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Asian Wrestling Championship: पढ़ाई के साथ कुश्‍ती की तैयारी, ऐसे नोएडा के अखाड़े से निकले नरसिंह ने जीता मेडल

Asian Wrestling Championship: पढ़ाई के साथ कुश्‍ती की तैयारी, ऐसे नोएडा के अखाड़े से निकले नरसिंह ने जीता मेडल

Asian Wrestling Championship 2022: उत्तर प्रदेश के नोएडा के अखाड़े से निकलकर नरसिंह पाटिल ने विश्व में अपना नाम कमाया है. उन्‍होंने किर्गिजस्तान में आयोजित एशियन कुश्ती चैम्पियनशिप में ब्रॉन्‍ज मेडल अपने नाम किया है. वह अपनी पढ़ाई के साथ कुश्‍ती में हाथ आजमा रहे हैं.

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रिपोर्ट- आदित्य कुमार

नोएडा. पुराने जमाने में कहा जाता था ‘खेलोगे कूदोगे तो बनोगे खराब, लिखोगे पढ़ोगे तो होंगे नवाब’ समय के साथ ये कहावत पुरानी हो चुकी है. अब खेलने कूदने वाले भी दुनिया में अपना नाम कमा रहे हैं. उत्तर प्रदेश के नोएडा के अखाड़े से निकलकर नरसिंह पाटिल ने विश्व में अपना नाम कमाया है. उन्‍होंने किर्गिजस्तान में आयोजित एशियन कुश्‍ती चैंपियनशिप 2022 में (Indian Under-17 wrestling freestyle) में ब्रॉन्‍ज मेडल जीता है.

मूलतः महाराष्ट्र के रहने वाले नरसिंह नोएडा में रहकर कुश्ती की ट्रेनिंग ले रहे हैं. यहीं से कुश्ती के गुण सीखकर किर्गिजस्तान में आयोजित एशियन कुश्‍ती चैंपियनशिप 2022 में गए और ब्रॉन्‍ज मेडल जीतकर लाए हैं. नरसिंह पाटिल बताते हैं कि वह आठ साल की उम्र से कुश्ती सीख रहे हैं और नोएडा के सेक्टर 73 स्थित सुखबीर पहलवान के अखाड़े में पिछले चार साल से ट्रेनिंग ले रहे हैं. वह बताते हैं कि कॉम्पिटिशन बहुत मुश्किल था. मेरा पहला मुकाबला मंगोलिया के पहलवान से था जिसे मैंने 10-0 से हराया था. दूसरा मैच मेरा कजाकिस्तान से हुआ जिसमें मैं 6-10 से हार गया था. तीसरा मैच जो था वो करो या मरो जैसी स्थिति थी, इसमें मुझे किसी भी हाल में जीतना ही था. इस मैच को मैंने कोरिया के पहलवान के साथ खेला था जिसे 10-0 से हराया था.

स्कूल के साथ साथ की कॉम्पिटिशन की तैयारी
नरसिंह बताते हैं कि मैंने 51 किलोग्राम कैटेगरी में खेला था. साथ ही कहा कि मुझे अपनी 12वीं की पढ़ाई भी पूरी करनी है और खेलना भी है. इसलिए मैं सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई करने के बाद ट्रेनिंग लेता था. नरसिंह के नोएडा के कोच सुखबीर पहलवान बताते हैं कि नरसिंह पाटिल मेहनती और अपने कार्य के प्रति ईमानदार है. यहां सीखने आया था तो मुझे इसके अंदर खेल के प्रति जुनून देखने को मिला था. वो बताते हैं कि बच्चों को पांच साल की उम्र से ही कुश्ती की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए. अगर कोई हमसे संपर्क करना चाहते हैं तो नोएडा के सेक्टर 73 स्थित सुखबीर पहलवान के अखाड़े में आ सकते हैं.

Sukhbir Akhada sarfabad

Tags: Noida news, Wrestling

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