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Noida News: नोएडा-ग्रेटर नोएडा में रहने आ रहे हैं तो दिखानी होंगी यह दो रिपोर्ट

गौतम बुद्ध नगर में आने के लिए आरटी पीसीआर की रिपोर्ट और वैक्सीन सर्टिफिकेट अनिवार्य कर दिया गया है. file photo

गौतम बुद्ध नगर में आने के लिए आरटी पीसीआर की रिपोर्ट और वैक्सीन सर्टिफिकेट अनिवार्य कर दिया गया है. file photo

Noida News: तीन दिन पहले ही यूपी (UP) के सबसे ज्यादा केस गौतम बुद्ध नगर (Gautam Budh Nagar) जिले में मिले थे. हालांकि जिस तेजी से केस आ रहे हैं उतनी ही तेजी से ठीक भी हो रहे हैं.

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नोएडा. कोरोना (Corona) की तीसरी लहर का खौफ़ और गौतम बुद्ध नगर में बढ़ते केस के चलते प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है. अगर कोई दूसरे शहर या राज्य से नोएडा-ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) में रहने आ रहा है तो उसे कोरोना से जुड़ी दो रिपोर्ट दिखानी होंगी. इसी के बाद उसे रहने दिया जाएगा. अगर कोई इन दो रिपोर्ट के बिना गौतम बुद्ध नगर (Gautam Budh Nagar) में रहता हुआ मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. जिले में कोरोना के बढ़ते केस को देखते हुए यह अलर्ट जारी किया गया है. अभी तीन दिन पहले ही यूपी (UP) के सबसे ज्यादा केस इसी जिले में मिले थे. हालांकि जिस तेजी से केस आ रहे हैं उतनी ही तेजी से ठीक भी हो रहे हैं.

गौतम बुद्ध नगर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि अगर कोई गौतम बुद्ध नगर में रहने आ रहा है तो उसके लिए सबसे पहले तो यह जरूरी है कि उसने वैक्सीनेशन कराया हो. उसके पास वैक्सीन लगवाने का सर्टिफिकेट हो. वहीं आने वाला इंसान कोरोना पॉजिटिव नहीं है इसके लिए उसके पास तीन दिन पहले की आरटी-पीसीआर जांच की रिपोर्ट होनी भी जरूरी है.

जिले में अलर्ट की गई हैं निगरानी समितियां
गौतम बुद्ध नगर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने बाहर से नोएडा-ग्रेटर नोएडा में रहने के लिए आने वालों की निगरानी शुरु कर दी है. इसके लिए सोसाइटी, सेक्टर और गांवों में निगरानी समितियां अलर्ट कर दी गई हैं. इन निगरानी समितियों का काम यह होगा कि जैसे ही उनके इलाके में कोई नया शख्स रहने आता है तो यह लोग उसकी सूचना नजदीकी प्रशासन को देंगे. इसके बाद आने वाले शख्स के सर्टिफिकेट और रिपोर्ट की जांच की जाएगी.

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गुरुवार को आए थे सबसे ज्यादा 9 केस
जानकारों की मानें तो बीते गुरुवार को यूपी में कोरोना के सबसे ज्यादा 9 केस गौतम बुद्ध नगर जिले में मिले थे. गुरुवार को गौतम बुद्ध नगर में कोरोना पॉजिटिव केस की संख्या 63205 हो गई थी. जिसमें से 62702 ठीक हो चुके थे. वहीं 36 एक्टिव केस जिले में अभी मौजूद थे.

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Suspicious death: मठ पहुंचने से पहले अनुराग संत ने रास्ते से की थी आनंद गिरी से बात

महंत आनंद गिरी ने अनुराग संत से कहा था मठ जल्दी और ज्यादा लोगों को लेकर पहुंचो.

Mahant Death Mystery : महंत आनंद गिरी के करीबी अनुराग संत पुलिस से पहले मठ पहुंच चुके थे. मठ पहुंचने से पहले रास्ते से उन्होंने आनंद गिरी से बात की थी और आनंद गिरी ने उन्हें जल्दी और ज्यादा लोगों को लेकर पहुंचने को कहा था.

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नोएडा. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की आत्महत्या के मामले में आनंद गिरी के एक करीबी के नाम की चर्चा बार-बार होती रही है कि वह पुलिस से पहले ही बाघम्बरी मठ पहुंच चुका था. यह शख्स महंत नरेंद्र गिरी की मौत के बाद बनाए गए वीडियो में मौजूद है. आनंद गिरी के इस करीबी का नाम है अनुराग संत.

न्यूज18 के संवाददाता से अनुराग संत ने बताया कि मठ में रहने वाले छात्र अभिजीत ने उन्हें महंत नरेंद्र गिरी के फांसी लगाने की सूचना दी थी. इस सूचना के बाद वह सिविल लाइन से पुलिस के पहुंचने से पहले ही घटनास्थल पर पहुंच चुके थे. अनुराग संत के मुताबिक मठ जाते समय उनकी बात आनंद गिरी से भी हुई थी. आनंद गिरी ने अनुराग संत से कहा था कि जल्दी पहुंचो और ज्यादा लोगों के साथ पहुंचो. नरेंद्र गिरी की मौत के बाद सवाल यह भी उठा है कि आनंद गिरी के करीबी का महंत नरेंद्र गिरी की मौत से क्या कनेक्शन है. हालांकि अनुराग संत इसे सामान्य घटना बता रहे हैं. अनुराग संत का दावा है कि महंत नरेंद्र गिरी और आनंद गिरी के बीच हुआ विवाद अब खत्म हो गया था.

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इससे पहले आज ही महंत नरेंद्र गिरी के वकील महादेव द्विवेदी ने बताया कि मठ के संपत्ति को लेकर एक विवाद पहले से चल रहा है. वकील के मुताबिक, महंत विचारानंद गिरी की मौत के बाद ही मठ की संपत्ति को लेकर विवाद शुरू हो गया था. तब शिवानंद गिरी ने मठ का उत्तराधिकारी घोषित करने की मांग थी. यह मामला पहले सिविल कोर्ट में दाखिल किया गया था. लेकिन शिवानंद गिरी ने कोर्ट फीस जमा नहीं कर पाए थे तो उनका दावा खारिज कर दिया गया था. हालांकि बाद में हाईकोर्ट जाने पर अदालत ने कोर्ट फीस जमा करने का मौका दिया, लेकिन शिवानंद गिरी फीस नहीं जमा कर पाए. आज भी यह मुकदमा जिला कोर्ट प्रयागराज में चल रहा है.

यमुना एक्सप्रेसवे से सीधे जेवर एयरपोर्ट के टर्मिनल तक पहुंचेंगी गाड़ियां, नहीं जाना होगा परी चौक

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का सपना ग्वालियर एयरपोर्ट को नंबर 1 बनाना है. (सांकेतिक फोटो)

Jewar Airport News: ऐसा दावा है कि जेवर एयरपोर्ट एशिया का पहला और विश्व का चौथा बड़ा और ज्यादा सुविधाओं वाला एयरपोर्ट होगा. छोटे-बड़े सभी वाहन आसानी से एयरपोर्ट पहुंच सकें, ऐसा बन रहा है प्लान.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 24, 2021, 18:12 IST
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नोएडा. यमुना एक्सप्रेस वे से होकर जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट जाने के लिए वाहनों को परी चौक की तरफ नहीं आना होगा. वाहन छोटा हो या बड़ा एक्सप्रेस वे से सीधे ही एयरपोर्ट के टर्मिनल तक पहुंच जाएंगे. यात्रियों को ट्रैफिक से बचाने के लिए कुछ ऐसा ही प्लान बनाया गया है. इस प्लान में एयरपोर्ट बनाने वाली कंपनी समेत नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया भी शामिल है. इस प्लान पर 50 करोड़ रुपए का खर्च आएगा. ऐसा दावा है कि जेवर एयरपोर्ट एशिया का पहला और विश्व का चौथा बड़ा एयरपोर्ट होगा. रनवे पर भी ट्रैफिक के चलते फ्लाइट लेट न हों इसके लिए टनल्स बनाने की योजना है.

जानकारों की मानें तो यमुना एक्सप्रेस वे को जेवर एयरपोर्ट के टर्मिनल से जोड़ने के लिए एलिवेटेड रोड बनाया जाएगा. एलिवेटेड रोड का निर्माण एनएचएआई करेगी. 750 मीटर लम्बे एलिवेटेड रोड की लागत करीब 50 करोड़ रुपये आने का अनुमान है.

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एलिवेटेड रोड को एक्सप्रेस वे से जोड़ने के लिए एक्सप्रेसवे पर इंटरचेंज बनाए जाएंगे. दो इंटरचेंज अप के लिए और दो डाउन के लिए बनाए जाएंगे. यह इंटरचेंज नोएडा की तरफ से आगरा की ओर चलने पर 32 किमी के पाइंट पर बनाए जाएंगे.

यात्रियों और लॉजिस्टिक्स एरिया के लिए अलग गेट

भीड़ को कंट्रोल करने के लिए जेवर एयरपोर्ट के निर्माण में ख़ास ख्याल रखा जा रहा है. यात्रियों और लॉजिस्टिक्स एरिया के लिए अलग-अलग एंट्री और एग्जिट गेट दिए जा रहे हैं. यात्रियों के लिए एंट्री और एग्जिट गेट यमुना एक्सप्रेस वे की तरफ बनाए जा रहे हैं. यात्रियों के सभी तरह के वाहन एक्सप्रेस की ओर से आएंगे. वहीं लॉजिस्टिक्स एरिया के लिए एंट्री और एग्जिट गेट पूर्व की दिशा में बनाए जाएंगे. एयरपोर्ट में एंट्री और एग्जिट के दौरान किसी भी तरह ट्रैफिक जाम की परेशानी से न जूझना पड़े, इसके लिए यह प्लान बनाया गया है.

