लाइव टीवी

NGT ने तीन राज्यों को लगाई फटकार, कहा- प्रदूषण को रोकने के लिए जो भी किया उसका आउटपुट जीरो

Amit Singh | News18Hindi
Updated: October 15, 2019, 8:02 PM IST
NGT ने तीन राज्यों को लगाई फटकार, कहा- प्रदूषण को रोकने के लिए जो भी किया उसका आउटपुट जीरो
पंजाब की दलीलों से एनजीटी संतुष्ट नहीं हुआ और पंजाब से सवाल किया कि आप इतना कुछ कर रहे हैं, फिर भी पॉल्यूशन क्यों नहीं रुक रहा है. जनता क्यों आपकी गलतियों को भुगते. (Demo Pic)

एनजीटी (NGT) की प्रिंसिपल बेंच ने कहा कि अगर किसी का मर्डर (Murder) होगा तो पुलिस (Police) दो दिन बाद पहुंचेगी. किसी घर में आग लगती है तो उसे बुझाने के लिए दमकल विभाग (Fire Brigade) जाता है. ऐसा पराली जलाने पर क्यों नहीं है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 15, 2019, 8:02 PM IST
  • Share this:
नोएडा. प्रदूषण (Pollution) को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (National Green Tribunal-NGT) ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है. एनजीटी (NGT), दिल्ली (Delhi) के पड़ोसी तीन राज्यों हरियाणा (Haryana), पंजाब (Haryana) और उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) से नाखुश है. एनजीटी ने साफ साफ लफ्जो में हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश से कहा है कि आप लोगों ने प्रदूषण को रोकने के लिए जो भी किया है, उसका आउटपुट ज़ीरो है. हर साल इस समय प्रदूषण बढ़ता है और अगले 15 दिन में बहुत ज्यादा बढ़ जाएगा. तीन राज्यों की गलती की वजह से जनता परेशान है. बहरहाल, एनजीटी ने तीनों राज्यों को निर्देश दिया है कि अधिकारियों को जिम्मेदार बनाया जाए, जिससे प्रदूषण कम हो. अगली तारीख को सभी राज्य स्टेटस रिपोर्ट दायर करें.

तकरीबन डेढ़ घंटे तक एनजीटी की प्रिंसिपल बेंच के सामने प्रदूषण पर सुनवाई हुई. सुनवाई की शुरुआत में एनजीटी चेयरपर्सन जस्टिस आदर्श कुमार गोयल ने राज्यों के वकीलों को चुप कराते हुए कहा कि आज कोई वकील मामले में दलील नहीं देंगे. सभी राज्यों के अधिकारी सामने आएं और बताए कि प्रदूषण को रोकने के लिए क्या किया.

NGT ने यूपी से कहा- आप पॉल्यूशन को लेकर बिल्कुल सीरियस नहीं
लिहाजा, सुनवाई की शुरुआत देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश से हुई. प्रिंसिपल सेक्रेटरी उत्तर प्रदेश एग्रिकल्चर की दलीले सुनने के बाद एनजीटी ने नाराजगी जताई और कहा कि आप पॉल्यूशन को लेकर बिल्कुल सीरियस नहीं है. जब पराली जलाई जाती है तब आप जागते हैं. उससे पहले आप करते क्या हैं, किसी को नहीं मालूम. एनजीटी आपके कामों से बिल्कुल खुश नहीं है.

किसानों को बैंक से लोन दिलाने पर भी जताई आपत्ति
यही नहीं, एनजीटी ने किसानों को बैंक से लोन दिलाने पर भी आपत्ति जताई और कहा कि पहले आप किसानों को लोन दिलाते हो. फिर बाद में लोन माफ कर देते हो. लेकिन, लोन दिलाने और माफ करने के बीच के समय में जो किसानों को तनाव होता है, इससे आत्महत्याएं बढ़ती हैं. लिहाजा, कोई दूसरा विकल्प तलाशिए.

NGT ने हरियाणा से पूछा- पॉल्यूशन को रोकने के लिए क्या कर रहे हैं?
Loading...

यूपी के बाद हरियाणा की बारी आई. डायरेक्टर जनरल, एग्रिकल्चर हरियाणा ने जैसे ही एनजीटी की प्रिंसिपल बेंच के सामने बोलना शुरू किया, जस्टिस गोयल ने उन्हें रोका और कहा कि आपने जो कुछ अभी तक किया है, वो हमें दिख रहा है. पॉल्यूशन तो रुका नहीं. पॉल्यूशन को रोकने के लिए क्या कर रहे हैं? इस पर हरियाणा ने कहा कि अब तक किसानों के खिलाफ पराली जलाने को लेकर 84 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं. 2 अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. गांवों में पराली जलाने को रोकने के लिए युवाओं की एक टीम बनाई गई है. एक गांव पर एक अधिकारी की नियुक्ति की गई है.

