Up News: मुजफ्फरनगर में बैंक गार्ड की बंदूक कंधे से गिरने के बाद अचानक चली गोली, धमाके की आवाज सुन कर मची अफरा तफरी, पुलिस पूरी फोर्स के साथ पहुंची बैंक.

SHARE THIS:

मुजफ्फरनगर. शहर में स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक में बुधवार को दिनदहाड़े गोली चलने के बाद दहशत फैल गई. इस घटना में एक महिला सहित तीन लोग गंभीर तौर पर घायल हो गए. हालांकि गोली चलने के साथ ही लोगों ने सोचा कि बैंक में डकेती डालने की नियत से कोई घुस आया है लेकिन जांच के बाद मामला कुछ और ही निकला. दरअसल बैंक में तैनात गार्ड की बंदूक अचानक हाथ से गिर जाने के बाद ये गोली चली. जिसके बाद अफरा तफरी मच गई. बैंक में जिस समय गोली चली उस समय काफी भीड़ मौजूद थी. अब हादसे में घायल लोगों का इलाज अस्पताल में किया जा रहा है और बताया गया है कि तीनों ही खतरे से बाहर हैं.
जानकारी के अनुसार शहर के बालाजी चौक पर स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक में बुधवार को हर दिन की तरह ही भीड़ थी. इसी दौरान वहां पर तैनात गार्ड मेहंदी हसन की डबल बैरल गन उसके कंधे से फिसल कर अचानक गिर गई. इसी दौरान जोरदार धमाका हुआ और गोली चल गई. गोली के छर्रे वहां पर मौजूद एक महिला और दो युवकों के पैरों में जाकर लगे.

फोर्स पहुंची मौके पर
बैंक में गोली चलने की खबर के साथ ही पुलिस पूरी फोर्स के साथ मौके पर पहुंची और बैंक के गार्ड को हिरासत में ले लिया. पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया तो ये एक हादसा ही प्रतीत हो रहा है लेकिन फिर भी पुलिस का कहना है कि गार्ड से पूछताछ करने के बाद कोई कार्रवाई के बोरे में सोचा जाएगा. वहीं पुलिस अब बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाल रही है और घटना की सही जानकारी पता करने की कोशिश कर रही है.

आसपास के लोगों को लगा…
वहीं बैंक के आस पास मौजूद दुकानदारों और राहगीरों ने जैसे ही गोली चलने की आवाज सुनी सभी घबरा गए. सभी को लगा कि बैंक में डकैती हुई है. इसी दौरान किसी ने पुलिस को इस संबंध में सूचना दे दी. बैंक में गोली चलने की बात तेजी से पूरे शहर में फैली और बैंक के बाहर लोगों की भीड़ लग गई. हालांकि बाद में गोली कैसे चली ये पता चलने के बाद सभी ने राहत की सांस ली.

मुजफ्फरनगर में 26 को एक और महापंचायत, गठवाला खाप के राजेंद्र मलिक ने की घोषणा

हिंद मजदूर किसान समिति की बैठक में एक और महापंचायत करने की घोषणा की गई.

Mahapanchayat : गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र मलिक के मुताबिक, कुछ दिन पूर्व संयुक्त किसान मोर्चे द्वारा आयोजित की गई महापंचायत में किसानों की समस्याओं को सही तरह से नहीं रखा गया था. जिसके चलते इस महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है.

SHARE THIS:

मुजफ्फरनगर. उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में फिर से महापंचायत की जा रही है. इस बार 26 सितंबर को हिंद मजदूर किसान समिति ने महापंचायत बुलाई है. इसे गठवाला खाप के मुखिया चौधरी राजेंद्र मलिक ने भी अपना समर्थन दिया है.

दरअसल शनिवार को नगर की बच्चन सिंह कॉलोनी में हिंद मजदूर किसान समिति ने एक मीटिंग का आयोजन किया था. जिसमें समिति के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने तो हिस्सा लिया ही, इसमें गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र मलिक भी पहुंचे. मीटिंग के दौरान किसानों की समस्याओं को लेकर 26 सितंबर को नगर के राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में एक महापंचायत करने की घोषणा की गई.

इसे भी पढ़ें : मेरठ का जवान जम्मू-कश्मीर में शहीद, आतंकियों से मुठभेड़ में हो गए थे घायल

मीडिया से गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र मलिक ने बताया कि किसानों की बिजली, पानी, गन्ने के रेट आदि समस्याओं को लेकर 26 सितंबर को राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में एक महापंचायत बुलाई गई है. जिसमें मुजफ्फरनगर और शामली जनपद के किसान और मजदूर हिस्सा लेंगे. राजेंद्र मलिक की मानें तो कुछ दिन पूर्व संयुक्त किसान मोर्चे द्वारा आयोजित की गई महापंचायत में किसानों की समस्याओं को सही तरह से नहीं रखा गया था. जिसके चलते इस महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है. इसमें किसानों की समस्याओं को सही तरह से सरकार के सामने रखा जाएगा.

इसे भी पढ़ें : UP-बिहार के प्रवासी मजदूरों की चांदी, लाखों रुपये खर्च कर वापस बुलाए जा रहे हैं पंजाब-हरियाणा

चौधरी राजेंद्र मलिक का साफ तौर पर ये भी कहना है कि कृषि बिल को लेकर चल रहे संयुक्त किसान मोर्चे के आंदोलन में सरकार और किसान दोनों का ही रवइया अड़ियल रहा है. अगर इसे निकालकर आपस में बातचीत की जाये तो समस्या का हल निकल जाएगा. आपको बता दे की कुछ समय पूर्व टिकैत बंधुओं के गांव सिसौली में बुढ़ाना विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक उमेश मलिक की गाड़ी पर हुए हमले को लेकर गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र मलिक टिकैत बंधुओं से नाराज चल रहे हैं. जिसके चलते इन्होंने 5 सितंबर की महापंचायत में हिस्सा नहीं लिया था. अब एक और महापंचायत की घोषणा से ये भी साफ दिखाई पड़ रहा है कि कहीं न कहीं अब खापों में उठापटक शुरू हो गई.

महापंचायत में गरजे टिकैत, कहा- नहीं छोड़ेंगे दिल्ली बॉर्डर, फिर चाहे हमारा कब्रिस्तान बन जाए

मुजफ्फरनगर: हम कब्रिस्तान बनने तक नहीं छोड़ेंगे दिल्ली की सीमा: राकेश टिकैत

संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से आयोजित किसान महापंचायत में टिकैत ने कहा, 'हम संकल्प लेते हैं कि हम धरना स्थल को दिल्ली की सीमाओं पर नहीं छोड़ेंगे, भले ही हमारा कब्रिस्तान वहां बन जाए. जरूरत पड़ी तो हम अपनी जान भी दे देंगे.

