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जो कहते हैं हंस के लिया पाकिस्तान, लड़ कर लेंगे हिंदुस्तान, वे याद रखें कि ये 2021 है, 1947 नहीं : भागवत

जो कहते हैं हंस के लिया पाकिस्तान, लड़ कर लेंगे हिंदुस्तान, वे याद रखें कि ये 2021 है, 1947 नहीं : भागवत

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि मातृभूमि का विभाजन न भूलने वाला विभाजन है, ये न मिटने वाली वेदना है,

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि मातृभूमि का विभाजन न भूलने वाला विभाजन है, ये न मिटने वाली वेदना है,

RSS Pramukh Mohan Bhagwat: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक डॉक्टर मोहन भागवत ने नोएडा में लेखक कृष्णानंद सागर की पुस्तक 'विभाजनकालीन भारत के साक्षी' का लोकार्पण किया. संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि मातृभूमि का विभाजन न भूलने वाला विभाजन है, ये न मिटने वाली वेदना है, और ये तभी खत्म होगी जब विभाजन ख़त्म होगा. जब ये निरस्त होगा. इस्लाम का आक्रमण और अंग्रेजों का आक्रमण इसकी वजह है. पाकिस्तान हुआ. सब मुसलमान नहीं गए. ये सोचना चाहिए. मुसलमानों को अपनी सोच कि हमारे जैसे रहना है ये वाली विचारधारा छोड़नी होगी.

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नोएडा. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) के सर संघचालक डॉक्टर मोहनराव भागवत ने नोएडा में लेखक कृष्णानंद सागर की पुस्तक ‘विभाजनकालीन भारत के साक्षी’ का लोकार्पण किया. इस मौक़े पर संघ प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने कहा कि मातृभूमि का विभाजन, देश का विभाजन, ये न भूलने वाला विभाजन है, ये न मिटने वाली वेदना है, और ये तभी खत्म होगी जब विभाजन ख़त्म होगा. जब ये निरस्त होगा.

भागवत ने कहा कि विभाजन के बाद उनका जन्म हुआ और विभाजन के 10 साल बाद समझ में आया. जब समझ में आया तो नींद नहीं आयी. विभाजन के इतिहास का अध्ययन होना चाहिए. जीती जागती भारतमाता के विभाजन का अध्यन होना चाहिए. भारत के प्रधानमंत्री को संविधान के साथ चलना पड़ता है, लेकिन उनको भी 14 अगस्त को कहना पड़ता है कि इस विभाजन को भूलना नहीं चाहिए. इसलिए जो खण्डित हुआ उसे अखंड बनाना होगा.

भागवत ने कहा कि विभाजन के समय सबसे पहली बलि मानवता की हुई. उस समय खून की नदियां न बहें, इसलिए ये किया गया, लेकिन उसके बाद से अब तक बहुत खून बहा है. इस विभाजन से कोई सुखी नहीं. इस्लाम का आक्रमण और अंग्रेजों का आक्रमण इसकी वजह है. इस्लाम का आक्रमण जो आया, उसके बारे में गुरुनानक जी ने सावधान किया था. उन्होंने कहा कि ये आक्रमण हिन्दुस्तान पर है. इसका पूजा से संबंध नहीं परवर्ती से संबंध है. उस दौरान कहा गया कि जिसको रहना है हमारे जैसा रहना होगा. भक्ति की कट्टरता अपने लिए हो, ये समझ में आती है, लेकिन दूसरों के लिए ये करना, इस प्रवृत्ति को छोड़ना पड़ेगा.

उन्होंने कहा कि योजनाबद्ध तरीक़े से विभाजन का षड्यंत्र किया गया. ब्रिटिश ने सोचा इनको तोड़ना होगा. ये चाल उनकी चली और विभाजन हो गया, लेकिन 15 अगस्त 1947 के बाद भी संघर्ष खत्म नहीं हुआ. भारत तेरे टुकड़े होंगे के नारे, आज भी लगते है. इसलिए इतिहास के इस सत्य का सामना किया जाना चाहिए. एक पक्ष मुसलामान कहता था, एक हिन्दू. क्या हुआ. पाकिस्तान हुआ. सब मुसलमान नहीं गए, जिनको रहना था वो यहीं रहे, फिर भी दंगे होते हैं. ये मुसलमान को सोचना चाहिए. मुसलमानों को अपनी सोच कि हमारे जैसे रहना है, ये वाली विचारधारा छोड़नी होगी.

भागवत ने कहा कि राजा सबका होता है. राज्य किसी पूजा का नहीं होता. राज्य धर्म का होता है. सबकी अपनी पूजा होती है, राजा का धर्म सबको जोड़ना है और वो धर्म सभी की उन्नति करने वाला होता है. टुकड़े टुकड़े गैंग पर निशाना साधते हुए भागवत ने कहा कि जो कहते हैं कि हंस के लिया है पाकिस्तान, लड़ कर लेंगे हिंदुस्तान, उनको बता देना चाहता हूं कि ये 2021 है, 1947 नहीं. विभाजन के समय बहुत बड़ी ठोकर खाई है. इसको भूलेंगे नहीं इसलिए अब विभाजन संभव नहीं. जो इसके लिए प्रयास करेगा तो उसके टुकड़े होंगे.

Tags: Attack of Islam, Attack on Muslims, India Partition History, Mohan bhagwat, Noida news

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