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Noida: बच्चों के लिए हर मिनट 1000 लीटर ऑक्सीजन बनाएगा कोविड अस्पताल का यह प्लांट

बच्चों के लिहाज से कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए नोएडा के अस्पताल में तैयारियां चल रही हैं. Demo Pic

बच्चों के लिहाज से कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए नोएडा के अस्पताल में तैयारियां चल रही हैं. Demo Pic

Noida COVID-19 Hospital: बच्चों पर कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए नोएडा कोविड अस्पताल में पीडियाट्रिक आईसीयू (ICU) और आईसोलेशन वार्ड (Isolation Ward) तैयार किया गया है. इसे बच्चों के प्ले-स्कूल की तर्ज पर बनाया गया है.

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नोएडा. कोरोना (Corona) की तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच नोएडा के कोविड अस्पतालों (Noida Covid Hospital) को चाक-चौबंद किया जा रहा है. खासतौर से ऑक्सीजन की डिमांड को पूरा करने के लिए हर मुमकिन इंतजाम किए जा रहे हैं. नोएडा सेक्टर-39 के कोविड अस्पताल में भी एक ऑक्सीजन प्लांट शुरु किया गया है. यह प्लांट एक मिनट में एक हजार लीटर ऑक्सीजन सप्लाई करेगा. तीसरी लहर में कोरोना के बच्चों पर अटैक को देखते हुए अस्पताल में पीडियाट्रिक आईसीयू (ICU) और आईसोलेशन वार्ड (Isolation Ward) तैयार किया गया है.

नोएडा सेक्टर-39 के इस कोविड अस्पताल को बीते साल अगस्त में शुरू किया गया था. अभी तक के मौजूदा इंतजाम के तहत सिर्फ 200 मरीजों तक ही ऑक्सीजन पहुंच पा रही थी. लेकिन अब अस्पताल में प्रेशर स्विंग एडसॉर्बेशन की तकनीक पर ऑक्सीजन प्लांट तैयार किया गया है. यह एक साथ 400 बिस्तारों तक ऑक्सीजन सप्लाई करेगा.

इस प्लांट की लागत 7 लाख रुपए आई है. यह प्लांट हवा में से ऑक्सीजन अलग कर उसे मरीजों के बिस्तर तक सप्लाई करेगा. जानकारों का कहना है कि इस ऑक्सीजन की क्वालिटी दूसरी ऑक्सीजन के मुकाबले खासी अच्छी होती है.

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बच्चों के लिए प्ले क्लास की तर्ज पर है अस्पताल
अस्पताल से जुड़े जानकारों की मानें तो तीसरी लहर बच्चों को भी अपनी चपेट में ले सकती है. इसलिए इस कोविड अस्पताल को प्ले क्लास की तर्ज पर तैयार किया गया है. अस्पताल में 30 बिस्तर का पीडियाट्रिक आईसीयू तैयार किया गया है. वहीं 70 बिस्तर वाला आइसोलेशन वार्ड भी बनाया गया है. आइसोलेशन वार्ड में वेंटिलेटर, एचएफएनसी और बाई-पेप जैसी इमरजेंसी वाली सुविधाएं भी होंगी.

डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए हो रही हैं वर्कशॉप
तीसरी लहर में इलाज के दौरान किसी भी तरह की रुकावट न आए, बीमारी को समझने में डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ का वक्त खराब न हो, इसके लिए इंटरैक्टिव मैननिकिन पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है. जहां वो तकनीकों का परीक्षण भी कर सकते हैं. कोविड और नॉन कोविड मरीजों के लिए विभिन्न मॉड्यूल तैयार किए गए हैं. बच्चों के इलाज से संबंधित वेंटिलेटर, सीपीएपी, एचएफएनसी, इंट्रावेनस लाइन, बीएलएस और एसीएलएस के संचालन का भी प्रशिक्षण दिया गया.

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Greater Noida West Metro News: दिसंबर से शुरू होगा मेट्रो का काम, टेंडर निकला

ग्रेनो वेस्ट को मेट्रो ट्रेन की सौगात देने की तैयारी तेज हो गई हैं. File photo

Greater Noida West Metro News: ग्रेनो वेस्ट में मेट्रो ट्रेन का यह काम पिछले साल दिवाली से शुरू होना था, लेकिन लॉकडाउन के चलते योजना लेट होती चली गई. यह रूट पूरी तरह से ऐलिवेटेड होगा. 1100 करोड़ रुपए का है ये प्रोजेक्ट.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 22, 2021, 18:33 IST
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ग्रेटर नोएडा. ग्रेनो वेस्ट में मेट्रो ट्रेन का काम दिसम्बर से शुरू हो जाएगा. ठेकेदार कंपनी का चयन करने के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है. यह प्रोजेक्ट 1100 करोड़ रुपए का है. प्रोजेक्ट की डीपीआर पहले ही केन्द्र सरकार को भेजी जा चुकी है.

मेट्रो ट्रेन शुरू होने से ग्रेनो वेस्ट भी दिल्ली-एनसीआर से जुड़ जाएगा. अभी तक इस रूट पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा नहीं है. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ इसकी आधारशिला रख सकते हैं. नया रूट करीब 15 किमी का होगा. पहले फेज में 5 मेट्रो रेल स्टेशन बनाए जाएंगे. मेट्रो ट्रेन का यह काम पहले दिवाली से शुरू होना था, लेकिन कोरोना लॉकडाउन के चलते यह योजना लेट होती चली गई. यह रूट पूरी तरह से ऐलिवेटेड होगा.

9 स्टेशन का रूट, 5 से होगी मेट्रो ट्रेन की शुरुआत

गौरतलब रहे नोएडा सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के मेट्रो का रूट 15 किमी का है, लेकिन शुरुआत सिर्फ 5 मेट्रो स्टेशन से होगी. सभी 5 स्टेशन सेक्टर-122, सेक्टर-123, ग्रेटर नोएडा सेक्टर-4, ग्रेटर नोएडा सेक्टर-2 और ईकोटेक-12 ग्रेटर नोएडा वेस्ट को आपस में जोड़ेंगे. हालांकि इस पूरे रूट पर 9 स्टेशन तैयार होने हैं. ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो लाइन के शुरू होते ही वेस्ट के सेक्टर ग्रेटर नोएडा की एक्वा लाइन और दिल्ली मेट्रो की ब्‍लू लाइन से भी जुड़ जाएंगे.

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1100 करोड़ का है ग्रेनो वेस्ट मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट

जानकारों की मानें तो इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत करीब 11 सौ करोड़ रुपये आएगी. नोएडा सेक्टर-51 से लेकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट नॉलेज पार्क 5 तक शुरू होने वाली मेट्रो रेल का पूरा रूट एलिवेटेड होगा. लेकिन अकेले सिविल वर्क पर ही करीब 492 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. वैसे इस प्रोजेक्ट को 2019 में ही मंजूरी मिल चुकी थी. इसे साल 2022 में बनकर शुरू भी हो जाना था, लेकिन कोरोना और लॉकडाउन के चलते यह प्रोजेक्ट लेट होता गया. अब इस प्रोजेक्ट का काम दिसम्बर में शुरू हो जाएगा.

अब ऑटो-ई रिक्शा से मिलने वाला है छुटकारा

ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो लाइन के शुरू होने से इसका एक बड़ा फायदा ग्रेटर नोएडा मेट्रो को भी मिलेगा. नोएडा के परी चौक से बड़ी संख्या में लोग वेस्ट के लिए भी सफर करते हैं, लेकिन कोई पब्लिक ट्रांसपोर्ट न होने के चलते ऑटो और टैक्सी का सहारा लेते हैं. वेस्ट तक मेट्रो शुरू होने के बाद ग्रेटर नोएडा होते हुए लोग वेस्ट तक का सफर करने लगेंगे.

News bulletin noida: ग्रेटर नोएडा के छः गांवों को विकसित कर बनाया जाएगा स्मार्ट विलेज

ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ऑफिस.

देखिए अपने जिले की बड़ी खबरें:ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण 6 गांव को विकसित कर स्मार्ट विलेज बनाया जाएगा.

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1. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण 6 गांव को विकसित कर स्मार्ट विलेज बनाएगा. इसके लिए जल्द ही निविदा जारी की जाएगी. ग्रेनो प्राधिकरण कुल 14 गांवों का जीर्णोधार करेगा. लेकिन पहले चरण में छः गांव ही होंगे शामिल. प्राधिकरण के सीईओ अरूणवीर सिंह ने सोमवार को बताया कि मायचा, छपरौला, सद्दुल्लापुरा, तिलपता – करनवास और कुछ  गांव को अभी विकसित किया जाएगा फिर कुछ दिनों बाद अन्य गांव को विकसित कर स्मार्ट विलेज बनाया जाएगा. यह काम एक माह में शुरू कर दिया जाएगा.

2. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 सितंबर को दादरी आ रहे हैं.इसके लिए जिले में सुरक्षा को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है. जिला सूचना अधिकारी राकेश कुमार चौहान ने सोमवार को बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दादरी में सम्राट मिहिर भोज के मूर्ति के अनावरण के लिए आने वाले है. सुरक्षा की दृष्टि से अगले दो दिन यानी 22 सितंबर तक जिले में किसी तरह के ड्रोन नहीं उड़ पाएगा.