Noida News: यात्रियों को लेने-छोड़ने घर और ऑफिस तक आएगी मेट्रो रेल की बस!, जानिए क्या है प्लान

नोएडा मेट्रो की बस आपको घर-ऑफिस से लेकर स्टेशन तक आएगी.

एक्वा मेट्रो (Aqua Metro) लाइन के घाटे को देखते हुए यह प्रस्ताव तैयार किया गया है. उम्मीद है कि जल्द ही बस सर्विस (Bus Service) के प्रस्ताव पर मुहर लग जाएगी.

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  • LAST UPDATED : September 24, 2021, 14:23 IST
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नोएडा. हर रोज नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) की एक्वा लाइन से सफर करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है. आने वाले वक्त में नोएडा मेट्रो (Noida Metro) की बस आपको घर8-ऑफिस से लेकर स्टेशन तक आएगी. इतना ही नहीं रात की लास्ट मेट्रो के यात्रियों को उनके घर भी छोड़ेगी. एनएमआरसी की बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया है. एक्वा मेट्रो (Aqua Metro) लाइन के घाटे को देखते हुए यह प्रस्ताव तैयार किया गया है. उम्मीद है कि जल्द ही बस सर्विस (Bus Service) के प्रस्ताव पर मुहर लग जाएगी.

20 हजार यात्री सफर करते हैं नोएडा मेट्रो से

मौजूदा वक्त में हर रोज करीब 20 हजार यात्री मेट्रो से सफर करते हैं. यात्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए भी यह प्रस्ताव बनाया गया है. गुरुवार को हुई एनएमआरसी की बैठक में यह जानकारी दी गई. बैठक के दौरान ही बताया गया कि इस वक्त नोएडा मेट्रो 10 हजार करोड़ रुपये के घाटे में चल रही है. इस घाटे की भरपाई के लिए भी कई अहम बिन्दुओं पर बैठक के दौरान चर्चा की गई. इसी को ध्यान में रखकर मेट्रो स्टेशन से नोएडा के सभी सेक्टर और सेक्टर से स्टेशन तक बस चलाने की योजना बनाई गई है.

छोटी बसें चलेंगी मेट्रो स्टेशन से सेक्टर और वर्क प्लेस तक

एनएमआरसी का प्लान है कि योजना के तहत छोटी बसें चलाई जाएंगी. यही बसें सुबह यात्रियों को सेक्टर्स से लेकर मेट्रो स्टेशन छोड़ेंगी. इसी तरह से शाम को वर्क प्लेस वाले एरिया से बसें यात्रियों को लेकर मेट्रो स्टेशन तक आएंगी. अच्छी बात यह है कि अगर लास्ट मेट्रो रात 11 बजे की है तो उस वक्त भी बस सर्विस चालू रहेगी और यात्रियों को उनके सेक्टर तक छोड़ने जाएगी.

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25 स्टेशन का है एक्वा लाइन मेट्रो रूट

जानकारों की मानें तो नोएडा एक्वा मेट्रो लाइन का रूट 30 किमी का है. इस रूट पर 25 स्टेशन हैं. सभी स्टेशन पर बस सर्विस का फायदा यात्रियों को मिलेगा. यह रूट नोएडा सेक्टर-51 से शुरु होकर ग्रेटर नोएडा तक जाता है. 32 महीने पुरानी इस लाइन पर 2682 करोड़ रुपये की लागत आई थी.

पुराने, प्रदूषणकारी वाहनों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए गुरुग्राम पुलिस ने शुरू किया अभियान, जानिए इसके बारे में..

गुरुग्राम पुलिस करेगी प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के प्रति जागरूक.

गुरुग्राम और फरीदाबार सहित हरियाणा के 14 जिले एनसीआर के अंतर्गत आते हैं, जिनमें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार 15 साल पुराने पेट्रोल और 10 साल पुराने डीजल वाहनों के इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध है. जिसके लिए गुरुग्राम पुलिस ने जागरूकता अभियान शुरू किया है.

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गुरुग्राम. वाहनों के बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को बैन करने का आदेश दिया है. जिसके बाद गुरुग्राम पुलिस ने लोगों को जागरूकता पैदा करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है. जिससे ऐसे वाहनों को न चलाने की लोगों को समझ आए और पर्यावरण हो रहे नुकसान को कम किया जा सकें. आइए जानते है गुरुग्राम पुलिस के इस अभियान के बारे में…

हरियाणा के 14 जिले हैं NCR में – हरियाणा पुलिस के अनुसार गुरुग्राम और फरीदाबार सहित हरियाणा के 14 जिले एनसीआर के अंतर्गत आते हैं, जिनमें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार 15 साल पुराने पेट्रोल और 10 साल पुराने डीजल वाहनों के इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध है. जिसके लिए गुरुग्राम पुलिस ने जागरूकता अभियान शुरू किया है. जिसमें पुलिस टैक्सी स्टैंड, ऑटो मार्केंट और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकात फैलाएंगी. वहीं जागरूकता अभियान के बाद जो लोग नियमों का पालन नहीं करेंगे उनके खिलाफ यातायात नियमों के उल्लंधन का मामला दर्ज किया जाएगा.

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इस कानून के तहत होगी कार्रवाई – गुरुग्राम पुलिस के अनुसार जो लोग नियमों का पालन नहीं करेंगे. उनके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के नियम, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और एससी नियमों तहत कार्रवाई होगी. आपको बता दें इस महीने की शुरुआत में दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने 15 साल पुराने पेट्रोल और 10 साल पुराने डीजल वाहनों पर रोक लगा दी थी.

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पुराने वाहनों पर लेनी होती है NOC – वैसे देश में 10 से 15 साल पुराने वाहनों के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होगा है. लेकिन ये नियम उन्हीं राज्यों में लागू होता है. जहां 10 से 15 साल पुराने वाहनों को चलाने की सरकार मंजूदी देती है. जबकि दिल्ली और NCR के क्षेत्र में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन को चलाने पर रोक लगी हुई है.

पिता-पुत्र को कार में बंधक बनाकर बदमाश 50 मिनट तक घूमते रहे, पहले पीटा और फिर लूटे 1.69 लाख रुपये

नोएडा में पिता-पुत्र से कार में लिफ्ट देकर बदमाशों ने की लूटपाट.

UP Crime News: यूपी के नोएडा में कार सवार बदमाशों द्वारा पिता-पुत्र के साथ मारपीट करने के साथ 1.69 लाख रुपये लूटने का मामला सामने आया है. यही नहीं, यह घटना 16 सितंबर को हुई थी, लेकिन पुलिस एफआईआर (FIR) दर्ज करने में आनकानी करती रही. पीड़ितों के मुताबिक, बदमाशों ने उन्‍हें 50 मिनट तक कार में बंधक (Hostage in Car) बनाए रखा और वह इस दौरान कई थाना क्षेत्रों से गुजरे, लेकिन कही चेकिंग नहीं मिली.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 24, 2021, 12:00 IST
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नोएडा. राजधानी दिल्‍ली से सटे उत्‍तर प्रदेश के नोएडा (Noida Crime News) में लूटपाट का सनसनीखेज मामला आया है. नोएडा के थाना सेक्टर-39 क्षेत्र के महामाया फ्लाईओवर से एक कार में लिफ्ट देकर चार बदमाशों ने पिता-पुत्र के साथ मारपीट कर 1,19,000 रुपये नगद और एटीएम कार्ड लूट लिया. पुलिस के मुताबिक, यह घटना 16 सितंबर की है. वहीं, पीड़ितों ने बताया कि बदमाशों ने 50 मिनट तक उनको कार में बंधक (Hostage in Car) बनाए रखा और इस दौरान उन्‍होंने कई थाने क्रॉस किए थे.

इसे अलावा पीड़ितों का आरोप है कि पुलिस ने छह दिनों तक उनकी शिकायत दर्ज नहीं की और 22 सितंबर को जब मुकदमा दर्ज किया तो मामूली धाराओं में किया गया है. इस बारे में दिल्ली के मदनपुर खादर में रहने वाले इकराम अली ने बताया कि वह दिल्ली में ऑटो रिक्शा चलाता है. वह जब 16 सितंबर को वह अपने पिता शोएब अली के साथ मैनपुरी जाने के लिए बस में बैठने नोएडा आया था, तब महामाया फ्लाईओवर के पास एक कार में सवार कुछ लोग मैनपुरी जाने के लिए उन्हें कार में बैठा लिया.

फिर ऐसे दिया लूट को अंजाम
शिकायत के मुताबिक, पीड़ित ने बताया कि नोएडा एक्सप्रेस-वे पर पहुंचते ही कार में सवार बदमाशों ने चाकू और नुकीले सरिया के बल पर मारपीट शुरू कर दी. बदमाशों ने पेट में सरिया मार कर उन्हें घायल कर दिया और उनसे नकदी लूट ली. इसके बाद एटीएम का पिन पूछकर परी चौक के पास अंसल सोसायटी में लगे एटीएम से 25-25 हजार की रकम निकाल ली. जबकि लूटपाट के बाद बदमाश जेवर टोल प्लाजा से पहले पिता-पुत्र को कार से फेंककर फरार हो गए.

