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मुजफ्फरनगर: 2014 में चुनाव का किया था बहिष्कार, अब इस मुद्दे पर वोट करेंगे बेघर दंगा पीड़ित

Anurag Dhanda | News18 Uttar Pradesh
Updated: April 10, 2019, 3:50 PM IST
मुजफ्फरनगर: 2014 में चुनाव का किया था बहिष्कार, अब इस मुद्दे पर वोट करेंगे बेघर दंगा पीड़ित
मुजफ्फनगर दंगा पीड़ित

मुहम्मद सलीम ने बताया कि "उस वक्त दंगों का दर्द ताजा था, हम खुद को ही नहीं संभाल पा रहे थे तो चुनाव में हिस्सा लेने का तो मतलब ही नहीं था.'

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2014 का लोकसभा चुनाव मुजफ्फरनगर में उस वक्त हुए दंगों की छाया में हुआ था. कहा जाता है कि उस दंगे ने ही तय किया था कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मतदान किसे, कैसे और क्यों होगा? दंगे के ताजा दर्द से जूझ रहे दंगा पीड़ितों ने उस वक्त कई जगहों पर चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला किया था.

दंगो में अपने गांवों से विस्थापित होकर सैकड़ों परिवार कस्बा शाहपुर में आकर बसे थे. न्यूज 18 इंडिया की टीम इस विस्थापित बस्ती में पहुंची. अब उस घटना को 5 साल बीत चुके हैं. दंगा पीड़ितों का दर्द भी अब कम हो चुका है. सामाजिक सौहार्द वापस लौट रहा है और अब दंगा पीड़ित लोकतंत्र के इस जश्न में हिस्सा लेने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं.

बस्ती के एक युवा मुहम्मद सलीम ने बताया कि "उस वक्त दंगों का दर्द ताजा था हम खुद को ही नहीं संभाल पा रहे थे, तो चुनाव में हिस्सा लेने का तो मतलब ही नहीं था, हम में से बहुत से लोगों ने नाराजगी में नोटा पर बटन दबाया था, लेकिन इस बार हम चुनाव में हिस्सा ले रहे हैं"

मुजफ्फनगर दंगा पीड़ित


बीते 5 साल में ये सब लोग अब अपना नया घर बना चुके हैं. कामकाज ढूंढ चुके हैं. इनका मानना है कि अब वो भयानक समय पीछे छूट चुका है और इस चुनाव में सब लोग सरकार के कामकाज के आधार पर वोट डालेंगे. बस्ती के बुजुर्ग लतीफ बताते हैं कि "उस वक्त हम सब गांव छोड़कर भाग चुके थे, ज्यादतर लोगों के वोट गांव में ही थे. तब वहां वोट डालने नहीं गए. अब उन लोगों को भी अहसास हो चुका है कि गलत किया था और हम भी आगे बढ चुके हैं."

मुजफ्फनगर दंगा पीड़ित


इन तमाम विस्थापितों को न तो नगर पालिका के चुनाव में वोट डालने का मौका मिला और न ही ग्राम पंचायत के चुनाव में क्यों कि फिलहाल ये बस्ती गांव से भी बाहर हैं और शहर से भी. इसलिए लोकसभा चुनाव में मतदान का मौका मिलने पर ये तमाम विस्थापित खासे उत्साहित हैं.
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First published: April 10, 2019, 3:16 PM IST
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