3.नोएडा प्राधिकरण ऑफिस के बाहर नोएडा के किसान पिछले दो हफ्ते से आंदोलन कर रहे है. सोमवार को किसानो ने सेक्टर 6 स्थित प्राधिकरण ऑफिस के बाहर मटका फोड़ कर प्रदर्शन किया. आंदोलन की अगुआई कर रहे सुखबीर पहलवान ने बताया कि प्राधिकरण किसानो के मुआवजे को लेकर विवाद है. उसका निस्तारण करे और अन्य जो मांगे हैं वो पूरा करें नहीं तो किसान यहां से नहीं उठेंगे.
(रिपोर्ट- आदित्य कुमार)

नोएडा में डेंगू, मलेरिया और कोविड-19 के बीच अब दिमागी बुखार का खतरा, 3 संदिग्ध मरीज मिले

उन्होंने बताया कि तीनों को जांच के लिए जिले के विभिन्न अस्पतालों में भेजा गया है. (सांकेतिक फोटो)

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉक्टर सुनील शर्मा (Dr Sunil Sharma) ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने रोगियों का पता लगाने के लिए सात से 17 सितंबर तक घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया था.

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  • LAST UPDATED : September 22, 2021, 15:45 IST
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नोएडा. मलेरिया और कोविड-19 (Malaria And Covid-19) जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे के बीच अब दिमागी बुखार (Brain Fever) ने भी शहर वासियों और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है. जिले में इस बीमारी के तीन संदिग्ध मामले मिले हैं. हालांकि, अभी बीमारी की पुष्टि नहीं हुई है. बीमारी की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉक्टर सुनील शर्मा (Dr Sunil Sharma) ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने रोगियों का पता लगाने के लिए सात से 17 सितंबर तक घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया था. इसमें बुखार, मलेरिया और टीबी के कई रोगी मिले थे. इसी दौरान तीन लोगों में दिमागी बुखार के लक्षण दिखे.

उन्होंने बताया कि तीनों को जांच के लिए जिले के विभिन्न अस्पतालों में भेजा गया है. उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण टीम ने लक्षणों के आधार पर वर्गीकरण कर मरीजों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा है. जिन मरीजों में दिमागी बुखार के लक्षण मिले हैं, उनकी एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम की जांच होगी. रिपोर्ट आने पर ही बीमारी की पुष्टि होगी. सीएमओ ने बताया कि डेंगू के मरीजों की तलाश के लिए रोजाना एनए1 रैपिड एंटीजन जांच की जा रही है. प्रतिदिन औसतन डेंगू के 10 मरीज मिल रहे हैं.

इस साल अधिक टीबी मरीजों की पहचान की गई है
वहीं, कल खबर सामने आई थी कि गौतमबुद्ध नगर (Gautam Buddha Nagar) जिले में टीबी के मरीज बढ़ते जा रहे हैं. पिछले 10 दिनों के अंदर की गई निगरानी के दौरान 54 संदिग्ध मामलों में से 6 टीबी (TB Patients) के नए केस सामने आए हैं. इसके साथ ही इस साल अभी तक टीबी के करीब 5500 मामले सामने आ चुके हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया द्वारा अधिकारियों के हवाले से प्रकाशित खबर के मुताबिक, मरीजों की पहचान विशेष निगरानी, जागरूकता अभियान और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने वालों के डाटा (Data) के आधार पर की जाती है. हालांकि, पूरे जिले में की गई व्यापक निगरानी के कारण पिछले साल की तुलना में इस साल अधिक टीबी मरीजों की पहचान की गई है.

NOIDA TO AGARA - अब दिल्ली भी जाएगी आगरा से नोएडा आने वाली बसें.

एआरएम एनपी सिंह.

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1. आगरा से नोएडा आने वाली बस अब दिल्ली भी जाएगी. इस से हजारों यात्रियों को लाभ मिलेगा. उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग के एआरएम एनपी सिंह ने मंगलवार को बताया कि पहले आगरा से नोएडा बस आती थी. दिल्ली जाने के लिए लोगों को नोएडा उतरना पड़ता था उसके बाद वो दिल्ली जाते थे.लेकिन अब जो बस आगरा से नोएड आएगी वो बस दिल्ली भी जाएगी ताकि लोगों को सहूलियत मिले. उन्होंने कहा कि अभी तत्काल 22 बसे आगरा से नोएडा आती जाती है.

2. सेक्टर 50 स्थित मेघदूत पार्क को नोएडा प्राधिकरण ने रेनोवेट करवाया है. इसके बाद सेक्टर 50 के निवासी बेहद खुश है, उन्होंने नोएडा प्राधिकरण को आभार व्यक्त किया है. सेक्टर के आरडब्ल्यूए जनरल सेक्रेटरी संजीव कुमार ने कहा कि हम कई सालों से प्रयास कर रहे थे कि पार्क को सुंदर बनाया जाए.अब जाकर यहां मूर्तियां लगाई गई है. यहां हजारों परिवार रहते हैं सबके लिए यह पार्क ही बहुत महत्वपूर्ण है.

3. नोएडा में सड़क हादसे को कम करने के लिए जिला प्रशासन लगातार कोशिश कर रहा है. जिले में जितने ब्लैक स्पॉट है सब पर पुलिस बल को तैनात किया जाएगा. एडीएम प्रशासन दिवाकर सिंह ने मंगलवार को बताया कि जिले में ब्लैक स्पॉट पर अब पहले से अधिक पुलिसकर्मियों को लगाया जाएगा. ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकें.

(रिपोर्ट- आदित्य कुमार)

Noida news bulletin:सेक्टर 18 में शिकायत के बाद भी बिजली के पैनल को ठीक नहीं किया गया.

Noida gate.

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1. नोएडा के निवासी चोरों के एक खास ग्रुप से परेशान है, चोरों का यह ग्रुप पार्क के आगे लगे स्टेनलेस स्टील का नेम प्लेट चुराते हैं.सेक्टर 51 आरडब्ल्यूए के जनरल सेक्रेटरी संजीव कुमार ने बताया कि सेक्टर 50 और 51 के पास जब पार्क बना था तो नेम प्लेट लगाई गई थी.जो कि स्टेनलेस स्टील की थी. कबाड़ियों ने उसे पर कई बार अपना हाथ साफ किया.अब नोएडा प्राधिकरण से आग्रह कर रहे हैं कि अब इस प्रकार नेम प्लेट लगवाई जाए. ताकि कोई चोर इसे चुरा न सके.

2. नोएडा सेक्टर 18 मार्केट में कई महीने से बिजली के पैनल बॉक्स खुले हुए हैं. जो मौत को दावत दे रहे है. सेक्टर 18 मार्केट एसोसिएशन ने कई बार बिजली विभाग को इस बारे में बताया लेकिन शिकायत के बाद भी अभी तक बॉक्स को बंद नहीं किया गया है. सेक्टर 18 मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील कुमार जैन ने मंगलवार को बताया कि इतनी शिकायत के बाद भी अभी तक बॉक्स को न तो बंद करवाया गया है और न ही बाहर निकले तारों को ठीक किया गया है. बिजली विभाग शायद बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है.
(रिपोर्ट – आदित्य कुमार)

Noida: पिता नहीं चाहते थे बेटी खेलकूद में आगे बढ़े, नोएडा की यह अफसर अब बच्चों को दे रही खेलकूद की ट्रेनिंग.

अनिता नागर जिला गौतमबुद्घ नगर में उप जिला क्रीड़ा अधिकारी खेलते हुए

जिला गौतमबुद्ध नगर में ही उप जिला क्रीड़ा अधिकारी के पद पर तैनात है. अनिता नागर (Anita nagar) पीसीएस अधिकारी बनने के बाद दर्जनों बच्चों को खेल के लिये प्रोत्साहित कर रही हैं

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नोएडा: कहा जाता है \’मुश्किलों में भाग जाना आसान होता है, हर पहलू जिंदगी का इम्तिहान होता है, डरने वाले को मिलता नहीं कुछ जिंदगी में लड़ने वालों के कदमों में जहान होता है.\’ इस बात को चरितार्थ किया है ग्रेटर नोएडा के छोटे से गांव की बिटिया अफसर अनिता नागर ने. अनिता नागर जब छोटी थी तो उन्हे खेलने का बड़ा शौक था.लेकिन गांव के माहौल में रहने के कारण उनके पापा नहीं चाहते थे कि अनिता खेलकूद में भाग ले. लेकिन अनिता की मां उनको सपोर्ट करती थी और आज अनिता पीसीएस अधिकारी है और अपने जिला गौतमबुद्ध नगर में ही उप जिला क्रीड़ा अधिकारी के पद पर तैनात है. अनिता नागर (Anita nagar) पीसीएस अधिकारी बनने के बाद दर्जनों बच्चों को खेलकूद प्रतियोगिता जैसे ओलंपिक, कॉमनवेल्थ गेम की तैयारी करा रही है, वो कहती है कि जिन परेशानियों से मैं गुजरी हूं वो मैं किसी और को नहीं झेलने दूंगी. 2010 बैच की पीसीएस अधिकारी अनिता नागर ने लोकल 18 से ख़ास बात की.