50 मिनट तक बनाए रखा बंधक
यही नहीं, पिता-पुत्र को बंधक बनाने के बाद बदमाश थाना सेक्टर 39, थाना सेक्टर-49, थाना फेज-2, थाना सूरजपुर, थाना नॉलेज पार्क, थाना बीटा-2, थाना दनकौर और थाना जेवर समेत आठ थाना क्षेत्र से गुजरे और करीब 50 मिनट तक बंधक बनाए रखे. पीड़ित के मुताबिक, बदमाशों के हथियार थे और 50 मिनट तक वह कार में घुमाते रहे, लेकिन इस दौर कहीं भी पुलिस चेकिंग नहीं मिली. ऐसे में पुलिस की सतर्कता और गश्त पर सवार उठ रहा है.

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पुलिस ने कही ये बात
नोएडा थाना सेक्टर 39 के थानाध्यक्ष राजीव बालियान ने बताया कि पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली है. पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है. साथ ही बताया कि नोएडा एक्सप्रेस-वे और यमुना एक्सप्रेस- वे पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली जा रही है और बदमाशों की जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

Weather Update : यूपी, एमपी समेत 9 राज्यों में अगले 3 दिन तक होगी झमाझम बारिश

देश के 9 राज्यों में अगले 3 दिन तक झमाझम बारिश की उम्मीद. (फाइल फोटो)

Weather Alert : आईएमडी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, गुजरात, राजस्थान, ओडिशा और कोलकाता में अगले 3 दिन तक होगी भारी बारिश होगी.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 23, 2021, 20:52 IST
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नोएडा. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने देश के 9 राज्यों में अगले 3 दिनों तक झमाझम बारिश की संभावना जताई है. उसने कहा है कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, गुजरात, राजस्थान, ओडिशा और कोलकाता में अगले 3 दिन तक होगी भारी बारिश होगी. देश में इस साल मॉनसून समय सीमा को लांघ कर सक्रिय है. यही वजह है कि गुजरात, बंगाल और महाराष्ट्र के आसपास की नदियों में जलस्तर बढ़ रहा है. नतीजतन, कई बड़े इलाकों को जलभराव का सामना करना पड़ रहा है. IMD का पूर्वानुमान है कि यूपी, मध्य प्रदेश, समेत देश के कुल 9 राज्यों में झमाझम बारिश देखने को मिलेगी.

आईएमडी की बुलेटिन में बताया गया है कि वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम झारखंड और छत्तीसगढ़ के उत्तर में चक्रवाती सर्कुलेशन के साथ कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है और अगले 24 घंटों के दौरान निम्न दबाव कमजोर हो सकता है. बुलेटिन के मुताबिक, अगले तीन दिनों में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर उत्तरी छत्तीसगढ़ और उत्तरी मध्य प्रदेश में चक्रवाती सर्कुलेशन के आगे बढ़ने की उम्मीद है. इसके अलावा, एक चक्रवाती सर्कुलेशन पश्चिमी राजस्थान और उसके पड़ोस में निचले क्षोभमंडल स्तर पर स्थित है और 24 सितंबर तक इसके वहीं रहने की उम्मीद है.

यूपी में भी भारी बारिश

आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, कल यानी 24 सितंबर तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है. बुलेटिन में बताया गया है कि 26 सितंबर तक पूर्वी राजस्थान और गुजरात में भारी बारिश के साथ भारी बारिश की संभावना है. 24 सितंबर तक छत्तीसगढ़, विदर्भ और मध्य प्रदेश में भारी बारिश होने की संभावना है. उत्तराखंड में 26 सितंबर तक भारी से भारी बारिश होगी. आईएमडी के मुताबिक, 24 सितंबर की शाम के आसपास पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जो संभवतः अगले 48 घंटों में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर ओडिशा की ओर बढ़ेगा. इस प्रभाव के तहत 25 सितंबर से ओडिशा और उसके आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है.

दिल्ली में फिर मंडराने लगा पॉल्यूशन का खतरा? केंद्र ने की बैठक, केजरीवाल सरकार ने भी दिए तर्क

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में वायु प्रदूषण के संबंध दिल्ली-एनसीआर के राज्यों के साथ आज ऑनलाइन आयोजित संयुक्त बैठक में हिस्सा लिया.

Delhi-NCR Air Pollution News: केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने दिल्ली-एनसीआर में पराली मामले (Stubble Burning) पर गुरुवार को एक अहम बैठक की है. इस बैठक में दिल्ली-एनसीआर के सभी राज्यों ने ऑनलाइन हिस्सा लिया. दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने सरकार के एक्शन प्लान के बारे में बताया.

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नई दिल्ली. केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में पराली मामले (Stubble Burning) पर गुरुवार को एक अहम बैठक की है. इस बैठक में दिल्ली-एनसीआर के सभी राज्यों ने ऑनलाइन हिस्सा लिया. दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने इस बैठक में दिल्ली सरकार के एक्शन प्लान के बारे में बताया. साथ ही वायु प्रदूषण (Air Pollution) को नियंत्रित करने को लेकर अहम सुझाव भी दिए.

गोपाल राय ने दिल्ली से सटे सभी राज्यों से युद्ध स्तर पर बायो डि-कंपोजर का छिड़काव करने की अपील करते हुए कहा कि राज्य सरकारें बायो डि-कंपोजर का घोल बनाने से लेकर खेतों में छिड़काव तक की जिम्मेदारी अपने हाथ में लें, तभी पराली की समस्या का जड़ से समाधान संभव है. गोपाल राय ने कहा कि कुछ राज्य किसानों को केवल कैप्सूल बांटने की योजना बना रहे हैं, इससे यह काम जमीन पर नहीं उतर पाएगा. अगर दिल्ली सरकार घोल तैयार करने से लेकर छिड़काव करने तक की जिम्मेदारी अपने हाथ में नहीं लेती, तो दिल्ली में पराली की समस्या का समाधान नहीं हो पाता.

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में वायु प्रदूषण के संबंध दिल्ली-एनसीआर के राज्यों के साथ आज ऑनलाइन आयोजित संयुक्त बैठक में हिस्सा लिया. इस बैठक में एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन के चेयरमैन एम एम कुट्टी, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा व राजस्थान के पर्यावरण मंत्री और पंजाब के मुख्य सचिव भी शामिल हुए.

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बैठक में एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन के चेयरमैन एम एम कुट्टी, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा व राजस्थान के पर्यावरण मंत्री और पंजाब के मुख्य सचिव भी शामिल हुए.

बैठक में दिल्ली सरकार ने यह सुझाव दिया
बैठक में दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री के समक्ष दिल्ली सरकार की तरफ से कई सुझाव दिए. राय ने कहा कि संयुक्त बैठक में सभी राज्यों और केंद्र सरकार ने अपनी बात रखी. बैठक में मुख्य तौर पर जाड़े के समय में बढ़ने वाले प्रदूषण स्तर को लेकर के चर्चा हुई. चूंकि प्रदूषण का दिल्ली केंद्र बिंदु है. उत्तर भारत के इलाकों में जितनी गतिविधियां होती हैं, भौगोलिक बनावट के कारण उन सबका सबसे ज्यादा प्रभाव दिल्ली पर पड़ता है. दिल्ली के अंदर जो प्रदूषण होता है, उसमें दिल्ली में पैदा होने वाले प्रदूषण की भी हिस्सेदारी होती है, लेकिन उससे ज्यादा दिल्ली में प्रदूषण स्तर बढ़ने का कारण बाहर का प्रदूषण है.

दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर क्यों बढ़ जाता है
बता दें कि हरियाणा और पंजाब में पराली जलने की घटनाएं बढ़ते ही दिल्ली में पीएम-10 और पीएम-2.5 का स्तर बढ़ जाता है. दिल्ली सरकार ने बैठक में कहा है कि अक्टूबर का महीना आने वाला है. हमने सितंबर महीने कुछ दिनों के पीएम-10 और पीएम-2.5 के स्टेटस पर करीब से नजर रखा, जिसमें पाया कि 18 सितंबर को पीएम-10 का स्टेटस 67 था, जबकि पीएम-2.5 का लेवल 27 था. इसी तरह 19 सितंबर को पीएम-10 का लेवल 85 व पीएम-2.5 का लेवल 35, 20 सितंबर को पीएम-10 78 व पीएम-2.5 31, 21 सितंबर को पीएम-10 81 व पीएम-2.5 31 और 22 सितंबर को पीएम-10 64 व पीएम-2.5 27 था.

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केंद्रीय पर्यावरण मंत्री के साथ बैठक में गोपाल राय ने दिल्ली का पक्ष रखा.

दिल्ली सरकार ने की है ये तैयारी
दिल्ली सरकार ने कहा कि पिछले साल पीएम-10 और पीएम-2.5 के इंडेक्स को लगातार वॉर रूम से मानिटर किया जा रहा था. किस तरह से उसका ग्राफ बढ़ रहा है. उसमें हमने बहुत सारी गतिविधियों के साथ-साथ एक चीज को मॉनिटर किया कि पड़ोसी राज्य पंजाब और हरियाणा राज्य में पराली जलने की घटनाएं जैसे ही बढ़नी शुरू होती हैं, दिल्ली के पीएम-10 और पीएम-2.5 का ग्राफ भी बढ़ता जाता है. इसलिए आज की बैठक में मैंने सभी राज्य सरकारों और केंद्र सरकार से सबसे पहले यही अपील की है कि पराली की समस्या को जड़ से समाधान के लिए इमरजेंसी कदम के तौर पर सभी सरकारें बायो डि-कंपोजर का युद्ध स्तर पर छिड़काव करने की तैयारी करें.

इन राज्यों ने भी अपना पक्ष रखा
बैठक में दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत कई सरकारों ने बताया कि वे बायो डि-कंपोजर के उपयोग का निर्णय ले रहे हैं, लेकिन कई जगह से हमें सूचना मिली है कि वे कैप्सूल खरीद कर किसानों में बांटने की योजना बना रहे हैं. मैं सभी राज्यों से अनुरोध करना चाहता हूं कि किसानों को केवल कैप्सूल बांटने से यह काम जमीन पर नहीं उतर पाएगा. अगर दिल्ली सरकार यह जिम्मेदारी अपने हाथ में नहीं लेती, तो दिल्ली के अंदर भी यह काम नहीं हो पाता.

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हरियाणा और पंजाब में पराली जलने की घटनाएं बढ़ते ही दिल्ली में पीएम-10 और पीएम-2.5 का स्तर बढ़ जाता है.

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गोपाल राय ने कहा, दिल्ली के अंदर तीन जिलों में खेती होती है, वहां कृषि विभाग के अधिकारी काम करते हैं. हमने हर जिले के कृषि अधिकारी की टीम को जिम्मेदारी दी है. हम कैप्सूल लेकर खुद घोल तैयार करा रहे हैं. साथ ही घोल को किसानों के खेत में छिड़काव करने तक की सारी जिम्मेदारी सरकार अपने हाथ में ले रही है. अगर सिर्फ कैप्सूल या घोल बांट दिया जाएगा तो उससे जिस जिम्मेदारी के साथ इमरजेंसी स्तर पर काम करने की जरूरत है, वह काम जमीन पर लागू नहीं हो पाएगा. इसलिए सरकारों को आगे बढ़ कर इस काम को करने की जरूरत है.

आरटीआई के दम पर नोएडा के गांव की तस्वीर बदलने में लगे है रंजन तोमर.

Rti activist from noida Ranjan tomar.

रंजन कहते हैं कि आरटीआई मैं समाज में बदलाव लाने के लिए करता हूं, किसी से घबराता तो कब का छोड़ चुका होता

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नोएडा: कबीर ने लिखा है करत-करत अभ्यास के, जड़मति होत सुजान, रसरी आवत जात तें, सिल पर परत निशान. इसका अर्थ है  कि किसी काम को बार बार करने से सफलता जरूर मिलती है. उत्तर प्रदेश के जिला गौतमबुद्ध नगर (Noida) के एक गांव रोहिल्लापुर के रहने वाले रंजन तोमर इस बात को चरितार्थ कर रहे हैं. रंजन तोमर एक आरटीआई कार्यकर्ता है और अपने आरटीआई के दम पर इन्होंने नोएडा के ग्रामीण क्षेत्रों की दशा बदल दी है. तोमर की आरटीआई की धमक नोएडा के अलावा और कई राज्यों एवं मंत्रालयों में गूंजती है.
नोएडा प्राधिकरण के पार्किंग व्यवस्था में भ्रष्टाचार को खत्म किया
रंजन तोमर अपने पीएचडी के लिए लिख रहे थिसिस को साइड में रखते हुए कहते हैं कि आरटीआई देश के आम नागरिक को शक्ति देता है, जिससे वो भ्रष्टाचार और सरकारी तंत्र में फैले अनियमितता को खत्म कर सके. साल 2005 में यह एक्ट आया था, जिसके माध्यम से वो अभी चीजे जो भ्रष्ट अधिकारी या कार्यालय गुप्त रख लेते थे उसको उजागर कर सकते हैं. 2018 में नोएडा प्राधिकरण के पार्किंग व्यवस्था में बड़ा धांधली चलता था. इसमें 14.5 प्रतिशत टैक्स के हिसाब से 14.50 पैसे पार्किंग शुल्क लगता था, दिखने में तो यह मात्र 14.50 रुपए है लेकिन असल खेल बांकी के खुले पैसे में होता था. 50 पैसे किसी के पास चेंज होता नहीं था, इसलिए कोई 15 रुपए देकर चला जाता था,कुछ तो 20 रुपए देकर चला जाता था. यह धांधली सालों से चल रही थी, ये पैसा या तो नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों को जाता था या ठेकेदार गलत तरीके से पैसा वसूल रहे थे. जब आरटीआई डाली तो यह व्यवस्था बदली.

जीव जंतुओं के लिए है स्पेशल प्रेम
तोमर की शादी 3 साल पहले हुई थी, उनका एक बेटा है. बेटे की तस्वीर दिखाते हुए रंजन तोमर कहते हैं कि मेरी दुनियां यही है. मैं किसी के साथ गलत नहीं कर सकता या किसी के साथ गलत होते नहीं देख सकता, जानवर जो होते है वो बोल नहीं सकते उसका शिकार बहुत होता है. इस पर भी मैने कई आरटीआई डाल कर  वाइल्डलाइफ के सरंक्षण के लिए भी कई काम सरकार को उठाने के लिए मजबूर कर दिया. एक सींग वाला गैंडा काजीरंगा नेशनल पार्क में ही मिलता है सबसे ज्यादा शिकारी उसका शिकार करते थे मैने इतनी बार इसके खिलाफ आरटीआई डाली की सरकार ने काजीरंगा में 82 जवानों को तैनात सिर्फ एक सींग वाले राइनो के बचाव के लिए किया है.

गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन आरटीआई को कमजोर कर रहा है.
रंजन तोमर से अपने जिले के बारे में पूछने पर बताते हैं कि जिला गौतमबुद्ध नगर में जिला प्रशासन आरटीआई के कानून को कमजोर कर रहा है, कोई भी आरटीआई का जवाब नहीं देते है, कई बार अपील करने पर जवाब आता है. वो कहते हैं कि हम तो इस बात को भलीभांति जानते हैं लेकिन जो आम जनता है वो थक हार कर घर बैठ जाती है और कोई जवाब नहीं दिया जाता. इसलिए जिला प्रशासन और डीएम सुहास एलवाई (Suhas Ly) से रिक्वेस्ट कर रहे हैं कि इस पर ध्यान दे ताकि आरटीआई की आत्मा जिंदा रहे.

कई बार मिली है धमकी, लेकिन डरता किसी से नहीं
यह पूछने पर कि क्या आरटीआई करने के बाद कोई अधिकारी या कोई खास व्यक्ति कुछ कहता नहीं है? इस पर रंजन अपने कुर्ते की बांह को ऊपर चढ़ाते हुए कहते हैं कि आरटीआई मैं समाज में बदलाव लाने के लिए करता हूं, किसी से घबराता तो कब का छोड़ चुका होता, सालों से लोग धमकियां देते है, अधिकारी कई बार नाराज हो जातें है, मुझे तो सीधे कुछ नहीं कहते लेकिन मेरे पहचान के लोगों को बोलते हैं कि रंजन तोमर बुरा फंसेगा.
(रिपोर्ट -आदित्य कुमार)

Noida Bulletin: कूड़ा न उठने से लोग परेशान, कूड़ा उठाने वाले वेंडर का रोका भुगतान.

Noida gate.

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1. नोएडा में डोर टू डोर कूड़ा उठाने का प्रावधान है लेकिन कई सोसायटी में कूड़ा न उठने से लोग परेशान हैं. सेक्टर 51 आरडब्ल्यूए ने कूड़ा उठाने वाले एजेंसी को भुगतान नहीं करने का फैसला किया है. सेक्टर 51 आरडब्ल्यूए (रेसिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) के जनरल सेक्रेटरी संजीव कुमार ने बताया कि सेक्टर से कूड़ा उठाने की प्रक्रिया में जब तक ठीक से कूड़ा नहीं उठता तब तक हम पैसे नहीं देंगे.

2. सेक्टर 73 स्थित महादेव अपार्टमेंट ऑनर एसोसिएशन के सचिव के पोस्टर पर कालिख पोतने के मामले के बाद एसके श्रीवास्तव ने पुलिस को शिकायत सौंपी थी, अब अध्यक्ष मनोज कुमार राय ने एसके श्रीवास्तव को पद से हटाने की संस्तुति की है. राय ने विभिन्न तरह के आरोप एसके श्रीवास्तव पर लगाएं है. वही श्रीवास्तव ने भी अध्यक्ष मनोज राय पर कई गंभीर आरोप लगाएं है.

3. काफी प्रयासों के बाद सेक्टर 77 स्थित पार्क में सौंदर्यकरण किया गया है. इसके बाद सेक्टर के निवासियों ने नोएडा प्राधिकरण को धन्यवाद दिया है. सेक्टर 77 के निवासी अमित गुप्ता ने बताया कि काफी दिनों से हम इस पार्क को सुंदर बनाने की प्रयास में थे.जिसे अब पूरा किया गया है.जिसमें अलग-अलग मूर्तियां लगाई गई है साथ ही साफ सुथरा भी किया जा रहा है. नोएडा प्राधिकरण का हम धन्यवाद देते है.
(रिपोर्ट-  आदित्य कुमार)

Noida news Bulletin:सेक्टर 73 ए.ओ.ए सचिव के पोस्टर पर कालिख पुती, सचिव ने पुलिस को दी शिकायत

ए.ओ.ए महादेव अपार्टमेंट के सचिव ने पुलिस को लिखित शिकायत दी है.

