रिया हत्‍याकांड: पिता के लिए सीने पर गोली खाने वाली बहादुर बेटी को मिला न्‍याय, तीनों दोषियों को उम्र कैद

रिया ने पिता को बचाते हुए अपने सीने पर गोली खाई थी. बाद में रिया को मरणोपरांत बाल वीरता अवार्ड से सम्‍मानित किया गया था.

News18 Uttar Pradesh
Updated: June 13, 2019, 9:09 PM IST
रिया हत्‍याकांड: पिता के लिए सीने पर गोली खाने वाली बहादुर बेटी को मिला न्‍याय, तीनों दोषियों को उम्र कैद
रिया हत्याकांड में दोषियों को मिली सजा
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Updated: June 13, 2019, 9:09 PM IST
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के चर्चित रिया हत्‍याकांड में अदालत ने 5 साल के बाद अपना फैसला सुनाया. एडीजे कोर्ट (फर्स्‍ट) ने तीनों दोषियों रोहताश, सुनील और ललित को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. विभिन्‍न धाराओं में दोषी करार दिए गए तीनों पर 3.95 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है. रिया ने पिता को बचाते हुए अपने सीने पर गोली खाई थी. बाद में रिया को मरणोपरांत बाल वीरता अवार्ड से सम्‍मानित किया गया था. 10 मार्च, 2014 को भोराकला थाना क्षेत्र के गांव मुंडभर (मुजफ्फरनगर जिला) में रिया की हत्‍या कर दी गई है.

10 मार्च 2014 की वह मनहूस सुबह


पांच साल पहले 10 मार्च, 2014 को सुबह तकरीबन सात बजे सुरेशपाल अन्‍य परिजनों के साथ अपने घर में बैठे हुए थे. जमीन के विवाद को लेकर बातचीत हो रही थी. इसी बीच, हमलावर धारदार हथियार और तमंचा लेकर वहां पहुंच गए. इनमें से एक हमलावर ने रिया के पिता सुरेशपाल पर तमंचा तान दिया था. स्थिति को भांपते हुए रिया ने पिता को वहां से पीछे कर खुद आगे आ गई. इस दरम्‍यान हमलावरों ने गोली चला दी थी जो रिया के सीने में जा लगी थी. इस हमले में सुरेशपाल तो बच गए, लेकिन रिया की जान चली गई थी.

मेधावी छात्रा थी रिया

रिया एक होनहार छात्रा थी. वह अपने दादा डॉ. आरएस वर्मा की तरह प्रोफेसर बनना चाहती थी. हाईस्‍कूल की परीक्षा में उसने 96 प्रतिशत अंक हासिल किए थे. रिया ने स्‍कूल में टॉप भी किया था. मरणोपरांत उसे कई पुरस्‍कार भी दिए गए. तत्‍कालीन राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने रिया को मरणोपरांत बाल वीरता पुरस्‍कार से नवाजा था.

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