SHARE THIS:

मुजफ्फरनगर. मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) में केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ किसनों ने बड़ी महापंचायत (Mahapanchayat) की. इस दौरान किसान नेताओं ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला. नौ महीने बाद मुजफ्फरनगर किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने कहा कि तीनों कानूनों के खिलाफ आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक कि केंद्र सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती. राकेश टिकैत ने रविवार को कहा कि सरकार कुछ भी कर ले किसान दिल्ली की सीमाओं को नहीं छोड़ेंगे.

संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से आयोजित किसान महापंचायत में टिकैत ने कहा, ‘हम संकल्प लेते हैं कि हम धरना स्थल को वहां (दिल्ली की सीमाओं पर) नहीं छोड़ेंगे, भले ही हमारा कब्रिस्तान वहां बन जाए. जरूरत पड़ी तो हम अपनी जान भी दे देंगे, लेकिन जब तक हम जीत नहीं जाते, तब तक धरना स्थल नहीं छोड़ेंगे. जब भारत सरकार हमें बातचीत के लिए आमंत्रित करेगी, हम जाएंगे, लेकिन किसानों का आंदोलन जारी रहेगा. राकेश टिकैत ने कहा कि आजादी के लिए संघर्ष 90 वर्षों तक जारी रहा. अब लगता है कि यह आंदोलन भी लंबे समय तक जारी रहेगा.

मुजफ्फरनगर के राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में आयोजित किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने कहा, आज संयुक्त किसान मोर्चा ने जो फैसले लिए हैं उसके तहत हमें पूरे देश में बड़ी-बड़ी सभाएं करनी पड़ेंगी. अब यह मिशन केवल उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का मिशन नहीं, अब यह मिशन संयुक्त मोर्चे का देश बचाने का मिशन होगा. यह देश बचेगा तो यह संविधान बचेगा.

इस बीच, उत्तर प्रदेश अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने बताया कि महापंचायत के मद्देनजर पीएससी की 25 कंपनियों और मेरठ अंचल के 20 अधिकारियों को तैनात किया गया है. एडीजी कुमार ने कहा कि हमने यातायात के सुचारू संचालन के लिए यातायात अलर्ट जारी किया है. हम स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं.

Kisan Mahapanchayat: राकेश टिकैत बोले- आजादी का आंदोलन 90 साल चला, नहीं पता कब तक चलेगा किसान आंदोलन?

मुजफ्फरनगर में किसान महापंचायत में पहुंचे राकेश टिकैत.

Kisan Mahapanchayat: मुजफ्फरनगर में आयोजित किसान महापंचायत में भाकियू नेता राकेश टिकैत ने भरी हुंकार. हजारों की संख्या में आए किसानों से कहा- जब तक सरकार हमारी मांगें नहीं मान लेती, तब तक जारी रहेगा आंदोलन.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 05, 2021, 15:11 IST
SHARE THIS:

मुजफ्फरनगर. केंद्र के तीन कृषि कानूनों के विरोध में रविवार को मुजफ्फरनगर के राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में जुटे हजारों किसानों की महापंचायत शुरू हो गई. इसे संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि देश की आजादी के लिए 90 साल तक आंदोलन चला, लेकिन किसान आंदोलन कब तक चलेगा, इसका पता नहीं. उन्होंने कहा कि जब तक सरकार किसानों की मांगें मान नहीं लेती, तब तक हमारा आंदोलन चलता रहेगा.

यूपी में अगले साल विधानसभा का चुनाव होना है. इसके मद्देनजर मुजफ्फरनगर में हो रहे इस आयोजन को सियासी नजरिये से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से आयोजित ‘किसान महापंचायत’ को संबोधित करते हुए भाकियू (अराजनीतिक) के नेता राकेश टिकैत ने किसानों के बीच हुंकार भरी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने महापंचायत में किसानों से अल्लाहु अकबर और हर हर महादेव के नारे भी लगवाए. आपको बता दें कि दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर लगभग 10 महीने से धरना दे रहे राकेश टिकैत ने मुजफ्फरनगर रवाना होने से पहले कहा था कि हमारा आंदोलन किसानों की अस्मिता का मामला है, इसलिए यह महापंचायत ऐतिहासिक होगी.

UP Hindi news, Muzaffarnagar MahaPanchayat news, Kisan mahapanchayat News Update, BKU leader Rakesh tikait

भाकियू नेता राकेश टिकैत.

गौरतलब है कि मुजफ्फरनगर में हो रही किसानों की महापंचायत में यूपी के अलावा हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल से भी सैकड़ों की संख्या में किसान पहुंचे हैं. आपको बता दें कि इससे पहले आज सुबह से ही मुजफ्फरनगर में देशभर के किसानों का जत्था महापंचायत के लिए पहुंच गया है. तमाम किसान संगठनों के नेता भी इस महापंचायत में शिरकत कर रहे हैं. भाजपा नेता वरुण गांधी ने आज सुबह किसानों की समस्या को लेकर ट्वीट किया. गांधी ने कहा कि किसान हमारे बीच के लोग है, उनके मुद्दे और समस्याओं को जानने-समझने के बाद ही इस मसले का हल निकल सकता है. गांधी के बयान का रालोद प्रमुख जयंत चौधरी ने स्वागत किया है.

वरुण गांधी ने शेयर किया किसान महापंचायत का वीडियो, बोले- हमें किसानों का दर्द समझना होगा

भाजपा नेता वरुण गांधी ने किसान महापंचायत का वीडियो शेयर किया.

Kisan Mahapanchayat: भाजपा सांसद वरुण गांधी ने मुजफ्फरनगर किसान महापंचायत का वीडियो ट्वीट कर कहा- किसानों के मुद्दे और उनकी समस्या को लेकर सार्थक पहल करने की जरूरत है, हमें साझे मंच पर आकर उनका दुख-दर्द समझना होगा.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 05, 2021, 14:12 IST
SHARE THIS:

नई दिल्ली. मुजफ्फरनगर में आज हो रही किसान महापंचायत के कारण यूपी की राजनीति गर्माई हुई है. महापंचायत में किसान कृषि कानूनों के समर्थन में नारेबाजी कर रहे हैं, साथ ही केंद्र सरकार के खिलाफ भी नारेबाजी की जा रही है. इस बीच भाजपा सांसद वरुण गांधी ने अपने ऑफिशियल टि्वटर पर महापंचायत का एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो के साथ वरुण गांधी ने कहा है कि मुजफ्फरनगर में हो रही महापंचायत में लाखों की संख्या में किसान शामिल हुए हैं. हमें इन किसानों का दुख-दर्द समझना होगा. वरुण गांधी के बयान की रालोद नेता जयंत चौधरी ने तारीफ की है.

भाजपा नेता वरुण गांधी ने टि्वटर पर शेयर किए गए अपने वीडियो के जरिये बयान दिया है कि हमें किसानों के साथ सम्मानपूर्वक बातचीत करने की जरूरत है. उनकी पीड़ा, दर्द समझने की जरूरत है. किसानों की बात जानने के बाद ही जमीनी हालात समझने में मदद मिलेगी.

आपको बता दें कि मुजफ्फरनगर में हो रही किसान महापंचायत में यूपी के अलावा हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और यहां तक कि कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल से भी बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए हैं. भारतीय किसान यूनियन समेत तमाम किसान संगठनों के नेता मुजफ्फरनगर पहुंचे हुए हैं. भाकियू नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि 5 सितंबर की महापंचायत किसान और मजदूरों की अस्मिता से जुड़ी है.

UP Hindi news, Kisan mahapanchayat News Update, Varun Gandhi, Mahapanchayat Video, Muzaffarnagar MahaPanchayat news, Jayant Chaudhary,

वरुण गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देने वाले बीजेपी विधायक पर रालोद प्रमुख जयंत चौधरी ने साधा निशाना.

इधर, वरुण गांधी के वीडियो को लेकर राष्ट्रीय लोकदल के प्रमुख जयंत चौधरी ने भी बयान दिया है. वरुण गांधी के बयान का स्वागत करते हुए जयंत चौधरी ने बीजेपी के विधायक विजेंद्र सिंह के बयान को भी अपने ट्वीट में शामिल किया है. उन्होंने कहा है कि बीजेपी के विधायक को अपनी आंखों की जांच कराने की जरूरत है, क्योंकि वरुण गांधी के बयान के भीतर छुपे दर्द को वह देख नहीं पा रहे हैं. जयंत चौधरी ने बीजेपी विधायक को अपनी विधानसभा क्षेत्र के गांवों में जाने की सलाह भी दी है ताकि वे जमीनी हकीकत को समझें.

Kisan Mahapanchayat: मुजफ्फरनगर पहुंचे राकेश टिकैत, गांव की मिट्टी पर नहीं रखेंगे कदम, उमड़ा किसानों का हुजूम

केंद्र के कृषि कानूनों के विरोध में आज मुजफ्फरनगर में किसानों की महापंचायत हो रही है.

Muzaffarnagar Kisan Mahapanchayat: पिछले 10 महीनों से दिल्ली बॉर्डर पर बैठे किसान नेता राकेश टिकैत ने कसम ली है कि 'जब तक बिल वापसी नहीं, घर वापसी नहीं. लिहाजा वे आज मुजफ्फरनगर महापंचायत में शामिल होंगे, पर अपने घर नहीं जाएंगे और न यहां की मिट्टी पर कदम रखेंगे.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 05, 2021, 12:48 IST
SHARE THIS:

मुजफ्फरनगर. मुजफ्फरनगर के जीआईसी मैदान पर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर बुलाई गई किसान महापंचायत (Muzaffarnagar Kisan MahaPanchayat) में किसानों का हुजूम उमड़ पड़ा है. भारतीय किसान यूनियन (BKU) के प्रवक्ता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) भी मुजफ्फरनगर पहुंच गए हैं. हालांकि अपनी कसम की वजह से वे गांव की मिट्टी पर कदम नहीं रखेंगे. दरअसल, पिछले दस महीने से दिल्ली बॉर्डर पर बैठे राकेश टिकैत ने कसम खा रखी है कि ‘जब तक बिल वापसी नहीं, घर वापसी नहीं. लिहाजा वे आज होने वाली महापंचायत में तो जाएंगे, लेकिन अपने घर नहीं जाएंगे और न ही यहां की मिट्टी पर कदम रखेंगे.

राकेश टिकैत ने कहा कि जब से आंदोलन शुरू हुआ है वे मुजफ्फरनगर नहीं गए हैं. 10 महीने बाद वे आज यहां आ रहे हैं. लेकिन वे यहां की जमीन पर कदम नहीं रखेंगे. वे गलियारे से जाएंगे और अपने घर को देखेंगे. लेकिन घर के अंदर नहीं जाएंगे. बता दें कि राकेश टिकैत मुजफ्फरनगर के ही रहने वाले हैं.

ऐतिहासिक होगी महापंचायत
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि पांच सितंबर की महापंचायत को किसान और मजदूर अपनी अस्मिता से जोड़कर देख रहे हैं. महापंचायत में कितने लोग पहुंचेंगे, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि संख्या की बात छोड़ो, महापंचायत ऐतिहासिक होगी. राकेश टिकैत ने कहा कि उन्होंने “बिल वापसी नहीं तो घर वापसी नहीं” का संकल्प ले रखा है. वह आंदोलन शुरू होने के बाद अब तक मुजफ्फरनगर की सीमा में नहीं गए. संयुक्त किसान मोर्चा के आदेश पर वह रविवार को मुजफ्फरनगर में बुलाई गई महापंचायत में जरूर पहुंचेंगे, लेकिन अपने घर नहीं जाएंगे.

पुलिस अलर्ट पर
आज होने वाली किसान महापंचायत को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा के चाक चौबंद व्यवस्था की है. महापंचायत की सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी की जाएगी. इतना ही नहीं भारी संख्या में पुलिस फोर्स की भी तैनाती की गई है. ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु रहे इसके लिए पार्किंग की भी व्यवस्था की गई है.

Muzaffarnagar: किसानों की महापंचायत आज, कई राज्यों के अन्नदाता भरेंगे हुंकार, सुरक्षा चाक-चौबंद

मुजफ्फरनगर में आज किसानों की महापंचायत

Muzaffarnagar Kisan Mahapanchayat: आज होने वाली किसान महापंचायत को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा के चाक चौबंद व्यवस्था की है. महापंचायत की सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी की जाएगी. इतना ही नहीं भारी संख्या में पुलिस फोर्स की भी तैनाती की गई है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 05, 2021, 07:47 IST
SHARE THIS:

मुजफ्फरनगर. कृषि कानून की वापसी की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा (Sanyukt Kisan Morcha) के आह्वान पर रविवार को मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) के जीआईसी मैदान में किसान महापंचायत (Kisan Mahapanchayat) बुलाई गई है. किसान नेताओं का दावा है कि मुजफ्फरनगर में होने वाली यह महापंचायत देश के इतिहास की सबसे बड़ी पंचायत होने वाली है जिसमें, पश्चिम उत्तर प्रदेश समेत देश के दूसरे राज्यों के किसान भी शामिल होंगे. गौरतलब है कि शनिवार से ही देशभर के किसान मुजफ्फरनगर पहुंचने लगे थे. जिसके बाद भारतीय किसान यूनियन ने एनएच-58 के सिवाया टोल को फ्री करा दिया.।रविवार को भी मेरठ से मुजफ्फरनगर के बीच टोल फ्री रहेगा.

आज होने वाली किसान महापंचायत को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा के चाक चौबंद व्यवस्था की है. महापंचायत की सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी की जाएगी. इतना ही नहीं भारी संख्या में पुलिस फोर्स की भी तैनाती की गई है. ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु रहे इसके लिए पार्किंग की भी व्यवस्था की गई है.

