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Ganesh chaturthi Special: में सजा काट रहे कैदी खास तरीके से बना रहे है इकोफ्रेंडली मूर्तियां

Ganesh chaturthi Special: में सजा काट रहे कैदी खास तरीके से बना रहे है इकोफ्रेंडली मूर्तियां

Eco-Friendly

Eco-Friendly Ganesha Pratima.

यह मूर्तियां न तो पानी को नुकसान पहुंचाता है और न ही उसके जीव जंतुओं को.

    नोएडा: भारत देश आस्था का देश है, यहां पर बड़े पेड़ से लेकर चींटी तक की पूजा करने का प्रावधान है, ऐसे में गणेश चतुर्थी (Ganesh chaturthy) भी बड़े धूमधाम से मनाया जाता है. लाखों रुपए खर्च करके भक्तगण गणेश भगवान की प्रतिमा स्थापित करते है और बाद में उसे विसर्जित करते हैं. लेकिन जल में विसर्जन के बाद जल में रहने वाले जीव जंतु पर उस मूर्ति का क्या प्रभाव पड़ता है यह हम नहीं ध्यान देते. मूर्तियों पर लगे कलर और अन्य हानिकारक एलिमेंट्स वाटर बॉडीज को नुकसान पहुंचाते है. लेकिन इस समस्या का हल नोएडा के कुछ लोगों ने निकाल लिया है. नोएडा के जेल में सजा काट रहे कैदी और सजा काटकर जेल से बाहर आए कैदियों ने एक खास तरीके से गणेश प्रतिमा बनाया है जो इकोफ्रेंडली तो है ही साथ ही किफायती भी है.

    मूर्तियां वाटर बॉडीज को नुकसान नहीं पहुंचाएगी
    मूर्तिकार संजय तीन साल पहले जेल में थे वहीं उन्होंने मूर्ति बनाना सीखा था, अब वो जब जेल से बाहर है तो मूर्तिकला को ही जीवन का आधार बना लिया है, वो कहते है, ये मूर्तियां हम ऐसे बनाते है जिस से किसी तरह का नुकसान न हो. पहले कोई भी पूजा करने के बाद लोग मूर्तियों को नदी, तालाब में बहा देते थे जिसका नतीजा यह होता था कि जल में जाकर मूर्तियों के केमिकल्स वाटर बॉडीज को नुकसान पहुंचाते थे. इसी को ध्यान में रखते हुए हमने राख और अन्य बायोड्रीगेडेबल चीजों से मूर्तियां बना रहे हैं. इस से कचरा प्रबंधन तो हो ही रहा है साथ ही आस्था का विषय भी बना हुआ है.

    ऑनलाइन और ऑफलाइन ऑर्डर कर सकते हैं प्लेस
    मूर्ति बनाने वाले नरेश बताते हैं कि हम मूर्तियों को नोएडा में ही आईटीएस कॉलेज में बनाते है, और यहां से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनो माध्यम से अपने ग्राहकों को ऑर्डर पहुंचाते है. हम तीन साइज की मूर्तियां बनाते हैं जो सबसे छोटा होता है उसकी कीमत 11 सौ होती है और उसके बाद साइज और वजन के हिसाब से कीमत बढ़ते रहती है. वो बताते हैं कि यह मूर्तियां जेल में सजा काट रहे कैदी बनाते हैं जिस से उनको तो रोजगार मिल ही रहा है साथ ही एक अच्छा जीवन जीने का मौका भी मूर्तिकला के माध्यम से मिल रहा है.

    लोग ऐसे प्रयासों को सपोर्ट करें
    मूर्तिकार आकाश कहते हैं कि हमने तीन साल पहले यह प्रोजेक्ट शुरू किया था, आज लोग जानते है कि हम किस तरह से काम कर रहे है.लेकिन जरूरत है कि आमजनता भी ऐसे लोगों को सपोर्ट करें जो इस तरह का काम कर रहे है, पर्यावरण के लिए सोच रहे हैं उनको सपोर्ट करने की जरूरत है.
    (रिपोर्ट -आदित्य कुमार)

    Tags: Ganesh Chaturthi

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