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मुजफ्फरनगर में बोलीं प्रियंका गांधी - पिछले चार साल में नहीं बढ़े गन्ने के दाम

मुजफ्फरपुर में महापंचायत को संबोधित करतीं प्रियंका गांधी.

मुजफ्फरपुर में महापंचायत को संबोधित करतीं प्रियंका गांधी.

प्रियंका ने कहा, किसान आंदोलन के दौरान बिजली काटी गई, पानी रोका गया, उन्हों मारा गया, वे शांति से बैठे थे. देश की राजधानी की सीमा को ऐसे बनाया गया जैसे देश की सीमा हो.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 20, 2021, 4:50 PM IST
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मुजफ्फरनगर : नए कृषि कानूनों (New Agricultural Laws) के खिलाफ जारी किसान आंदोलन (Kisan agitation) के बीच कांग्रेस महासचिव (Congress General Secretary) और उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) मुजफ्फनगर (Muzaffarnagar) पहुंचीं और किसान महापंचायत को संबोधित किया. प्रियंका ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार (central government) पर जमकर निशाना साधा. प्रियंका ने कहा कि नब्बे दिनों से लाखों किसान देश की राजधानी में दिल्ली के बाहर बैठे हुए हैं, संघर्ष कर रहे हैं, आंदोलन कर रहे हैं.

प्रियंका ने कहा, "किसान आंदोलन के दौरान बिजली काटी गई, पानी रोका गया, उन्हों मारा गया, वे शांति से बैठे थे. देश की राजधानी की सीमा को ऐसे बनाया गया जैसे देश की सीमा हो. जो किसान अपने बेटे को सीमा पर देश की रखवाली करने के लिए भेजता है, उसको ज़लील किया गया. प्रधानमंत्री जी ने पूरे सांसद के सामने उनका मजाक उड़या, परिजीवी कहा."

उन्होंने कहा, "मेरा मानना है मेरे देश का हृदय, उसका दिल किसान है. वह जमीन से जुड़ा है, जमीन को सींचता है, उपजाऊ बनाता है लेकिन आज जब चौधरी टिकैत जी की आंखों में आंसू आते हैं, तो प्रधानमंत्री जी के चेहरे पर मुस्कराहट आती है, उनको मजाक सूझता है."



कांग्रेस महासचिव ने आगे कहा, "पिछले चार साल में गन्ने के दाम नहीं बढ़े. डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ते जा रहे हैं. गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ती चली जा रही है. भाजपा सरकार ने पिछले साल डीजल पर जो वैट लगाई उससे हजारों करोड़ कमाए. कहां गए वो. जिसका हक है, जो रात-दिन अपने पसीने से देश को सींचता है, उसको क्यों नहीं दिया पैसा. वही किसान प्रताड़ित होकर अपनी समस्या लेकर आपके पास आया तो उसकी बात क्यों नहीं सुनी."
उन्होंने महापंचायत में कहा कि तीन काले कानून जो सरकार ने निकाले हैं, उनका सार तो आप जानते ही होंगे. उसपर आपकी कोई सुनवाई नहीं होगी. आप एसडीएम के पास जा सकते हैं, उसके ऊपर के अधिकारी के पास जा सकते हैं लेकिन अदालत नहीं जा सकते आप. अपने हक की लड़ाई नहीं लड़ सकते

पुरानी कहानियों में अंहकारी राजा होते थे. जैसे-जैसे उनकी सत्ता बढ़ती जाती थी, वे अपने महलों में बंद होते जाते थे. ऐसा लग रहा है कि हमारे प्रधानमंत्री जी वैसे ही अहंकारी राजा बन गए हैं. उनको ये समझ में नहीं आ रहा है कि जो जवान किसान का बेटा है, उस जवान का आदर करना चाहिए.

देश भर का किसान कह रहा है, इस कानून का वापस ले लीजिए, क्यों नहीं ले रहे हैं? आज मैं जिस धरती पर खड़ी हूं, वह पवित्र धरती है, कई सारे आंदोलन यहां से शुरू हुए हैं. मेरे पिताजी राजीव गांधी जी की सरकार थी. 50 हजार किसान दिल्ली आए. पर वे मायूस होकर नहीं गए, उनकी मांगें पूरी कीं. मैं आपसे कहना चाहता हूं मैं भी खुद्दार हूं. मैं भी कभी आपके साथ गद्दारी नहीं कर सकती, आपको मुंह दिखाने नहीं आई, पहले भी आई थी. जब आप संकट में होंगे मैं आती रहूंगी. मैं आपसे कहने आई हूं आप पीछे मत हटिए, ये सरकार मजबूर होगी. ये निर्बल सरकार है.
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