ऐतिहासिक होगी महापंचायत
भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों का दावा है कि आज होने वाली किसान महापंचायत ऐतिहासिक होगी। उनका दावा है कि महापंचायत में लाखों की संख्या में किसान जुटेंगे. महापंचायत में देश के हर राज्य का प्रतिनिधित्व होगा. यूपी, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के अलावा कर्नाटक और तमिलनाडु, केरल से भी किसानों के जत्थे आने शुरू हो गए हैं. कर्नाटक राज्य रैयत संघ की अध्यक्ष और बड़े कृषि वैज्ञानिक रहे डाॅ. नजूड़ा स्वामी की बेटी समेत काफी किसान मुजफ्फरनगर पहुंच गए हैं. अलीगढ़, मथुरा, आगरा समेत वेस्ट यूपी के विभिन्न जिलों से लोग पहुंचना शुरू हो गए हैं.

राकेश टिकैत भी होंगे शामिल 
गाजीपुर बॉर्डर पर धरने पर बैठे भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी आज अपने जत्थे के साथ मुजफ्फरनगर पहुंचेंगे। राकेश टिकैत ने कहा है कि पांच सितंबर की महापंचायत को किसान और मजदूर अपनी अस्मिता से जोड़कर देख रहे हैं. राकेश टिकैत ने कहा कि उन्होंने “बिल वापसी नहीं तो घर वापसी नहीं” का संकल्प ले रखा है. वह आंदोलन शुरू होने के बाद अब तक मुजफ्फरनगर की सीमा में नहीं गए. संयुक्त किसान मोर्चा के आदेश पर वह रविवार को मुजफ्फरनगर में बुलाई गई महापंचायत में जरूर पहुंचेंगे, लेकिन अपने घर नहीं जाएंगे.

मुजफ्फरनगर महापंचायतः चप्पे-चप्पे पर पहरा, पुलिस के 2000 जवान तैनात, ड्रोन और CCTV से निगरानी

किसान नेता राकेश टिकैत ने मुजफ्फरनगर में होने वाले महापंचायत का पोस्टर अपने टि्वटर हैंडल पर शेयर किया है.

Muzaffarnagar Mahapanchayat: केंद्र के 3 कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे 5 सितंबर को मुजफ्फरनगर में महापंचायत का आयोजन. प्रशासन ने इसकी निगरानी के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं. भारतीय किसान संघ की महापंचायत में 10000 किसानों के आने का अनुमान.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 04, 2021, 11:45 IST
SHARE THIS:

लखनऊ. केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में मुजफ्फरनगर में रविवार (5 सितंबर) को किसानों की महापंचायत होने वाली है. सरकार से लेकर स्थानीय प्रशासन तक की इस पर नजर है. यही वजह है कि प्रशासन ने महापंचायत से पहले निगरानी के पुख्ता इंतजाम किए हैं. प्रशासन ने 1000 से अधिक कर्मियों वाली पीएसी की आठ कंपनियों और इसके अलावा मेरठ क्षेत्र के सभी जिलों के लगभग एक हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है.

जिस जगह महापंचायत हो रही है, उसके अलावा शहर के अन्य इलाकों में भी सुरक्षाबल की तैनाती की गई है. अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस अधीक्षक (मुजफ्फरनगर) अभिषेक यादव ने कहा, “मुजफ्फरनगर के अलावा सहारनपुर, मेरठ, गाजियाबाद, शामली और बागपत जिलों के करीब 1000 पुलिसकर्मी 5 सितंबर को कार्यक्रम स्थल की ओर जाने वाले राजमार्गों और लिंक रोड पर तैनात होंगे.” उन्होंने कहा कि महापंचायत के दौरान किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए डिजिटल कैमरों से लैस विशेष ड्रोन हर सेकंड घटना की लाइव तस्वीरें भेजेंगे. सुरक्षा के लिहाज से मुजफ्फरनगर के सभी चौराहों पर सीसीटीवी लगाए जाएंगे.

भारतीय किसान संघ (बीकेयू) द्वारा आहूत और केंद्र के नए कृषि कानूनों की मुखाफलत कर रहे कई संगठनों द्वारा समर्थित किसान महापंचायत मुजफ्फरनगर के राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित की जाएगी. आयोजकों ने दावा किया है कि यह महापंचायत एक स्थान पर किसानों की अब तक की सबसे बड़ी सभा होगी जहां वे ‘उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड विधानसभा चुनावों में भाजपा की हार सुनिश्चित करने के लिए पश्चिम बंगाल मॉडल को पुनर्जीवित करने की रणनीति तैयार करेंगे.’

UP में खतरनाक हो रहे हैं हालात, संगमनगरी में भी फैला डेंगू, अब तक मिले 34 केस

अश्लील वीडियो बनाया, वायरल करने की धमकी देकर तीन दोस्तों ने किशोरी से किया गैंगरेप

भारतीय किसान संघ के मीडिया प्रभारी धर्मेन्द्र मलिक ने कहा, “नरेंद्र मोदी सरकार उन तीन कठोर कृषि कानूनों के बारे में हमारी शिकायतें सुनने के लिए तैयार नहीं है, जो किसानों के लिए मौत की घंटी बजाने को तैयार हैं और केवल कुछ चुनिंदा पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाए गए हैं. किसानों के लिए मुजफ्फरनगर से भाजपा को उखाड़ फेंकने का अभियान शुरू करने का समय आ गया है, क्योंकि यहीं से भाजपा ने अपनी राजनीतिक फसल काटी और केंद्र एवं राज्य में सांप्रदायिकता के बीज बोकर सत्ता हथिया ली.”

सभी स्थानीय खापों और किसान संघों के अलावा, सभी गैर-भाजपा दलों ने महापंचायत को अपना समर्थन दिया है. राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) ने दावा किया है कि वह 4 से 5 सितंबर तक मुजफ्फरनगर में कम से कम 10,000 किसानों के ठहरने की व्यवस्था करेगा.

योगी सरकार के लिए अगला हफ्ता होगा चुनौती भरा, मुजफ्फरनगर और लखनऊ में 2 बड़े आंदोलन

UP: अगले हफ्ते मुजफ्फरनगर और लखनऊ में दो बड़े प्रदर्शन होने जा रहे हैं.

UP News: लखनऊ और मुजफ्फरनगर में अगले हफ्ते दो बड़े आंदोलन होने जा रहे हैं. यहां आंदोलनकारियों के होने वाले जमावड़े से शासन-प्रशासन के लिए काफी बड़ी चुनौती खड़ी हो गयी है.

