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11 अगस्त को ईस्टर्न कॉरिडोर के इंटरचेंज पर दौड़ेगा इंजन, 15 को पीएम मोदी दिखाएंगे झंडी

बोड़ाकी रेल स्टेशन से खुर्जा तक की लिंक लाइन का काम लगभग पूरा हो चुका है.

बोड़ाकी रेल स्टेशन से खुर्जा तक की लिंक लाइन का काम लगभग पूरा हो चुका है.

उम्मीद है कि 15 अगस्त को पीएम नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ईस्टर्न कॉरिडोर (Eastern Corridor) को हरी झंडी दिखा सकते ...अधिक पढ़ें

नोएडा. दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में कारोबार करने वालों को एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है. अब कारोबारियों का माल कम वक्त और लागत में दिल्ली से बिहार और कोलकाता (Kolkata) तक पहुंच सकेगा. इसके लिए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कारपोरेशन (DFCC) ने दिल्ली-हावड़ा रूट को ईस्टर्न कॉरिडोर से जोड़ दिया है. इसके लिए अलग से एक इंटरचेंज बनाया गया है. खुर्जा से लेकर गौतम बुद्ध नगर के बोड़ाकी रेलवे स्टेशन तक इसके लिए 50 किमी की लिंक लाइन बिछाई गई है. 11 अगस्त को इंटरचेंज की लिंक लाइन का ट्रायल होना है. ट्रायल के लिए इस पर एक खाली इंजन दौडाया जाएगा.

लिंक लाइन को पीएम दिखा सकते हैं हरी झंडी

डीएफसीसी से जुड़े सूत्रों की मानें तो बोड़ाकी रेल स्टेशन से खुर्जा तक की लिंक लाइन का काम लगभग पूरा हो चुका है. मेगा ब्लॉक लेकर बाकी के सभी छोटे-बड़े काम भी पूरे कर लिए गए हैं. दूसरी ओर ईस्टर्न कॉरिडोर की मेन लाइन का काम भी पूरा हो चुका है. सूत्रों का कहना है कि 15 अगस्त को पीएम नरेन्द्र मोदी लिंक लाइन पर ट्रेन को हरी झंडी दिखा सकते हैं. करीब एक महीना पहले डीएफसीसी के अफसर मेन लाइन के साथ ही लिंक लाइन का भी रेल यान में बैठकर निरीक्षण कर चुके हैं.

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50 किमी की लिंक लाइन पर हैं 15 क्रासिंग

जानकारों की मानें तो इंटरचेंज के लिए दादरी से लेकर खुर्जा तक 50 किमी लम्बी लिंक लाइन बिछाई गई है. लिंक लाइन के रास्ते में करीब 15 रेलवे क्रासिंग बनाई गई हैं. 11 अगस्त को ट्रायल के दौरान डीएफसीसी के कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे. क्रासिंग के पास ट्रायल वाले इंजन की स्पीड भी कम रखी जाएगी. साथ ही ट्रायल के दौरान सभी क्रासिंग पर ट्रैफिक को रोक दिया जाएगा.

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ईस्टर्न-वेस्टर्न कॉरिडोर पर शुरू हो सकती है रोरो सर्विस

डीएफसीसी का ईस्टर्न कॉरिडोर कोलकाता तक तो वेस्टर्न कॉरिडोर मुम्बई तक जाता है. दोनों ही बड़े कारिडोर हैं. दोनों ही रूट पर कई बड़े कारोबारी शहर हैं. अगर ईस्टर्न और वेस्टर्न कॉरिडोर पर सफलतापूर्वक रोरो सर्विस शुरू हो जाती है तो यह प्रदुषण के लिहाज से भी एक बड़ा कदम होगा. रोरो के शुरू होने से सड़कों पर ट्रक और टैंकर्स की संख्या कम हो जाएगी. इससे वायु प्रदुषण भी नहीं फैलेगा. अगर ऐसा होता है तो इससे सबसे बड़ी राहत दिल्ली-एनसीआर को ही मिलेगी.

डीएफसीसी से जुड़े सूत्रों की मानें तो रोरो सर्विस की शुरुआत एक मालगाड़ी पर 45 ट्रक से की जाएगी. हालांकि डबल डेकर गाड़ी आने के बाद यह संख्या बढ़ भी सकती है. गौरतलब रहे इससे पहले दिल्ली के प्रदुषण को देखते हुए नॉर्थन रेलवे ने भी रोरो सर्विस का ट्रॉयल किया था. अब यह पहला मौका होगा

Tags: Dedicated Freight Corridor, Greater noida news, Noida news, Pm narendra modi

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