अब शामली में भी दूध पी रहे नंदी महाराज, वैज्ञानिकों ने बताई ये वजह

शामली के अलग-अलग मंदिरों में नंदी महाराज दूध पी रहे हैं, जिसके बाद मंदिरों में भक्तों का तांता लगा हुआ है. लोगों का कहना है कि यह एक चमत्कार है. हालांकि वैज्ञानिकों का मत एकदम अलग है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 29, 2019, 1:20 PM IST
अब शामली में भी दूध पी रहे नंदी महाराज, वैज्ञानिकों ने बताई ये वजह
शामली में नंदी महाराज पी रहे दूध
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Updated: July 29, 2019, 1:20 PM IST
अब इसे आस्था कहें या अंधविश्वास, लेकिन उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मूर्तियों के दूध पीने का सिलसिला शुरू हो गया है. पीलीभीत और वाराणसी के बाद अब शामली के शिव मंदिरों में भगवान शिव की सवारी नंदी महाराज के दूध पीने का मामला सामने आया है. शामली के अलग-अलग मंदिरों में नंदी महाराज दूध पी रहे हैं. जिसके बाद मंदिरों में भक्तों का तांता लगा हुआ है. लोगों का कहना है कि यह एक चमत्कार है. हालांकि वैज्ञानिकों का मत एकदम अलग है.

शामली के झिंझाना स्थित शिव मंदिर में नंदी महाराज दूध पी रहे हैं और शिवभक्तों की मंदिर के बाहर तक लाइन लगी है. लोग नंदी महाराज को दूध पिलाने के लिए उत्सुक हैं. शामली जनपद के अलग-अलग जगहों से दूध पीने की खबर आ रही है. दूध पीने की खबर शहर में आग की तरह फैली और सैकड़ों की संख्या में लोग दूध और चम्मच लेकर मंदिर पहुंच गए.

वैज्ञानिकों ने बताया अफवाह
दूध पिलाने वाले भक्त खुद को भाग्यशाली समझ रहे हैं और खुश हैं, लेकिन वैज्ञानिकों की माने तो यह महज एक अंधविश्वास है. लखनऊ यूनिवर्सिटी में भौतिक विज्ञान के प्रफ़ेसर डॉ. एनके पांडेय के मुताबिक यह सच नहीं है. मूर्तियों के दूध पीने की वजह सरफेस टेंशन यानी पृष्ठ तनाव है. पत्थर की मूर्ति में तमाम छिद्र होते हैं, जो लिक्विड को अंदर की तरफ खींचता है. मूर्तियों के दूध पीने के पीछे और कोई वजह नहीं है. इसे भ्रांति के रूप में फैलाया जाता है. मूर्ति एक लिमिट तक लिक्विड अब्ज़ॉर्ब करती है.उन्होंने बताया कि आप घर में भी किसी ड्राई मूर्ति को दूध पिलाएंगे तो वो भी पिएगी.

1995 में भी फैली थी अफवाह

बता दें कि साल 1995 की 21 सितंबर को भी देशभर में अफवाह फैली थी कि भगवान गणेश की मूर्तियां दूध पी रही हैं. गुरुवार के उस दिन गणेश मंदिरों पर भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा था. हर मंदिर के बाद अगले दो दिन तक इस चमत्कार की अफवाह के कारण भक्तों की भीड़ इकट्ठा होती रही थी. बाद में पता चला कि तांत्रिक चंद्रास्वामी के आश्रम से ये अफवाह उड़ाई गई थी. इसके बाद भी साल 2012 में राजस्थान के कई मंदिरों में भगवान गणेश की मूर्ति के दूध पीने की अफवाह फैलने के बाद वहां भी मंदिरों में भक्तों की भीड़ इकट्ठा होनी शुरू हो गई थी. साल 2015 में प्रयागराज में भी अफवाह फैली थी कि नंदी की मूर्ति दूध ग्रहण कर रही है. इसके बाद मंदिरों में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा था.

(इनपुट: शाहनवाज राणा)
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First published: July 29, 2019, 12:28 PM IST
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