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1. नोएडा सेक्टर 73 के महादेव अपार्टमेंट में ए.ओ.ए (अपार्टमेंट ऑनर एसोसिएशन) पदाधिकारियों के पोस्टर में छेड़छाड़ करते हुए सचिव के फोटो पर कालिख पोत दी गई थी, जिसके बाद ए.ओ.ए सचिव ने पुलिस को शिकायत दी है और अध्यक्ष पर छवि खराब करने का आरोप लगाया है. ए.ओ.ए सचिव सुरेंद्र कुमार ने बताया कि अध्यक्ष मनोज कुमार राय ने पोस्टर पर बदले की भावना से कालिख पोत दी है. वहीं अध्यक्ष मनोज कुमार राय ने बताया कि ये आरोप बेबुनियाद है. हमने रितु माहेश्वरी सीईओ नोएडा प्राधिकरण को चिट्ठी लिखी है.

2. सेक्टर 71 में पिछले कई दिनों से गंदा पानी सप्लाई के कारण लोग परेशान हैं.स्थानीय निवासी रमेश यादव ने बताया कि पिछले दो तीन दिन से नल से गंदा पानी आ रहा है, जिससे बीमारी होने का खतरा है. वहीं नोएडा प्राधिकरण ने कहा कि सेक्टर 64 में गंगाजल की पाइप ने काम चल रहा है जैसे ही काम पूरा हो जाएगा तो स्वच्छ पानी नल से आना शुरू हो जाएगा.

3. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गौतमबुद्ध नगर दौरे पर है, सीएम दादरी में सम्राट मिहिर भोज की मूर्ति के अनावरण के लिए आए है. उसके बाद वो ग्रेटर नोएडा के एक्सपो मार्ट में भी जाएंगे वहां चल रहे एनर्जी एग्जीबिशन का दौरा करेंगे.
(रिपोर्ट – आदित्य कुमार)

नोएडा में रहने वालों, खुश होइए कि आप शुद्ध हवा में ले रहे हैं सांस! ये है आज की AQI रिपोर्ट


बारिश से शुद्ध हुई नोएडा और ग्रेटर नोएडा की हवा.

Noida News: दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) के नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बारिश की वजह से हवा की गुणवत्ता (Air Quality Index) में जबरदस्‍त सुधार हुआ है. प्रदूषण विभाग के मुताबिक, दोनों जगह रहने वाले लोग लगातार दो दिन से शुद्ध हवा में सांस ले रहे हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 23, 2021, 11:02 IST
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हिमांशु शुक्‍ला 

नोएडा. दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में रहते हुए ऐसे मौके कम ही आते हैं, जब यह खबर मिले कि आपके आसपास के वातावरण की हवा साफ है. इस हवा में प्रदूषण (Air Pollution) फैलाने वाले धूल-कणों और हानिकारक गैसों की मात्रा कम हो गई है. प्रदूषण विभाग हवा की गुणवत्ता यानी AQI को लेकर नियमित तौर पर जो आंकड़े जारी करता रहता है, वह सामान्य है. लॉकडाउन के दौरान प्रदूषण कम होने और हवा की गुणवत्ता सुधरने की कई रिपोर्ट्स आई थी. एक अर्से बाद आज फिर ऐसी रिपोर्ट आई है. प्रदूषण विभाग ने गुरुवार को गौतम बुद्ध नगर जिले की AQI का जो आंकड़ा जारी किया, वह नोएडा और ग्रेटर नोएडा में रहने वाले लोगों का उत्साह बढ़ाने वाला है.

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में पिछले दो दिनों से बारिश हो रही है. रुक-रुककर ही सही इस बारिश ने न सिर्फ लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत दी है, बल्कि प्रदूषण को भी कम कर दिया है. प्रदूषण नियंत्रण विभाग के आंकड़ों पर ताज्जुब ही करें, लेकिन यह फैक्ट है कि दो दिनों की बारिश से नोएडा और ग्रेटर नोएडा में वायु प्रदूषण काफी कम हो गया है. इतना कि यहां की हवा की गुणवत्ता में काबिल-ए-गौर सुधार दिखने लगा है.

विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो बारिश के बाद नोएडा का AQI जहां 61 दर्ज किया गया है, वहीं ग्रेटर नोएडा में AQI का आंकड़ा 62 है. इन आंकड़ों ने गौतम बुद्ध नगर जिले को ग्रीन जोन में पहुंचा दिया है. यानी आप पिछले दो दिनों से शुद्ध हवा में सांस ले रहे हैं.

बता दें कि नोएडा में चार सब स्टेशन और ग्रेटर नोएडा में 2 सब स्टेशन हैं, जिसमें AQI दर्ज होता है. नोएडा में सेक्टर 62 का एक्‍यूआई 87, सेक्टर 125 सब स्टेशन का एक्‍यूआई 54, सेक्टर 1 सब स्टेशन का एक्‍यूआई 55 और सेक्टर 116 सब स्टेशन का एक्‍यूआई 48 दर्ज किया गया है. इसके अलावा ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क- III का सब स्टेशन काम नहीं कर रहा और नॉलेज पार्क IV का एक्‍यूआई 62 दर्ज किया गया है. दरअसल, मानसून भी जाते-जाते दिल्ली-एनसीआर के लोगों पर कुछ ज्यादा ही मेहरबान नजर आ रहा है.

OMG! दिल्ली पुलिस के हेड कांस्‍टेबल से रेड लाइट पर युवती ने लूटा मोबाइल, स्पोर्ट्स बाइक पर बैठकर हुई फुर्र

प्रदूषण पर काबू के लिए हो रहा ये काम
एक तरफ बारिश की वजह से नोएडा और ग्रेटर नोएडा का प्रदूषण कम रहो रहा है, तो विभाग ने प्रदूषण रोकने के लिए डीएनडी एक्सप्रेसवे के ग्रीन बेल्ट में शहर का पहला वायु प्रदूषण नियंत्रण टावर (एपीसीटी) लगाने का प्रयास चल रहा है. इसे भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) एपीसीटी लगाएगी. जबकि इसके संचालन खर्च में भेल और नोएडा प्राधिकरण की 50-50 प्रतिशत की भागीदारी होगी. जानकारी के मुताबिक, एक्सप्रेसवे के ग्रीन बेल्ट में लगने वाला एपीसीटी करीब 20 मीटर ऊंचा होगा. इसे हरिद्वार प्लांट में तैयार किया जा रहा है और प्राधिकरण से अनुमति मिलने के बाद यह करीब दो महीने में तैयार हो जाएगा.

Greater Noida West Metro News: दिसंबर से शुरू होगा मेट्रो का काम, टेंडर निकला

ग्रेनो वेस्ट को मेट्रो ट्रेन की सौगात देने की तैयारी तेज हो गई हैं. File photo

Greater Noida West Metro News: ग्रेनो वेस्ट में मेट्रो ट्रेन का यह काम पिछले साल दिवाली से शुरू होना था, लेकिन लॉकडाउन के चलते योजना लेट होती चली गई. यह रूट पूरी तरह से ऐलिवेटेड होगा. 1100 करोड़ रुपए का है ये प्रोजेक्ट.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 22, 2021, 18:33 IST
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ग्रेटर नोएडा. ग्रेनो वेस्ट में मेट्रो ट्रेन का काम दिसम्बर से शुरू हो जाएगा. ठेकेदार कंपनी का चयन करने के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है. यह प्रोजेक्ट 1100 करोड़ रुपए का है. प्रोजेक्ट की डीपीआर पहले ही केन्द्र सरकार को भेजी जा चुकी है.

मेट्रो ट्रेन शुरू होने से ग्रेनो वेस्ट भी दिल्ली-एनसीआर से जुड़ जाएगा. अभी तक इस रूट पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा नहीं है. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ इसकी आधारशिला रख सकते हैं. नया रूट करीब 15 किमी का होगा. पहले फेज में 5 मेट्रो रेल स्टेशन बनाए जाएंगे. मेट्रो ट्रेन का यह काम पहले दिवाली से शुरू होना था, लेकिन कोरोना लॉकडाउन के चलते यह योजना लेट होती चली गई. यह रूट पूरी तरह से ऐलिवेटेड होगा.

9 स्टेशन का रूट, 5 से होगी मेट्रो ट्रेन की शुरुआत

गौरतलब रहे नोएडा सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के मेट्रो का रूट 15 किमी का है, लेकिन शुरुआत सिर्फ 5 मेट्रो स्टेशन से होगी. सभी 5 स्टेशन सेक्टर-122, सेक्टर-123, ग्रेटर नोएडा सेक्टर-4, ग्रेटर नोएडा सेक्टर-2 और ईकोटेक-12 ग्रेटर नोएडा वेस्ट को आपस में जोड़ेंगे. हालांकि इस पूरे रूट पर 9 स्टेशन तैयार होने हैं. ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो लाइन के शुरू होते ही वेस्ट के सेक्टर ग्रेटर नोएडा की एक्वा लाइन और दिल्ली मेट्रो की ब्‍लू लाइन से भी जुड़ जाएंगे.