SHARE THIS:

लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार (UP Government) के लिए सितम्बर का दूसरा हफ्ता काफी मुश्किलों भरा होने जा रहा है. सूबे के पूर्वी हिस्से से लेकर पश्चिमी हिस्से तक जिला प्रशासन और सरकार के लिए ये हफ्ता काफी चुनौतियों भरा होने वाला है. दो बड़े शहरों में दो बड़े आंदोलन होने जा रहे हैं. पहला शहर है लखनऊ (Lucknow) और दूसरा शहर है मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar). खास बात ये है कि दोनों बड़े आंदोलन लगातार दो दिनों में ही होंगे.

पहला बड़ा आंदोलन मुजफ्फरनगर में होने जा रहा है. तीन कृषि कानूनों की वापसी को लेकर पिछले 9 महीने से जो किसान आंदोलन चल रहा है, उसी का ये अगला चरण है. मुजफ्फरनगर में अब तक की सबसे बड़ी किसान पंचायत होने का दावा किया जा रहा है. भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता राकेश टिकैत ने लखनऊ में ही घोषणा की थी कि 5 सितम्बर को मुजफ्फरनगर में इतनी बड़ी किसान पंचायत होगी, जो अब से पहले कभी नहीं हुई थी. इसमें देशभर से आने वाले किसान शामिल होंगे.

इस पंचायत का राजनीतिक पार्टियों ने भी इसका समर्थन किया है. किसान नेता किसानों को गोलबन्द करके मुजफ्फरनगर पहुंचने के लिए प्रेरित कर रहे हैं. भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन ने कहा कि वे किसानों को बुलाने के प्रयास नहीं कर रहे हैं बल्कि उनके आने पर उनके रुकने और खाने के इंतजाम में लगे हैं. उन्होंने दावा किया कि 5 सितम्बर को पंचायत में 20 लाख किसान शामिल होंगे.

यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने ट्वीट करके कहा है कि 5 सितंबर को मुजफ्फरनगर में आयोजित पंचायत किसान महापंचायत नहीं, बल्कि किसानों का धर्म युद्ध है. जाहिर है लाखों की भीड़ हुई तो न सिर्फ मुजफ्फरनगर बल्कि प्रदेश के दूसरे इलाकों में भी यातायात की स्थिति बेहद संजीदगी से संभालनी पड़ेगी.

मुजफ्फरनगर के एसपी सिटी अर्पित विजयवर्गीय ने कहा कि शहर में व्यवस्थाओं को कायम रखने के लिए पूरे जिले में फोर्स लगायी गयी है. दूसरे जिलों से भी यूपी पुलिस की फोर्स आयेगी. पैरा मिलिट्री फोर्स नहीं लगायी गयी है.

दूसरा बड़ा आंदोलन 6 सितम्बर को लखनऊ में होने जा रहा है. भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के चीफ चन्द्रशेखर रावण ने देशभर से छात्र-छात्राओं को 6 सितम्बर को लखनऊ पहुंचने के लिए अपील की है. लखनऊ के ईको गार्डन पार्क में ये जमावड़ा होने वाला है. मसला 69 हजार शिक्षक भर्ती से जुड़ा हुआ है. आरोप है कि सरकार ने ओबीसी और एससी-एसटी को उनके कोटे के बराबर सीटें नहीं दी हैं.

कई दिनों तक चन्द्रशेखर रावण लगातार ईको गार्डन में आंदोलनकारी छात्र-छात्राओं के साथ धरने पर बैठे थे. ट्विटर और सोशल मीडिया के माध्यम से 6 सितम्बर को लखनऊ पहुंचने की अपील की जा रही है. मुजफ्फरनगर और लखनऊ में आंदोलनकारियों के होने वाले जमावड़े से शासन-प्रशासन के लिए काफी बड़ी चुनौती खड़ी हो गयी है.

UP: प्रेमी ने जीजा के साथ मिलकर युवती से किया रेप, बनाया अश्लील वीडियो

पीड़ित युवती के मुताबिक उसके गांव का ही रहने वाला साकिब उसे शादी का झांसा देकर चार साल से यौन शोषण करता आ रहा था

Uttar Pradesh News: घटना मुज़फ्फरनगर के चरथावल थाना क्षेत्र के एक गांव की है. यहां रहने वाली 25 वर्षीय युवती ने थाने पहुंचकर गांव के ही साकिब नाम के युवक पर शादी का झांसा देकर चार साल तक यौन शोषण (रेप) करने का आरोप लगाया है.

SHARE THIS:

मुजफ्फरनगर. उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर (Muzaffarnagar) में एक युवती के साथ लव, सेक्स और धोखा (Love Sex And Dhokha) का मामला सामने आया है. घटना चरथावल थाना क्षेत्र के एक गांव की है. यहां रहने वाली 25 वर्षीय युवती ने थाने पहुंचकर गांव के ही साकिब नाम के युवक पर शादी का झांसा देकर चार साल तक यौन शोषण (रेप) करने का आरोप लगाया है. पीड़िता की मानें तो उसने साकिब पर शादी का दबाव बनाया तो 27 अगस्त को उसने उसे कोर्ट मैरिज (Court Marriage) करने के नाम पर अपने बहनोई आरिफ के घर बुला लिया. यहां दोनों जीजा-साले ने मिलकर उसके साथ गैंगरेप किया और मोबाइल से उसकी अश्लील वीडियो बना ली. आरोपियों ने युवती को मुंह खोलने पर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने की भी धमकी दी.

घटना के बाद अपने घर पहुंची पीड़ित युवती ने अपने परिजनों को पूरी बात बताई जिसे सुनकर उनके होश उड़ गए. युवती को लेकर उसके घरवाले थाने पहुंचे जहां उन्होंने आलाधिकारियों से लिखित शिकायत कर आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की. पुलिस ने पीड़िता को मेडिकल के लिए भिजवाकर मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस मामले की जांच करवाकर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की बात कह रहे हैं.

वहीं, इस मामले में जानकारी यह भी मिल रही है कि आरोपी साकिब जिला छोड़ने की फिराक में है. प्यार में धोखा खाई युवती बार-बार अपने प्रेमी को बुलाकर अब भी शादी करवाने की बात कह रही है.

UP: तीन तलाक देने के बाद पति ने सोशल मीडिया पर डाला अश्लील Video, पत्नी ने की आत्महत्या

इसके बाद महिला अपने बच्चे के साथ किशनपुर गांव में अपने माता-पिता के पास रहने चली गई थी.(प्रतीकात्मक तस्वीर)

पुलिस ने रविवार को बताया कि यह घटना भोपा पुलिस थाने के तहत किशनपुर गांव में शनिवार को घटी. थाना प्रभारी दीपक चतुर्वेदी (Deepak Chaturvedi) ने बताया कि आरोपी और महिला का चार साल पहले विवाह हुआ था और उनका 18 माह का एक बेटा है.

