मुजफ्फरनगर: गन्ना किसान ने की आत्महत्या, अपने ही खेत में पेड़ से लटका मिला शव, किसान लामबंद
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मुजफ्फरनगर: गन्ना किसान ने की आत्महत्या, अपने ही खेत में पेड़ से लटका मिला शव, किसान लामबंद
मुजफ्फरनगर में एक गन्ना किसान ओम पाल ने आत्महत्या कर ली है. (ओमपाल की फाइल फोटो)

मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे कहा कि बताया जा रहा है कि गन्ना पर्ची को लेकर आत्महत्या हुई है, ये पूरी तरह से गलत है. पुलिस की शुरुआती जांच में ये पारिवारिक विवाद, जमीनी विवाद सामने आया है.

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मुजफ्फरनगर. उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) जनपद में गुरुवार की शाम किसानों की राजधानी कहे जाने वाले सिसौली गांव में 46 वर्षीय एक किसान ओमपाल पुत्र फूल सिंह ने आत्महत्या कर ली. उसने अपने ही खेत में पेड़ से लटककर जान दे दी. बताया जा रहा है कि लॉकडाउन के चलते किसान अपनी खेत में खड़ी गन्ने की फसल को लेकर बेहद ही परेशान चल रहे हैं.

किसानों ने चीनी मिल से पर्ची न मिलने का लगाया आरोप

कारण यह है कि मुजफ्फरनगर के खतौली त्रिवेणी शुगर मिल ने किसानों के गन्ना तौल सेंटर पर तोल बंद करा दी है. कहा जा रहा है कि गन्ने की पर्ची न मिलने से किसान ओमपाल अपनी तैयार बर्बाद होती गन्ने की फसल को लेकर परेशान था. मृतक किसान ओमपाल सिंह की सिसौली गांव में 6 बीघा खेती है. लॉकडाउन में ओमपाल सिंह की 3 बीघा गन्ने की फसल तो मिल में पर्ची के आधार पर चली गई, लेकिन बाद में बची 3 बीघा गन्ने की फसल की पर्ची किसान को चक्कर काटने के बाद भी शुगर मिल ने नहीं दी. इसके बाद परेशान किसान ने अपने खेत में पेड़ से लटक कर आत्महत्या कर ली.



चीनी मिल के खिलाफ एफआईआर की मांग



वहीं किसान की मौत के बाद गुस्साए सैकड़ों किसानों और पुलिस के बीच शव पोस्टमार्टम को भेजने को लेकर नोकझोंक हो गई. मृतक किसान ओमपाल सिंह अपने घर में अकेला कमाने वाला किसान था. किसान ओमपाल सिंह के परिवार में उनकी पत्नी के साथ उनके 6 बच्चे हैं. वही किसान के आत्महत्या करने के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है. गुस्साए ग्रामीणों ने शव को खेत में घंटे तक रखकर खतौली त्रिवेणी शुगर मिल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की. प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को शांत कर मृतक किसान के परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

डीएम ने किया साफ चीनी मिल से पर्ची किसान की मौत का कारण नहीं

जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे ने किसान की आत्महत्या पर मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि किसान की आत्महत्या के पीछे शुगर मिल में तौल पर्ची का कोई मामला नहीं है. जिलाधिकारी ने बताया कि किसान की शुगर मिल से सारी तौल पर्चियां मिल से जा चुकी हैं. जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे कहा कि बताया जा रहा है कि गन्ना पर्ची को लेकर आत्महत्या हुई है, ये पूरी तरह से गलत है. इनके पास 143 कुंतल का बेसिक कोटा है, वहीं एडिशनल बॉन्डिंग 13.4 कुंतल मार्च में इश्यू है. कुल मिलाकर 156.4 कुंतल इनका कोटा इश्यू हुआ है. इसमें से इन्होंने 149 कुंतल ही आपूर्ति की, 7 अप्रैल को शेष 9 कुंतल की पर्ची जारी की गई है.

सभी चीनी मिलों में फ्री परचेज शुरू: डीएम

डीएम ने कहा कि मिलों में आज से फ्री परचेज भी शुरू हो गया है, इसके तहत किसानों की अगर कोई फसल बच रही है, तो उसे सीधे खरीदा जाएगा. डीएम ने कहा कि मामले में पुलिस की शुरुआती जांच में कुछ तथ्य सामने आए हैं. इसके तहत ओमपाल के पास 5 बीघा जमीन थी, इनकी मां के नाम भी 5 बीघा जमीन थी, जो विवादित है. इसके लेकर ओमपाल और उसके दो भाईयों सोहन और राजवीर के बीच जमीनी विवाद है. वहीं सोहन की 7 बीघा जमीन भी यही ओमपाल ही जोत रहे थे. उसका भी लीज शेष है. ये पारिवारिक विवाद, जमीनी विवाद सामने आया है.

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