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builder are returning rupees to buyers after order of up rera due to incomplete and late project dlnh

यूपी रेरा के आदेश पर दो खरीदारों को मिली 4.73 करोड़ की राहत, जानें कैसे

देर से सही, लेकिन अब प्रोजेक्ट में देरी होने पर भी यूपी रेरा के दखल के बाद बिल्डर पूरा पैसा मय ब्याज के लौटा रहे हैं. Demo Pic

देर से सही, लेकिन अब प्रोजेक्ट में देरी होने पर भी यूपी रेरा के दखल के बाद बिल्डर पूरा पैसा मय ब्याज के लौटा रहे हैं. Demo Pic

यूपी रेरा (UP RERA) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक वो अभी तक 1800 मामलों में 285 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम वापस दिला चुकी है. इतना ही नहीं रेरा की पहल पर ही नोएडा-ग्रेटर नोएडा (Noida-Greater Noida) में बकाया जमा न करने पर दर्जनों बिल्डर (Builder) की प्रापर्टी सीज कर आनलाइन नीलाम (Online Occasion) करने की प्रक्रिया चल रही है. अभी तक रेरा करीब 600 करोड़ की आरसी जारी कर चुकी है. आरसी के आधार पर ही प्रशासन ने करीब 500 करोड़ रुपये की संपत्ति को कुर्क किया है.

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    नोएडा. यूपी भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (UP RERA) फ्लैट-प्लाट खरीदारों (Flat-Plot Buyers) के लिए राहत का रास्ता बनता जा रहा है. देर से सही, लेकिन अब प्रोजेक्ट में देरी होने पर भी यूपी रेरा के दखल के बाद बिल्डर (Builder) पूरा पैसा मय ब्याज के लौटा रहे हैं. ऐसे ही दो अलग-अलग मामलों में खरीदारों को करोड़ों रुपये की रकम वापस मिली है. ऐसा दावा किया जा रहा है कि यह पहला मौका है जब व्यक्तिगत तौर पर किसी को प्रापर्टी (Property) मिलने में देरी होने पर 2-2 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम वापस मिली है.

    दो खरीदारों को ऐसे वापस मिले 4.73 करोड़ रुपये 

    यूपी रेरा के पीआरओ रीतेश सिंह ने बताया, गौतमबुद्ध नगर के आवेश भटनागर की ओर से नोएडा के सेक्टर-32 में 2 यूनिट बुक कराई गईं थी. लेकिन प्रोमोटर द्वारा एग्रीमेन्ट फॉर सेल और बीबीए के अनुसार आवेश को कब्जा देने में देरी की गई. कई बार आवेद ने प्रमोटर से संपर्क किया. लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला. इसके बाद आवेश ने यूपी रेरा में गुहार लगाई. जहां फैसला आवेश के पक्ष में गया और प्रशासन की मदद से रिकवरी सर्टिफिकेट जारी होते ही आवेश को 2.28 करोड़ रुपये की रकम मय ब्याज के वापस मिल गई.

    इसी तरह से लखनऊ की रहने वालीं राजेश्वरी देवी ने लखनऊ में एक बड़े प्रमोटर के यहां विला बुक कराया था. लेकिन 10 साल बाद भी प्रमोटर विला नहीं दे सका. हर बार एक नया टाइम दे देता. प्रोजेक्ट भी पूरा नहीं था. जिस पर राजेश्वरी ने यूपी रेरा में शिकायत दर्ज कराई. यहां भी रेरा में हुई सुनवाई राजेश्वरी के पक्ष में गई. इस सुनवाई के बाद लखनऊ प्रशासन ने रिकवरी सर्टिफिकेट जारी किया. इसके बाद प्रमोटर ने राजेश्वरी को 2.45 करोड़ रुपये की रकम ब्याज के साथ वापस कर दी.

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    यूपी रेरा की पहल पर ही 600 करोड़ के फ्लैट-विला होने हैं नीलाम

    नोएडा और ग्रेटर नोएडा में साल 2021 में 40 बिल्डर्स की करीब 600 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति को सीज किया था . सीज संपत्ति में 350 फ्लैट, 6 प्लाट, 35 दुकानें और 69 लग्जरी विला बताए जा रहे हैं. इसमें शॉप्रिक्स मॉल की जब्त की गई दुकानें भी शामिल हैं. प्रशासन के मुताबिक सभी विला और दुकानों के साथ ही बकाएदार 40 बिल्डरों की जब्त संपत्ति भी नीलाम की जाएगी. ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी से जुड़े अफसरों की मानें तो पहले फेज में 24 बिल्डरों की 153 प्रापर्टी को नीलाम कर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया वसूला जाना है.

    Tags: Lucknow city, Noida news, Online Sale, UP RERA

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