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Muzaffarnagar: भाई-बहन बने आवारा कुत्तों के मसीहा, जानें कैसे करते हैं मदद?

मुजफ्फरनगर के रहने वाले सुमित सैनी और साक्षी सैनी पिछले चार साल से बेजुबान आवारा कुत्तों व उनके बच्चों की देखरेख करते ह ...अधिक पढ़ें

    रिपोर्ट: अनमोल कुमार

    मुजफ्फरनगर. वैसे तो आज के दौर में कुत्ते पालने का शौक ज्यादातर सभी लोगों को है. कुत्ता एक वफादार जानवर भी है. कुछ कुत्ते ऐसे भी होते हैं, जो आवारा होते हैं और जिनका कोई ख्याल रखने वाला नहीं होता. आज हम आपको एक ऐसे भाई-बहन से रूबरू कराएंगे, जो 4 सालों से आवारा कुत्तों और उनके बच्चों का इलाज कर रहे हैं. जहां भी इन भाई बहन को कोई घायल कुत्ता या उसका बच्चा नजर आता है, तो वह तुरंत ही उसको उठाकर डॉक्टर के पास ले जाते हैं और उसका इलाज कराते हैं.

    कुत्ते की देखरेख करने वाले सुमित सैनी ने बताया कि 4 सालों से मैं और मेरी बहन साक्षी सैनी बेजुबान आवारा कुत्तों व उनके बच्चों की देखरेख करते हैं. हमें जो भी कुत्ता या कुत्ते का बच्चा कहीं भी घायल अवस्था में पड़ा मिलता है, तो हम दोनों भाई बहन उसका इलाज कराते हैं और उसकी अच्छे से देखरेख करते हैं. उनका कहना है कि मेरी मां भी समाजसेवी हैं. उन्हीं से प्रेरणा लेकर हम दोनों भाई बहन भी बेजुबान जानवरों की मदद करते हैं. अभी तक हमारे द्वारा लगभग 100 से भी अधिक कुत्तों और उनके बच्‍चों का इलाज कराया जा चुका है.

    बेजुबान जानवरों की करनी चाहिए मदद
    सुमित सैनी ने जनता से अपील करते हुए कहा कि सभी लोगों को इन बेजुबान जानवरों से भी प्रेम करना चाहिए. यह जानवर हमें अपने दुख के बारे में तो बता नहीं सकते. अपनी पीड़ा को दर्शा नहीं सकते, इसलिए अगर किसी भी व्यक्ति को कोई भी जानवर घायल अवस्था में मिलता है तो वह उसे नजरअंदाज न करें. उसे तुरंत ही डॉक्टर के पास लेकर जाएं और उसका इलाज कराएं.

    Tags: Attack of stray dogs, Muzaffarnagar news

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