SHARE THIS:

मुजफ्फरनगर. मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) में एक व्यक्ति ने अपनी 25 वर्षीय पत्नी से तीन तलाक (Triple Talaq) कहकर रिश्ता तोड़ लिया और तीन महीने बाद उसका एक अश्लील वीडियो (Porn Videos) सोशल मीडिया पर डाल दिया. ऐसे में महिला ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली. पुलिस ने रविवार को बताया कि यह घटना भोपा पुलिस थाने के तहत किशनपुर गांव में शनिवार को घटी. थाना प्रभारी दीपक चतुर्वेदी ने बताया कि आरोपी और महिला का चार साल पहले विवाह हुआ था और उनका 18 माह का एक बेटा है. उन्होंने बताया कि आरोपी ने करीब तीन महीने पहले तीन तलाक कहकर अपनी पत्नी से रिश्ता तोड़ लिया था, जिसके बाद महिला अपने बच्चे के साथ किशनपुर गांव में अपने माता-पिता के पास रहने चली गई थी.

इस मामले में 18 अगस्त को दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, महिला ने अपने पति पर तीन तलाक देने और बेटे को उसके पास से जबरन ले जाने का आरोप लगाया. चतुर्वेदी ने बताया कि पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी कि तभी कथित रूप से आरोपी ने महिला का एक अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया, जिसके बाद महिला ने जहरीले पदार्थ का सेवन करके आत्महत्या कर ली.

पीड़िता ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई थी
वहीं, शुक्रवार को खबर सामने आई थी कि उत्तर प्रदेश के बलरामपुर (Balrampur) में 5 साल की बेटी का दिव्यांग होना मां के लिए गुनाह हो गया. पति ने पत्नी को तीन तलाक (Triple Talaq) देकर दो मासूम बच्चों के साथ उसे घर से भगा दिया. 5 वर्ष की दिव्यांग बेटी और डेढ़ वर्ष के मासूम पुत्र को लेकर मां अब दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है. यही नहीं पीड़िता के जेठ ने पुनः निकाह कराने के लिए उसके साथ हलाला (Halala) की रस्म निभाने की शर्त रख दी. इस बात से पीड़िता सदमे में है और एसपी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई थी.

UP: अब शामली में लड़की को अगवा कर किया रेप, 2 लोगों के खिलाफ केस दर्ज

 लड़की को चिकित्सकीय जांच के लिए भेजा गया है और कुमार सहित दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. (सांकेतिक तस्वीर)

किशोरी के परिजन की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में कहा गया है कि संजीव कुमार (Sanjeev Kumar) नामक व्यक्ति ने सोमवार को अपने दोस्तों की मदद से किशोरी को अगवा किया और फिर उसके साथ दुष्कर्म किया.

SHARE THIS:

मुजफ्फरनगर. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के शामली जिले में एक किशोरी को कथित तौर पर अगवा करके उसके साथ दुष्कर्म (Rape) किया गया. पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी. किशोरी के परिजन की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में कहा गया है कि संजीव कुमार (Sanjeev Kumar) नामक व्यक्ति ने सोमवार को अपने दोस्तों की मदद से किशोरी को अगवा किया और फिर उसके साथ दुष्कर्म किया. पुलिस अधिकारी ने कहा कि लड़की को चिकित्सकीय जांच के लिए भेजा गया है और कुमार सहित दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

वहीं, कल रामपुर (Rampur) जिले के टांडा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में घर से किशोरी को उठाकर गैंगरेप (Gangrape) किए जाने का मामला सामने आया था. किशोरी के पिता की तहरीर पर पुलिस (Police) ने गांव के ही 5 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी. मामला अलग-अलग समुदाय से जुड़ा होने के कारण गांव में तनाव का माहौल था. इसे देखते हुए पुलिस अतिरिक्त सतर्कता भी बरत रही है.

परिजनों को इसकी जानकारी दी
कोतवाली में दी गई तहरीर में पीड़िता के पिता का आरोप है कि शनिवार रात परिवार के सभी सदस्य छत पर सो रहे थे, जबकि 14 वर्षीय पुत्री नीचे आंगन में सो रही थी. रात में करीब 2 बजे गांव के ही 5 लोग घर में घुस आए और नाबालिग बेटी के मुंह में कपड़ा ठूस कर उसे उठा ले गए. इसके बाद आरोपियों ने एक दुकान में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया. वारदात के बाद पांचों आरोपी किशोरी को बेहोशी की हालत में घर के बाहर फेंककर फरार हो गए. सुबह करीब चार बजे होश आने पर पीड़िता ने सो रहे परिजनों को इसकी जानकारी दी.

लिहाजा गांव के माहौल पर निगाह भी रखी जा रही है
पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी वसीम, सानिब, नजीब, शफीक, नाजिम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है. सीओ धर्म सिंह मार्छल और कोतवाल प्रवेश कुमार चौहान ने मौके पर पहुंचकर तफ्तीश भी की. सीओ धर्म सिंह मार्छल ने बताया कि पिता की तहरीर पर किशोरी का मेडिकल कराया जा रहा है. मामला दो समुदाय से जुड़ा है, लिहाजा गांव के माहौल पर निगाह भी रखी जा रही है.

(इनपुट- भाषा)

BJP के खिलाफ BKU की पंचायत: नरेश टिकैत ने FIR के विरोध में दिया ये धमकी भरा बयान

बीकेयू के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने किसानों के खिलाफ एफआईआर के विरोध में भाजपा को चेताया है.

तीन दिन पूर्व बीकेयू के गढ़ सिसौली में बीजेपी विधायक उमेश मलिक की गाड़ी पर बीकेयू कार्यकर्ताओं और किसानों ने हमला किया था. इस पर भाजपा ने 9 नामज़द और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था. इस मामले को लेकर अब बीकेयू और बीजेपी आमने सामने है.

SHARE THIS:

मुजफ्फरनगर. उत्तर प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनाव के संग्राम में कृषि बिल के मुद्दे को भारतीय किसान यूनियन ने ख़ासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बीजेपी के सामने एक बड़ी चुनौती के रूप में खड़ा कर दिया है. जिसके चलते 3 दिन पूर्व बीकेयू के गढ़ सिसौली में बीजेपी विधायक उमेश मलिक की गाड़ी पर बीकेयू कार्यकर्ताओं और किसानों ने हमला बोल दिया था. इसके बाद बीजेपी के द्वारा भौराकलां थाने में 9 नामज़द और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था. इस मामले को लेकर अब बीकेयू और बीजेपी आमने सामने है.

जानकारी के मुताबिक मंगलवार को सिसौली गांव में हर महीने की तरह एक मासिक पंचायत का आयोजन किया गया था. जिसमें जनपद के किसानों और बीकेयू कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया था. इस पंचायत में 5 सितम्बर को मुज़फ्फरनगर में होने वाली महापंचायत की तैयारी के लिए रणनीति बनाई गई. वहीं बीजेपी विधायक के हमले के मामले में दर्ज हुई रिपोर्ट पर भी खूब भाषणबाज़ी हुई. इस मामले को लेकर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने मंच से बोलते हुए कहा, “सलाह नहीं आदेश देते हैं कि संजीव बालियान,  बालियान होने के नाते या तो वह इस मामले को निपटा लें वरना अगर अगर मुंह से एक जुबान भी निकालने की कोशिश की तो शहर में पैर नहीं रख पाओगे.”

