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काम की खबरः जितनी जरूरत उतने ही अंडे खरीदें, रखें ध्यान, वरना सेहत को हो सकता है नुकसान

कोल्ड स्टोरेज से निकले अंडे की पहचान यह होती है कि जब हम अंडा बनाने के लिए उसे तोड़ते हैं तो उसकी पीली जरदी तरल पदार्थ में घुली हुई मिलती है. (सांकेतिक तस्वीर)

कोल्ड स्टोरेज से निकले अंडे की पहचान यह होती है कि जब हम अंडा बनाने के लिए उसे तोड़ते हैं तो उसकी पीली जरदी तरल पदार्थ में घुली हुई मिलती है. (सांकेतिक तस्वीर)

Ande Ka Funda: यूपी सरकार सभी कोल्ड स्टोरेज की जांच करवाकर अंडों की तलाश करवा रही है. नियम है कि अंडा आलू समेत दूसरी सब ...अधिक पढ़ें

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नोएडा. घर में जितने अंडे रोजाना इस्तेमाल हों, उतने ही बाजार से खरीदे जाएं. फ्रिज में अंडे रखकर दो-चार दिन तक कतई न खाएं. यह सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं. इसकी वजह है मानकों को दरकिनार कर कोल्ड स्टोरेज में अंडे रखे जा रहे हैं. ऐसे ही कोल्ड स्टोरेज के खिलाफ यूपी सरकार ने अभियान छेड़ रखा है. मानकों की अनदेखी कर कोल्ड में रखे गए अंडों को अफसर सीज कर रहे हैं या फिर फिकवा रहे हैं. जानकारों का कहना है कि कोल्ड स्टोरेज से निकला अंडा ज्यादा दिन तक रखकर इस्तेमाल करने लायक नहीं बचता है. अंडे का मामला अब कोर्ट में भी पहुंच गया है. जानकारों की मानें तो अगर नियमानुसार अंडा बेचने का फैसला आता है तो आने वाली सर्दियों में सस्ता अंडा खाने को भी मिल सकता है.

यूपी एग एसोसिएशन के अध्यक्ष नवाब अली की मानें तो, “कुछ मुनाफाखोर किसानों से अंडा खरीदकर उसकी जमाखोरी करते हैं. बाजार के रेट गिराकर खरीदा गया सस्ता अंडा कोल्ड स्टोरेज में रख देते हैं. फिर बाजार में हल्की सी भी तेजी आने पर कोल्ड के अंडे को निकालकर बेच देते हैं. जैसे अब नवरात्र में अंडे की डिमांड कम हो जाएगी तो मुनाफाखोर सस्ता अंडा खरीदकर कोल्ड में जमा करने लगेंगे. अक्टूबर में नवरात्र के बाद उसी सस्ते अंडे को महंगाकर बेच देंगे. मई, जून और जुलाई के महीने में भी ऐसा ही होता है. तीन-तीन महीने तक मुनाफाखोर अंडे को कोल्ड में रखते हैं. लेकिन इसका सबसे बड़ा नुकसान यह होता है कि कोल्ड से निकलने के बाद अंडा ज्यादा से ज्यादा 7 से 8 दिन तक ही खाया जा सकता है.

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कोल्ड स्टोरेज से निकले अंडे की सबसे बड़ी पहचान यह होती है कि जब हम अंडा बनाने के लिए उसे तोड़ते हैं तो उसकी पीली जरदी तरल पदार्थ में घुली हुई मिलती है. यानि कहा जाए तो जरदी टूट जाती है. हालांकि कुछ मामलों में मुर्गियों को बाजरा और चावल की किनकी खिलाने के चलते भी जरदी टूटने लगती है. इस तरह की जरदी सेहतमंद भी नहीं मानी जाती है. बाजरा और चावल की किनकी मुर्गी फीड के मुकाबले सस्ती पड़ती है.”

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कोल्ड स्टोरेज में अंडा रखने के यह हैं नियम
न्यूज18 हिंदी से बात करते हुए डिस्ट्रिक्ट हॉर्टिकल्चर अधिकारी, आगरा देवेश मित्तल ने बताया, “आलू-सब्जी और फलों को कोल्ड स्टोरेज में रखने के लिए अलग-अलग तापमान की जरूरत होती है. वहीं अंडे के लिए भी अलग तापमान चाहिए होता है. इतना ही नहीं अंडे को कोल्ड में लाने से पहले भी कुछ मानकों का पालन करना होता है. जैसे अंडा ट्रे में नहीं गत्ते के बाक्स में पैक होना चाहिए. जांच के बाद अंडे को सर्टिफिकेट मिला होना चाहिए. अंडा एक अलग चैम्बर में रखा जाएगा.

अंडे के साथ फल-सब्जी नहीं रखी जाएंगी. कोल्ड में रखे जाने वाले अंडे के लिए 4 से 7 डिग्री तापमान और 75 से 80 फीसद ह्यूमिडिटी का होना जरूरी है. “पोल्ट्री के जानकार मनीष शर्मा का कहना है, “अभी हो यह रहा है कि सस्ते के चक्कर में बिना मानकों का पालन किए अंडे को खुली ट्रे में कोल्ड के अंदर रखा जा रहा है. इस तरह से अंडे की क्वालिटी खराब हो रही है, साथ ही अंडा खराब होने से खाने वाले को भी नुकसान पहुंच रहा है.

जरूरत न होने पर भी खिलाया जा रहा कोल्ड का अंडा
पोल्ट्री फार्म संचालक मनीष शर्मा का कहना है, “यूपी को सीजन में हर रोज करीब दो करोड़ अंडे की जरूरत होती है. अगर ऑफ सीजन की बात करें तो अंडे की डिमांड 1.5 करोड़ पर आ जाती है,, जबकि यूपी में हर रोज 80 लाख से लेकर एक करोड़ तक अंडे का उत्पादन होता है. मतलब यह कि हम हर रोज यूपी वालों को ताजा अंडा खिला सकते हैं. इतना ही नहीं डिमांड को पूरा करने के लिए बाहर से भी ताजे अंडे खरीदकर उनकी सप्लाई कर सकते हैं. तो ऐसे में क्यों यूपी के कोल्ड स्टोरेज में अंडा रखा जा रहा है. हालांकि अभी बीच में अंडा उत्पादन 1.5 करोड़ प्रति दिन पर पहुंच गया था. ऐसा नए-नए पोल्ट्री फार्म के आने के चलते हुआ था. लेकिन जल्द ही बहुत सारे फार्म बंद हो गए और अंडा उत्पादन अपने पुराने आंकड़े पर आ गया.”

Tags: Egg Price, Poultry Farm, UP Government

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