मां और भाई ने किया सपोर्ट
अनिता नागर का दिल्ली में होने वाले सिविल सर्विस गेम्स 2021 के लिए भी चयन हुआ है. वो 24 से 30 सितंबर तक पीसीएस और आईएएस, आईपीएस अधिकारियों के बीच राष्ट्रीय स्तर के खेल में बैडमिंटन खेलेंगी. जब हम उनके पास पहुंचे तो वो प्रैक्टिस कर रही थी, अनिता नागर कुर्सी पर बैठ जाती है और पसीना पोछते हुए कहती है कि बचपन में मैं सभी खेल खेलती थी, लडको वाले गेम्स तो खास तौर से खेलती थी. मेरा घर यही ग्रेटर नोएडा के एक गांव में है. मेरे गांव में लड़कियों का खेलना पाप जैसा था. इसलिए पापा मना करते थे कहते थे नहीं खेलना है लेकिन मां ने काफी सपोर्ट किया. भाई ने भी काफी सपोर्ट किया. अनिता बताती है कि जब मैं पांचवी क्लास में थी तो सबसे पहले मुझे ब्रोंज मेडल मिला था, मैं एक सौ मीटर रेस को चार सौ मीटर समझ के दौड़ी थी जिसके बाद मुझे मेडल मिला. उसके बाद मुझे हिम्मत हुई थी उसके बाद कई नेशनल और स्टेट लेवल के गेम्स मैने जीते. वो कहती है मैने यूपीपीसीएस की परीक्षा में भी गेम्स के वजह से ही आ पाई. अनिता मुस्कुराते हुए कहती है कि पापा तो मेरे नौकरी करने पर भी गुस्सा थे लेकिन मां ने कई बार समझाया तो उन्होंने इजाजत दी, एक तरह से अच्छा ही हुआ नहीं तो मैं पीसीएस नहीं रेलवे में होती क्योंकि मेरी पहली नौकरी रेल में ही लगी थी. उसके बाद पति ने मुझे बहुत सपोर्ट किया.

मेरे सिखाई एक बच्ची अभी नेशनल जीती है, मैं खुद की तरह उसे सफर करने नहीं दूंगी.
अनिता नागर अपने हाथ में रखे रैकेट को नीचे रखती है और कहती है, मैने जिस तरह से गेम में अपना कैरियर बनाया उस तरह से कई लोग आ सकते हैं.लेकिन सही मार्ग दर्शन के वजह से वो आ नहीं पाते इसलिए मैने आठ बच्चों को गेम्स सिखाना शुरू किया है, जिसको मैं सबकुछ उपलब्ध करवा रही हूं. इसके अलावा और कई बच्चे है जिनको मैं मुफ्त में कोचिंग और गाइडेंस देती हूं, ताकि वो खेल में आगे जा सके. मैने जो झेला वो मैं किसी और को नहीं झेलने दे सकती. अनिता नागर कहती है एक लड़की जिसको मैंने सिखाया है, वो अभी पैरा आर्चरी में नेशनल जीता है, उसके लिए खुश हूं वो बस एक बार ओलंपिक और कॉमनवेल्थ की तैयारी में लग जाएगी वहां जीत जाए तो मेरी मेहनत सफल हो जाएगी.

बेटियों के लिए खेल में अपार संभावनाएं हैं, पैरेंट्स को ने बेझिझक बेटियों को आगे आने देना चाहिए.
अनिता नागर की पोस्टिंग दो माह पहले ही जिला गौतमबुद्ध नगर में हुई है.वो कहती हैं कि गांव में लोग जानकारी के अभाव में सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते हैं. 2010 के बाद जब से कॉमनवेल्थ गेम्स हुए है तब से देश में खेल का चलन बढ़ा है, सरकार भी कई योजनाएं चला रही है. मैने कोच के बिना ट्रेनिंग ली थी वो अब समस्या नहीं है.सरकार तो कोच दे रही है साथ ही निजी कोच भी ले सकते हैं. सरकार ने तो अब 15 साल की छात्राओं के लिए हॉस्टल भी खोल दिया है. लेकिन हम लोगों के समय कुछ नहीं था. फिर भी पीएचडी और नेट जेआरएफ गेम्स से ही पूरा किया था.
(रिपोर्ट – आदित्य कुमार)

Noida News: शहर का कूड़ा शहर में ही होगा इस्तेमाल, यह है पूरा प्लान

4 से ज्यादा तरीकों से अब शहर का कूड़ा शहर में ही इस्तेमाल होगा.

नोएडा अथॉरिटी (Noida Authority) ने इसकी पहल शुरु की है. ब्राजील (Brazil) और भारतीय कंपनी के सहयोग से नोएडा के लखनावली में एक प्लांट लगाया गया है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 22, 2021, 11:18 IST
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नोएडा. किसी भी शहर के रखरखाव में सबसे ज्यादा परेशानी कूड़े को लेकर आती है. शहर से कूड़ा (Garbage) उठाना तो आसान होता है, लेकिन उसे कहां डंप करें और उसका इस्तेमाल कैसे करें, इसे लेकर हर वक्त माथापच्ची चलती रहती है. लेकिन अब कूड़े की परेशानी से छुटकारा मिलने जा रहा है. नए प्लान के मुताबिक अब शहर का कूड़ा शहर में ही इस्तेमाल होगा. नोएडा अथॉरिटी (Noida Authority) ने इसकी पहल शुरु की है. ब्राजील (Brazil) और भारतीय कंपनी के सहयोग से नोएडा के लखनावली में एक प्लांट लगाया गया है. इसी जगह पर नोएडा का डंप यार्ड भी है. यहां 3 लाख टन से ज्यादा कूड़ा जमा हो चुका है. एक आंकड़े के मुताबिक नोएडा (Noida) से हर रोज 250 टन कूड़ा निकलता है.

ऐसे होगा कूड़े का इस्तेमाल  

नोएडा अथॉरिटी से जुड़े अफसरों की मानें तो लखनावली प्लांट में डंप 3 लाख टन से ज्यादा कूड़े में से किचन वेस्ट को अलग किया जाएगा. किचिन से निकले कूड़े से खाद बनाई जाएगी. इस खाद का इस्तेमाल नोएडा अथॉरिटी अपने यहां बागवानी में करेगी. इस तरह से करीब 50 फीसद कूड़ा निपट जाएगा. बाकी जो 50 फीसद कूड़ा बचेगा उसमे से प्लास्टिक वेस्ट को अलग कर रीसाइकिलिंग प्लांट को भेजा जाएगा.

वहां प्लास्टिक वेस्ट) से फ्यूल या मल्टी लेयर बोर्ड बनाए जाएंगे. यह वो बोर्ड होंगे जिनसे कुर्सी, बेंच, ट्री गार्ड बनाए जा सकेंगे. इतना ही नहीं कंस्ट्रक्शन साइट से निकले कूड़े का इस्तेमाल सड़क बनाने और गड्ढे भरने के लिए किया जाएगा. इस प्लांट को रेमेडिएशन नाम दिया गया है.

Noida-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे पर अब नहीं लगेगा जाम, जानिए अथॉरिटी का प्लान

प्लांट से हर रोज निकलेगी 10 ट्रक मिट्टी, लगेंगे सीसीटीवी  

जानकारों का कहना है कि लखनावली में हर रोज नोएडा शहर का करीब 250 टन कूड़ा आता है. इस कूड़े में करीब 10 ट्रक मिट्टी होती है. लेकिन अब प्लांट शुरु होने के बाद से इस मिट्टी का इस्तेमाल शहर की सड़क बनाने में हो सकेगा. वहीं शहर के बाग-बगीचों में भी इस मिट्टी का इस्तेमाल किया जाएगा. शहर में जिस जगह अथॉरिटी की जमीन सड़क से नीची है वहां इस मिट्टी को भराव के रूप में डाला जाएगा. लैंडफिल साइट पर काम कैसा हो रहा है. कूड़े को अच्छी तरह से प्रोसेस किया जा रहा है या नहीं यह देखने के लिए नोएडा अथॉरिटी वहां सीसीटीवी कैमरे लगा रही है. इन कैमरों को आम पब्लिक भी अथॉरिटी की साइट पर जाकर लाइव देख सकती है.

एवियन एमरो ने लगाया है प्लांट

इस प्लांट का सेटअप ब्राजील की कंपनी ने तैयार किया है. यहां पर पावर स्कैनर, ट्रॉमेल और वेइंग ब्रिज आदि मशीने लगाई गई हैं. ब्राजील की कंपनी को मदद करने के लिए भारतीय एवियन एमरो कंपनी भी उसके साथ है. हालांकि रेमेडिएशन प्लांट लगाने के लिए टेंडर के जरिए ब्राजील की कंपनी लारा का चयन किया गया था. लेकिन इस कंपनी ने भारतीय कंपनी एवियन एमरो के साथ मिलकर कूड़ा निस्तारित करने के लिए अनुबंध साइन किया है. दोनों कंपनियों ने मिलकर लखनावली में प्लांट तैयार किया है. यह प्लांट मंगलवार से शुरू हो गया है.

नोएडा में अचानक बढ़ी TB के मरीजों की तादाद, एक साल में 5000 से भी ज्यादा मामले

अधिकारियों ने बताया कि निगरानी की वजह से पिछले साल की तुलना में इस साल टीबी के मामलों की पहचान करने में मदद मिली है. (सांकेतिक फोटो)

टीवी रोग नियंत्रण से संबंधित नोडल अधिकारी शिरीष जैन (Shirish Jain) ने कहा, "आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं ने विशेष निगरानी अभियान के तहत टीबी रोग की पहचान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.''

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 16:48 IST
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नोएडा. उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर (Gautam Buddha Nagar) जिले में टीबी के मरीज बढ़ते जा रहे हैं. पिछले 10 दिनों के अंदर की गई निगरानी के दौरान 54 संदिग्ध मामलों में से 6 टीबी (TB Patients) के नए केस सामने आए हैं. इसके साथ ही इस साल अभी तक टीबी के करीब 5500 मामले सामने आ चुके हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया द्वारा अधिकारियों के हवाले से प्रकाशित खबर के मुताबिक, मरीजों की पहचान विशेष निगरानी, जागरूकता अभियान और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने वालों के डाटा (Data) के आधार पर की जाती है. हालांकि, पूरे जिले में की गई व्यापक निगरानी के कारण पिछले साल की तुलना में इस साल अधिक टीबी मरीजों की पहचान की गई है.

टीवी रोग नियंत्रण से संबंधित नोडल अधिकारी शिरीष जैन ने कहा, “आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं ने विशेष निगरानी अभियान के तहत टीबी रोग की पहचान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. वे सभी सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित रोगियों का रिकॉर्ड दर्ज रखते हैं, क्योंकि कोविड के मामले में भी यही सामान्य लक्षण है. उसके अलावा भी कुछ अन्य विशेष जांच के माध्यम से टीवी की पहचान की जाती है.”
जैन ने कहा कि लॉकडाउन के कारण लोग ओपीडी नहीं जाते थे और महामारी की आपात स्थिति को छोड़कर लोग अस्पताल जाने से परहेज कर रहे थे, ऐसे में घर- घर जाकर यह अभियान चलाना पड़ा.

साल पूरा होने में अब भी तीन महीने शेष हैं
अधिकारियों ने बताया कि निगरानी की वजह से पिछले साल की तुलना में इस साल टीबी के मामलों की पहचान करने में मदद मिली है, लेकिन इस बार यह संख्या कम हो सकती है. 2019 में जहां टीबी मरीजों की संख्या 9960 थी, जो 2020 में घटकर 7024 हो गई. इस वर्ष अभी तक टीबी के 5475 मामले सामने आए हैं. जैन ने कहा, “साल पूरा होने में अब भी तीन महीने शेष हैं, अभी तक टीबी के मामले कम हैं.”

केवल 2 से 3 प्रतिशत ही एमडीआर टीबी के मामले हैं
सरकारी अस्पतालों में टीबी का इलाज मुफ्त होता है. सरकार की ओर से एक किट प्रदान किया जाता है, जिसमें यह बताया जाता है कि ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल का पालन छह माह तक कैसे किया जाना चाहिए. चिकित्सकों का कहना है कि टीबी के इलाज की महत्वपूर्ण बात यह है कि इसे बीच में बाधित नहीं होना चाहिए. मल्टी ड्रग रेसिस्टेंट (एमडीआर) टीबी के मामलों में इलाज कम से कम डेढ़ साल तक चलता है. नोएडा में टीबी के कुल मामलों में केवल 2 से 3 प्रतिशत ही एमडीआर टीबी के मामले हैं.

नोएडा में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, 9 अपराधी गिरफ्तार, गोली लगने से 2 घायल

पुलिस द्वारा चलाई गई गोली अनुज पुत्र कमलेश व फिरोज खान पुत्र इस्लाम खान के पैर में लगी है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

अपर पुलिस उपायुक्त (जोन तृतीय) विशाल पांडे (Vishal Pandey) ने बताया कि बीती रात थाना नॉलेज पार्क पुलिस को सूचना मिली कि कुछ बदमाश वारदात को अंजाम देने की मंशा से एक कैंटर में सवार होकर आ रहे हैं. उन्होंने बताया कि पुलिस ने सूचना के आधार पर हिंडन नदी के पुस्ता के पास घेराबंदी की.

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नोएडा. थाना नॉलेज पार्क पुलिस (Thana Knowledge Park Police) ने सोमवार देर रात मुठभेड़ (Encounter) के दौरान 9 बदमाशों को गिरफ्तार किया. पुलिस द्वारा चलाई गई गोली दो बदमाशों के पैर में लगी है. इन बदमाशों के पास से पुलिस ने देसी तमंचा, कारतूस तथा चोरी की घटनाओं में इस्तेमाल किये जाने वाले लोहा काटने के औजार व एक कैंटर बरामद किया है. पुलिस के मुताबिक, ये बदमाश निर्माणाधीन फैक्ट्रियों तथा रेलवे ट्रैक (Railway Track) की दिन में रैकी करके, रात के समय वहां चोरी करते थे. पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला है कि इन बदमाशों ने थाना नॉलेज पार्क क्षेत्र में निर्माणाधीन रेलवे ट्रैक से लोहे का सामान चोरी किया था. इन बदमाशों ने विभिन्न निर्माणाधीन कारखानों व रेलवे ट्रैक पर चोरी की दर्जनों वारदातों को अंजाम देने की बात कबूली है.

अपर पुलिस उपायुक्त (जोन तृतीय) विशाल पांडे (Vishal Pandey) ने बताया कि बीती रात थाना नॉलेज पार्क पुलिस को सूचना मिली कि कुछ बदमाश वारदात को अंजाम देने की मंशा से एक कैंटर में सवार होकर आ रहे हैं. उन्होंने बताया कि पुलिस ने सूचना के आधार पर हिंडन नदी के पुस्ता के पास घेराबंदी की. पांडे के अनुसार, एक कैंटर में सवार होकर कुछ बदमाश आते हुए दिखाई दिए. पुलिस ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया तो बदमाशों ने रुकने की बजाय पुलिस पर गोली चला दी. उन्होंने बताया कि जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भी गोली चलाई. पुलिस द्वारा चलाई गई गोली अनुज पुत्र कमलेश व फिरोज खान पुत्र इस्लाम खान के पैर में लगी है.

चोरी का सरिया और लोहा आदि बरामद किया है
उन्होंने बताया कि पुलिस ने पीछा कर सुधीर, आकाश, माधव सिंह, नरेंद्र, सत्येंद्र, उमेश तथा दूरबीन सिंह नामक सात बदमाशों को भी गिरफ्तार कर लिया. जबकि गुड्डू ,शैलेंद्र व सनी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए. अधिकारी ने बताया कि पुलिस इन बदमाशों की तलाश कर रही है. पांडे ने बताया कि बदमाशों के पास से पुलिस ने चार देसी तमंचे, कारतूस, चाकू तथा चोरी में प्रयुक्त कैंटर, लोहा काटने के उपकरण व कैंटर में भरा हुआ चोरी का सरिया/ लोहा आदि बरामद किया है.

आज पोस्टमार्टम के बाद होगा महंत नरेंद्र गिरी का अंतिम संस्कार; पढ़ें अब तक क्या-क्या हुआ

RIP Mahant Narendra Giri: आचार्य नरेंद्र गिरी की लाश का आज कराया जाएगा पोस्टमॉर्टम.

Suicide Note : महंत नरेंद्र गिरी के पास से मिले सुसाइड नोट में आनंद गिरी, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी पर मानसिक तौर से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है. पुलिस के अनुसार महंत नरेंद्र गिरी का पोस्टमॉर्टम मंगलवार को डॉक्टरों के पैनल से करवाया जाएगा.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 00:44 IST
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नोएडा. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की सोमवार को संदिग्‍ध हालात में मौत हो गई. प्रयागराज के बाघंबरी मठ में उनकी लाश फांसी के फंदे से लटकती मिली है. सूचना पाकर मौक पर पहुंची पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया है. फोरेंसिक टीम ने मौका-मुआयना किया है. जांच में पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला है. इसमें कई नाम आए हैं. सुसाइड नोट में अपने एक शिष्य से परेशान होने की भी बात लिखी गई है.

यूपी पुलिस एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि महंत गिरी की आत्महत्या की सूचना उनके शिष्य बबलू ने फोन पर पुलिस को दी. इसके बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तो उनके शव को उतारा जा चुका था और नीचे रखा हुआ था. पुलिस के अनुसार महंत नरेंद्र गिरी का पोस्टमॉर्टम मंगलवार को डॉक्टरों के पैनल से करवाया जाएगा. खबर है कि उसके बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. बता दें कि मठ में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का यह पहला मामला नहीं है. दो साल पहले नवंबर महीने में भी अखाड़े के एक संत की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. संत का शव उनके कमरे में मिला था. उन्हें गोली लगी थी. उनकी हथेली में पिस्टल फंसी थी और पास में ही खोखे बरामद किये गये थे.

पहले भी मिली थी हत्या की धमकी
महंत नरेंद्र गिरी की मौत को उनके शिष्य आनंद गिरी से चल रहे विवाद से भी जोड़कर देखा जा रहा है. उल्लेखनीय है कि नरेंद्र गिरी ने अपने सुसाइड नोट में आनंद गिरी की ओर से मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने का अरोप लगाया है. इस बीच, उत्तराखंड पुलिस ने महंत नरेंद्र गिरी के शिष्य आनंद गिरी को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है. बता दें कि महंत नरेंद्र गिरी को पहले भी हत्या की धमकी मिल चुकी थी. यह मामला 2018 का है, तब नरेंद्र गिरी ने प्रयागराज के दारागंज थाने में FIR दर्ज कराई थी. इसमें झूंसी थाना क्षेत्र में रहने वाले योग गुरु सत्यम पर जान से मार देने की धमकी देने का आरोप लगाया गया था.

शिष्य आनंद ने कहा – मुझे फंसाने की साजिश
इधर, हिरासत में लिए जाने के बाद आनंद गिरी ने कहा है कि गुरुजी कभी आत्महत्या नहीं कर सकते, उनकी हत्या हुई है. उन्होंने कहा कि आईजी स्वयं इसमें संदिग्ध हैं. आईजी लगातार नरेंद्र गिरी के संपर्क में रहते थे. आनंद गिरी का आरोप है कि मठ और मंदिर का पैसा हड़पने वालों ने महंत जी की हत्या की है. इस साजिश में मठ के कई बड़े नाम शामिल हो सकते हैं. करोड़ों का खेल हैं. इसमें एक सिपाही अजय सिंह भी है. यही लोग उनकी हत्या कर सकते हैं. आनंद गिरी का आरोप है कि महंत नरेंद्र गिरी को मारकर मुझे फंसाने की साजिश है.

‘नरेंद्र गिरी को लिखना-पढ़ना नहीं आता था’
सुसाइड नोट में शिष्य द्वारा मानसिक रूप से परेशान किए जाने की बात पर गिरफ्तार किए गए शिष्य आनंद गिरी ने कहा कि महंत नरेंद्र गिरी को लिखना-पढ़ना ही नहीं आता था, ऐसे में वे 8 पन्नों का सुसाइड नोट कैसे लिख सकते हैं. उन्होंने कहा कि इस मामले की पूरी जांच की जानी चाहिए.

आद्या तिवारी भी हिरासत में
इस बीच, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी के लिखे सुसाइड नोट में आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराए गए आरोपियों में से एक आद्या तिवारी को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. उत्तर प्रदेश पुलिस ने आद्या तिवारी को प्रयागराज से ही गिरफ्तार किया है. आद्या तिवारी बड़े हनुमान मंदिर के पुजारी हैं. पुजारी आद्या तिवारी के बेटे संदीप तिवारी को अभी हिरासत में नहीं लिया गया है. गौरतलब है कि महंत नरेंद्र गिरी के पास से मिले सुसाइड नोट में आनंद गिरी, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी पर मानसिक तौर से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है.

Opinion : धर्म का सामाजिक मर्म तलाश लेने वाले महंत थे अखाड़ा परिषद के नरेंद्र गिरी

विदा महंत नरेंद्र गिरी.

Hindu saint : अपनी धार्मिक मान्यताओं और सामाजिक विचारधारा में अडिग और स्पष्ट रहने वाले नरेंद्र गिरी हाल के दिनों में कुछ विवादों से घिरे जरूर रहे, पर इस विवाद को उनके व्यक्तित्व का प्रतिनिधि रूप नहीं माना जा सकता. उनके सामाजिक मूल्यों, आस्थाओं की पड़ताल उनकी टिप्पणियों के माध्यम से की जा सकती है.

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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हो गई है. प्रयागराज के बाघम्बरी गद्दी मठ में उनका शव फंदे से झूलता मिला है. अपनी धार्मिक मान्यताओं और सामाजिक विचारधारा में अडिग और स्पष्ट रहने वाले नरेंद्र गिरी हाल के दिनों में कुछ विवादों से घिरे जरूर रहे, पर इस विवाद को उनके व्यक्तित्व का प्रतिनिधि रूप नहीं माना जा सकता. प्रसंगवश हाल के विवाद की चर्चा करते हुए उनके सामाजिक मूल्यों, आस्थाओं की पड़ताल उनकी टिप्पणियों के माध्यम से की जा सकती है.

महंत नरेंद्र गिरी के शिष्य रहे हैं स्वामी आनंद गिरी. पिछले दिनों आनंद गिरी पर परिवार से संबंध रखने का आरोप लगा था. साथ ही मठ और मंदिर के धन के दुरुपयोग के मामले में उनपर मठ और मंदिर से निष्कासन की कार्रवाई हुई थी. इसके बाद आनंद गिरी ने अपने गुरु महंत नरेंद्र गिरी के खिलाफ कई बयान दिए थे. कई आरोप भी लगाए. इस मुद्दे पर अखाड़ा परिषद ने एक बैठक भी बुलाई थी. हालांकि बाद में अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी और आंनद गिरी के बीच का विवाद खत्म होने की बात भी सामने आई.

लेकिन निधन से पहले की उनकी सामाजिक और राजनीतिक सक्रियता पर अगर गौर करें तो यह साफ तौर पर दिखेगा कि उनके व्यक्तित्व में धार्मिकता प्रमुख गुण की तरह थी, जबकि राजनीतिक और समाजिक मुद्दों पर भी वे उतने ही सजग रहे थे. इसी 17 सितंबर को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर उन्हें शुभकामना प्रेषित की थी. पिछले दिनों अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद वे स्पष्ट तौर पर तालिबान के खिलाफ दिखे थे. बल्कि उन्होंने उन तमाम लोगों को आतंकी की संज्ञा दी थी जो तालिबान के साथ खड़े दिख रहे थे.

भारत में रहनेवाले कुछ मुस्लिम धर्मगुरुओं की आस्था तालिबान के साथ खड़ी देखकर महंत नरेंद्र गिरी ने बहुत स्पष्ट रूप से इसका विरोध किया था. अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने भारतीय मुस्लिम महिलाओं से कहा था कि अफगानिस्तान में महिलाओं के साथ तालिबान जिस तरह का अन्याय और अत्याचार कर रहा है, उसे समझते हुए भारत में रहने वाली मुस्लिम महिलाओं को भी तालिबान का समर्थन करने वाले मुस्लिम धर्म गुरुओं का विरोध और बहिष्कार करना चाहिए.

महंत नरेद्र गिरी के कई बयानों में साफ दिखता रहा कि वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हिंदू प्रेम के मुद्दे पर अगाध स्नेह रखते हैं. इसके बावजूद जब कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच शुरू में सीएम योगी ने कांवड़ यात्रा को सहमति दे दी थी तो महंत नरेंद्र गिरी ने बेहद सौम्य लहजे में सरकार के इस फैसले के खिलाफ दिखे थे. उन्होंने कहा था कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने परंपरा के निर्वहन को लेकर कांवड़ यात्रा की इजाजत दे दी है. लेकिन जिस तरह के खतरे की आशंका तीसरी लहर को लेकर जताई जा रही है. उसके मद्देनजर कांवड़ यात्रा निकालना कतई उचित नहीं होगा. उन्होंने शिवभक्तों से अपील की थी कि वे अपने नजदीक के शिवालयों में पूजा अर्चना और जलाभिषेक कर सकते हैं. चाहें तो अपने घरों में पार्थिव शिवलिंग स्थापित करें और जलाभिषेक करें. लेकिन भरसक कोशिश करें कि कांवड़ यात्रा पर न जाएं.

देश में बढ़ती हुई जनसंख्या को लेकर भी नरेंद्र गिरी ने गहरी चिंता भी जताई थी. उनका मानना था कि जनसंख्या बढ़ने का सीधा प्रभाव अच्छी शिक्षा और चिकित्सा व्यवस्था पर पड़ता है. यही वजह है कि तेजी से बढ़ रही जनसंख्या पर वे तत्काल रोक चाहते थे. उन्होंने मांग की थी कि जनसंख्या पर नियंत्रण के लिए सरकार ऐसा सख्त कानून बनाए, जिसे देश और प्रदेश में रहने वाले हर नागरिक को मानना ही हो. बल्कि उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण कानून की सख्ती को लेकर सुझाव दिया था कि अगर दो बच्चे के बाद तीसरा बच्चा कोई पैदा करे तो उसे वोट देने का अधिकार न हो, न ही चुनाव लड़ने का अधिकार हो और उसका आधार कार्ड भी न बने और सरकार की तमाम योजनाओं से भी उसे वंचित कर दिया जाए. तभी इस कानून का सही मायने में सख्ती से पालन हो सकता है.

तो ऐसे मजबूत इरादों वाला महंत, इतनी स्पष्ट दृष्टि रखने वाला महंत अपने जीवन के आखिरी दिनों में क्या सचमुच किसी मानसिक तनाव से गुजर रहे थे? इस सवाल का जवाब तो आनेवाला वक्त देगा. लेकिन कांवड़ के मुद्दे पर या जनसंख्या नीति को लेकर या तालिबान जैसे सवालों पर जो निर्भीक और स्पष्ट आवाज हमें सुनाई पड़ती थी, अब नहीं आएगी. यह सही है कि उनके इस तरह चले जाने से धर्मसभाओं ने एक वैचारिक योद्धा खो दिया, जो तार्किक तरीके से धार्मिक-सामाजिक गतिविधियों को समझता और समझाता रहा था.

(डिस्क्लेमर: ये लेखक के निजी विचार हैं. लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता/सटीकता के प्रति लेखक स्वयं जवाबदेह है. इसके लिए News18Hindi किसी भी तरह से उत्तरदायी नहीं है)

J&k-कश्मीरी पंडितों की जमीन वापस दिलाने के लिए लॉन्च वेबसाइट के बाद जानिए कश्मीरियों का मन

कश्मीरी पंडित क्या कश्मीर वापस लौटना चाहते है!

कश्मीरी पंडितों (Kashmiri pandit) के लिए यह एक अच्छी पहल मानी जा रही है लेकिन जो कश्मीर के आम नागरिक है वो क्या सोचता है सरकार के इस स्टेप के लेकर

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नोएडा: साल 1989-1990 में भारत के अभिन्न अंग जम्मू कश्मीर (Jammu & kashmir) से लाखों कश्मीरी पंडितों को घाटी में बढ़ रहे आतंकवाद के कारण विस्थापित होना पड़ा था, उसके बाद वह अपना व्यापार और संपत्तियों को कश्मीर में ही छोड़ कर देश और विदेशों में के अलग अलग स्थानों पर रहने लगे. ठीक तीस साल बाद भारत सरकार ने जम्मू -कश्मीर को केंद्रशासित प्रदेश बना देने के बाद कश्मीरी पंडितों के हित के लिए कुछ प्रयास करने शुरू किए है. कुछ दिनों पहले जम्मू कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा ने दो वेबसाइट को लॉन्च किया था. जिसके माध्यम से कश्मीर से विस्थापित लोग रजिस्टर कर अपनी जमीन वापस पा सकते हैं.
कश्मीरी पंडितों (Kashmiri pandit) के लिए यह एक अच्छी पहल मानी जा रही है.लेकिन जो कश्मीर के आम नागरिक है वो क्या सोचते हैं सरकार के इस कदम को लेकर. यह जानने के लिए हमने नोएडा -ग्रेटर नोएडा में रहने वाले कश्मीरी नागरिकों से बात की.

अंतिम सांस कश्मीर में लूं यही अच्छा रहेगा
कुलदीप खासु 1990 में दवाइयों को अपना बहुत बड़ा व्यापार छोड़ कर पूरे परिवार के साथ नोएडा आ गए थे.यहां फिर से जीरो से शुरुआत की और फिर से अपना व्यापार जमाना शुरू किया. कुलदीप खासु हाथों में अपने घर के फोटो दिखाते हुए कहते हैं कि मेरा तीन मंजिला मकान था. उसे उन लोगों ने जला दिया.उनका कहना है कि हालात ठीक हो जाएंगे तो हम वापिस जा सकते हैं.कुलदीप बताते हैं कि पांच साल पहले मै कश्मीर गया था.मै अपने पुराने घर के पास घंटों बैठा रहा. जहां उन्होंने अपने यार दोस्तों के साथ बचपन बिताया था.अब तो अंतिम सांस अपने घर पर लूं ये बहुत अच्छा रहता.

कश्मीर सबकुछ कैसे बर्दाश्त करले
ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा यूनिवर्सिटी के छात्र उमर बताते हैं कि जम्मू कश्मीर में लोग सब शांति से रहना चाहते हैं, ऐसे में सरकार का यह कदम सराहनीय है. लेकिन इस कदम से वहां रह रहे लोगों को कोई समस्या ना हो सरकार को यह देखना चाहिए. जब कश्मीरी पंडितों ने कश्मीर छोड़ा था तो कई लोगों ने उनकी जमीन खरीदी थी, भले ही वो सस्ती जमीन हो लेकिन खरीदी थी. किसी से छीना नहीं था. अब जब वह जमीन हमसे ली जाएगी तो हमारे साथ अन्याय होगा कैसे ये कोई बर्दाश्त करले?
क्या हमारी सुरक्षा की गारंटी है!
नोएडा में 1989 में आए अनिल धर नोएडा में कश्मीरी पारंपरिक चीजों की दुकान चलाते हैं वो बताते हैं कि सरकार का कदम तो बढ़िया है.लेकिन क्या हमारी जान की कोई गारंटी है? हमें तो यह पहले जानना है कि हमें वहां से निकाला क्यों? हमारी क्या गलती थी? हमारे साथ जिसने गलत किया उन्हे कोई सजा भी नहीं मिली.

सरकार बदल जाए तो क्या होगा?
क्रिस्टी खासु दसवी क्लास में थे जब वो कश्मीर से नोएडा आ गए थे. वो बताते है हमारी जड़ें तो वहीं है, लेकिन डर है कि अगर सरकार बदल जाए तो क्या होगा? वैसे रूल्स बन जाए तो मानना लोगों को पड़ता है.लेकिन उस वक्त भी तो लोकतांत्रिक सरकार थी फिर भी हमें भागना पड़ा था. तो अगर बीजेपी (Bjp) हटती है तो फिर क्या रवैया होगा नई सरकार का? राजनीति में हमारी बलि न चढ़ जाए.

लोग सब शांति चाहते हैं.
21 वर्षीय फारुख अब्दुल्ला शारदा यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करते है और यही हॉस्टल में रहते हैं. वो बताते हैं कि कश्मीर में लोग सब शांति से रहना चाहते हैं. शांति से ही विकास होगा और विकास होगा तो लोग सरकार का साथ देंगे. लेकिन जिस तरह से सरकार कर रही है बेशक वो कश्मीरी पंडितों के लिए सही कदम है.लेकिन जो लोग पहले से ही वहां रह रहे हैं उनकी भावनाओं को भी समझना होगा. पता नहीं है सरकार कैसे जमीन का लेनदेन करेंगी कई लोगों के पास तो अब जमीन से जुड़े पेपर तक नहीं है. ऐसे में कैसे जमीन का निपटारा किया जाएगा पता नहीं. जिसने भी जमीन खरीदी थी सबने वहां करोड़ों रुपए खर्च कर घर बना लिया है, क्या उनकी जमीन छीनी जाएगी इसका पता तो बाद में ही चलेगा.
(रिपोर्ट -आदित्य कुमार)

Noida Kidnapping: मामला निकला झूठा, युवती अपनी मर्जी से पुरुष मित्र के साथ गई थी.

अपहरण कांड के मामले में जानकारी देती डीसीपी वृंदा शुक्ला.

डीसीपी महिला सुरक्षा वृंदा शुक्ला ने शुक्रवार को बताया कि युवती के परिजनों ने नाबालिग बच्चों से किडनैप वाली बात झूठ.

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1. जिला गौतमबुद्ध नगर के बादलपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक 20 वर्षीय युवती का अपहरण का मामला झूठा निकला. युवती अपनी मर्जी से अपने पुरुष मित्र के साथ गई थी.पुलिस ने शुक्रवार को युवक और युवती को उत्तर प्रदेश के गोंडा से बरामद कर लिया है. डीसीपी महिला सुरक्षा वृंदा शुक्ला ने शुक्रवार को बताया कि युवती के परिजनों ने नाबालिग बच्चों से किडनैप वाली बात झूठ बुलवाया था, सड़क भी की थी. इस शुक्रवार को युवक और युवती को गोंडा से नोएडा पुलिस ने बरामद किया.तो वहीं अब पुलिस युवती के परिजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करेगी.

2. सेक्टर 62 के डी पार्क के पास शनिवार की सुबह महिलाओं के लिए स्वास्थ्य चेकअप कैंप लगाया जाएगा. इस मौके पर उत्तर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष बिमला बाथम भी मौजूद रहेंगी. जिला सूचना अधिकारी राकेश कुमार चौहान ने शुक्रवार को बताया कि सेक्टर 62 में सुबह से शाम तक मुफ्त चेकअप कैंप लगाया जाएगा, जिले की महिलाएं उसमे हिस्सा ले सकती है.

3. नोएडा में पिछले दो दिन से लगातार बारिश हो रही है जिस कारण कई सेक्टरों में बिजली की आपूर्ति ठीक से नहीं हो पा रही है. पिछले दो दिन से सेक्टर 73,62,61,52 इत्यादि में बिजली सप्लाई नहीं हो रही है, जिस कारण सेक्टर के लोग अंधेरे में रहने को मजबूर है. बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बारिश के कारण कही कही फॉल्ट हुई है जिस कारण यह समस्या है, इसे जल्द ठीक कर लिया जाएगा.

(रिपोर्ट – आदित्य कुमार)

NOIDA news bulletin : प्रेमी जोड़े से पैसे ऐंठने वाले तीन पुलिस कर्मी को कमिश्नर आलोक सिंह ने किया सस्पेंड

Police commissioner Alok singh.

प्रेमी जोड़े oyo होटल में रुके थे, पैसे की लेनदेन करते वीडियो हुआ था वायरल. Pm modi के जन्मदिन में युवा कांग्रेस ने सब्जी क्यों बेची? देखिये.

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1. ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर थाना क्षेत्र में तिलपता गोल चक्कर के पास शनिवार को एक बस पलट गई, जिसमें एक युवती की मौत हो गई वही चार महिला घायल हो गई, घायलों को नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. डीसीपी ग्रेटर नोएडा अभिषेक ने बताया कि शनिवार की सुबह एक बस  यूपी T 4198 बस 25-30 महिलाओं को किसी कंपनी में ले जा रही थी, को की सड़क किनारे डिवाइडर से टकरा गई. टक्कर में एक युवती की मौत हो गई वही चार घायल हो गए हैं.

2. ग्रेटर नोएडा के पुलिस चौकी परी चौक के तीन कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है. तीनों कांस्टेबल का बीते दिनों एक वीडियो वायरल हुआ था.जिसमे वो किसी से पैसे का लेनदेन कर रहे थे. गौतमबुद्ध नगर पुलिस विभाग के मीडिया प्रभारी ने शनिवार को बताया कि एक थाना बीटा 2 की परी पुलिस चौकी की एक वीडियो वायरल हुई थी.जांच में इस चौकी पर तैनात हेड कांस्टेबल राजेंद्र सिंह,कांस्टेबल सचिन बालियान एवं अंकित कुमार दोषी पाए गए थे. जिसके बाद तीनों को सस्पेंड कर दिया गया है, तीनों Oyo होटल में ठहरे एक प्रेमी जोड़े से पैसे ले रहे थे.

3. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 71 वे जन्मदिन पर सबने अपने तरीके से शुभकामनाएं दी, लेकिन जिला गौतमबुद्ध नगर के कांग्रेस इकाई ने उन्हें सब्जी बेचकर जन्मदिन की बधाई दी, युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम नागर ने बताया कि लोग महंगाई से परेशान हैं, बेरोजगारी छाई हुई है इसीलिए सब्जी बेचकर कर हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन मनाया है, इसे हमने बेरोजगार दिवस के रूप में देखते है.
(रिपोर्ट – आदित्य कुमार)

Noida: मात्र पांच रुपए में Dadi ki rasoi भूखों को देती है स्वादिष्ट भोजन

दादी की रसोई में लोगों को खाना परोसते हुए अनूप खन्ना

अनूप खन्ना बताते हैं कि मुझे लगता है किसी को मुफ्त में कुछ नहीं देना चाहिए नहीं तो उसका स्वाभिमान खत्म हो जाता है.

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नोएडा: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आपको अगर भूख लगती है तो आप भरपेट खाना कितने रुपए में खा पाएंगे? 200, 100 या 50 रुपए में? लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा कि नोएडा में मात्र पांच रुपए में भरपेट खाना आपको मिल सकता है. नोएडा के सेक्टर 29 स्थित गंगा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में दादी की रसोई (dadi ki rasoi) मात्र पांच रुपए में भूखों को स्वादिष्ट और भरपेट खाना खिलाती है. दादी की रसोई के संचालक अनूप खन्ना (Anoop khanna) पिछले 6 सालों से लगातार रसोई चला कर गरीबों को निवाला उपलब्ध करा रहें हैं.

मां की थी इच्छा खाना लोगों को खिलाया जाए
अनूप खन्ना बताते हैं कि वर्ष 2015 में मेरी माता जी बीमार थी, उन्होंने खाना पीना छोड़ दिया था.मां ने कहा कि मैं खाना खा नहीं रही हूं मेरे बदले किसी गरीब को खिला दो. इसी के बाद सबसे पहले 21 अगस्त 2015 अपने जन्मदिन के दिन से दादी की रसोई की शुरुआत की थी और आज तक चलाते आ रहे हैं. उन्होंने बताया कि सबसे पहले जब शुरू किया था तो चावल दाल ही सिर्फ खिलाता था लेकिन धीरे धीरे लोग जुड़ते गए और अब तो फ्रूटी और मौसमी फल सब्जी भी खाने में होता है वो भी मात्र पांच रुपए में.

अमीर गरीब सबके लिए पांच रुपए हाथ में रखना जरूरी
अनूप खन्ना बताते हैं कि दादी की रसोई में जो भी व्यक्ति खाना चाहता है उसे लाइन में लगना ही पड़ता है और उसके हाथ में पांच रुपए पहले से ही होते हैं नहीं तो उन्हे खाना नहीं देते क्योंकि पीछे खड़े व्यक्ति का समय भी जरूरी है.  वो बताते हैं कि यहां की लाइन ऐसी होती है जिसमे मालिक और नौकर दोनो आगे पीछे ही खड़े होते हैं कोई भी व्यक्ति खास या आम नहीं होता है.

पांच रुपए दाम इसलिये ताकि आत्म-सम्मान बना रहे
पांच रुपए का खाना क्यों? मुफ्त में क्यों नहीं इस बात पर अनूप खन्ना बताते हैं कि मुझे लगता है किसी को मुफ्त में कुछ नहीं देना चाहिए नहीं तो उसका स्वाभिमान खत्म हो जाता है. उसी स्वाभिमान को बचाने के लिए मिनिमम पांच रुपए रखे गए है. कोई आदमी खाने आता है तो वो हक के साथ दुबारा खाना मांगता है क्योंकि पांच रुपए उसने दिए है.

(रिपोर्ट-आदित्य कुमार)

NOIDA: सम्राट मिहिरभोज की जाति पर विवाद क्यों, देखिए इस बुलेटिन में.

Noida gate.

अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि मिहिरभोज राजपूत समाज से ताल्लुक रखते थे.

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1. Noida के झुग्गियों में रहने वालें हजारों लोगों को noida authority जल्द ही अपना घर देने वाली है. अथॉरिटी की सीईओ रितु माहेश्वरी ने शनिवार को बताया कि सेक्टर 4,5,6,7,8,9 में झुग्गियों में रहने वाले लोगों को सेक्टर 122 में फ्लैट दिया जाएगा. अगले हफ्ते से सबको वहां शिफ्ट करना शुरू कर दिया जाएगा.

2. गुरु गोविंद सिंह के जन्म दिवस के मौके पर गुरु गोविंद सिंह राष्ट्रीय एकता पुरस्कार दिया जाएगा.इसके लिए जिले के लोग 22 सितम्बर तक आवेदन कर सकते हैं. जिला सूचना अधिकारी राकेश कुमार चौहान ने बताया कि आगामी पांच जनवरी को यह अवॉर्ड दिया जाना है.जिसमे एक लाख रुपए नकद का प्रावधान है. आवेदक भारत का निवासी होना चाहिए, मानवाधिकार,सामाजिक न्याय,  और राष्ट्रीय एकीकरण के लिए काम करने वाले को यह अवॉर्ड दिया जाना है.

3. आगामी 22 सितंबर को ग्रेटर नोएडा के दादरी में सम्राट मिहिर भोज प्रतिहार महाविद्यालय में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा का अनावरण करने Cm Yogi Adityanath आने वाले है, इस से पहले सम्राट मिहिर भोज के नाम पर नया विवाद शुरू हो गया है.अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने मिहिरभोज को गुज्जर कहने से आपत्ति जताई है. अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि मिहिरभोज राजपूत समाज से ताल्लुक रखते थे.जबकि क्षत्रिय समाज के साथ छेड़छाड़ हमे पसंद नहीं है. मिहिरभोज राजपूत समाज से ताल्लुक रखते थे गुज्जर से नहीं.
(रिपोर्ट – आदित्य कुमार)

नोएडा: गोवर्धन परिक्रमा कर घर लौट रहे परिवार को स्कॉर्पियो ने रौंदा, मां- बेटी की मौत, पिता घायल

घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों घायलों को नोएडा के सेक्टर-27 स्थित कैलाश अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया.  (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

अपर पुलिस उपायुक्त (जोन प्रथम) रणविजय सिंह ने बताया कि मूल रूप से आगरा के रहने वाले रामकरण शर्मा (46 वर्ष) नोएडा के सलारपुर (Salarpur) की एक सोसाइटी में परिवार के साथ रहते हैं. रविवार देर रात मथुरा के गोवर्धन से परिक्रमा कर वह घर लौटे रहे थे.

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नोएडा. नोएडा (Noida) के थाना सेक्टर-39 क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसा (Road Accident) हुआ है. इस हादसे में एक ही परिवार के दो लोगों की मौत हो गई है. वहीं, सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों के कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. जानकारी के मुताबिक, घटना सेक्टर 37 के दादरी रोड (Dadri Road) स्थित फ्लाईओवर के नीचे की है. कहा जा रहा है कि रविवार देर रात ऑटो रिक्शा का इंतजार कर रहे एक परिवार के तीन लोगों को एक वाहन ने टक्कर मार दी. इस घटना में मां-बेटी की मौत हो गई है. यह परिवार मथुरा से गोवर्धन परिक्रमा करके नोएडा स्थित घर पर लौट रहा था.

अपर पुलिस उपायुक्त (जोन प्रथम) रणविजय सिंह ने बताया कि मूल रूप से आगरा के रहने वाले रामकरण शर्मा (46 वर्ष) नोएडा के सलारपुर की एक सोसाइटी में परिवार के साथ रहते हैं. रविवार देर रात मथुरा के गोवर्धन से परिक्रमा कर वह घर लौटे रहे थे और देर रात करीब दो बजे सलारपुर स्थित घर जाने के लिए सेक्टर 37 फ्लाईओवर के नीचे खड़े होकर ऑटो रिक्शा का इंतजार कर रहे थे. इस दौरान तेज रफ्तार से आ रही स्कॉर्पियो कार के चालक ने सड़क किनारे खड़े रामकरण शर्मा, उनकी पत्नी नीरज शर्मा और बेटी अंजली शर्मा को कुचल दिया.

शवों का पंचायतनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है
घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों घायलों को नोएडा के सेक्टर-27 स्थित कैलाश अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया जहां डॉक्टरों ने नीरज शर्मा (40 वर्ष) और उनकी बेटी अंजली शर्मा (19 वर्ष) को मृत घोषित कर दिया जबकि रामकरण शर्मा के हाथ में गंभीर चोट आई है. उन्होंने बताया कि स्कॉर्पियो कार का नंबर मौके पर मौजूद लोगों ने नोट कर लिया है, जिसके आधार पर कार चालक की तलाश की जा रही है. जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा. शवों का पंचायतनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.

Noida News: नोएडा में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, गाजियाबाद का शातिर मोबाइल स्नेचर अरेस्‍ट

बदमाश सुभाष नेगी पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई हुई है.

Noida police Encounter: नोएडा पुलिस ने मुठभेड़ के बाद एक बदमाश को गिरफ्तार कर लिया है, जो कि पैर में गोली लगने से घायल हो गया था. जबकि दूसरा फरार हो गया है. पुलिस के हत्‍थे चढ़े बदमाश पर लूट के करीब 16 मामले दर्ज हैं और उस पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हुई है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 20, 2021, 15:09 IST
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नोएडा. राजधानी दिल्‍ली से सटे उत्‍तर प्रदेश के नोएडा के थाना सेक्टर-24 में पुलिस (Noida Police) और बदमाशों के बीच सोमवार सुबह सेक्टर 33 के एआरटीओ ऑफिस के पास मुठभेड़ (Encounter) हो गई. इस दौरान पुलिस द्वारा चलाई गई गोली एक बदमाश के पैर में लगी है और वह जमीन पर गिर पड़ा. पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि घायल बदमाश को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जबकि उसका दूसरा साथी मौके से फरार हो गया है.

नोएडा के अपर पुलिस उपायुक्त (जोन प्रथम) रणविजय सिंह ने बताया कि एआरटीओ ऑफिस के पास स्थित इस्कॉन मंदिर के पीछे सोमवार सुबह गश्त के दौरान पुलिस ने स्कूटी सवार दो युवकों को रोकने की कोशिश की, लेकिन वे रूकने के बजाए पुलिस पर गोली चला कर भागने लगे. उन्होंने बताया कि जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भी गोली चलाई और एक बदमाश के पैर में गोली लग गई. जबकि दूसरा फरार हो गया.

बदमाश पर हुई गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई
एडीसीपी ने बताया कि घायल बदमाश की पहचान सुभाष नेगी निवासी गाजियाबाद के रूप में हुई है. जबकि फरार बदमाश की पहचान अरविंद निवासी कोंडली, दिल्ली के रूप में हुई है. उन्‍होंने बताया कि नेगी पर लूट के करीब 16 मामले दर्ज हैं और उस पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई हुई है. एडीसीपी  रणविजय सिंह के मुताबिक, बदमाश के पास से लूटे हुए तीन मोबाइल फोन, देसी तमंचा, कारतूस व घटना में प्रयुक्त स्कूटी बरामद हुई है.

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नोएडा पुलिस के मुताबिक, बदमाश सुभाष नेगी और अरविंद की उसे काफी समय से तलाश थी. हालांकि मुठभेड़ में उसे सिर्फ नेगी हाथ लगा है. वहीं, पुलिस ने दावा किया है कि जल्‍दी दूसरे बदमाश को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

नोएडा पुलिस ने गांजा तस्करों को किया गिरफ्तार, 37 KG से अधिक नशीला पदार्थ बरामद

न्होंने बताया कि तस्करों के पास से पुलिस ने करीब 37 किलो 600 ग्राम गांजा (Hemp) बरामद किया है, जिसकी कीमत लगभग 25 लाख रुपए आंकी गयी है. (सांकेतिक फोटो)

एसटीएफ के अधीक्षक (पश्चिमी उप्र) कुलदीप नारायण (Kuldeep Narayan) ने बताया कि एक सूचना के आधार पर एसटीएफ तथा थाना ईकोटेक -3 पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है. उन्होंने बताया कि उनकी पहचान शहजाद तथा सोनू के रूप में की गयी है.

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  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 18:15 IST
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नोएडा. उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल (STF) तथा थाना ईकोटेक- 3 पुलिस ने एक संयुक्त कार्यवाई के तहत आंध्र प्रदेश से तस्करी के सहारे गांजा लाकर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बेचने वाले दो तस्करों (Smugglers) को गिरफ्तार किया. एसटीएफ ने इसकी जानकारी दी . उन्होंने बताया कि तस्करों के पास से पुलिस ने करीब 37 किलो 600 ग्राम गांजा (Hemp) बरामद किया है, जिसकी कीमत लगभग 25 लाख रुपए आंकी गयी है.

एसटीएफ के अधीक्षक (पश्चिमी उप्र) कुलदीप नारायण ने बताया कि एक सूचना के आधार पर एसटीएफ तथा थाना ईकोटेक -3 पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है. उन्होंने बताया कि उनकी पहचान शहजाद तथा सोनू के रूप में की गयी है. दोनों क्रमश: गाजियाबाद और बुलंदशहर जनपद के रहने वाले हैं. उन्होंने बताया कि इनका एक साथी इरफान उर्फ नेता मौके से भाग गया. नारायण ने बताया कि इनके पास से 37 किलो 600 ग्राम गांजा बरामद हुआ है, जिसकी कीमत करीब 25 लाख रुपए है.

थाना फेस- 3 पुलिस ने आज गिरफ्तार किया है
अधिकारी ने बताया कि फरार बदमाश इरफान पर मध्यप्रदेश के जनपद आगर में पांच हजार रुपए का इनाम घोषित है. इस बीच, दादरी पुलिस ने दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान बबलू उर्फ उस्मान तथा माजिद के रूप में की गयी है. उनके पास से पुलिस ने 922 नशीले गोलियां बरामद की है. नोएडा के सेक्टर 39 थाना पुलिस ने एक महिला के साथ लूट का प्रयास कर रहे दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है. दूसरी ओर एक युवती के पर चाकू से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल करने वाले युवक को थाना फेस- 3 पुलिस ने आज गिरफ्तार किया है.

स्कूटी को भी जब्त किया गया था
बता दें कि पिछले हफ्ते  दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी रैकेट का पर्दाफाश करते हुए एक नाइजीरियाई समेत दो तस्करों को गिरफ्तार किया था. दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर तस्करी रैकेट से जुड़े तार खंगाले जा रहे हैं. आरोपियों से 16.6 किलो नशीला पदार्थ बरामद किया गया था, जिसकी अंतराराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 30 करोड़ रुपये है. आरोपियों के कब्जे से एक कार और स्कूटी को भी जब्त किया गया था.

(इनपुट- भाषा)

नोएडा: अपहरण मामले में आया नया मोड़, खुद की मर्जी से प्रेमी के घर गई थी युवती

सिंह ने बताया कि युवती ने अदालत में बताया है कि उसे और अनिमेष को उसके परिवार वालों से जान को खतरा है. (सांकेतिक फोटो)

पुलिस आयुक्त आलोक सिंह (Police Commissioner Alok Singh) ने बताया कि युवती ने अदालत को बताया कि वह अपनी मर्जी से गोंडा में रहने वाले अपने प्रेमी अनिमेष तिवारी के घर गई थी.

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  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 16:07 IST
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नोएडा. गौतमबुद्ध नगर (Gautam Buddha Nagar) जिले के बादलपुर थाना क्षेत्र स्थित झाल गांव (Jhal Village) से कथित रूप से युवती के अगवा होने के मामले में नया मोड़ आ गया है. युवती ने शनिवार को जिला न्यायालय में महिला न्यायाधीश के समक्ष दर्ज बयान में कहा कि वह स्वेच्छा से अपने प्रेमी के घर गई थी और परिवार ने अपहरण की झूठी शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस आयुक्त आलोक सिंह (Police Commissioner Alok Singh) ने बताया कि युवती ने अदालत को बताया कि वह अपनी मर्जी से गोंडा में रहने वाले अपने प्रेमी अनिमेष तिवारी के घर गई थी. उन्होंने बताया कि युवती ने कहा कि वह अनिमेष से शादी करना चाहती है, जिसका विरोध उसके घर वाले कर रहे हैं.

सिंह ने बताया कि युवती ने अदालत में बताया है कि उसे और अनिमेष को उसके परिवार वालों से जान को खतरा है. उन्होंने बताया कि अदालत ने पुलिस को अपनी सुरक्षा में युवती को गोंडा पहुंचाने का निर्देश दिया है. गौरतलब है कि बादलपुर क्षेत्र के गांव सादोपुर की झाल में रहने वाली एक 20 वर्षीय युवती बुधवार से घर से लापता थी. उसके परिजनों ने बृहस्पतिवार को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उनकी बेटी जब सुबह टहलने गई थी तब कथित तौर पर कार सवार बदमाशों से उसका अपहरण कर लिया. परिजनों ने कथित अपहरण के विरोध में सड़क जाम कर दी थी और थाने का घेराव किया था. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को युवती को गोंडा से बरामद किया था और गोंडा की अदालत से ट्रांजिट रिमांड लेकर शनिवार को उसे गौतमबुद्ध नगर की अदालत में पेश किया.

क्या थी झूठी कहानी?
ग्रेटर नोएडा के बादलपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार को सुबह 5 बजे मॉर्निंग वॉक पर निकली छात्रा के अपहरण की बात सामने आई थी. अपहरणकर्ता छात्रा को कार में बैठा कर फरार हो गए. शुरू में परिवार द्वारा बताया गया कि अपहरणकर्ता छात्रा अपनी एक बहन और दो भाइयों के साथ मॉर्निंग पर निकली थी, लेकिन वापस नहीं पहुंची. शुरुआत से ही पुलिस को भ्रमित किया गया. पुलिस भी प्रेशर में आकर जांच अपहरण की दिशा में जांच करने लगी, लेकिन पूछताछ में मामला स्पष्ट नहीं होने पर पुलिस अन्य एंगल पर भी जांच कर रही थी. जिसके लिए डीसीपी ने 5 टीमें भी गठित की थीं. परिवार ने पुलिस पर जबरन प्रेशर बनाने के लिए जीटी रोड पर जाम लगाने के साथ थाने का घेराव भी किया था. हालांकि अपहरण शुरू से संदेह के घेरे में था, क्योंकि जब युवती स्‍वाति के परिवार से पुलिस ने पूछताछ की तो कोई भी सदस्य स्पष्ट जवाब नहीं दे पाया था. इसके अलावा पुलिस के मुताबिक, सुबह 4.30 बजे कंट्रोल रूम को इस मामले की जानकारी दी गयी थी. जबकि पीड़ित परिजनों ने कहा था कि अपहरण सुबह 6 बजे के आसपास हुआ है.

(इनपुट- भाषा)

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