आग बुझाने के लिए दमकल विभाग जाता है, ऐसा पराली जलाने पर क्यों नहीं
एनजीटी ने हरियाणा के अधिकारी को रोकते हुए नाराजगी जताई और कहा कि किसानों के खिलाफ 84 एफआईआर और 2 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई, इससे समझ में आता है कि आप कितने जागरुक हैं. और किसानों को कितना जागरुक करेंगे. एनजीटी ने हरियाणा से सवाल किया कि अगर उन्हें सूचना मिलती है कि कहीं किसी गांव में पराली जलाई जा रही है, उसको बुझाने के लिए क्या करेंगे. इस पर हरियाणा ने जवाब दिया कि जिला प्रशासन इस पर कार्रवाई करेगा. इस पर एनजीटी की प्रिंसिपल बेंच भड़क गई और कहा कि अगर किसी का मर्डर होगा तो पुलिस दो दिन बाद पहुंचेगी. किसी घर में आग लगती है तो उसे बुझाने के लिए दमकल विभाग जाता है. ऐसा पराली जलाने पर क्यों नहीं है.

इसके बाद एनजीटी से पंजाब के सेक्रेटरी, एग्रिकल्चर ने कहा कि 2016 की तुलना में फिलहाल फसलों के जलाने के मामले में बहुत कमी आई है. हमने जिस इलाके में देखा कि वहां फसल जलाई जा रही है, तब हमने वहां कैम्प लगाए. और एक एक किसानों को सम्पर्क किया और किसानों को जागरूक किया. बीते कल हमारे सीएम ने भी किसानों से भी मुलाकात की. सीएम ने किसान मेला भी किया है. अभी हाल ही में गुरुजी के माध्यम से सीएम किसानों को एक वीडियो मैसेज देकर जागरूक कर रहे हैं. एक मुहिम चलाई जा रही है, जिसमें 60 लाख छात्र गांव में जाते है और फसल जलाने के खिलाफ किसानों और परिजनों को जगरुक करेंगे. सभी प्राइवेट कंपनियों के साथ भी इसको लेकर मीटिंग हो रही है. कंपनी मशीन मंगा रही है, जिससे किसानों को फायदा हो और वो पराली न जलाएं.

पंजाब की दलीलों से संतुष्ट नहीं हुआ एनजीटी
लेकिन, पंजाब की दलीलों से एनजीटी संतुष्ट नहीं हुआ और पंजाब से सवाल किया कि आप इतना कुछ कर रहे हैं, फिर भी पॉल्यूशन क्यों नहीं रुक रहा है. जनता क्यों आपकी गलतियों को भुगते. इसके बाद पंजाब ने केंद्र पर आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब सरकार केन्द्र सरकार से msp (मिनिमम सपोर्ट प्राइस) पर किसानों को इंसेंटिव और मांग रही है. लेकिन, केंद्र सरकार कहती है कि ये पॉसिबल नहीं है और भी राज्य हैं इस पर एनजीटी भड़क गया और कहा कि हम यहां केंद्र और राज्य पर फैसला देने नहीं बैठे हैं. जिसकी गलती होगी, उसे हम कहेंगे. इसके बाद केंद्र सरकार की बारी थी. केन्द्र ने कहा कि पीएमओ अब तक पॉल्यूशन पर तीन बार बैठक कर चुका है. मिनिस्ट्री ऑफ एग्रीकल्चर और एनवीरोंमेंट के सेक्रेटरी हर सप्ताह मीटिंग कर रही हैं. सभी राज्यों को पैसे भी पर्याप्त दिए जा रहे हैं. बहरहाल 15 नवंबर को मामले पर दोबारा सुनवाई होगी और 15 नवंबर को एक बार फिर सभी तीन राज्यों को एनजीटी में स्टेटस रिपोर्ट दायर करना है.

ये भी पढ़ें-

संघ के बयान पर ओवैसी का पलटवार, कहा-हम भारत को ‘हिंदू राष्ट्र’ नहीं बनने देंगे

अमित शाह ने किया खुलासा, बताया BJP को कब मिलेगा नया अध्यक्ष

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए नोएडा से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 15, 2019, 8:02 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...