कांवड़ियों को बिना हेलमेट के मिलेगा पेट्रोल, नोएडा प्रशासन का तोहफा

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ‘हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं’ नीति से कांवड़ियों और भक्तों को छूट रहेगी. जिला आपूर्ति अधिकारी आर एन सिंह ने एक बयान में कहा, जिला मजिस्ट्रेट बी एन सिंह के निर्देश पर, यह फैसला किया गया है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 25, 2019, 11:06 PM IST
कांवड़ियों को बिना हेलमेट के मिलेगा पेट्रोल, नोएडा प्रशासन का तोहफा
कांवड़ियों को ‘हेल्मेट नहीं तो पेट्रोल नहीं’ नीति से छूट: नोएडा प्रशासन. (फाइल फोटो)
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Updated: July 25, 2019, 11:06 PM IST
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ‘हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं’ नीति कांवड़ियों और भक्तों पर लागू नहीं होगी. कांवड़ियों और भक्तों को इस नियम से छूट दे दी गई है. अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी है. यह घोषणा ऐसे समय की गई जब बुधवार को जिला प्रशासन ने हेलमेट के बिना मोटरसाइकिल वालों को पेट्रोल देकर नीति का उल्लंघन करने पर ग्रेटर नोएडा के एक पेट्रोल पंप पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया था.

जिला आपूर्ति अधिकारी आर एन सिंह ने एक बयान में कहा, जिला मजिस्ट्रेट बी एन सिंह के निर्देश पर, यह फैसला किया गया है कि ‘हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं’ नीति भक्तों और कांवड़ियों पर लागू नहीं होगी. जिले के सभी पेट्रोल पंपों से कहा गया है कि अगर कांवड़िये हेलमेट के बिना भी हैं तो उन्हें पेट्रोल-डीजल दे दिया जाए.

इससे पहले जुलाई में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन और पुलिस विभाग के साथ एक बैठक कर दिशा-निर्देश जारी किए थे. इस साल की कांवड़ यात्रा कुम्भ 2019 को टक्कर देगी. सफाई-व्यवस्था के मामले में इस बार कांवड़ यात्रा कुम्भ 2019 को टक्कर देती नज़र आएगी. इस बार की कांवड़ यात्रा ऐतिहासिक होगी, जो वृक्षारोपण का भी संदेश देती नजर आएगी. इस बार कांवड़ यात्रा में थर्माकोल और प्लास्टिक बैग के इस्तेमाल पर बैन रहेगा और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. कांवड़ यात्रा में पहले की तरह डीजे और माइक पर कोई प्रतिबन्ध नहीं रहेगा, लिहाज़ा शिव भक्त बेहद उत्साहित हैं.

कांवड़ यात्रा का ये है महत्व

सावन के महीने में भगवान भोलेनाथ को समर्पित कांवड़ यात्रा का विशेष महत्व है. भगवान शिव के भक्त बाबा को जल चढ़ाने के लिए कांवड़ यात्रा निकालते हैं. इस साल भी कांवड़ यात्रा को लेकर ज़ोरदार तैयारियां की जा रही हैं. कांवड़ यात्रा 2019 को लेकर पश्चिमी यूपी में अधिकारी अभी से तैयारी में जुट गए हैं. इस बार कांवड़ यात्रा 17 जुलाई से शुरू होगी.

वेस्ट यूपी से गुजरेंगे 5 करोड़ कांवड़िए
हर साल श्रावण महीने में करोड़ों शिव भक्त भगवान भोले का जलाभिषेक करते हैं. इस बार भी अनुमान है कि 5 करोड़ कांवड़िए वेस्ट यूपी से गुजरेंगे. मेरठ मण्डल की कमिश्रनर अऩीती सी. मेश्राम का कहना है कि कांवड़ यात्रा को लेकर विशेष इंतज़ामात किए जा रहे हैं. इस साल कांवड़ यात्रा में खासतौर पर साफ-सफाई सुरक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष फोकस रहेगा.
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वृक्षारोपण का संदेश देती नज़र आएगी कांवड़ यात्रा
वहीं मेरठ जोन के एडीजी का कहना है कि इस बार कांवड़ यात्रा इंसीडेंट-फ्री होगी. एडीजी प्रशांत कुमार ने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था का महापर्व है. इसे पारंपरिक तरीके से मनाया जाएगा. डीजे पहले भी प्रतिबंधित नहीं था और इस बार भी प्रतिबंधित नहीं रहेगा. जिला प्रशासन को निर्देशित कर कांवड़ यात्रा मार्ग पर जहां कहीं थोड़े-बहुत गड्ढे हैं, उनको दुरुस्त कराया जाएगा. वहीं एसएसपी का कहना है कि कांवड़ यात्रा को लेकर ज़िले को कई ज़ोन और सेक्टर में बांटा जाएगा और कावंड़ यात्रा वृक्षारोपण का भी संदेश देती नज़र आएगी. वहीं डीजी बजने को लेकर शिवभक्त कांवड़िए मुख्यमंत्री योगी आदित्य़नाथ का धन्यवाद देते नज़र आ रहे हैं.

कांवड़ियों पर की जाएगी पुष्प वर्षा
यात्रा के दौरान थर्माकोल और प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल भी प्रतिबंधित रहेगा. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि कांवड़ यात्रा की व्यवस्था के बारे में सभी अधिकारी प्रयागराज कुम्भ-2019 से सीख लें. मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कुम्भ जैसा बड़ा आयोजन इतनी सफलता से हो सकता है तो कांवड़ यात्रा को भी बेहतर ढंग से सम्पन्न कराया जा सकता है. कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों की सुरक्षा की निगरानी हेलीकॉप्टर से करने के साथ ही, उन पर पुष्प वर्षा भी की जाएगी यानी कुल मिलाकार 2019 की कांवड़ यात्रा को ऐतिहासिक बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी.
First published: July 25, 2019, 10:50 PM IST
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