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action on illegal colony land worth 50 crores by greater noida and yamuna authority jewar airport dlnh

इस तरह का विज्ञापन देकर बेच रहे थे 50 करोड़ की जमीन, चला सरकारी डंडा

वहीं एयरपोर्ट का नाम लेकर फ्रॉड तरीके से जमीन भी बेची जा रही है. ऐसा ही एक मामला ग्रेटर नोएडा के दनकौर में सामने आया है. Demo Pic

वहीं एयरपोर्ट का नाम लेकर फ्रॉड तरीके से जमीन भी बेची जा रही है. ऐसा ही एक मामला ग्रेटर नोएडा के दनकौर में सामने आया है. Demo Pic

दनकौर बाईपास के नजदीक 35 बीघा जमीन पर अवैध तरीके से कालोनी बसाई जा रही थी. यमुना अथॉरिटी (Yamuna Authority) का दावा है कि यह जमीन उसकी है. इसी के चलते बुधवार को अथॉरिटी ने पुलिस (Police) और प्रशासन की मदद से बुलडोजर (Buldpzar) चलवाकर जमीन को खाली कराया. इस दौरान किसानों और अफसरों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई. जमीन (Land) की मौजूदा कीमत 50 करोड़ रुपये बताई जा रही है.

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    ग्रेटर नोएडा. जेवर एयरपोर्ट (Jewar Airport) का काम शुरू होते ही नोएडा (Noida), जेवर और ग्रेटर नोएडा में जमीनों के रेट को पंख लग गए हैं. वहीं एयरपोर्ट का नाम लेकर फ्रॉड तरीके से जमीन भी बेची जा रही है. ऐसा ही एक मामला ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) के दनकौर में सामने आया है. यहां 50 करोड़ रुपये कीमत की जमीन को अवैध तरीके से बेचने का मामला सामने आया है. जमीन यमुना अथॉरिटी की बताई जा रही है. बुधवार को अथॉरिटी ने कार्रवाई करते हुए सभी अवैध निर्माण गिरा दिए. जमीन को अपने कब्जे में ले लिया. लेकिन अथॉरिटी की कार्रवाई के दौरान हाईकोर्ट (High Court) में इस मामले से जुड़ी एक याचिका दाखिल हो गई. जिसके चलते यमुना अथॉरिटी (Yamuna Authority) को अपनी कार्रवाई रोकनी पड़ी.

    जेवर पास मिल रही सस्ती का विज्ञापन देकर बेच रहे थे

    यमुना अथॉरिटी से जुड़े अफसरों की मानें तो सोशल मीडिया और अखबारों में विज्ञापन दिए जा रहे थे. विज्ञापन बताया जा रहा था कि जेवर एयरपोर्ट और फिल्म सिटी के पास सस्ती जमीन खरीदने के मौके का फायदा उठाएं. इसी के चलते इस जमीन पर लगातार प्लाट काटे जा रहे थे. जमीन पर कुछ घर भी बना लिए गए थे. बहुत सारे लोगों ने यहां प्लाट खरीद लिए थे.

    जबकि अथॉरिटी लगातार चेतावनी जारी कर रही थी कि लोग भू-माफियाओं के झांसे में न आएं. अथॉरिटी की ओर से नोटिस भी जारी किए गए थे. जमीन गैरकानूनी तरीके से बेची जा रही है. जबकि स्थानीय किसानों का दावा है कि यह जमीन आबादी की है. सेटेलाइट सर्वे में भी यह बात साबित हो चुकी है. अथॉरिटी के नोटिस का जवाब भी दिया जा चुका है.

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    इधर कार्रवाई चल रही थी, उधर हाईकोर्ट से खबर आ गई

    यमुना अथॉरिटी ने 50 करोड़ की जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए 15 दिन पहले से प्लान बनाना शुरू कर दिया था. साथ ही प्लान को बेहद गोपनीय रखा गया था. लेकिन बुधवार को जब जमीन पर कार्रवाई चल रही थी तो अथॉरिटी के अफसरों के पास हाईकोर्ट से अथॉरिटी के वकील का फोन आ गया. वकील का कहना था कि किसानों ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी है. इसके चलते कार्रवाई को रोकना पड़ेगा. इसके बाद ही कार्रवाई को बीच में रोक दिया गया. लेकिन साथ ही प्लान लीक होने की जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं. जांच का जिम्मा एसीईओ मोनिका रानी को दिया गया है.

    Tags: Jewar airport, Land mafia, Yamuna Authority

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