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नोएडा प्राधिकरण की जमीन पर कब्जा करने वाले बिल्डरों और भू-माफियाओं पर केस

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 5, 2019, 7:09 AM IST
नोएडा प्राधिकरण की जमीन पर कब्जा करने वाले बिल्डरों और भू-माफियाओं पर केस
नोएडा विकास प्राधिकरण की जमीन पर किया गया अवैध निर्माण.

गढ़ी चौखंडी में नोएडा विकास प्राधिकरण (Noida Development Authority) की जमीन पर अवैध कब्जा कर बिल्डिंग बनाकर बेचने का मामला, प्राधिकरण पर सैकड़ों किसानों के धरने का नेतृत्व कर रहे सुखवीर खलीफा पर भी एफआईआर दर्ज की गई है. 

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नोएडा. नोएडा विकास प्राधिकरण (Noida Development Authority) की गढ़ी चौखंडी में स्थित जमीन पर कब्जा करने वाले बिल्डरों (Builders) और भू-माफियाओं (land mafias) पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है. इन भू-माफियाओं और बिल्डरों ने बगैर नक्शा पास कराए बहुमंजिला इमारत बनाकर उसके फ्लैट लोगों को बेच दिए. प्राधिकरण ने  21 मामलों में कई भूमाफियाओं और बिल्डरों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है. पुलिस से इन भूमाफियाओं के खिलाफ गैंगेस्टर और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत करवाई की मांग की है.

प्राधिकरण के अधिकारियों ने कहा है कि साजिश के शिकार हुए  किसान नोएडा प्राधिकरण के कार्यालय पर प्रदर्शन कर रहे हैं. साथ ही भूमाफियाओं पर  किसानों को गुमराह कर  इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया है.  एसपी क्राइम नोएडा अशोक कुमार सिंह ने बताया कि प्राधिकरण की  शिकायत के आधार पर नोएडा पुलिस ने 21 मामलों में FIR दर्ज की है.

कई भूमाफिया ऐसे भी हैं, जो पहले भी जेल जा चुके हैं
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे सुखवीर पहलवान पर प्राधिकरण के ओएसडी एमपी सिंह ने गंभीर आरोप लगाया है. उन्होंने  कहा है कि प्राधिकरण की जमीन को अवैध तरीके से बेचने वाले भूमाफियाओं के साथ सुखवीर खलीफा गैंग बनाकर उन्हें बचाने के लिए प्राधिकरण पर दबाब बनाता है. प्राधिकरण द्वारा 2016 में सील अवैध  निर्माण को भूमाफियाओं ने तोड़ कर फिर खरीद-फरोख्त शुरू कर दी. इसके बाद प्राधिकरण ने  FIR दर्ज कराई है. इनमें कई भूमाफिया ऐसे भी हैं, जो पहले भी जेल जा चुके हैं.

प्राधिकरण ने सभी भवनों और दुकानों को 2017 में कर दिया था सील
नोएडा प्राधिकरण ने 2006 में गढ़ी चौखंडी की जमीन का अधिग्रहण धारा 4/17 के तहत किया था. इसके बाद से प्राधिकरण का इस जमीन पर कब्ज़ा था, लेकिन आरोपियों ने कुछ बिल्डरों के साथ मिलकर उस जमीन को बेच दिया और फिर उस पर अवैध निर्माण शुरू कर दिया. निर्माण की जानकारी मिलते ही प्राधिकरण ने सभी भवनों और दुकानों को 2017 में सील कर दिया था और कई भूमाफियाओं और बिल्डरों के खिलाफ 2017 में एफआईआर दर्ज कराई थी. इसके बाद आरोपियों ने बिल्डर के साथ मिलकर सीलिंग तोड़कर प्राधिकरण के कुछ अधिकारियों को अपने साथ मिलाकर गुपचुप तरीके से काम शुरू कर दिया. इसके बाद प्राधिकरण को जानकारी हुई तो उसने सुखवीर पहलवान उर्फ खलीफा समेत 21 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करा दी.

2006 से अब तक 28 लोगों के खिलाफ दर्ज हो चुकी है FIR
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प्राधिकरण के ओएसडी एमपी सिंह ने ये भी बताया कि प्राधिकरण की  अरबों रुपए की जमीन मासूम लोगों को बेचकर ठगने वाले बिल्डरों के खिलाफ जब कार्रवाई की जा रही है तो  बिल्डर कुछ किसानों को बरगलाकर प्राधिकरण के खिलाफ आंदोलन  करवा रहे हैं. वहीं प्राधिकरण की मानें तो 2006 से अब तक 28 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हो चुकी है.

इन बिल्डरों पर दर्ज की गई है एफआईआर
जिन बिल्डरों पर एफआईआर दर्ज की गई है उनके नाम हैं- साईं धाम इंफ्रा प्रोजेक्ट (लवी कुमार),  फ्लोरेंस बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड (मनीष कुमार गोयल), फ्लोरेंस बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड (अमित गोयल), अरीज कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड (अख्तर राशिद), अनंत एसोसिएट (राजकुमार गर्ग), साई होम्स इंफ्राटेक (अरविंद कुमार वत्स), एडोब इंजीनियर्स (निसात अफरोज), जिंदल इंफ्राटेक (नरेश चंद्र अग्रवाल), डब्ल्यूटीसी बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड (विवेक कुमार सिंह), लेबीटेट कंस्ट्रक्शन (राजकुमार अरोड़ा), आसियाना बिल्ड सिटी (कुलदीप सिंह भंडारी), ओम क्रांस इंजीनियरिंग (अरुण कुमार), शुभ होम्स (अतुल बिंदल), साईं दृष्टि होम्स (सत्येंद्र), साईं दृष्टि होम्स (विजय कुमार वत्स), साईं दृष्टि होम्स (विशन स्वरूप अग्रवाल), डी हाइट्स डेवलपर्स (राजेंद्र सिंह रावत), मेसर्स आवास होम्स (सुशील कुमार मिश्रा), मान प्रापर्टीज एंड डेवलपर्स (जसवीर मान), मार्शल बिल्डकॉन (कमर आलम), मेसर्स वीएन प्रापर्टीज (सूरज सिंह यादव), रायल शेप इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड (रिंकू डेविड), मेसर्स गर्ग इलेक्ट्रॉनिक्स (सचिन गर्ग), प्रानावर्ज डेवलपर्स (धर्मेंद्र कुमार) आदि.

रिपोर्ट - कुणाल जायसवाल

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First published: November 5, 2019, 4:12 AM IST
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