Noida-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे पर अब नहीं लगेगा जाम, जानिए अथॉरिटी का प्लान

1100 करोड़ का है ग्रेनो वेस्ट मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट

जानकारों की मानें तो इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत करीब 11 सौ करोड़ रुपये आएगी. नोएडा सेक्टर-51 से लेकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट नॉलेज पार्क 5 तक शुरू होने वाली मेट्रो रेल का पूरा रूट एलिवेटेड होगा. लेकिन अकेले सिविल वर्क पर ही करीब 492 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. वैसे इस प्रोजेक्ट को 2019 में ही मंजूरी मिल चुकी थी. इसे साल 2022 में बनकर शुरू भी हो जाना था, लेकिन कोरोना और लॉकडाउन के चलते यह प्रोजेक्ट लेट होता गया. अब इस प्रोजेक्ट का काम दिसम्बर में शुरू हो जाएगा.

अब ऑटो-ई रिक्शा से मिलने वाला है छुटकारा

ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो लाइन के शुरू होने से इसका एक बड़ा फायदा ग्रेटर नोएडा मेट्रो को भी मिलेगा. नोएडा के परी चौक से बड़ी संख्या में लोग वेस्ट के लिए भी सफर करते हैं, लेकिन कोई पब्लिक ट्रांसपोर्ट न होने के चलते ऑटो और टैक्सी का सहारा लेते हैं. वेस्ट तक मेट्रो शुरू होने के बाद ग्रेटर नोएडा होते हुए लोग वेस्ट तक का सफर करने लगेंगे.

News bulletin noida: ग्रेटर नोएडा के छः गांवों को विकसित कर बनाया जाएगा स्मार्ट विलेज

ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ऑफिस.

देखिए अपने जिले की बड़ी खबरें:ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण 6 गांव को विकसित कर स्मार्ट विलेज बनाया जाएगा.

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1. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण 6 गांव को विकसित कर स्मार्ट विलेज बनाएगा. इसके लिए जल्द ही निविदा जारी की जाएगी. ग्रेनो प्राधिकरण कुल 14 गांवों का जीर्णोधार करेगा. लेकिन पहले चरण में छः गांव ही होंगे शामिल. प्राधिकरण के सीईओ अरूणवीर सिंह ने सोमवार को बताया कि मायचा, छपरौला, सद्दुल्लापुरा, तिलपता – करनवास और कुछ  गांव को अभी विकसित किया जाएगा फिर कुछ दिनों बाद अन्य गांव को विकसित कर स्मार्ट विलेज बनाया जाएगा. यह काम एक माह में शुरू कर दिया जाएगा.

2. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 सितंबर को दादरी आ रहे हैं.इसके लिए जिले में सुरक्षा को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है. जिला सूचना अधिकारी राकेश कुमार चौहान ने सोमवार को बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दादरी में सम्राट मिहिर भोज के मूर्ति के अनावरण के लिए आने वाले है. सुरक्षा की दृष्टि से अगले दो दिन यानी 22 सितंबर तक जिले में किसी तरह के ड्रोन नहीं उड़ पाएगा.

3.नोएडा प्राधिकरण ऑफिस के बाहर नोएडा के किसान पिछले दो हफ्ते से आंदोलन कर रहे है. सोमवार को किसानो ने सेक्टर 6 स्थित प्राधिकरण ऑफिस के बाहर मटका फोड़ कर प्रदर्शन किया. आंदोलन की अगुआई कर रहे सुखबीर पहलवान ने बताया कि प्राधिकरण किसानो के मुआवजे को लेकर विवाद है. उसका निस्तारण करे और अन्य जो मांगे हैं वो पूरा करें नहीं तो किसान यहां से नहीं उठेंगे.
(रिपोर्ट- आदित्य कुमार)

नोएडा में डेंगू, मलेरिया और कोविड-19 के बीच अब दिमागी बुखार का खतरा, 3 संदिग्ध मरीज मिले

उन्होंने बताया कि तीनों को जांच के लिए जिले के विभिन्न अस्पतालों में भेजा गया है. (सांकेतिक फोटो)

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉक्टर सुनील शर्मा (Dr Sunil Sharma) ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने रोगियों का पता लगाने के लिए सात से 17 सितंबर तक घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया था.

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  • LAST UPDATED : September 22, 2021, 15:45 IST
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नोएडा. मलेरिया और कोविड-19 (Malaria And Covid-19) जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे के बीच अब दिमागी बुखार (Brain Fever) ने भी शहर वासियों और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है. जिले में इस बीमारी के तीन संदिग्ध मामले मिले हैं. हालांकि, अभी बीमारी की पुष्टि नहीं हुई है. बीमारी की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉक्टर सुनील शर्मा (Dr Sunil Sharma) ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने रोगियों का पता लगाने के लिए सात से 17 सितंबर तक घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया था. इसमें बुखार, मलेरिया और टीबी के कई रोगी मिले थे. इसी दौरान तीन लोगों में दिमागी बुखार के लक्षण दिखे.

उन्होंने बताया कि तीनों को जांच के लिए जिले के विभिन्न अस्पतालों में भेजा गया है. उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण टीम ने लक्षणों के आधार पर वर्गीकरण कर मरीजों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा है. जिन मरीजों में दिमागी बुखार के लक्षण मिले हैं, उनकी एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम की जांच होगी. रिपोर्ट आने पर ही बीमारी की पुष्टि होगी. सीएमओ ने बताया कि डेंगू के मरीजों की तलाश के लिए रोजाना एनए1 रैपिड एंटीजन जांच की जा रही है. प्रतिदिन औसतन डेंगू के 10 मरीज मिल रहे हैं.

इस साल अधिक टीबी मरीजों की पहचान की गई है
वहीं, कल खबर सामने आई थी कि गौतमबुद्ध नगर (Gautam Buddha Nagar) जिले में टीबी के मरीज बढ़ते जा रहे हैं. पिछले 10 दिनों के अंदर की गई निगरानी के दौरान 54 संदिग्ध मामलों में से 6 टीबी (TB Patients) के नए केस सामने आए हैं. इसके साथ ही इस साल अभी तक टीबी के करीब 5500 मामले सामने आ चुके हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया द्वारा अधिकारियों के हवाले से प्रकाशित खबर के मुताबिक, मरीजों की पहचान विशेष निगरानी, जागरूकता अभियान और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने वालों के डाटा (Data) के आधार पर की जाती है. हालांकि, पूरे जिले में की गई व्यापक निगरानी के कारण पिछले साल की तुलना में इस साल अधिक टीबी मरीजों की पहचान की गई है.

NOIDA TO AGARA - अब दिल्ली भी जाएगी आगरा से नोएडा आने वाली बसें.

एआरएम एनपी सिंह.

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1. आगरा से नोएडा आने वाली बस अब दिल्ली भी जाएगी. इस से हजारों यात्रियों को लाभ मिलेगा. उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग के एआरएम एनपी सिंह ने मंगलवार को बताया कि पहले आगरा से नोएडा बस आती थी. दिल्ली जाने के लिए लोगों को नोएडा उतरना पड़ता था उसके बाद वो दिल्ली जाते थे.लेकिन अब जो बस आगरा से नोएड आएगी वो बस दिल्ली भी जाएगी ताकि लोगों को सहूलियत मिले. उन्होंने कहा कि अभी तत्काल 22 बसे आगरा से नोएडा आती जाती है.

2. सेक्टर 50 स्थित मेघदूत पार्क को नोएडा प्राधिकरण ने रेनोवेट करवाया है. इसके बाद सेक्टर 50 के निवासी बेहद खुश है, उन्होंने नोएडा प्राधिकरण को आभार व्यक्त किया है. सेक्टर के आरडब्ल्यूए जनरल सेक्रेटरी संजीव कुमार ने कहा कि हम कई सालों से प्रयास कर रहे थे कि पार्क को सुंदर बनाया जाए.अब जाकर यहां मूर्तियां लगाई गई है. यहां हजारों परिवार रहते हैं सबके लिए यह पार्क ही बहुत महत्वपूर्ण है.

3. नोएडा में सड़क हादसे को कम करने के लिए जिला प्रशासन लगातार कोशिश कर रहा है. जिले में जितने ब्लैक स्पॉट है सब पर पुलिस बल को तैनात किया जाएगा. एडीएम प्रशासन दिवाकर सिंह ने मंगलवार को बताया कि जिले में ब्लैक स्पॉट पर अब पहले से अधिक पुलिसकर्मियों को लगाया जाएगा. ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकें.

(रिपोर्ट- आदित्य कुमार)

Noida news bulletin:सेक्टर 18 में शिकायत के बाद भी बिजली के पैनल को ठीक नहीं किया गया.

Noida gate.

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1. नोएडा के निवासी चोरों के एक खास ग्रुप से परेशान है, चोरों का यह ग्रुप पार्क के आगे लगे स्टेनलेस स्टील का नेम प्लेट चुराते हैं.सेक्टर 51 आरडब्ल्यूए के जनरल सेक्रेटरी संजीव कुमार ने बताया कि सेक्टर 50 और 51 के पास जब पार्क बना था तो नेम प्लेट लगाई गई थी.जो कि स्टेनलेस स्टील की थी. कबाड़ियों ने उसे पर कई बार अपना हाथ साफ किया.अब नोएडा प्राधिकरण से आग्रह कर रहे हैं कि अब इस प्रकार नेम प्लेट लगवाई जाए. ताकि कोई चोर इसे चुरा न सके.

