मच्‍छर भगाने के लिए मां ने जलाए गोबर के उपले, 11 दिन की बेटी जली

सर्कल ऑफिसर नोएडा विमल कुमार ने बताया कि बच्‍ची को मच्‍छर न काटें इसके लिए उसने गोबर के उपले में कैरोसिन तेल डालकर आग लगाई और उसे बैड के पास रख दिया. अचानक ही बैड ने आग पकड़ ली और बच्‍ची जल गई.

News18Hindi
Updated: July 24, 2019, 11:29 AM IST
मच्‍छर भगाने के लिए मां ने जलाए गोबर के उपले, 11 दिन की बेटी जली
मां ने मच्‍छर भगाने को जलाए उपले, 11 दिन की बेटी जली.
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Updated: July 24, 2019, 11:29 AM IST
उत्‍तर प्रदेश के नोएडा के गांव बरौला में मच्‍छरों को भगाना महंगा पड़ गया. बरौला गांव में एक महिला ने मच्‍छरों से निपटने के लिए गोबर के उपले जलाकर बैड के पास रख दिए. जिनकी चपेट में आए बैड ने आग पकड़ ली और 11 दिन की नवजात जल गई. बच्‍ची को तुरंत अस्‍पताल ले जाया गया. जहां से उसे दिल्‍ली के सफदरजंग अस्‍पताल में रैफर कर दिया गया है.

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक उन्‍हें जानकारी मिली कि एक 11 दिन की बच्‍ची को जलाकर मारने की कोशिश की गई है. इसे लेकर अस्‍पताल पहुंची पुलिस ने बच्‍ची की मां सहित परिजनों से पूछताछ की. जिसमें यह घटना सामने आई.

सर्कल ऑफिसर नोएडा विमल कुमार ने बताया कि बच्‍ची को मच्‍छर न काटें इसके लिए उसने गोबर के उपले में कैरोसिन तेल डालकर आग लगाई और उसे बैड के पास रख दिया. अचानक ही बैड ने आग पकड़ ली और बच्‍ची जल गई.

इस दौरान बच्‍ची की मां से भी बातचीत की गई. जिसमें सामने आया कि उसे कुछ मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍या है. हालांकि उसने जानबूझकर बच्‍ची को नुकसान नहीं पहुंचाया.

बता दें कि गांव-देहात में गाय-भैंस के गोबर के उपले जलाना आम बात है. मच्‍छारों को भगाने के लिए आज भी उपले का धुआं इस्‍तेमाल किया जाता है. हालांकि डॉक्‍टरों का कहना है कि यह धुआं काफी खतरनाक होता है. इससे कई स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं हो जाती हैं.

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First published: July 24, 2019, 11:17 AM IST
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