नोएडा से ग्रेटर-नोएडा तक चलाई जाएगी लाइट मेट्रो, कम होगी लागत

नोएडा से ग्रेटर नोएडा (Noida to Greater Noida) तक लाइट मेट्रो चलाई जाएगी. हालांकि अभी तक नोएडा से ग्रेटर नोएडा तक मेट्रो का निर्माण शुरू नहीं किया गया है, लेकिन यह तय कर दिया गया है कि इस रूट पर लाइट मेट्रो (light Metro) चलाई जाएगी.

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 19, 2019, 8:49 PM IST
नोएडा से ग्रेटर-नोएडा तक चलाई जाएगी लाइट मेट्रो, कम होगी लागत
नोएडा से ग्रेटर नोएडा तक चलाई जाएगी लाइट मेट्रो, मेट्रो से कम होगी लागत. (फाइल फोटो)
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Updated: August 19, 2019, 8:49 PM IST
नोएडा से ग्रेटर नोएडा (Noida to Greater Noida) तक लाइट मेट्रो चलाई जाएगी. हालांकि अभी तक नोएडा से ग्रेटर नोएडा तक मेट्रो का निर्माण शुरू नहीं किया गया है, लेकिन यह तय कर दिया गया है कि इस रूट पर लाइट मेट्रो (light Metro) चलाई जाएगी. यह सुझाव दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) के एमडी मंगू सिंह ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन रमा रमण को दिया है.

डीएमआरसी ने प्राधिकरण को सुझाव के साथ-साथ इसके फायदे भी बताए हैं. इससे इस प्रोजेक्ट की लागत 20 फीसद कम हो जाएगी और प्रोजेक्ट के लिए जमीन का अधिग्रहण भी कम करना होगा. हालांकि अभी प्राधिकरण की ओर से डीएमआरसी के इस सुझाव पर कोई जवाब नहीं दिया गया है, लेकिन प्राधिकरण 10 दिन में नोएडा मेट्रो रेल कारपोरेशन (एनएमआरसी) का गठन करके डीएमआरसी के इस सुझाव का जवाब देने का काम शुरू करेगा.

कम हो जाएगी मेट्रो पिलर की चौड़ाई
डीएमआरसी के सूत्रों के मुताबिक इस सुझाव पर अमल करने से इस रूट पर बनने वाले प्रत्येक मेट्रो पिलर की चौड़ाई कम हो जाएगी और प्रत्येक पिलर का वजन दो से तीन टन कम हो जाएगा. वर्तमान में बनने वाले एक पिलर का वजन 15 टन होता है.

30 हजार यात्रियों को लाभ
डीएमआरसी की डीपीआर में बताया गया है कि इस रूट पर अभी छह हजार यात्रियों को प्रति घंटे लाभ मिलेगा. साथ ही आने वाले समय में लाइट मेट्रो से प्रति घंटा 30 हजार यात्रियों को आवागमन की सुविधा दी जा सकेगी.

लाइट मेट्रो में होंगे 4 कोच
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डीएमआरसी ने इस लाइन पर 2.9 मीटर चौड़ी मेट्रो चलाने का प्रस्ताव तैयार कर नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को दिया है. इस रूट पर मेट्रो 80-90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेगी. लाइट मेट्रो को भी इसी रफ्तार से चलाया जा सकता है.

ग्रेटर नोएडा मेट्रो. (फाइल फोटो)


10 दिन में किया जाएगा कमेटी का गठन
नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि डीएमआरसी के सुझाव को लेकर एनएमआरसी के गठन के बाद विचार विमर्श किया जाएगा. दस दिन में ही कमेटी गठन कर इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. डीएमआरसी के अधिकारी ने बताया कि प्राधिकरण के चेयरमैन को डीपीआर के साथ सारे सुझाव दे दिये गये है. बाकी फैसला प्राधिकरण को ही लेना है. जैसे निर्देश होंगे उसी के हिसाब से निर्माण कार्य शुरू करवाया जाएगा.

एक कॉरिडोर में दौड़ेगी रबड़ वाला टायर लगी मेट्रो
लाइट मेट्रो के लिए बस एक कॉरिडोर बनेगा और रबड़ वाले टायर लगी मेट्रो दौड़ने लगेगी. वर्तमान में पेरिस, हॉन्गकॉन्ग, मलेशिया में ऐसी मेट्रो चल रही हैं. इस मेट्रो की रफ्तार 60 किमी/घंटा के लगभग होगी. इसकी सुरक्षा इंटरनेशनल लेवल की होगी. इसे चलाने में 3 गुना कम यानी 100 करोड़ रुपये प्रति किमी की लागत आएगी. केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने कर्ज से दबे प्राधिकरण को यह सुझाव दिया है. दुर्गा शंकर रविवार को सेक्टर-51 एक्वा लाइन और सेक्टर-52 ब्लू लाइन मेट्रो को जोड़ने वाले 300 मीटर वॉकवे का उद्घाटन करने पहुंचे थे।

लाइट मेट्रो का एक किलोमीटर ट्रैक बिछाने पर आएगा 100 करोड़ का खर्च
वर्तमान में जो मेट्रो चल रही है उसकी एलिवेटेड लाइन बिछाने में एक किलोमीटर पर 250 से 350 करोड़ रुपये का खर्च आता है जबकि भूमिगत लाइन बिछाने में यह खर्चा 400 से 700 करोड़ प्रति किलोमीटर तक पहुंच जाता है. लाइट मेट्रो का एक किलोमीटर का ट्रैक बिछाने पर करीब 100 करोड़ रुपए का खर्चा आएगा. भारत में इसकी शुरुआत दिल्ली के द्वारका और चेन्नई से की जा रही है.

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First published: August 19, 2019, 8:45 PM IST
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