2. नोएडा सेक्टर 18 मार्केट में कई महीने से बिजली के पैनल बॉक्स खुले हुए हैं. जो मौत को दावत दे रहे है. सेक्टर 18 मार्केट एसोसिएशन ने कई बार बिजली विभाग को इस बारे में बताया लेकिन शिकायत के बाद भी अभी तक बॉक्स को बंद नहीं किया गया है. सेक्टर 18 मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील कुमार जैन ने मंगलवार को बताया कि इतनी शिकायत के बाद भी अभी तक बॉक्स को न तो बंद करवाया गया है और न ही बाहर निकले तारों को ठीक किया गया है. बिजली विभाग शायद बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है.
(रिपोर्ट – आदित्य कुमार)

Noida: पिता नहीं चाहते थे बेटी खेलकूद में आगे बढ़े, नोएडा की यह अफसर अब बच्चों को दे रही खेलकूद की ट्रेनिंग.

अनिता नागर जिला गौतमबुद्घ नगर में उप जिला क्रीड़ा अधिकारी खेलते हुए

जिला गौतमबुद्ध नगर में ही उप जिला क्रीड़ा अधिकारी के पद पर तैनात है. अनिता नागर (Anita nagar) पीसीएस अधिकारी बनने के बाद दर्जनों बच्चों को खेल के लिये प्रोत्साहित कर रही हैं

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नोएडा: कहा जाता है \’मुश्किलों में भाग जाना आसान होता है, हर पहलू जिंदगी का इम्तिहान होता है, डरने वाले को मिलता नहीं कुछ जिंदगी में लड़ने वालों के कदमों में जहान होता है.\’ इस बात को चरितार्थ किया है ग्रेटर नोएडा के छोटे से गांव की बिटिया अफसर अनिता नागर ने. अनिता नागर जब छोटी थी तो उन्हे खेलने का बड़ा शौक था.लेकिन गांव के माहौल में रहने के कारण उनके पापा नहीं चाहते थे कि अनिता खेलकूद में भाग ले. लेकिन अनिता की मां उनको सपोर्ट करती थी और आज अनिता पीसीएस अधिकारी है और अपने जिला गौतमबुद्ध नगर में ही उप जिला क्रीड़ा अधिकारी के पद पर तैनात है. अनिता नागर (Anita nagar) पीसीएस अधिकारी बनने के बाद दर्जनों बच्चों को खेलकूद प्रतियोगिता जैसे ओलंपिक, कॉमनवेल्थ गेम की तैयारी करा रही है, वो कहती है कि जिन परेशानियों से मैं गुजरी हूं वो मैं किसी और को नहीं झेलने दूंगी. 2010 बैच की पीसीएस अधिकारी अनिता नागर ने लोकल 18 से ख़ास बात की.

मां और भाई ने किया सपोर्ट
अनिता नागर का दिल्ली में होने वाले सिविल सर्विस गेम्स 2021 के लिए भी चयन हुआ है. वो 24 से 30 सितंबर तक पीसीएस और आईएएस, आईपीएस अधिकारियों के बीच राष्ट्रीय स्तर के खेल में बैडमिंटन खेलेंगी. जब हम उनके पास पहुंचे तो वो प्रैक्टिस कर रही थी, अनिता नागर कुर्सी पर बैठ जाती है और पसीना पोछते हुए कहती है कि बचपन में मैं सभी खेल खेलती थी, लडको वाले गेम्स तो खास तौर से खेलती थी. मेरा घर यही ग्रेटर नोएडा के एक गांव में है. मेरे गांव में लड़कियों का खेलना पाप जैसा था. इसलिए पापा मना करते थे कहते थे नहीं खेलना है लेकिन मां ने काफी सपोर्ट किया. भाई ने भी काफी सपोर्ट किया. अनिता बताती है कि जब मैं पांचवी क्लास में थी तो सबसे पहले मुझे ब्रोंज मेडल मिला था, मैं एक सौ मीटर रेस को चार सौ मीटर समझ के दौड़ी थी जिसके बाद मुझे मेडल मिला. उसके बाद मुझे हिम्मत हुई थी उसके बाद कई नेशनल और स्टेट लेवल के गेम्स मैने जीते. वो कहती है मैने यूपीपीसीएस की परीक्षा में भी गेम्स के वजह से ही आ पाई. अनिता मुस्कुराते हुए कहती है कि पापा तो मेरे नौकरी करने पर भी गुस्सा थे लेकिन मां ने कई बार समझाया तो उन्होंने इजाजत दी, एक तरह से अच्छा ही हुआ नहीं तो मैं पीसीएस नहीं रेलवे में होती क्योंकि मेरी पहली नौकरी रेल में ही लगी थी. उसके बाद पति ने मुझे बहुत सपोर्ट किया.

मेरे सिखाई एक बच्ची अभी नेशनल जीती है, मैं खुद की तरह उसे सफर करने नहीं दूंगी.
अनिता नागर अपने हाथ में रखे रैकेट को नीचे रखती है और कहती है, मैने जिस तरह से गेम में अपना कैरियर बनाया उस तरह से कई लोग आ सकते हैं.लेकिन सही मार्ग दर्शन के वजह से वो आ नहीं पाते इसलिए मैने आठ बच्चों को गेम्स सिखाना शुरू किया है, जिसको मैं सबकुछ उपलब्ध करवा रही हूं. इसके अलावा और कई बच्चे है जिनको मैं मुफ्त में कोचिंग और गाइडेंस देती हूं, ताकि वो खेल में आगे जा सके. मैने जो झेला वो मैं किसी और को नहीं झेलने दे सकती. अनिता नागर कहती है एक लड़की जिसको मैंने सिखाया है, वो अभी पैरा आर्चरी में नेशनल जीता है, उसके लिए खुश हूं वो बस एक बार ओलंपिक और कॉमनवेल्थ की तैयारी में लग जाएगी वहां जीत जाए तो मेरी मेहनत सफल हो जाएगी.

बेटियों के लिए खेल में अपार संभावनाएं हैं, पैरेंट्स को ने बेझिझक बेटियों को आगे आने देना चाहिए.
अनिता नागर की पोस्टिंग दो माह पहले ही जिला गौतमबुद्ध नगर में हुई है.वो कहती हैं कि गांव में लोग जानकारी के अभाव में सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते हैं. 2010 के बाद जब से कॉमनवेल्थ गेम्स हुए है तब से देश में खेल का चलन बढ़ा है, सरकार भी कई योजनाएं चला रही है. मैने कोच के बिना ट्रेनिंग ली थी वो अब समस्या नहीं है.सरकार तो कोच दे रही है साथ ही निजी कोच भी ले सकते हैं. सरकार ने तो अब 15 साल की छात्राओं के लिए हॉस्टल भी खोल दिया है. लेकिन हम लोगों के समय कुछ नहीं था. फिर भी पीएचडी और नेट जेआरएफ गेम्स से ही पूरा किया था.
(रिपोर्ट – आदित्य कुमार)

Noida News: शहर का कूड़ा शहर में ही होगा इस्तेमाल, यह है पूरा प्लान

4 से ज्यादा तरीकों से अब शहर का कूड़ा शहर में ही इस्तेमाल होगा.

नोएडा अथॉरिटी (Noida Authority) ने इसकी पहल शुरु की है. ब्राजील (Brazil) और भारतीय कंपनी के सहयोग से नोएडा के लखनावली में एक प्लांट लगाया गया है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 22, 2021, 11:18 IST
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नोएडा. किसी भी शहर के रखरखाव में सबसे ज्यादा परेशानी कूड़े को लेकर आती है. शहर से कूड़ा (Garbage) उठाना तो आसान होता है, लेकिन उसे कहां डंप करें और उसका इस्तेमाल कैसे करें, इसे लेकर हर वक्त माथापच्ची चलती रहती है. लेकिन अब कूड़े की परेशानी से छुटकारा मिलने जा रहा है. नए प्लान के मुताबिक अब शहर का कूड़ा शहर में ही इस्तेमाल होगा. नोएडा अथॉरिटी (Noida Authority) ने इसकी पहल शुरु की है. ब्राजील (Brazil) और भारतीय कंपनी के सहयोग से नोएडा के लखनावली में एक प्लांट लगाया गया है. इसी जगह पर नोएडा का डंप यार्ड भी है. यहां 3 लाख टन से ज्यादा कूड़ा जमा हो चुका है. एक आंकड़े के मुताबिक नोएडा (Noida) से हर रोज 250 टन कूड़ा निकलता है.

ऐसे होगा कूड़े का इस्तेमाल  

नोएडा अथॉरिटी से जुड़े अफसरों की मानें तो लखनावली प्लांट में डंप 3 लाख टन से ज्यादा कूड़े में से किचन वेस्ट को अलग किया जाएगा. किचिन से निकले कूड़े से खाद बनाई जाएगी. इस खाद का इस्तेमाल नोएडा अथॉरिटी अपने यहां बागवानी में करेगी. इस तरह से करीब 50 फीसद कूड़ा निपट जाएगा. बाकी जो 50 फीसद कूड़ा बचेगा उसमे से प्लास्टिक वेस्ट को अलग कर रीसाइकिलिंग प्लांट को भेजा जाएगा.

वहां प्लास्टिक वेस्ट) से फ्यूल या मल्टी लेयर बोर्ड बनाए जाएंगे. यह वो बोर्ड होंगे जिनसे कुर्सी, बेंच, ट्री गार्ड बनाए जा सकेंगे. इतना ही नहीं कंस्ट्रक्शन साइट से निकले कूड़े का इस्तेमाल सड़क बनाने और गड्ढे भरने के लिए किया जाएगा. इस प्लांट को रेमेडिएशन नाम दिया गया है.