नरेश टिकैत ने कहा कि ‘आज हम सब कुछ हैं, जो चाहे वो कर देंगे. इसलिए जिसने रिपोर्ट करी उसे इज्जत से बैठा लो. नहीं तो इस मामले में ये गिरफ़्तारी हो नहीं सकती, चाहे जो कर लो.’

इस पंचायत में हिस्सा लेने पहुंचे मुस्लिम किसान नेता गुलाम मोहम्मद जौला के मंच पर आते ही अल्हा हु अकबर और हर हर महादेव के नारे भी जमकर लगे.

UP News: मुजफ्फरनगर में BJP विधायक उमेश मलिक के काफिले पर हमला, बाल-बाल बचे

UP: मुजफ्फरनगर में BJP विधायक उमेश मलिक के काफिले पर हमला

डीएम (DM) चंद्र भूषण सिंह और एसएसपी (SSP) अभिषेक यादव दी थाने पर पहुंचे हैं. फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है.

SHARE THIS:

मुजफ्फरनगर. उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) के सिसौली में शनिवार को किसानों की पंचायत को संबोधित कर वापस लौट रहे बुढाना से भाजपा विधायक उमेश मलिक (BJP MLA Umesh Malik) के काफिले पर कुछ लोगों ने अचानक हमला बोल दिया. पुलिस की मौजूदगी में विधायक की गाड़ी को घेर लिया और कीचड़ फेंकी. इतना ही नहीं गुस्साए कार्यकर्ताओं ने गाड़ी पर ईंटें बरसाईं. पथराव से गाड़ी के शीशे चकनाचूर हो गए. गनीमत रही की गाड़ी में बैठे भाजपा विधायक बाल- बाल बच गए. इस घटना से सिसौली में भाकियू और भाजपा कार्यकर्ताओं में टकराव के हालात हैं, जिसे देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है. विधायक की गाड़ी पर कालिख पोतने और पथराव की वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं.

दरअसल काफिले पर हमले की वारदात भौराकलां थाना क्षेत्र के सिसौली गांव में हुई. जो राकेश टिकैत का गांव है. भाजपा विधायक का आरोप है कि हमला करने वाले भाकियू के कार्यकर्ता थे, जिन्होंने मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए उनके काफिले पर हमला कर दिया. फिलहाल भाजपा विधायक अपने समर्थकों के साथ भोरा थाने में मौजूद है और हमलावरों के खिलाफ तहरीर देने की बात कह रहे हैं. एहतियातन सिसौली गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया हैं.

UP: स्वतंत्रता दिवस से पहले कुशीनगर में पकड़ा गया अफगानिस्तान का युवक, पूछताछ में जुटी सुरक्षा एजेंसियां

इस दौरान सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह विधायक को सुरक्षित कस्बे से बाहर निकाला. घटना में पुलिसकर्मियों की वर्दी समेत भाजपाई के कपड़े भी कीचड़ में सन गए. विधायक और केंद्र राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने भौराकलां थाने पहुंचकर तहरीर दी है. डीएम चंद्र भूषण सिंह और एसएसपी अभिषेक यादव दी थाने पर पहुंचे हैं. फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है.

किसान नेता भानु प्रताप सिंह का बयान, बोले- 100 % बेईमान राकेश टिकैत दिल्ली-गाजीपुर बॉर्डर पर फैला रहे आतंक

किसान नेता भानु प्रताप सिंह ने राकेश टिकैत को लेकर बड़ा बयान दिया है.

Kisan Andolan: केंद्र सरकार के तीन नये कृषि कानूनों को लेकर कई महीनों से दिल्ली-गाजीपुर बॉर्डर पर जमे किसान नेता राकेश टिकैत को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भानु) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह (Thakur Bhanu Pratap) ने बड़ा बयान दिया है. उन्‍होंने कहा कि टिकैत के अंदर ईमानदारी नहीं रही, वे 100 फीसदी बेईमान हैं. वह दिल्ली-गाजीपुर बॉर्डर पर आतंक फैला रहे हैं.

SHARE THIS:

मुजफ्फरनगर. भारतीय किसान यूनियन (भानु) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह (Thakur Bhanu Pratap) ने किसान नेता राकेश टिकैत को लेकर विवादित बयान दिया है. उन्‍होंने कहा कि राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) दिल्‍ली-गाजीपुर बॉर्डर पर आतंक फैला रहे हैं. उनके अंदर ईमानदारी नहीं रही, वे 100 फीसदी बेईमान हैं. दिल्‍ली-गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन कांग्रेस और भाजपा विरोधी दलों द्वारा वित्त पोषित किया जाता है. इसके साथ भानु प्रताप सिंह ने केंद्र सरकार के तीन नये कृषि कानूनों को लेकर भी बड़ा बयान दिया है. उन्‍होंने कहा कि नये कृषि कानून बने रहने दो इसमें कोई दिक्‍कत नहीं है.

इसके अलावा भारतीय किसान यूनियन (भानु) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने केंद्र सरकार से किसान आयोग का गठन के गठन की मांग की है. वहीं, उन्‍होंने कहा, ‘मैं डीएम से कहने आया हूं कि मुजफ्फरनगर में बीकेयू (भानु) को राकेश टिकैत का संगठन न मानें. बता दें कि भानू प्रताप सिंह भी चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के समय भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं. बाद में उन्होंने भाकियू भानू के नाम से अलग से किसान संगठन बना लिया. यही नहीं, दिल्‍ली-गाजीपुर बॉर्डर पर भी वह तीन कृषि कानूनों के खिलाफ धरने पर बैठे थे, लेकिन गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में हुई हिंसा के बाद भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने आंदोलन खत्म करने का ऐलान कर दिया था. इस दौरान उन्‍होंने धरना दे रहे किसान संगठनों पर कई गंभीर आरोप भी लगाए थे.

टिकैत का किसानों से कोई सरोकार नहीं
इसके अलावा किसान नेता भानु प्रताप सिंह ने कहा कि दिल्ली-गाजीपुर बॉर्डर पर केंद्र सरकार के तीन नये कृषि कानूनों को लेकर धरना दे रहे लोग विपक्ष की राजनीति कर रहे है. इनका किसानों से कोई भी सराकोर नहीं है. साथ ही कहा कि राकेश टिकैत और उनके साथियों का हमेशा से यही काम रहा है, आंदोलन को बेचना और अपना पेट भरना. राकेश टिकैत जब दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे थे तब कांग्रेस की फंडिंग चल रही थी. वहीं, पिछले महीने राकेश टिकैत पश्चिमी बंगाल में ममता बनर्जी से पैसे लेने गए थे. बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में राकेश टिकैत ने टीएमसी के लिए प्रचार किया था.

