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OMG!: नशा मुक्ति केंद्र से लौटे युवक के पेट से एक-दो नहीं, निकले 63 चम्मच, डॉक्टर भी हैरान

मुजफ्फरनगर में डॉक्टरों ने मरीज के पेट से 63 चम्मच निकाले.

मुजफ्फरनगर में डॉक्टरों ने मरीज के पेट से 63 चम्मच निकाले.

Muzzafarnagar News: पूरे मामले पर जब ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर से बात की गई तो डॉक्टर ने कहा कि उनके लिए सबसे पहले मरीज क ...अधिक पढ़ें

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हाइलाइट्स

मुजफ्फरनगर में ऑपरेशन के बाद एक मरीज के पेट से निकाले गए 63 चम्मच
मरीज की हालत अभी भी गंभीर
परिजनों ने नशा मुक्ति केंद्र पर लगाया आरोप

मुजफ्फरनगर. उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां, एक निजी अस्पताल में एक मरीज के पेट से स्टील के कई चम्मच निकाले गए हैं. ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने मरीज के पेट से एक-दो नहीं बल्कि एक के बाद एक 63 स्टील की चम्मच निकाली है. मरीज की हालत अभी गंभीर बताई जा रही है. डॉक्टर लगातार मरीज की देखभाल में लगे हुए हैं. मरीज के पेट से चम्मच निकलने पर हर कोई हैरान है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना मंसूरपुर क्षेत्र के गांव बोपाडा निवासी विजय नशे का आदी है. जिसके चलते विजय के परिजनों ने उसे नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था. जनपद शामली में स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र में विजय को लगभग पांच महीने पहले भर्ती कराया गया था. जहां उसकी तबियत बिगड़ी तो उसे परिजनों द्वारा मुजफ्फरनगर के एक निजी हॉस्पिटल में लाया गया. जहां डॉक्टर ने उसका ऑपरेशन किया तो उसके पेट से 63 स्टील की चम्मच निकलने पर मेडिकल स्टाफ के भी होश उड़ गए. उन्होंने भी ऐसा पहली बार देखा. युवक के पेट से चम्मच निकलने से परिजन भी हैरान हैं. हर कोई सोच रहा कि पेट में चम्मच गए कैसे? फिलहाल मरीज की हालत गंभीर बनी हुई है.

परिजनों ने नशा मुक्ति केंद्र पर लगाया आरोप
अब सवाल ये उठता है कि इतनी चम्मच आखिर विजय के पेट में गई कैसे? क्योंकी सामान्यतः ये संभव नहीं है कि कोई व्यक्ति खाने के साथ चम्मच भी खा जाए. विजय के परिजनों का आरोप हैं कि उसको नशा मुक्ति केंद्र के स्टाफ द्वारा जबरन चम्मच खिलाई गई. हालांकि पीड़ित द्वारा अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है, लिहाजा पेट मे इतनी संख्या में चम्मच का मिलना एक रहस्य बना हुआ हैं. यह जांच का विषय होगा कि आखिर विजय के पेट में 63 चम्मच कैसे गई?

मरीज की जान बचाना प्राथमिकता-डॉक्टर
पूरे मामले पर जब ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उनके लिए सबसे पहले मरीज की जान बचाना है. मरीज की हालत अभी खतरे में है, इसलिए जब तक मरीज सामान्य नहीं हो जाता, तब तक वह इस मामले में मीडिया के सामने नहीं आएंगे. इस बारे में जानकारी देते हुए विजय के भांजे अखिल चौधरी ने बताया की हमारे मामा जी को नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती किया गया था. वहां उन्हें चम्मच खिलाई. चम्मच खाने के बाद उन्हें दिक्कत हुई उसके बाद हमने उनका ऑपरेशन कराया.

Tags: Muzaffarnagar city news, Muzaffarnagar news, Uttarpradesh news

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