Noida-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे पर अब नहीं लगेगा जाम, जानिए अथॉरिटी का प्लान

प्लांट से हर रोज निकलेगी 10 ट्रक मिट्टी, लगेंगे सीसीटीवी  

जानकारों का कहना है कि लखनावली में हर रोज नोएडा शहर का करीब 250 टन कूड़ा आता है. इस कूड़े में करीब 10 ट्रक मिट्टी होती है. लेकिन अब प्लांट शुरु होने के बाद से इस मिट्टी का इस्तेमाल शहर की सड़क बनाने में हो सकेगा. वहीं शहर के बाग-बगीचों में भी इस मिट्टी का इस्तेमाल किया जाएगा. शहर में जिस जगह अथॉरिटी की जमीन सड़क से नीची है वहां इस मिट्टी को भराव के रूप में डाला जाएगा. लैंडफिल साइट पर काम कैसा हो रहा है. कूड़े को अच्छी तरह से प्रोसेस किया जा रहा है या नहीं यह देखने के लिए नोएडा अथॉरिटी वहां सीसीटीवी कैमरे लगा रही है. इन कैमरों को आम पब्लिक भी अथॉरिटी की साइट पर जाकर लाइव देख सकती है.

एवियन एमरो ने लगाया है प्लांट

इस प्लांट का सेटअप ब्राजील की कंपनी ने तैयार किया है. यहां पर पावर स्कैनर, ट्रॉमेल और वेइंग ब्रिज आदि मशीने लगाई गई हैं. ब्राजील की कंपनी को मदद करने के लिए भारतीय एवियन एमरो कंपनी भी उसके साथ है. हालांकि रेमेडिएशन प्लांट लगाने के लिए टेंडर के जरिए ब्राजील की कंपनी लारा का चयन किया गया था. लेकिन इस कंपनी ने भारतीय कंपनी एवियन एमरो के साथ मिलकर कूड़ा निस्तारित करने के लिए अनुबंध साइन किया है. दोनों कंपनियों ने मिलकर लखनावली में प्लांट तैयार किया है. यह प्लांट मंगलवार से शुरू हो गया है.

नोएडा में अचानक बढ़ी TB के मरीजों की तादाद, एक साल में 5000 से भी ज्यादा मामले

अधिकारियों ने बताया कि निगरानी की वजह से पिछले साल की तुलना में इस साल टीबी के मामलों की पहचान करने में मदद मिली है. (सांकेतिक फोटो)

टीवी रोग नियंत्रण से संबंधित नोडल अधिकारी शिरीष जैन (Shirish Jain) ने कहा, "आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं ने विशेष निगरानी अभियान के तहत टीबी रोग की पहचान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.''

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 16:48 IST
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नोएडा. उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर (Gautam Buddha Nagar) जिले में टीबी के मरीज बढ़ते जा रहे हैं. पिछले 10 दिनों के अंदर की गई निगरानी के दौरान 54 संदिग्ध मामलों में से 6 टीबी (TB Patients) के नए केस सामने आए हैं. इसके साथ ही इस साल अभी तक टीबी के करीब 5500 मामले सामने आ चुके हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया द्वारा अधिकारियों के हवाले से प्रकाशित खबर के मुताबिक, मरीजों की पहचान विशेष निगरानी, जागरूकता अभियान और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने वालों के डाटा (Data) के आधार पर की जाती है. हालांकि, पूरे जिले में की गई व्यापक निगरानी के कारण पिछले साल की तुलना में इस साल अधिक टीबी मरीजों की पहचान की गई है.

टीवी रोग नियंत्रण से संबंधित नोडल अधिकारी शिरीष जैन ने कहा, “आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं ने विशेष निगरानी अभियान के तहत टीबी रोग की पहचान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. वे सभी सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित रोगियों का रिकॉर्ड दर्ज रखते हैं, क्योंकि कोविड के मामले में भी यही सामान्य लक्षण है. उसके अलावा भी कुछ अन्य विशेष जांच के माध्यम से टीवी की पहचान की जाती है.”
जैन ने कहा कि लॉकडाउन के कारण लोग ओपीडी नहीं जाते थे और महामारी की आपात स्थिति को छोड़कर लोग अस्पताल जाने से परहेज कर रहे थे, ऐसे में घर- घर जाकर यह अभियान चलाना पड़ा.

साल पूरा होने में अब भी तीन महीने शेष हैं
अधिकारियों ने बताया कि निगरानी की वजह से पिछले साल की तुलना में इस साल टीबी के मामलों की पहचान करने में मदद मिली है, लेकिन इस बार यह संख्या कम हो सकती है. 2019 में जहां टीबी मरीजों की संख्या 9960 थी, जो 2020 में घटकर 7024 हो गई. इस वर्ष अभी तक टीबी के 5475 मामले सामने आए हैं. जैन ने कहा, “साल पूरा होने में अब भी तीन महीने शेष हैं, अभी तक टीबी के मामले कम हैं.”

केवल 2 से 3 प्रतिशत ही एमडीआर टीबी के मामले हैं
सरकारी अस्पतालों में टीबी का इलाज मुफ्त होता है. सरकार की ओर से एक किट प्रदान किया जाता है, जिसमें यह बताया जाता है कि ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल का पालन छह माह तक कैसे किया जाना चाहिए. चिकित्सकों का कहना है कि टीबी के इलाज की महत्वपूर्ण बात यह है कि इसे बीच में बाधित नहीं होना चाहिए. मल्टी ड्रग रेसिस्टेंट (एमडीआर) टीबी के मामलों में इलाज कम से कम डेढ़ साल तक चलता है. नोएडा में टीबी के कुल मामलों में केवल 2 से 3 प्रतिशत ही एमडीआर टीबी के मामले हैं.

नोएडा में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, 9 अपराधी गिरफ्तार, गोली लगने से 2 घायल

पुलिस द्वारा चलाई गई गोली अनुज पुत्र कमलेश व फिरोज खान पुत्र इस्लाम खान के पैर में लगी है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

अपर पुलिस उपायुक्त (जोन तृतीय) विशाल पांडे (Vishal Pandey) ने बताया कि बीती रात थाना नॉलेज पार्क पुलिस को सूचना मिली कि कुछ बदमाश वारदात को अंजाम देने की मंशा से एक कैंटर में सवार होकर आ रहे हैं. उन्होंने बताया कि पुलिस ने सूचना के आधार पर हिंडन नदी के पुस्ता के पास घेराबंदी की.

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नोएडा. थाना नॉलेज पार्क पुलिस (Thana Knowledge Park Police) ने सोमवार देर रात मुठभेड़ (Encounter) के दौरान 9 बदमाशों को गिरफ्तार किया. पुलिस द्वारा चलाई गई गोली दो बदमाशों के पैर में लगी है. इन बदमाशों के पास से पुलिस ने देसी तमंचा, कारतूस तथा चोरी की घटनाओं में इस्तेमाल किये जाने वाले लोहा काटने के औजार व एक कैंटर बरामद किया है. पुलिस के मुताबिक, ये बदमाश निर्माणाधीन फैक्ट्रियों तथा रेलवे ट्रैक (Railway Track) की दिन में रैकी करके, रात के समय वहां चोरी करते थे. पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला है कि इन बदमाशों ने थाना नॉलेज पार्क क्षेत्र में निर्माणाधीन रेलवे ट्रैक से लोहे का सामान चोरी किया था. इन बदमाशों ने विभिन्न निर्माणाधीन कारखानों व रेलवे ट्रैक पर चोरी की दर्जनों वारदातों को अंजाम देने की बात कबूली है.

अपर पुलिस उपायुक्त (जोन तृतीय) विशाल पांडे (Vishal Pandey) ने बताया कि बीती रात थाना नॉलेज पार्क पुलिस को सूचना मिली कि कुछ बदमाश वारदात को अंजाम देने की मंशा से एक कैंटर में सवार होकर आ रहे हैं. उन्होंने बताया कि पुलिस ने सूचना के आधार पर हिंडन नदी के पुस्ता के पास घेराबंदी की. पांडे के अनुसार, एक कैंटर में सवार होकर कुछ बदमाश आते हुए दिखाई दिए. पुलिस ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया तो बदमाशों ने रुकने की बजाय पुलिस पर गोली चला दी. उन्होंने बताया कि जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भी गोली चलाई. पुलिस द्वारा चलाई गई गोली अनुज पुत्र कमलेश व फिरोज खान पुत्र इस्लाम खान के पैर में लगी है.

चोरी का सरिया और लोहा आदि बरामद किया है
उन्होंने बताया कि पुलिस ने पीछा कर सुधीर, आकाश, माधव सिंह, नरेंद्र, सत्येंद्र, उमेश तथा दूरबीन सिंह नामक सात बदमाशों को भी गिरफ्तार कर लिया. जबकि गुड्डू ,शैलेंद्र व सनी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए. अधिकारी ने बताया कि पुलिस इन बदमाशों की तलाश कर रही है. पांडे ने बताया कि बदमाशों के पास से पुलिस ने चार देसी तमंचे, कारतूस, चाकू तथा चोरी में प्रयुक्त कैंटर, लोहा काटने के उपकरण व कैंटर में भरा हुआ चोरी का सरिया/ लोहा आदि बरामद किया है.

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