UP: माता- पिता के साथ घर में सो रही महिला के साथ चाकू के बल पर रेप की कोशिश, केस दर्ज

पुलिस ने बताया कि शिकायत के आधार पर विशाल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. मामले की जांच जारी है. (सांकेतिक फोटो)

घटना के समय महिला छापर थाना (Chhapar Police Station) क्षेत्र स्थित एक गांव में अपने माता-पिता के घर पर सो रही थी. उन्होंने बताया कि परिवार की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, विशाल कथित तौर पर एक चाकू लेकर पीड़िता के कमरे में घुस गया और उसके साथ बलात्कर करने की कोशिश की.

SHARE THIS:

मुजफ्फरनगर. उत्तर प्रदेश के  मुजफ्फरनगर जिले (Muzaffarnagar District) के एक गांव में एक व्यक्ति के खिलाफ 30 वर्षीय महिला के साथ कथित तौर पर बलात्कार (Rape) करने की कोशिश का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने सोमवार को बताया कि आरोपी विशाल ने एक विवाहित महिला के साथ बलात्कार करने की कोशिश की. घटना के समय महिला छापर थाना (Chhapar Police Station) क्षेत्र स्थित एक गांव में अपने माता-पिता के घर पर सो रही थी. उन्होंने बताया कि परिवार की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, विशाल कथित तौर पर एक चाकू लेकर पीड़िता के कमरे में घुस गया और उसके साथ बलात्कर करने की कोशिश की. तभी महिला ने चिल्लाना शुरू कर दिया, जिससे आरोपी को वहां से भागना पड़ा. पुलिस ने बताया कि शिकायत के आधार पर विशाल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. मामले की जांच जारी है.

वहीं, रविवार को खबर सामने आई थी कि अमरोहा (Amroha) जिले में युवती के साथ बंधक बनाकर दुष्कर्म (Rape) किया गया है. पीड़िता के मुताबिक, ढाई महीने पहले बैंक में रुपये जमा करने निकली युवती का उसके मंगेतर ने अपने परिजनों के साथ मिलकर अपहरण कर लिया. संभल के एक धार्मिक स्थल में जबरन शादी की. कई दिनों तक कमरे में बंधक बनाकर मंगेतर ने दुष्कर्म किया. इस दौरान पीड़िता गर्भवती हो गई. आरोपी तीन दिन पहले पीड़िता को गांव के बाहर छोड़कर फरार हो गए. पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मंगेतर सहित परिवार के 6 लोगों पर एफआईआर दर्ज की है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है.

पीड़िता को गांव के बाहर छोड़ कर फरार हो गए
बता दें कि डिडौली कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में किसान की बेटी 24 मई को जोया स्थित एक बैंक में रुपये जमा करने गई थी. आरोप है कि जैसे ही युवती टेंपो से उतरी, तभी संभल के आलम सराय निवासी मंगेतर ने अपने परिजनों के साथ मिलकर उसका अपहरण कर लिया. संभल ले जाकर एक धार्मिक स्थल में जबरन शादी की. कमरे में बंधकर बनाकर मंगेतर ने दुष्कर्म किया. कई दिन उसे घर में बंधक बनाकर रखा. 4 अगस्त की सुबह आरोपी मारपीट कर पीड़िता को गांव के बाहर छोड़ कर फरार हो गए.

Kisan Andolan: राकेश टिकैत का ऐलान, बोले- 5 सितंबर को मुजफ्फरनगर महापंचायत में बनेगी आर-पार की रणनीति

किसान पिछले कई महीनों से नये कृषि कानूनों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं.

Muzaffarnagar Kisan Mahapanchayat: केंद्र सरकार के तीन नये कृषि कानूनों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (Bharatiya Kisan Union) ने यूपी के मुजफ्फरनगर में 5 सितंबर को महापंचायत बुलाई है. किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) के मुताबिक, इस किसान महापंचायत में आर-पार की लड़ाई की रणनीति तैयार की जाएगी. साथ ही कहा कि किसान तब तक घर में नहीं बैठेगा, जब तक काला कानून वापस नहीं हो जाता.

SHARE THIS:

नोएडा/मुजफ्फरनगर. भारतीय किसान यूनियन (Bharatiya Kisan Union) राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में 5 सितंबर को होने वाली किसान महापंचायत में आर-पार की रणनीति तैयार होगी. किसान नेता ने केंद्र सरकार से तीनों नए कृषि कानूनों को तुरंत वापस लेने की मांग को दोहराते हुए कहा कि ये कृषि कानून किसान मजदूर और आमजन के विरोधी हैं. टिकैट ने कहा कि किसानों को बर्बाद करने के लिए बिना मांगे ये कृषि कानून देश के किसानों पर थोप दिए गए हैं, जिससे किसान पहले कर्ज में डूबेगा, फिर धीरे-धीरे पूंजीपति किसानों से उनकी जमीन हड़पने का काम करेंगे. देश के लोग किसान आंदोलन से नहीं वैचारिक क्रांति से जुड़ रहे हैं.

राकेश टिकैत ने किसानों से 5 सितंबर को मुजफ्फरनगर में होने वाली महापंचायत में ज्यादा से ज्यादा संख्या में भाग लेने की अपील की. उन्‍होंने कहा कि सरकार केवल इसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों का आंदोलन बता रही है, लेकिन इसमें 550 से अधिक किसान संगठन जुड़े हुए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार यह गलतफहमी छोड़ दे कि किसान थक कर घर वापस चले जाएंगे.

जेवर पंचायत में पहुंचे कई जिलों के किसान
बता दें कि रविवार को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने जेवर के सबौता अंडर पास के पास एक किसान महापंचायत की थी. इस महापंचायत में जेवर के अलावा बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा सहित कई जिलों के लोग भी पहुंचे थे. जबकि इस दौरान उन्‍होंने ने किसानों से मुजफ्फरनगर में 5 सितंबर को होने वाली महापंचायत में भाग लेने की अपील की है, ताकि पूरा दम दिखाकर सरकार पर दबाव बढ़ाया जा सके.

ये भी पढ़ें- Weather Update: Delhi-NCR और यूपी में कुछ देर में होगी झमाझम बारिश, हरियाणा का ऐसा रहेगा मौसम

इसके अलावा टिकैत ने कहा कि सरकार जो कानून लाई है, इससे और ज्यादा नुकसान होगा. उन्‍होंने कहा कि सरकार कानून वापसी ले और किसानों से बैठकर बात करे, नहीं तो ये आंदोलन जारी रहेगा. किसानों में गर्माहट है. हम शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे हैं, इसलिए सरकार नहीं सुन रही है. क्रांतिकारी तरीके से धरना दें तो सुन लेगी. वो हम कर नहीं सकते. हम तो शांति के पुजारी हैं.

Load More News

More from Other District

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज