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OYO नहीं फ्रॉड करने वालों के खाते में जा रही थी बुकिंग की रकम, जानिए कैसे

ओयो के नाम से साइबर फ्रॉड करने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है.

ओयो के नाम से साइबर फ्रॉड करने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है.

दो दिन में यह दूसरा मौका है जब नोएडा पुलिस (Noida Police) ने ओयो (OYO) के नाम पर साइबर फ्रॉड (Cyber Fraud) करने वाले और ...अधिक पढ़ें

    नोएडा. ओयो (OYO) के नाम से साइबर फ्रॉड (Cyber Fraud) करने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है. नोएडा पुलिस (Noida Police) ने गिरोह के सभी 5 लोगों को हिरासत में ले लिया है. आरोपी यूपी, बिहार (Bihar) और राजस्थान के रहने वाले हैं. पकड़े गए दो आरोपी पहले ओयो के कॉल सेंटर में ही काम करते थे. आरोपियों के पास से लाखों रुपये और बड़ी संख्या में मोबाइल फोन (Mobile Phone)-लैपटॉप, आधार कार्ड, सिम कार्ड बरामद हुए हैं. गिरोह में तीन लोग ऐसे थे जो किराए पर बैंक अकाउंट देने का काम करते थे. इसके बदले उन्हें आई हुई रकम में से एक हिस्सा मिलता था. गौरतलब रहे ओयो होटल बुक कराने का एक बड़ा प्लेटफार्म है.

    ऐसे फ्रॉड करता था ओयो में टीम लीडर रहा सरगना रवि शर्मा

    नोएडा-58 थाना पुलिस ने ओयो के नाम पर फ्रॉड करने गिरोह को हिरासत में लिया है. पुलिस के मुताबिक गिरोह का सरगना रवि शर्मा तीन तक ओयो के कॉल सेंटर में टीम लीडर के पद पर रहा है. उसने निम्स यूनिवर्सिटी, जयपुर से बीसीए किया है. इस दौरान ओयो में ही काम करने वाले रोहित चौधरी से उसकी दोस्ती हो गई. एक दिन रोहित की मदद से रवि ने ओयो की आईडी और पासवर्ड हासिल कर लिया. फिर दोनों ने ओयो से नौकरी छोड़ दी.

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    दोनों ने नवादा में एक पीजी रूम ले लिया. यहीं से बैठकर आरोपी फ्रॉड करने वाले. ओयो की आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल कर ओयो के ग्राहकों की जानकारी चुराने लगे. फिर खुद के बनाए एक साफ्टवेयर की मदद से उस जानकारी को ओयो मैनेज पेमेन्ट एप लिंक से जोड़ देते थे. इसके बाद पेमेंट का एक मैसेज ग्राहक के पास पहुंच जाता था. फिर अपने गये फोन-पे/गूगल-पे/पेटीएम क्यूआर कोड को कस्टमर के व्हाटसएप पर भेजकर पेमेंट हासिल कर लेते थे.

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    किराए पर बैंक अकाउंट लेते थे रवि और रोहित

    पुलिस ने ओयो के नाम पर फ्रॉड करने वाले गिरोह में रवि और रोहित के अलावा आरोपी कमल, गौरव और अमित को भी हिरासत में लिया है. पुलिस की मानें तो इन तीनों लोगों का काम किराए पर बैंक अकाउंट देना था. बैंक अकाउंट में ओयो के नाम से फ्रॉड कर आने वाली रकम में से एक हिस्सा इन तीनों आरोपियों को भी मिलता था. इसके लिए तीनों आरोपी अलग-अलग बैंक में फर्जी खाते खुलवाते थे. जिससे की जब पुलिस या कोई और जांच करे तो वो पकड़े न जाएं. बैंक खातों की जांच से पता चला है कि आरोपी यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल व तमिलनाडू में के लोगों के साथ सबसे ज्यादा फ्रॉड करते थे.

    लाखों रुपये के साथ यह भी मिला है आरोपियों के पास से

    नोएडा पुलिस ने आरोपियों के ठिकाने पर जब छापा मारा तो उनके कब्जे से 2 लैपटॉप, एक डेस्कटॉप सेट, 10 मोबाइल फोन, 35 आधार कार्ड, पेन ड्राईव, 7 एटीएम और 17 सिम कार्ड बरामद हुए हैं. इसके साथ ही सरगना रवि शर्मा के खाते से 4.5 लाख रूपये, कमल किशोर के खाते से 1.5 लाख रूपये और गौरव दुबे के खाते में से 1.8 लाख रूपये बरामद किए गए हैं. पुलिस ने जांच के दौरान बैंक खातों को सीज करा दिया है.

    Tags: Call Center, Noida Police, Online fraud

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