Home /News /uttar-pradesh /

noida authority will not charge revenue fee if grandfather transfer residential property to grandson dlnh

नोएडा अथॉरिटी के इस फैसले से दादा-दादी, पोते-पोती को मिली राहत, जानें प्लान

फैसले के तहत दादा-दादी अब अपने पोते-पोती के नाम सीधे प्रापर्टी लिख सकेंगे.  (सांकेतिक फोटो)

फैसले के तहत दादा-दादी अब अपने पोते-पोती के नाम सीधे प्रापर्टी लिख सकेंगे. (सांकेतिक फोटो)

नोएडा अथॉरिटी (Noida Authority) ने अपनी बोर्ड बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई है. इसी में से एक फैसला यह है कि अब दादा-दादी अपने पोते-पोती के नाम रेजिडेंशियल प्रापर्टी  (Residential Property) को ट्रांसफर कर सकेंगे. जिस पर नोएडा अथॉरिटी न तो स्टाम्प शुल्क लेगा और न ही रजिस्ट्रेशन फीस. अभी तक इस तरह की प्रापर्टी ट्रांसफर (Property Transfar) पर मोटी फीस और स्टाम्प शुल्क चुकाना होता था.

अधिक पढ़ें ...

    नोएडा. सोमवार को नोएडा अथॉरिटी (Noida Authority) की बोर्ड मीटिंग में एक बड़ा फैसला लिया गया है. फैसले के तहत दादा-दादी अब अपने पोते-पोती के नाम सीधे प्रापर्टी लिख सकेंगे. इसके लिए नोएडा अथॉरिटी कोई फीस नहीं लेगी. अभी तक इस तरह से प्रापर्टी लिखे जाने के लिए हजारों रुपये के स्टाम्प डयूटी और रेवेन्यू फीस के रूप में चुकाने पड़ते थे. खासतौर पर कोरोना (Corona) के बाद से इस तरह के काफी केस सामने आ रहे थे जहां दादा को अपनी प्रापर्टी पोते के नाम ट्रांसफर करनी थी. लेकिन अथॉरिटी का यह नियम सिर्फ रेजिडेंशियल प्रापर्टी (Residential Property) पर ही लागू होगा.

    इन हालात में दादा पोते के नाम करते हैं प्रापर्टी

    जानकारों की मानें तो अभी तक केस में यह सामने आता था कि बेटे की मौत हो जाने के बाद दादा पोते के नाम प्रापर्टी ट्रांसफर करना चाहता था. लेकिन इसके लिए नोएडा अथॉरिटी में भारी-भरकम स्टाम्प शुल्क और फीस चुकानी होती है. जबकि बेटे के नाम ट्रांसफर करने पर यह फीस नहीं लगती है. क्योंकि नोएडा अथॉरिटी के रूल में दादा और पोते को बलड रिलेशन में नहीं माना था. जबकि स्टाम्प शुल्क और फीस से छूट सिर्फ ब्लड रिलेशन में ही दी जाती है. अथॉरिटी में बेटे-बेटी और पिता को ही ब्लड रिलेशन में माना गया है.

    कोरोना की वजह से बढ़ गई ऐसे केस की संख्या

    जानकारों का कहना है कि कोरोना के बाद से नोएडा अथॉरिटी में ऐसे केस की संख्या बढ़ गई थी जहां दादा अपने पोते के नाम प्रापर्टी को ट्रांसफर करना चाहते थे. क्योंकि कोरोना के चलते बेटे की मौत हो चुकी थी. दादा भी अपनी उम्र के चलते प्रापर्टी परिवार के नाम करना चाहते हैं. लेकिन स्टाम्प शुल्क और रजिस्ट्रेशन फीस के चलते आवेदन करने के बाद भी बहुत सारे लोग प्रापर्टी ट्रांसफर कराने नहीं आ रहे थे. लेकिन नोएडा अथॉरिटी की इस छूट का ऐसे लोगों को बड़ा फायदा मिलेगा.

    Noida में मेट्रो की ब्ल्यू और एक्वा लाइन को जोड़ने के लिए मिली हरी झंडी, जानें प्लान

    कोरोना में प्रापर्टी को लेकर आई थी यह परेशानी

    कोरोना की दूसरी लहर के दौरान किसी के पति की मौत हो गई तो किसी के पिता इस दुनिया से चले गए. आर्थिक हालात ठीक नहीं हैं. सोचा कि फ्लैट बेचकर घर का गुजारा चला लें, तो मालूम पड़ा कि अपना होते हुए भी फ्लैट बिक नहीं सकता है. क्योंकि पूरा पैसा लेने के बाद भी बिल्डर्स ने फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं की है.

    इसलिए कोई भी खरीदार बिना रजिस्ट्री के फ्लैट लेने को तैयार नहीं है. ग्रेटर नोएडा और नोएडा में यह कहानी किसी एक नहीं हजारों घरों की थी और आज भी है. लेकिन बिल्डर्स के हाथों मजबूर हैं कि कुछ कर नहीं सकते. नोएडा एस्टेट फ्लैट ओनर्स मेन एसोसिएशन भी इस मामले को कई बार उठा चुकी है.

    Tags: Corona, Noida Authority, Property

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर