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Noida News: क्रिकेट खेलने के दौरान सीवर में गिरी गेंद, निकालने गए 2 युवकों की मौत, दो की हालत गंभीर

अस्पताल के बाहर रोते- बिलखते परिजन.

अस्पताल के बाहर रोते- बिलखते परिजन.

जल निगम के ऑपरेटर बलराम सिंह (Balram Singh) का कहना है कि मैंने युवकों को सीवर में उतरने से मना किया था, लेकिन चारों युवक एक-एक कर सीवर में उतर गए. ऐसे में जहरीली गैस के प्रभाव में आकर सभी बेहोश हो गये.

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नोएडा. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के नोएडा में एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां सीवर (sewer) में गिरने से दो युवकों की मौत हो गई है. वहीं, दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस घटना से आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई है. साथ ही परिजनों का रो- रो कर बुड़ा हाल हो गया है. नोएडा के सेक्टर-5 (Sector-5) में यह घटना घटी है.

जानकारी के मुताबिक, नोएडा के सेक्टर 5 स्थित जल निगम के पार्क में सुबह 6 बजे कुछ युवक क्रिकेट खेल रहे थे, तभी युवकों की बॉल सीवर में गिर गई, जिसे निकालने गए तीन युवक और एक ई रिक्शा चालक एक के बाद एक सीवर में जा गिरे. इससे दो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हो गए. घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है. घायलों को इलाज के लिए दिल्ली रेफर किया गया है. वहीं, पुलिस मौके पर जांच में जुट गई है.

पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है
वहीं, जल निगम के ऑपरेटर बलराम सिंह का कहना है कि मैंने युवकों को सीवर में उतरने से मना किया था, लेकिन चारों युवक एक-एक कर सीवर में उतर गए. ऐसे में जहरीली गैस के प्रभाव में आकर सभी बेहोश हो गये. ऑपरेटर ने तत्काल अपने प्रयास से उन्हें बाहर निकाला तथा पुलिस व स्थानीय लोगों को मदद के लिए बुलाया. मौके पर पहुंची थाना सेक्टर- 20 पुलिस द्वारा चारों युवकों को तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां 2 युवकों की मौत हो गई. मृतक की पहचान संदीप पुत्र योगेन्द्र निवासी शर्मा मार्केट हरौला तथा विशाल कुमार श्रीवास्तव पुत्र सुनील कुमार श्रीवास्तव निवासी शर्मा मार्केट हरौला के रूप में हुई है. दोनों मृतकों की उम्र क्रमश: 22 और 27 साल थी. वहीं, दोनों घायल युवकों को सफदरगंज अस्पताल दिल्ली रेफर कर दिया गया है. पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.

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उत्तराखंड की दो हस्तियों के नाम दिल्ली में सड़कें, डिप्टी CM मनीष सिसोदिया ने बताई ये वजह

दिल्ली पटपड़गंज विधानसभा क्षेत्र की दो सड़कों का नाम उत्तराखंड की प्रसिद्ध हस्तियों के नाम पर रखा गया. फोटो ट्विटर

Uttarakhand Assembly Elections 2022: दिल्ली के पटपड़गंज विधानसभा क्षेत्र की दो सड़कों का नाम उत्तराखंड की प्रसिद्ध हस्तियों के नाम पर किया है. उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की उपस्थिति में सड़कों का नामकरण अमर शहीद वीर केसरी चंद और प्रसिद्ध लोक गायक दिवंगत हीरा सिंह राणा के नाम पर किया गया.

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नई दिल्ली. उत्तराखंड (Uttarakhand) में आम आदमी पार्टी अपना सियासी भविष्य तलाश रही है. इसको लेकर वहां आप ने अपने संगठन का विस्तार कर चुनावी तैयारी शुरू की है. इसी बीच दिल्ली के पटपड़गंज विधानसभा (Patparganj Assembly) क्षेत्र की दो सड़कों का नामकरण रविवार को उत्तराखंड की प्रसिद्ध हस्तियों के नाम पर किया है. इसके जरिए माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी उत्तराखंड में जोर लगाने की तैयारी में है.

मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर लिखा- ‘उत्तराखंड के वीर सेनानी और नेताजी सुभाषचंद्र बोस की हिन्द सेना के सिपाही केसरी चंद जी ने अपनी जान 24 साल की उम्र में देश की आज़ादी के लिए न्योछावर कर दी थी. उनके सम्मान में आज पटपड़गंज की सड़क का नामकरण किया गया और उनको श्रद्धांजलि अर्पित की.’

ट्वीट में उन्होंने लिखा- ‘उत्तराखंड के मशहूर लोकगायक हीरा सिंह राणा जी अपने लोकगीतों से हर मुसीबत का सामना बहादुरी के साथ करने का हौसला देते थे. उनके गीत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देते रहेंगे. वेस्ट विनोद नगर की जिस गली में वो रहते थे उनके सम्मान में उस सड़क का नामकरण उनके नाम पर किया गया.’

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दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के ट्वीट का स्क्रीनशॉट.

बताया गया है कि उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की उपस्थिति में सड़कों का नामकरण अमर शहीद वीर केसरी चंद और प्रसिद्ध लोक गायक दिवंगत हीरा सिंह राणा के नाम पर किया गया. पटपड़गंज से ही सिसोदिया दिल्ली विधानसभा के सदस्य हैं.

सरकार की ओर से जारी की गई विज्ञप्ति में कहा गया कि राणा उत्तराखंड के प्रख्यात गायक थे, जिन्होंने कुमाऊं की खूबसूरती और संघर्ष की झलक अपनी कविताओं और गीतों के जरिये पेश की. बयान में कहा गया कि अमर शहीद वीर केसरी चंद आजाद हिंद फौज के सैनिक थे, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी थी.

जारी विज्ञप्ति के मुताबिक सी ब्लॉक मार्ग नंबर -4 अब दिवंगत हीरा सिंह राणा मार्ग के नाम से जाना जाएगा. वहीं, विनोद नगर ट्रैफिक लाइट से सिल्वर लाइन अस्पताल तक की सड़क अमर शहीद वीर केसरी चंद मार्ग के नाम से जानी जाएगी. माना जा रहा है कि आम आदमी की नजर 2022 में होने वाले उत्तराखंड विधानसभा चुनाव पर है. इसको लेकर आप उत्तराखंड में अपनी पार्टी का विस्तार करने की पूरी कोशिश में है. इसी को लेेकर वहां की दो प्रभावशाली शख्सियतों के नाम पर दिल्ली में सड़कों का नामकरण किया गया.

दिल्ली में कल जबरदस्त वैक्शीनेशन, दो लाख से ज्यादा लोगों को लगाया गया कोरोना का टीका

बुलेटिन के अनुसार, टीके की इतनी खुराक सात दिन तक चल सकती है. (सांकेतिक तस्वीर)

दिल्ली सरकार (Delhi Government) के आंकड़ों के अनुसार, रविवार सुबह तक शहर में टीके की 11 लाख खुराक उपलब्ध थी जिसमें से 1.65 लाख कोवैक्सीन और 9.40 लाख कोविशील्ड है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 23:10 IST
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नई दिल्ली. दिल्ली (Delhi) में शनिवार को 2.03 लाख लोगों को कोविड-19 (COVID-19) रोधी टीका दिया गया और उनमें से एक लाख से ज्यादा लोगों को पहली खुराक दी गई. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 16 जनवरी को टीकाकरण (Vaccination) की शुरुआत से लेकर अब तक 1.60 करोड़ से ज्यादा खुराक दी जा चुकी है. शहर में 48.01 लाख लोगों को टीके की दूसरी खुराक दी जा चुकी है. दिल्ली सरकार के आंकड़ों के अनुसार, रविवार सुबह तक शहर में टीके की 11 लाख खुराक उपलब्ध थी जिसमें से 1.65 लाख कोवैक्सीन और 9.40 लाख कोविशील्ड है. बुलेटिन के अनुसार, टीके की इतनी खुराक सात दिन तक चल सकती है.

वहीं, शुक्रवार को गाजियाबाद में खबर सामने आई थी कि जिले में कोरोना की दूसरी डोज के लिए स्‍वास्‍थ्‍य विभाग लगातार अपील कर रहा है लेकिन करीब 3 लाख लोग वैक्‍सीन लगवाने नहीं पहुंचे हैं. इन लोगों ने 84 दिन का समय पूरा कर लिया है. इसमें फ्रंट लाइन वर्कर से लेकर युवा और बुजुर्ग तक शामिल हैं. पिछले दो माह से कोरोना संक्रमण की दर में कमी आने के कारण लोग पहली डोज लेने के बाद रुचि नहीं दिखा रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर शुक्रवार को दोबारा से अभियान चलाया गया है. जिसमें लोग अधिक से अधिक वैक्‍सीन लगवा सकें.

अब तक करीब 23 लाख वैक्‍सीन की डोज लग चुकी है
गाजियाबाद में अब तक करीब 23 लाख वैक्‍सीन की डोज लग चुकी है. इनमें करीब 17 लाख से अधिक को पहली और पांच लाख से अधिक को दूसरी डोज लग चुकी है. करीब तीन लाख लोगों को वैक्‍सीन लगवाए हुए  84 दिन से अधिक हो चुके हैं. सीएमओ डा. भवतोष शंखधर भी लगातार लोगों से अपील कर रहे हैं, इसके बावजूद लोग वैक्‍सीन लगवाने नहीं पहुंच रहे हैं. सीएमओ के अनुसार ये लोग पहली डोज लगवाने के बाद लापरवाही बरत रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिले में मेगा ड्राइव का आयोजन किया है. जहां लोग वॉक इन वैक्‍सीन लगवा सकते हैं.

(इनपुट- भाषा)

नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता त्रिलाेचन सिंह के सिर में मारी गई थी गोली, पुलिस ने हत्यारोपी हरमीत को जम्मू से दबोचा

नेशनल काॅन्फ्रेंस नेता त्रिलोचन सिंह की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है.

Trilochan Singh Wazir Murder Case: नेशनल काॅन्फ्रेंस के नेता त्रिलोचन सिंह वजीर की हत्या दिल्ली के मोती नगर इलाके में की गई थी, जिसके बाद इस मामले में पहले ही दो गिरफ्तारी हो चुकी हैं, जबकि दो अन्य हत्या आरोपी हरमीत और हरप्रीत फरार थे.

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नई दिल्ली. नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता त्रिलोचन सिंह वजीर (Trilochan Singh Wazir) की हत्या (Murder Case) के आरोपी हरमीत सिंह को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (Delhi Police Special Cell) ने जम्मू इलाके से गिरफ्तार किया है. पूर्व एमएलसी त्रिलोचन सिंह वजीर की हत्या दिल्ली के मोती नगर इलाके में की गई थी, जिसके बाद इस मामले में पहले ही दो गिरफ्तारी हो चुकी हैं, जबकि आरोपी हरमीत और हरप्रीत फरार थे. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को इनपुट मिला था कि आरोपी हरमीत जम्मू इलाके में कहीं छिपा है, जिसके बाद एक जाल बिछाया गया और ACP जसबीर सिंह और इंस्पेक्टर पूरन पंत की टीम ने उसे दबोच लिया।

नेशनल कांफ्रेंस के नेता की हत्या की साजिश कैसे रची गई. उसके बारे में आरोपी हरमीत ने कबूला कि वह एक प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है. 3 साल पहले गुरुद्वारा साहिब के कई सदस्यों और त्रिलोचन सिंह वजीर के बीच एक कैलेंडर के संबंध में मतभेद पैदा हो गए थे, जिसे गुरु नानक साहब की तस्वीर के साथ लॉन्च किया जाना था. 22 अगस्त 2021 को वो अपने बेटे के लिए कनाडा वीजा की औपचारिकताओं के संबंध में दिल्ली आया और दिल्ली में वो अपने फ्लैट पर हरप्रीत के साथ रहा, जिसने काम पूरा करने का आश्वासन दिया था.

हरप्रीत ने अपने पास ही होटल में हरमीत के लिए बुक किया था रूम 

31 अगस्त 2021 को हरप्रीत ने त्रिलोचन सिंह वज़ीर के साथ उसके सामने टेलीफोन पर बात की. उसके बाद हरप्रीत ने उसे एक होटल में शिफ्ट होने को कहा. हरप्रीत ने कहा कि अगर वजीर उसे देखेगा तो गुस्सा हो जाएगा. हरप्रीत ने हरमीत सिंह के लिए पास के होटल में एक कमरे की व्यवस्था की और वो वहां शिफ्ट हो गया. फिर 3 सितम्बर 2021 को हरप्रीत होटल के कमरे में आया और उससे कहा कि वज़ीर अपने बेटे को खत्म करने की योजना पर काम करने जा रहा है, जिसके लिए वह कनाडा के लिए वीजा की कोशिश कर रहा है.

हरप्रीत होटल में हरमीत को उकसाता रहा 

हरप्रीत ने आगे बताया कि वजीर अपने पूरे परिवार को खत्म करने के लिए पंजाब और हरियाणा के गैंगस्टरों को पहले ही जम्मू भेज चुका है. हरप्रीत ने आगे कहा कि त्रिलोचन सिंह वजीर की इस सारी बातचीत की पुष्टि राजू गांजा से हो सकती है, जो वहां मौजूद था. 3 सितंबर की शाम को हरप्रीत फिर से होटल के कमरे में आया और हरमीत बार-बार इस बात के लिए उकसाया कि उसके पूरे परिवार को त्रिलोचन वज़ीरसमाप्त कर देगा. उसके लिए परिवार को बचाने का ये आखिरी मौका है वर्ना त्रिलोचन सिंह वजीर कनाडा भाग जाने वाला है.

हरमीत को होटल से अपने फ्लैट ले गया हरप्रीत 

हरप्रीत होटल से हरमीत को अपने फ्लैट में ले गया और उस कमरे से सटे कमरे में छुपा दिया, जहां टीएस वजीर सो रहा था. राजू और एक दूसरा शख्स भी था. हरप्रीत ने उसे एक पिस्टल दी और उसे वजीर के कमरे में ले गया और हरप्रीत के कहने पर उसने वजीर के सिर पर एक राउंड फायर किया. तुरंत पिस्टल छोड़कर फ्लैट से निकल गया. 9 सितम्बर को वह और हरप्रीत गुरुद्वारा फतेहगर पहुंचे जहां हरप्रीत ने उसे तीन पेज का सुसाइड नोट लिखने के लिए मजबूर किया. उसी पर हस्ताक्षर किए और अपना अंगूठा भी लगाया.  गले दिन 10 सितंबर को वहां से आगे बढ़े और जम्मू बस स्टैंड पहुंचे. उस वक्त हरप्रीत ने फेसबुक पर सुसाइड नोट पोस्ट किया था. स्पेशल सेल अब उससे हुई पूछताछ के बाद मामले में आरोपी हरप्रीत की तलाश कर रही है.

Rape Case: LJP सांसद प्रिंस पासवान की जमानत अर्जी पर राउस एवेन्यू कोर्ट में कल आएगा फैसला

बता दें कि एक युवती ने प्रिंस राज पर रेप केस दर्ज कराया है. दिल्ली की राउस एवेन्यू कोर्ट के आदेश के बाद प्रिंस राज पर बलात्कार का मुकदमा दर्ज हुआ है. (File Photo)

Prince Raj Rape Case: दिल्ली पुलिस ने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि उनको हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की जरूरत है. पुलिस ने विशेष न्यायाधीश एमके नागपाल के समक्ष कहा कि शिकायतकर्ता के दावे के मुताबिक, प्रिंस राज से कथित आपत्तिजनक वीडियो क्लिप को बरामद किया जाना है.

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नई दिल्ली. लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के सांसद प्रिंस पासवान (Prince Paswan) की अग्रिम जमानत याचिका पर सोमवार को फैसला होगा. इस मामले में दिल्ली की राउस एवेन्यू कोर्ट कल अपना फैसला सुनाएगी. कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अग्रिम जमानत याचिका (Anticipatory Bail Petition) पर फैसला सुरक्षित रख लिया था. बता दें कि इसी मामले की सुनवाई के दौरान गुरुवार को दिल्ली पुलिस ने प्रिंस राज की अग्रिम जमानत याचिका का विरोध किया था.

दिल्ली पुलिस ने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि उनको हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की जरूरत है. पुलिस ने विशेष न्यायाधीश एमके नागपाल के समक्ष कहा कि शिकायतकर्ता के दावे के मुताबिक, प्रिंस राज से कथित आपत्तिजनक वीडियो क्लिप को बरामद किया जाना है. हालांकि, प्रिंस राज की ओर से पेश होने वाले वरिष्ठ वकील विकास पाहवा और नितेश राणा ने पुलिस के हलफनामे का विरोध किया और दावा किया था कि मामला हनीट्रैप में फंसाने और उगाही करने का है.

कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ था प्रिंस राज पर रेप केस 
बता दें कि एक युवती ने प्रिंस राज पर रेप केस दर्ज कराया है. दिल्ली की राउस एवेन्यू कोर्ट के आदेश के बाद प्रिंस राज पर बलात्कार का मुकदमा दर्ज हुआ है. जाहिर है पीड़िता का दावे में दम नजर आ रहा है. हालांकि, प्रिंस राज भी युवती के खिलाफ इसी साल 9 फरवरी को पहले ही एफआईआर दर्ज करवा चुके हैं. इस एफआइआर के अनुसार प्रिंस राज ने आरोप लगाया था कि उन्हें युवती ने हनी ट्रैप (honey trap) के तहत फंसाया और फिर बाद में उस युवती ने अपने दोस्त के साथ एक्सटॉर्शन शुरू कर दिया. उन्हें रेप के झूठे केस में फंसा देने की धमकी दी जा रही थी. हालांकि, प्रिंस राज ने यह माना है कि उन्होंने युवती के साथ सेक्स किया था.

नोएडा पुलिस ने गांजा तस्करों को किया गिरफ्तार, 37 KG से अधिक नशीला पदार्थ बरामद

न्होंने बताया कि तस्करों के पास से पुलिस ने करीब 37 किलो 600 ग्राम गांजा (Hemp) बरामद किया है, जिसकी कीमत लगभग 25 लाख रुपए आंकी गयी है. (सांकेतिक फोटो)

एसटीएफ के अधीक्षक (पश्चिमी उप्र) कुलदीप नारायण (Kuldeep Narayan) ने बताया कि एक सूचना के आधार पर एसटीएफ तथा थाना ईकोटेक -3 पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है. उन्होंने बताया कि उनकी पहचान शहजाद तथा सोनू के रूप में की गयी है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 18:15 IST
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नोएडा. उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल (STF) तथा थाना ईकोटेक- 3 पुलिस ने एक संयुक्त कार्यवाई के तहत आंध्र प्रदेश से तस्करी के सहारे गांजा लाकर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बेचने वाले दो तस्करों (Smugglers) को गिरफ्तार किया. एसटीएफ ने इसकी जानकारी दी . उन्होंने बताया कि तस्करों के पास से पुलिस ने करीब 37 किलो 600 ग्राम गांजा (Hemp) बरामद किया है, जिसकी कीमत लगभग 25 लाख रुपए आंकी गयी है.

एसटीएफ के अधीक्षक (पश्चिमी उप्र) कुलदीप नारायण ने बताया कि एक सूचना के आधार पर एसटीएफ तथा थाना ईकोटेक -3 पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है. उन्होंने बताया कि उनकी पहचान शहजाद तथा सोनू के रूप में की गयी है. दोनों क्रमश: गाजियाबाद और बुलंदशहर जनपद के रहने वाले हैं. उन्होंने बताया कि इनका एक साथी इरफान उर्फ नेता मौके से भाग गया. नारायण ने बताया कि इनके पास से 37 किलो 600 ग्राम गांजा बरामद हुआ है, जिसकी कीमत करीब 25 लाख रुपए है.

थाना फेस- 3 पुलिस ने आज गिरफ्तार किया है
अधिकारी ने बताया कि फरार बदमाश इरफान पर मध्यप्रदेश के जनपद आगर में पांच हजार रुपए का इनाम घोषित है. इस बीच, दादरी पुलिस ने दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान बबलू उर्फ उस्मान तथा माजिद के रूप में की गयी है. उनके पास से पुलिस ने 922 नशीले गोलियां बरामद की है. नोएडा के सेक्टर 39 थाना पुलिस ने एक महिला के साथ लूट का प्रयास कर रहे दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है. दूसरी ओर एक युवती के पर चाकू से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल करने वाले युवक को थाना फेस- 3 पुलिस ने आज गिरफ्तार किया है.

स्कूटी को भी जब्त किया गया था
बता दें कि पिछले हफ्ते  दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी रैकेट का पर्दाफाश करते हुए एक नाइजीरियाई समेत दो तस्करों को गिरफ्तार किया था. दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर तस्करी रैकेट से जुड़े तार खंगाले जा रहे हैं. आरोपियों से 16.6 किलो नशीला पदार्थ बरामद किया गया था, जिसकी अंतराराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 30 करोड़ रुपये है. आरोपियों के कब्जे से एक कार और स्कूटी को भी जब्त किया गया था.

(इनपुट- भाषा)

रामलीला महासंघ ने PM मोदी को लिखा खुला पत्र, पूछा- दिल्‍ली में खुल गए स्‍कूल-बाजार तो रामलीला मंचन क्‍यों नहीं

रामलीला महासंघ ने पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्‍ली में रामलीला मंचन की अनुमति मांगी है. (सांकेतिक फोटो)

Ramlila at Red Fort: दिल्‍ली के लालकिला पर हर साल लवकुश रामलीला कमेटी की ओर से सबसे भव्‍य रामलीला का आयोजन होता है. जिसमें बॉलीवुड और टीवी जगत की जानी-मानी हस्तियां किरदार निभाती हैं. फिलहाल गाइडलाइंस में डीडीएमए ने रामलीला मंचन पर रोक लगाई हुई है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 17:51 IST
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नई‍ दिल्‍ली. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रामलीला (Ramlila) मंचन पर लगी रोक को लेकर रामलीला महासंघ ने पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को खुला पत्र लिखा है. पत्र में महासंघ ने दिल्‍ली के सरकारी अफसरों के इस फैसले को कट्टर और तालिबानी (Talibani) सोच का परिणाम बताया है. साथ ही पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) से दिल्‍ली में रामलीला मंचन की अनुमति प्रदान करने की मांग की है. दरअसल, डीडीएमए की नई गाइडलाइंस के अनुसार दिल्ली में किसी भी धार्मिक आयोजन पर अभी भी रोक है.

रामलीला महासंघ (Ramlila Mahasangh) के अध्‍यक्ष अशोक अग्रवाल ने पत्र में लिखा है कि एक ओर देश में लगातार कम होते कोरोना के मामलों की वजह से कटरा स्थित वैष्णोदेवी (Vaishno Devi) से लेकर मथुरा में बांके बिहारी (Banke Bihari) सहित तमाम मंदिर खुले हुए हैं. इसके साथ ही चार धाम और हेमकूट की यात्रा भी शुरू हो चुकी है. यहां तक कि दिल्‍ली में क्लब, अम्यूज़मेट पार्क, बार, सिनेमाघर, साप्‍ताहिक बाज़ार, सभी मुख्‍य मार्केट, मेट्रो, अन्‍य सार्वजनिक परिवहन, वाइन शॉप (Wine Shop) औ स्कूल तक खुल चुके हैं. लेकिन यहां के सभी मंदिर आम जनता के लिए बंद पड़े हैं और अब बंगला साहिब गुरुद्वारा भी बंद कर दिया गया है.

पूजा अर्चना के लिए खोलने के आदेश दें
अग्रवाल ने आगे कहा कि अफसरशाही की यह सोच दिल्ली और देश की जनता के एक बड़े वर्ग को सरकार विरोधी बनाने में लगी है. अब तक रामलीला मंचन की अनुमति नहीं दी है. ऐसे में रामलीला महासंघ अनुरोध करता है कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री तुरंत प्रभाव से राजधानी में रामलीला मंचन की अनुमति दिलाने के साथ ही मंदिरो और अन्य धार्मिक स्थानों (Religious Places) को आम लोगों के लिए पूजा अर्चना के लिए खोलने के आदेश दें.

न्योता भी दिया जिसे उन्‍होंने सहर्ष स्वीकार किया
इन्‍हीं मांगों के साथ रामलीला महासंघ का एक प्रतिनिधिमंडल आज महासंघ के सचिव अर्जुन कुमार के साथ केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर (Anurag singh Thakur) से अकबर रोड स्थित उनके आवास पर मिला और उन्हें गदा व लीला की स्मारिका भेंट की. इसके साथ ही मंत्री को उन्‍होंने परिवार सहित रामलीला (Ramlila) में आने का न्योता भी दिया जिसे उन्‍होंने सहर्ष स्वीकार किया.

 धार्मिक आयोजन पर रोक लगाई हुई है
गौरतलब है कि दिल्‍ली में दशहरा पर हर साल रामलीला का आयोजन होता है. जिसे देश के साथ ही विश्‍व में भी प्रसारित किया जाता है. लवकुश रामलीला कमेटी (Luvkush ramlila committee) की यह सबसे भव्‍य रामलीला होती है जिसमें हर साल बॉलीवुड और टीवी इंडस्‍ट्री के बड़े-बड़े सितारे भाग लेते हैं और रामलीला के किरदारों को निभाते हैं. इस रामलीला की तैयारी पिछले कई महीनों से चल रही है. हालांकि, हाल ही में डीडीएमए की गाइडलाइंस में रामलीला मंचन और किसी भी धार्मिक आयोजन पर रोक लगाई हुई है.

दिल्ली BJP अध्यक्ष की बड़ी कार्रवाई, तीन पार्षदों को 6 साल के लिए पार्टी से निकाला, ये है वजह

गुप्ता ने कहा, ’’न केवल पार्षद, बल्कि नगर निगमों (एमसीडी) के अधिकारी भी यदि भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाते हैं तो उन्हें भी नहीं बख्शा नहीं जाएगा.’’ (फाइल फोटो)

दिल्ली भाजपा (Delhi BJP) अध्यक्ष द्वारा जारी आदेश के अनुसार भ्रष्टाचार के आरोप में जिन पार्षदों को पार्टी से निकाला गया है, उनमें दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) में सैदुलाजाब से पार्षद संजय ठाकुर, पूर्वी दिल्ली नगर निगम (ईडीएमसी) के न्यू अशोक नगर पार्षद रजनी बबलू पांडे और उत्तरी दिल्ली में मुखर्जी नगर की पार्षद पूजा मदान शामिल हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 17:19 IST
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नई दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली इकाई (Delhi BJP) के अध्यक्ष आदेश गुप्ता (Adesh Gupta) ने भ्रष्टाचार की शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए रविवार को तीन पार्षदों को छह साल के लिये पार्टी से निष्कासित  (Expelled from BJP) कर दिया. साथ ही उन्होंने कहा कि यदि अन्य लोग वित्तीय अनियमितताओं में संलिप्त पाए गए तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. राष्ट्रीय राजधानी में अगले साल नगर निगमों के चुनाव होने हैं. उससे पहले यह कार्रवाई की गई है, जिसे गुप्ता ने भाजपा की ’’कतई बर्दाश्त नहीं करने’’ की नीति का हिस्सा करार दिया है.

गुप्ता ने कहा, ’’न केवल पार्षद, बल्कि नगर निगमों (एमसीडी) के अधिकारी भी यदि भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाते हैं तो उन्हें भी नहीं बख्शा नहीं जाएगा.’’ दिल्ली भाजपा अध्यक्ष द्वारा जारी आदेश के अनुसार भ्रष्टाचार के आरोप में जिन पार्षदों को पार्टी से निकाला गया है, उनमें दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) में सैदुलाजाब से पार्षद संजय ठाकुर, पूर्वी दिल्ली नगर निगम (ईडीएमसी) के न्यू अशोक नगर पार्षद रजनी बबलू पांडे और उत्तरी दिल्ली में मुखर्जी नगर की पार्षद पूजा मदान शामिल हैं.

पार्टी से निकाल दिया गया था
बता दें कि यह कोई पहला मामला नहीं जब आदेश गुप्ता ने अपने पार्षदों के ऊपर कार्रवाई की है. बीते जुलाई महीने में भी आदेश गुप्ता ने पार्टी में अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई की थी. उन्होंने कठोर कदम उठाते हुए अनुशासनहीनता के आरोप में दो निगम पार्षदों को छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्काषित  कर दिया था. उत्तरी दिल्ली नगर निगम के नरेला जोन के अध्यक्ष पद पर बीजेपी उम्मीदवार की हार के लिए पार्टी ने ज्योति रछौया और सविता खत्री को जिम्मेदार मानते हुए पार्टी से निकाल दिया गया था.

पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था
दरअसल, बीते 6 जून को जोन अध्यक्ष के लिए हुए चुनाव में जहां ज्योति रछौया सदन में अनुपस्थित रहीं. वहीं, सविता खत्री ने पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार को वोट नहीं डाला था. जिसके बाद दोनों को पार्टी ने कारण बताओ नोटिस जारी किया था और उन्हें 24 घंटे में जवाब देने को कहा गया था. मगर इन दोनों के जवाब को संतोषजनक न मानते हुए दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने अनुशासनहीनता के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों निगम पार्षदों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था.

(इनपुट- भाषा)

NDMC खोलने जा रही पहला आयुष अस्‍पताल, आयुर्वेद सहित इन चिकित्‍सा पद्धतियों से मिलेगा इलाज

नई दिल्‍ली म्‍यूनिसिपल कॉर्पोरेशन पहला आयुष अस्‍पताल खोलने जा रही है. जिसमें आयुर्वेद, यूनानी, प्राकृतिक चिकित्‍सा पद्धतियों से मरीजों का इलाज होगा.

Ayush Hospital in Delhi: दिल्‍ली के सरोजनि नगर में एनडीएमसी पहला आयुष अस्‍पताल बनाने जा रही है. जिसमें आयुर्वेद, योगा, यूनानी, प्राकृतिक चिकित्‍सा और होम्‍योपैथी आदि चिकित्‍सा पद्धतियों से इलाज होगा.

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नई दिल्‍ली. ऐलोपैथी के अलावा दूसरी चिकित्‍सा पद्धतियों में इलाज ढूंढ रहे लोगों को नए अस्‍पताल की सौगात मिलने जा रही है. मॉडर्न चिकित्‍सा पद्धति से अलग नई दिल्‍ली म्‍यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (NDMC) इलाके में पहला आयुष अस्‍पताल (Ayush Hospital) खोलने जा रही है. यह अस्‍पताल सरोजनि नगर इलाके में बनाया जाएगा. जिसमें आयुष के अंतर्गत आने वाली पांचों चिकित्‍सा पद्धतियों आयुर्वेद (Ayurveda), योग, प्राकृतिक चिकित्‍सा (Naturopathy), होम्‍योपैथी और यूनानी चिकित्‍सा पद्धतियों से इलाज किया जाएगा.

आयुष अस्‍पताल को लेकर एनडीएमसी में निदेशक आयुष डॉ. कमलेश गुप्‍ता ने न्‍यूज 18 हिंदी को बताया कि यह एनडीएमसी का पहला आयुष अस्‍पताल होगा. यहां आयुष अस्‍पताल में मिलने वाली सभी सुविधाएं तैयारी की जाएंगी. अस्‍पताल बनने को लेकर फैसला हो चुका है. अभी सरोजनि नगर (Sarojini Nagar) में जहां ये अस्‍पताल बनना है वहां पुनर्विकास हो रहा है और वहीं यह अस्‍पताल तैयार होगा.

अभी तक दिल्‍ली में आयुष की चिकित्‍सा पद्धतियों के कुछ सेंटर्स हैं जहां यूनानी, आयुर्वेद या नेचुरोपथी की थेरेपी दी जा रही हैं लेकिन उन्‍हें भर्ती नहीं किया जा सकता क्‍योंकि ये अस्‍पताल के साथ जुड़े हुए नहीं हैं.

अभी तक दिल्‍ली में आयुष की चिकित्‍सा पद्धतियों के कुछ सेंटर्स हैं जहां यूनानी, आयुर्वेद या नेचुरोपथी की थेरेपी दी जा रही हैं लेकिन उन्‍हें भर्ती नहीं किया जा सकता क्‍योंकि ये अस्‍पताल के साथ जुड़े हुए नहीं हैं.

डॉ. कमलेश कहती हैं कि मेट्रो स्‍टेशन और सरोजनि नगर मार्केट से हटकर सीजीएचएस कॉम्‍प्‍लेक्‍स के पास करीब 30 हजार स्‍क्‍वेयर फीट जगह इस अस्‍पताल के लिए चिह्नित की गई है. सबसे पहले करीब तीन साल तक आयुष मंत्रालय इस अस्‍पताल की देखरेख करेगा. इसके बाद इसे एनडीएमसी को हेंडओवर कर दिया जाएगा. हालांकि यह पूरी तरह फ्री होगा यह अस्‍पताल तैयार होने के बाद तय होगा लेकिन अगर कोई शुल्‍क रखा भी जाता है तो वह 50 रुपये से लेकर अधिकतम 300 रुपये तक होगा.

इन पांचों विधियों से होगा इलाज

इस अस्‍पताल में आयुर्वेद, योगा (Yoga), यूनानी पद्धति (Unani), प्राकृतिक चिकित्‍सा और होम्‍योपैथी (Homeopathy) से इलाज किया जाएगा. सभी चिकित्‍सा विधियों की अलग-अलग ओपीडी बनाई जाएगी जहां नियमित रूप से लोग अपने रोगों का इलाज करा सकेंगे. इसके अलावा इसमें इन पांचों विधियों के अंतर्गत आने वाली थैरेपीज जैसे आयुर्वेद में पंचकर्मा (Panchkarma), नेचुरोपैथी में हाइड्रो और एक्‍यूप्रेशर व एक्‍युपंक्‍चर आदि के लिए अलग-अलग थैरेपी सेंटर्स बनाए जाएंगे.

मरीजों को भर्ती करने के लिए होगी बेड्स की सुविधा

डॉ. गुप्‍ता बताती हैं कि चूंकि यह आयुष का अस्‍पताल होगा ऐसे में यहां बेड की सुविधा की जाएगी. अभी तक दिल्‍ली में आयुष की चिकित्‍सा पद्धतियों के कुछ सेंटर्स हैं जहां यूनानी, आयुर्वेद (Ayurveda) या नेचुरोपथी की थेरेपी दी जा रही हैं लेकिन उन्‍हें भर्ती नहीं किया जा सकता क्‍योंकि ये अस्‍पताल के साथ जुड़े हुए नहीं हैं. हालांकि अब आयुष अस्‍पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों के लिए बेड्स और वार्ड बनाए जाएंगे ताकि लकवा आदि के मरीज जिन्‍हें लगातार कई दिनों तक थेरेपी लेने की जरूरत पड़ती है वे अस्‍पताल में भर्ती होकर अपना इलाज करवा सकें. हालांकि बेड की संख्‍या अभी तय नहीं है यह अस्‍पताल बनने के बाद तय होगा.

रिसर्च सेंटर और विशेष ओपीडी भी बनाई जाएगी

डॉ. कहती हैं कि इस अस्‍प्‍ताल के हिस्‍से में रिसर्च सेंटर बनाया जाएगा. यही सभी चिकित्‍सा पद्धतियों का संयुक्‍त होगा और इसमें बीमारियों (Diseases) के अलावा इनके इलाजों को लेकर नए-नए रिसर्च होंगे. इसके साथ ही एक विशेष ओपीडी को भी चलाने की योजना है जिसमें किसी निश्चित बीमारी को लेकर सप्‍ताह में एक बार ओपीडी (OPD) लगाई जाएगी और इसमें बाहर से विशेषज्ञों को बुलाया जाएगा.

दिल्‍ली RML अस्‍पताल में विज्ञापन के बावजूद सीधी भर्तियों पर रोक, अब नर्सों ने किया ये फैसला

आरएमएल अस्‍पताल में अब सीनियर पदों पर नर्सेज की सीधी भर्ती पर रोक लगा दी गई है.

Nurses Strike in RML: आरएमएल अस्‍पताल में सीधी भर्तियों पर रोक के इस आदेश के बाद दिल्‍ली नर्सेज यूनियन ने काले फीते बांधकर की जा रही हड़ताल को वापस लेने का फैसला किया है. इस संबंध में दिल्‍ली नर्सेज यूनियन की अध्‍यक्ष प्रमेरोज और महासचिव जीके खुराना ने आरएमएल अस्‍पताल को पत्र लिखकर जानकारी दी है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 16:15 IST
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नई दिल्‍ली. राजधानी के राम मनोहर लोहिया अस्‍पताल (RML Hospital) में नर्सिंग स्‍टाफ लंबे समय से विरोध प्रदर्शन कर रहा है. एक सितंबर से चल रही दिल्‍ली नर्सेज यूनियन (Delhi Nurses Union) की हड़ताल (Strike) के बाद अब अस्‍पताल में उच्‍च पदों पर भर्ती के लिए निकाले गए विज्ञापन के बावजूद सीधी भर्तियों पर रोक लगा दी गई है. भारत सरकार के स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय की ओर से आरएमएल प्रशासन को पत्र भेजा गया है जिसमें भर्ती प्रक्रिया को तत्‍काल प्रभाव से रोकने के निर्देश दिए गए हैं.

आरएमएल अस्‍पताल में सीधी भर्तियों (Direct Recruitment) पर रोक के इस आदेश के बाद दिल्‍ली नर्सेज यूनियन ने काले फीते बांधकर की जा रही हड़ताल को वापस लेने का फैसला किया है. इस संबंध में दिल्‍ली नर्सेज यूनियन की अध्‍यक्ष प्रमेरोज और महासचिव जीके खुराना ने आरएमएल अस्‍पताल को पत्र लिखकर जानकारी दी है. उन्‍होंने कहा कि आरएमएल अस्‍पताल में तीन मांगों को लेकर चल रही हड़ताल न सिर्फ इस अस्‍पताल में बल्कि दिल्‍ली के बाकी सरकारी अस्‍पतालों में भी वापस ली जा रही है.

इन दोनों पदाधिकारियों ने कहा कि 17 सितंबर को हुई बैठक में दिल्‍ली नर्सेज यूनियन की अस्‍पताल के संयुक्‍त सचिव और निदेशक के साथ हुई बैठक में हड़ताल की मांगों को लेकर बातचीत की गई. जिसमें उन्‍होंने नर्सों के प्रमोशन (Promotion of Nurses) के मामले को लेकर रोडमैप तैयार करने का आश्‍वासन दिया. इसके साथ ही नर्सिंग कैडर के वरिष्‍ठ पदों पर चल रही सीधी भर्ती को रोकने का आदेश दिया. इसमें वे विज्ञापन भी शामिल हैं जो भर्ती को लेकर निकाले गए हैं.

बता दें कि दिल्‍ली नर्सेज यूनियन के बैनर तले एक सितंबर 2021 से नर्सें हड़ताल कर रही थीं. आरएमएल की इस हड़ताल में दिल्‍ली के सभी बड़े सरकारी कलावती सरन, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज (LHMC) और सफदरजंग का नर्सिंग स्‍टाफ भी साथ दे रहा था. नर्सों की तीन प्रमुख मांगें थीं जिनमें पहली मांग आउटसोर्स से सीनियर पदों पर हो रही नर्सों की सीधी भर्ती पर रोक लगाने को लेकर थी. वहीं दूसरी मांग में 20-25 सालों से काम कर रही नर्सों के प्रमोशन का मुद्दा था और तीसरी मांग रोस्‍टर प्‍वाइंट को लागू करने को लेकर थी.

Weather Update: दिल्ली में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक, आसमान में छाए रहेंगे बादल

मौसम विभाग ने अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आस-पास बने रहने का अनुमान व्यक्त किया है. (सांकेतिक फोटो)

मौसम विभाग ने बताया कि सुबह साढ़े आठ बजे हवा में नमी का स्तर 84 प्रतिशत दर्ज किया गया. शनिवार को शहर में अधिकतम तापमान (Temperature) 34.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था जबकि न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस रहा था.

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  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 15:32 IST
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नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) में रविवार को न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जो सामान्य से एक डिग्री ज्यादा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने यह जानकारी दी. मौसम विभाग ने आज दिन भर आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ ही अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आस-पास बने रहने का अनुमान व्यक्त किया है. मौसम विभाग ने बताया कि सुबह साढ़े आठ बजे हवा में नमी का स्तर 84 प्रतिशत दर्ज किया गया. शनिवार को शहर में अधिकतम तापमान (Temperature) 34.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था जबकि न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस रहा था.

वहीं, गुरुवार को दिल्ली-एनसीआर में दिन की शुरुआत बारिश (Rain) के साथ हुई थी. इस दौरान दिल्‍ली के अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद समेत कई इलाकों में जोरदार बारिश तो कुछ जगह बूंदाबांदी होने से मौसम सुहावना हो गया था. वहीं, मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर में मध्‍यम बारिश का अनुमान जाहिर करते हुए ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert) जारी किया था. तब मौसम विभाग ने दिल्ली में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के साथ जोरदार बारिश की संभावना जताई थी. यही नहीं, लगातार बारिश होने से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आम लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. इसके साथ ही बारिश होने के कारण तापमान में भी भारी गिरावट देखने को मिलेगी.

बारिश सितंबर माह में अभी तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ देगी
बता दें कि दिल्ली- एनसीआर में इस साल काफी बारिश हो रही है. 16 सितंबर को खबर सामने आई थी कि दिल्‍ली-एनसीआर पर मॉनसून के बादल मेहरबान हैं. खास तौर पर दिल्‍ली-एनसीआर में गुरुवार को भी झमाझम बारिश हुई थी, जिससे तापमान में काफी गिरावट भी आई थी. अगर बारिश के लिहाज से देखा जाए तो इस महीने दिल्‍ली में पिछले 15 दिनों में अच्‍छी खासी बारिश (Delhi Rain) हुई है, जोकि मासिक औसत के मुकाबले 264 मिलीमीटर अधिक है. ऐसे में सितंबर महीने में अभी 11 दिन और बचे हैं और लगातार हो रही बारिश के चलते संभावना है कि यह सितंबर माह में अभी तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ देगी.

(इनपुट- भाषा)

पति ने अवैध संबंधों के शक में पत्‍नी को दी दर्दनाक मौत, 5 महीने पहले की थी लव मैरिज

पुलिस ने कुछ दिन में ही हत्‍या की गुत्‍थी सुलझा दी है.

UP Crime News: गाजियाबाद पुलिस (Ghaziabad Police) ने नोएडा फेज-3 थाना क्षेत्र के छजारसी गांव के रहने वाले एक शख्स को पत्‍नी की हत्‍या के मामले में गिरफ्तार किया है. जबकि उसका मददगार साथी अभी फरार है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पांच महीने पहले ही शादी की थी, लेकिन अवैध संबंधों के शक में उसने अपनी पत्‍नी की हत्‍या (Murder) कर दी.

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  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 14:58 IST
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गाजियाबाद. उत्तर प्रदेश की गाजियाबाद पुलिस (Ghaziabad Police) ने नोएडा के एक निवासी को कथित रूप से विवाहेतर संबंध (Extramarital Affairs) में अपनी पत्नी की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. शख्स ने अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या (Murder) कर दी और शव को गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में फेंक दिया था. यही नहीं, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी और उसका मददगार फरार हो गया था.

पुलिस के मुताबिक, आरोपी लालता प्रसाद ने अपने एक सहयोगी के साथ मिलकर अपनी पत्नी की हत्या की साजिश रची और दुपट्टे से उसकी गला दबाकर हत्या कर दी. आरोपी नोएडा फेज-3 थाना क्षेत्र के छजारसी गांव का रहना वाला है.

पांच महीने पहले शादी और अब हत्‍या
आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने पांच महीने पहले कन्नौज के एक मंदिर में महिला से शादी की थी. यह दोनों की लव मैरिज थी. पुलिस के मुताबिक, शादी के बाद उसे पता चला कि वह पहले से ही शादीशुदा थी और उसका एक चार साल का बच्चा भी है. यही नहीं, जब उसे अपनी पत्‍नी के अवैध संबंधों को लेकर शक हुआ तो उसने उसे ठिकाने लगाने की प्‍लानिंग कर डाली. जबकि चालक लालता पीड़िता को रोजाना सब्जी खरीदने के लिए गाजीपुर बाजार लाता था.

शराब लाइसेंस की नीलामी में दिल्‍ली सरकार की बल्‍ले-बल्‍ले, एयरपोर्ट जोन में हुई पैसों की तगड़ी बारिश

बुधवार को आरोपी कथित तौर पर उसे अपने रिश्तेदार दीपांशु के साथ नोएडा फेज 2 की ओर ले गया. पुलिस ने कहा कि दोनों ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी और उसके शव को कानवानी इलाके में छोड़ दिया. पुलिस ने बताया कि दीपांशु फरार चल रहा है.आरोपी ने अपनी पत्‍नी की हत्‍या 15 सितंबर को की थी. जबकि 16 सितंबर को महिला के शव की पहचान रंजीता के रूप हो गई थी.आरोपी को पुलिस ने जेल भेज दिया है.

Good News: ओखला लैंडफिल साइट के कूड़े से जल्‍दी मिलेगी निजात, जानें क्‍या है SDMC का प्‍लान

अगले साल तक तेहखंड में इंजीनियर्ड लैंडफिल स्थापित किया जाएगा.

Engineered Landfill in Tehkhand : दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (SDMC) ने अगले साल तक तेहखंड में लगभग 27 एकड़ क्षेत्र में लैंडफिल को स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इससे एक तरफ ओखला लैंडफिल साइट के कूड़े से निजात मिलेगी, तो वहीं वायु और भूजल दूषित नहीं होगा.

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  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 14:04 IST
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नई दिल्ली. दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (South Delhi Municipal Corporation) ने राजधानी दिल्‍ली के तेहखंड में लगभग 27 एकड़ क्षेत्र में फैले लैंडफिल (Landfill in Tehkhand) को स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. वैसे इस वक्‍त दिल्ली में लैंडफिल खुले डंपिंग साइट हैं और इसमें वैज्ञानिक रूप से अपशिष्ट एकत्र करने या भूजल को प्रदूषित करने वाले लीचेट को रोकने के लिए कोई कारगार तरीका नहीं है, लेकिन आने वाले समय इसका समाधान तय है.

इंडियन एक्सप्रेस ने एक इंजीनियर के हवाले से खबर दी है कि एक इंजीनियर्ड लैंडफिल साइट में निष्क्रिय कचरे का उपयोग सबसे पहले बिजली पैदा करने के लिए किया जाता है. वर्तमान में दक्षिण दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में प्रतिदिन 3,600 टन से अधिक कचरा उत्पन्न होता है. जबकि अधिकारी ने इसका काम एक साल में पूरा होने की उम्मीद जताई है.

लैंडफिल में लीचेट संग्रह, सुरक्षित डंपिंग, प्रसंस्करण और निपटान के प्रावधान होंगे. दिल्ली में वर्तमान लैंडफिल खुले डंपिंग साइट हैं और इसमें वैज्ञानिक रूप से अपशिष्ट एकत्र करने या भूजल को प्रदूषित करने वाले लीचेट को रोकने के लिए कोई तंत्र नहीं है. साउथ एमसीडी ने जून 2022 तक ओखला लैंडफिल साइट पर कचरे के डंपिंग को रोकने और 2023 के अंत तक इसे वैज्ञानिक रूप से बंद करने का लक्ष्य भी रखा है.इसके लिए नगर निकाय ने कहा कि लैंडफिल पर विरासती कचरे के जैव-खनन की प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न इनर्ट मैटेरियल का उपयोग सड़कों के निर्माण में किया जाएगा.

एसडीएमसी आयुक्त ने कही ये बात
एसडीएमसी आयुक्त ज्ञानेश भारती ने कहा कि सड़कों के निर्माण के लिए इनर्ट मैटेरियल के उपयोग के संबंध में नागरिक निकाय ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के साथ बैठकें की हैं. उन्होंने कहा कि हम बहुत सकारात्मक और आशान्वित हैं कि वे सड़क निर्माण के लिए अक्रिय सामग्री का उपयोग करेंगे. वे सामग्री के स्थायित्व की जांच कर रहे हैं.

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जबकि एसडीएमसी में पर्यावरण प्रबंधन सेवा विभाग (डीईएमएस) के निदेशक दिनेश यादव ने कहा कि सड़क विकास परियोजनाओं के लिए निष्क्रिय सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है और केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) ने भी इस पर एक अध्ययन किया है. यादव ने कहा, ‘अगर सब कुछ योजना के अनुसार चलता है, तो हम एनएचएआई को अक्रिय सामग्री की आपूर्ति करेंगे, जिसका उपयोग वे शहरी विस्तार रोड -2 (यूईआर -2) और कालिंदी कुंज (कालिंदी कुंज बाईपास) के पास एक राजमार्ग के निर्माण परियोजनाओं में करेंगे.’

इससे पहले पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने इस साल मार्च में, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के पास कल्याणपुरी में एक सर्विस रोड के 800 मीटर के हिस्से के निर्माण में अक्रिय सामग्री के उपयोग की घोषणा की थी. एसडीएमसी ने अपने निष्क्रिय कचरे को इकट्ठा करने के लिए 13 निजी एजेंसियों को सूचीबद्ध किया है, जो साइट पर तैयार हो रहे थे. दक्षिण दिल्ली में प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले लगभग 3,600 मीट्रिक टन कचरे में से केवल 50 प्रतिशत को ही एसडीएमसी द्वारा प्रोसेस्ड किया जाता है और शेष को ओखला लैंडफिल में डंप किया जाता है.

यादव ने कहा कि नगर निकाय जून 2022 में अपशिष्ट से ऊर्जा संयंत्र का संचालन शुरू कर देगा. तहखंड संयंत्र में 2,000 मीट्रिक टन कचरे को प्रोसेस करने की क्षमता होगी. यादव ने कहा कि इस संयंत्र के चालू होने के बाद हम 2023 के अंत तक ओखला लैंडफिल साइट में कचरा डंप करना रोक देंगे.

दिल्ली में आज से प्रदूषण सर्टिफिकेट लिए बिना गाड़ी चलाई तो रद्द हो जाएगा DL, लगेगा 10000 रुपए जुर्माना

अब दिल्ली में वैध प्रदूषण नियंत्रण सर्टिफिकेट के बिना गाड़ी चलाने पर ड्राइविंग लाइसेंस रद्द हो सकता है.

Delhi News: दिल्ली में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए केजरीवाल सरकार ने एक और कदम उठाया है. अब दिल्ली में वैध प्रदूषण नियंत्रण सर्टिफिकेट (Pollution Certificate) के बिना गाड़ी चलाने पर ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License) रद्द हो सकता है.

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नई दिल्ली. दिल्ली में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए केजरीवाल सरकार ने एक और कदम उठाया है. अब दिल्ली में वैध प्रदूषण नियंत्रण सर्टिफिकेट (Pollution Under Control Certificate) के बिना गाड़ी चलाने पर ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License) रद्द हो सकता है.

इसके साथ ही मोटर वाहन अधिनियम का भी शिकंजा कसेगा. अगर आपके गाड़ी की वैध पॉल्यूशन सर्टिफिकेट नहीं है तो आपको 6 महीने की जेल या 10000 रुपये तक जुर्माना या फिर दोनों एक साथ हो सकते हैं. बिना पीयूसी के गाड़ी चलाने पर तीन महीने के लिए लिए ड्राइविंग लाइसेंस संस्पेंड कर दिया जाएगा.

पॉल्यूशन विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वह घर से चलने से पहले अपनी गाड़ी का पीयूसी चेक जरूर करवा लें. गाड़ियों का वैध पॉल्यूशन सर्टिफिकेट के साथ ही सड़कों पर आएं.

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बिना पीयूसी के गाड़ी चलाने पर तीन महीने के लिए लिए ड्राइविंग लाइसेंस संस्पेंड कर दिया जाएगा.

PUC के बिना दिल्ली में गाड़ी नहीं चलेगी!
गौरतलब है कि दिल्ली सरकार ने हाल ही में ट्रांसपोर्ट से जुड़ी अपनी ज्यादातर सेवाओं को फेसलेस कर दिया था. दिल्ली सरकार का इसके पीछे तर्क है कि इससे आरटीओ में करप्शन समाप्त होगा और लोगों को घर बैठे ही कई सुविधाएं आसानी से मिल जाएंगी. दिल्ली में ट्रांसपोर्ट सेवा फेसलेस होने से ट्रांसपोर्ट ऑफिस में बेवजह चक्कर काटने की जरुरत नहीं पड़ रही है और दलालों से भी मुक्ति मिल रही है. दिल्ली के सभी ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी में इस सेवा के शुरू हो जाने के बाद भीड़ कम जुट रही है. लोग घर बैठे ही ज्यादातर काम कर रहे हैं.

क्या है मंत्रालय का प्लान
बता दें कि केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ड्राइविंग लाइसेंस और इससे जुड़ी सभी सेवाओं को ऑनलाइन करने की दिशा में लगातार प्रयासरत है. कोरोना काल में ट्रांसपोर्ट विभाग की ज्यादातर सेवाएं ऑनलाइन शुरू की जा चुकी हैं. कई राज्यों ने ड्राइविंग लाइसेंस सहित गाड़ियों के आरसी और प्रदूषण सर्टिफिकेट से संबंधित सेवा भी ऑनलाइन शुरू किया है. अब ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन मेडिकल प्रमाणपत्र भी बनाए जा रहे हैं.

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सर्दियों में दिल्‍ली में बढ़ जाता है वायु प्रदूषण, इसे रोकने के उपायों पर आप सरकार ने काम शुरू कर दिया है.

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दिल्ली में फेसलेस सेवा के फायदे
दिल्ली सहित देश के कई राज्यों के आरटीओ (RTO) का कामकाज अब पहले की तुलना में ज्यादा आसान हो गया है. परिवहन विभाग लगातार कोशिश कर रहा है कि लाइसेंस रिन्युअल, डुप्लीकेट लाइसेंस, एड्रेस चेंज और आरसी बनवाने के लिए लोगों को अब ट्रांसपोर्ट ऑफिस आना न पड़े. घर बैठे ही लोगों को ये डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने की सुविधा मिले. सिर्फ ड्राइविंग टेस्ट और फिटनेस के लिए ही लोगों को आरटीओ आना पड़े.

शराब लाइसेंस की नीलामी में दिल्‍ली सरकार की बल्‍ले-बल्‍ले, एयरपोर्ट जोन में हुई पैसों की तगड़ी बारिश

दिल्ली सरकार को खुदरा शराब लाइसेंस से 8911 करोड़ मिले हैं.

Delhi Liquor Shop License: दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति (New Excise Policy) के तहत सभी 32 जोन में खुलने वाली शराब की दुकानों के लिए नीलामी का काम पूरा हो गया है. इससे सरकार को करीब 9 हजार करोड़ का राजस्‍व मिला है. इस दौरान उसे एयरपोर्ट जोन में सबसे अधिक कमाई हुई है.

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  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 11:42 IST
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नई दिल्ली. दिल्ली सरकार ने नई आबकारी नीति (New Excise Policy) के तहत नये निर्धारित 32 जोन में खुदरा दुकानों के शराब लाइसेंस (Liquor Shop License) की नीलामी से व्यापक राजस्व जुटाया है. यही नहीं, इस दौरान सरकार को कुछ जोन में रिजर्व प्राइस की तुलना में 50 प्रतिशत या उससे अधिक राजस्व हासिल हुआ है, तो कहीं उम्‍मीद से कम मिला है. दिल्‍ली सरकार ने करीब 9 हजार करोड़ रुपयेहासिल लिए हैं. हालांकि इससे पहले दिल्‍ली के उपमुख्‍यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने 10 हजार करोड़ मिलने का अनुमान जताया था.

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली सरकार ने लाइसेंस फीस के तौर पर 8,911 करोड़ रुपये अर्जित किये हैं, जो कि 7,039 की रिजर्व प्राइस की तुलना में 27 फीसदी अधिक है. कुछ जोन में इसे औसत से अधिक कमाई हुई है, लेकिन कुछ जोन ऐसे भी हैं, जहां अपेक्षित कमाई नहीं हुई.

इस जोन में दिल्‍ली सरकार की हो गई बल्‍ले-बल्‍ले
दिल्‍ली सरकार को एयरपोर्ट जोन अर्थात जोन संख्या 32 में बहुत अच्छी कमाई हुई है, जहां 10 शराब की दुकानों के लिए 105 करोड़ रुपये की वार्षिक रिजर्व प्राइस की तुलना में 236 करोड़ रुपये सरकार को प्राप्त हुए हैं. दिल्ली सरकार के सूत्रों के अनुसार, सबसे अधिक पसंदीदा एयरपोर्ट जोन का लाइसेंस पुड्डुचेरी की एक कंपनी को मिला. जबकि 27 शराब दुकानों वाले जोन 17 का रिजर्व प्राइस 226 करोड़ रुपये था, लेकिन उसकी बोली 227 करोड़ रुपये की हो पाई. इस जोन में किशनगंज, रोहिणी का हिस्सा, आदर्श नगर, घूमन हेरा, बिजवासन, कोंडली आदि इलाके शामिल हैं.

दूसरे और तीसरे नंबर पर रहे ये जोन
सरकार की कमाई की दृष्टि से दूसरे नंबर पर जोन संख्या 28 है, जो द्वारका-ए, गौतम पुरी, प्रताप नगर, विजय विहार, भजनपुरा, देवली सहित नौ निगम वार्डों में फैला है. इस जोन में रिजर्व लाइसेंस फीस 223 करोड़ रुपये रखी गई थी, जहां सरकार को 357 करोड़ रुपये प्राप्त हुए. कुल रकम की दृष्टि से यह सर्वाधिक है. जबकि इस सूची में तीसरे स्थान पर है जोन 11 है, जिसमें 27 शराब दुकानें हैं और यह जोन पंजाबी बाग, सैनिक एन्क्लेव, पहाड़गंज, नजफगढ़़, बपरौला, घोंडा सहित नौ निगम वार्डों में फैला है. इस जोन में रिजर्व प्राइस 222 करोड़ रुपये था, जबकि सरकार को 351 करोड़ मिले हैं.

दिल्ली पुलिस का दावा, हिंसक अपराधों में आई कमी, आर्म्स एक्ट के तहत 5 हजार से ज्‍यादा गिरफ्तार, गैंगस्‍टर भी ढेर

कुल लाइसेंस फीस 8,911 करोड़ रुपये तक पहुंची
नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) और दिल्ली छावनी क्षेत्र के तहत आने वाले जोन 31 में 29 शराब की दुकानें हैं, जिनका रिजर्व प्राइस 217 करोड़ रुपये रखा गया था. यहां से 315 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं. बता दें कि दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति के तहत 32 आबकारी जोन में खुदरा शराब लाइसेंसों की नीलामी पांच अगस्त से की गई और शुरुआती नीलामी में 20 जोन से सरकार को 5300 करोड़ रुपये कमाई हुई थी. शेष 12 जोन में लाइसेंस की नीलामी बाद में हुई और इस प्रकार कुल लाइसेंस फीस 8,911 करोड़ रुपये तक पहुंच गई.
नोएडा : छात्रा के फर्जी अपहरण मामले में नया मोड़, कोर्ट में युवती बोली- परिजनों से मेरी जान को खतरा, प्रेमी के साथ रहूंगी

बहरहाल, दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति के तहत निजी वेंडरों द्वारा शराब की खुदरा बिक्री के लिए नया लाइसेंस 17 नवम्बर से अमल में आ जाएगा और इसके साथ ही सरकार खुदरा शराब करोबार से निकल जाएगी. राजधानी में कुल 850 खुदरा शराब दुकानों में से करीब 60 फीसदी दुकानें दिल्ली सरकार की एजेंसियों द्वारा संचालित हैं, जहां शराब खरीदने का अनुभव बहुत अच्छा नहीं रहता है. इसी वजह सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है.

नोएडा : छात्रा के फर्जी अपहरण मामले में नया मोड़, कोर्ट में युवती बोली- परिजनों से मेरी जान को खतरा, प्रेमी के साथ रहूंगी

कोर्ट ने पुलिस को युवती को उसके प्रेमी के साथ गोंड़ा पहुंचाने का आदेश दिया है.

UP Crime News: उत्‍तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में गुरुवार को 20 साल की छात्रा के अपहरण (Kidnapping) से हड़कंप मच गया था, लेकिन पुलिस (Greater Noida Police)ने 24 घंटे के अंदर युवती को गोंडा से बरामद कर लिया. यही नहीं, जब पुलिस को मामले की हकीकत पता चली तो उसे होश उड़ गए, क्‍योंकि इज्जत बचाने के लिए परिवार ने झूठी कहानी रची थी. वहीं, शनिवार को कोर्ट ने छात्रा को उसके प्रेमी के साथ भेजने का ओदश दिया है.

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  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 10:35 IST
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ग्रेटर नोएडा. उत्‍तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के बादलपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार को मॉर्निंग वॉक (Morning Walk) पर निकली 20 साल की छात्रा के अपहरण (Kidnapping) की कहानी फर्जी (Fake) निकली है, तो शनिवार को इस मामले में नया मोड़ आ गया. इस मामले में ग्रेटर नोएडा पुलिस ने फर्जी एफआईआर दर्ज करा पुलिस को गुमराह करने का मामला दर्ज किया है, तो वहीं युवती को कोर्ट में पेश किया गया. सुनवाई के बाद कोर्ट ने बालिग युवती को उसके प्रेमी के संरक्षण में गोंडा भेज दिया है, क्‍योंकि युवती ने अपने परिवार के साथ रहने इनकार कर दिया है.

कोर्ट में 164 सीआरपीसी के बयान के दौरान ज्‍योति ने कहा कि उसे अपने परिजनों से जान का खतरा है और वह अपने प्रेमी के साथ रहना चाहती है. इसके बाद कोर्ट ने कोतवाली बादलपुर पुलिस को आदेश दिया कि वह युवती को उसके प्रेमी अनिमेष तिवारी के साथ सकुशल उसके घर गोंडा पहुंचा कर आए. जानकारी के मुताबिक, छात्रा पर घर वाले प्रेम प्रसंग की वजह से काफी दबाव डालते थे, इसलिए उसने अपने प्रेमी के साथ फरार होने का प्‍लान तैयार किया था.

जानें क्‍या था मामला
ग्रेटर नोएडा के बादलपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार को सुबह 5 बजे मॉर्निंग वॉक पर निकली छात्रा के अपहरण की बात सामने आई थी. अपहरणकर्ता छात्रा को कार में बैठा कर फरार हो गए. शुरू में परिवार द्वारा बताया गया कि अपहरणकर्ता छात्रा अपनी एक बहन और दो भाइयों के साथ मॉर्निंग पर निकली थी, लेकिन वापस नहीं पहुंची. शुरुआत से ही पुलिस को भ्रमित किया गया. पुलिस भी प्रेशर में आकर जांच अपहरण की दिशा में जांच करने लगी, लेकिन पूछताछ में मामला स्पष्ट नहीं होने पर पुलिस अन्य एंगल पर भी जांच कर रही थी. जिसके लिए डीसीपी ने 5 टीमें भी गठित की थीं. परिवार ने पुलिस पर जबरन प्रेशर बनाने के लिए जीटी रोड पर जाम लगाने के साथ थाने का घेराव भी किया था. हालांकि अपहरण शुरू से संदेह के घेरे में था, क्योंकि जब युवती स्‍वाति के परिवार से पुलिस ने पूछताछ की तो कोई भी सदस्य स्पष्ट जवाब नहीं दे पाया था. इसके अलावा पुलिस के मुताबिक, सुबह 4.30 बजे कंट्रोल रूम को इस मामले की जानकारी दी गयी थी. जबकि पीड़ित परिजनों ने कहा था कि अपहरण सुबह 6 बजे के आसपास हुआ है.

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24 घंटे में मामला खोलने पर मिला इनाम
पुलिस ने इस मामले को 24 घंटे के भीतर खोल दिया है. हालांकि इस मामले के खुलासे के बाद पुलिस हैरान रह गई, क्‍योंकि परिवार के द्वारा झूठी कहानी बनाई गई ताकि समाज में इज्जत बनी रहे. यही नहीं, इस घटना को सही साबित करने के लिए जीटी रोड पर जाम लगाने के बाद थाने का भी घेराव किया गया था, लेकिन मामले का खुलासा होने से परिवार बेनकाब हो गया है. जबकि इस मामले में लड़की की दिल्‍ली पुलिस में कार्यरत चाचा ने भी झूठी कहानी बनाने में अहम भूमिका निभाई थी. वैसे उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट को घटना का जल्‍दी खुलासा करने के लिए 1 लाख रुपये का इनाम भी दिया है.

दिल्ली पुलिस का दावा, हिंसक अपराधों में आई कमी, आर्म्स एक्ट के तहत 5 हजार से ज्‍यादा गिरफ्तार, गैंगस्‍टर भी ढेर

दिल्ली पुलिस की कार्रवाई में कई गैंगस्‍टर भी ढेर हुए हैं.

Delhi News: दिल्‍ली पुलिस (Delhi Police) ने कोरोना वायरस की महामारी के कारण लगे लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से हिंसक अपराधों में 15 फीसदी की कमी का दावा किया है. इसके अलावा पुलिस ने कहा है कि पिछले साल आर्म्स एक्ट के तहत 5,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें अधिकांश आरोपी 25 वर्ष से कम आयु के हैं, जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है.

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  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 09:37 IST
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नई दिल्ली. कोरोना वायरस की महामारी के दौरान पिछले साल लगे लॉकडाउन (Lockdown) के कारण राजधानी दिल्ली में हिंसक अपराधों में कमी आई है, तो आर्म्स एक्ट 1959 के तहत पुलिस ने पिछले साल 5,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं, दिल्ली पुलिस का दावा है कि उन्होंने कई अंतरराज्यीय गिरोहों की ‘महत्वपूर्ण’ गिरफ्तारियां और जब्ती की है. इसकी वजह से हिंसक गतिविधियों पर विराम लगा है. पुलिस ने कहा कि 2019 की तुलना में दिल्ली में हिंसक अपराधों में 15 फीसदी की गिरावट आई है.

इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित खबर के अनुसार, पुलिस ने बीते शनिवार को कहा कि उन्होंने कई खूंखार अपराधियों को गिरफ्तार किया है और अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्यों को पकड़ा है जो अपराधियों और यहां तक कि किशोरों को हथियार और बारूद की आपूर्ति करते हैं. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने 2020 में 3,736 से अधिक हथियार और 4,726 गोला-बारूद जब्त किए.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘हम इन हथियारों की कीमत का ठीक से अनुमान नहीं लगा सकते, क्योंकि कई अवैध हैं और मध्य प्रदेश, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे विभिन्न राज्यों से खरीदे जाते हैं. आशंका जताई जा रही है कि इन हथियारों की कीमत पांच करोड़ रुपये से अधिक है.’

जानें क्‍या कहते हैं आंकड़े
आंकड़े बताते हैं कि आर्म्स एक्ट 1959 के तहत पुलिस ने पिछले साल 5,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें अधिकांश आरोपी 25 वर्ष से कम आयु के हैं, जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है. अधिकारी ने कहा, ‘इनमें से कई गिरोह जेल के अंदर या विदेशी स्थानों से संचालित होते हैं. ये गैंगस्टर किशोरों और युवकों से संपर्क करते हैं और उन्हें हथियार की आपूर्ति करने या गिरोह के अन्य कार्यों में मदद करने के लिए कहते हैं. हम इन गिरोहों पर अंकुश लगाने की कोशिश कर रहे हैं और हमने महत्वपूर्ण सदस्यों को गिरफ्तार भी किया है. उनमें से ज्यादातर सोशल मीडिया के माध्यम से किशोरों को निशाना बनाते हैं और उन्हें पिस्तौल और पैसे का लालच देते हैं.’

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कई गैंगस्टर हुए ढेर, तो कई हुए गिरफ्तार
पुलिस का दावा है कि कई अंतरराज्यीय गिरोह हत्या और जबरन वसूली में शामिल थे. वहीं मार्च में गैंगस्टर कुलदीप फज्जा एक पुलिस मुठभेड़ में उस वक्त मारा गया था जब वह कथित तौर पर अपने सहयोगियों के साथ जीटीबी अस्पताल से भाग गया था. वह छत्रसाल स्टेडियम विवाद और हत्या में शामिल था, जिसमें दो बार के ओलंपियन पहलवान सुशील कुमार को गिरफ्तार किया गया था. जुलाई में स्पेशल सेल ने गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी और उसकी सहयोगी अनुराधा चौधरी को गिरफ्तार किया था. जठेड़ी हत्या, जबरन वसूली और अपहरण के 40 से अधिक मामलों में शामिल है.

 राकेश अस्थाना की अनूठी पहल, अब उम्रदराज पुलिस वालों को मिलेगी मनचाही ‘पोस्टिंग’, बस करना होगा ये काम

पुलिस के अनुसार, पिछले वर्षों की तुलना में महामारी के दौरान साइबर अपराध, धोखाधड़ी और जालसाजी के मामलों में 55 फीसदी की वृद्धि हुई है. पुलिस ने कहा कि कई “छोटे समूह” और व्यक्ति दिल्ली-एनसीआर में कारखानों से नकली नोटों का व्यापार कर रहे थे. दिल्ली पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि हमारे पास ऐसे उदाहरण हैं जहां जिला पुलिस टीमों, विशेष प्रकोष्ठ और अपराध शाखा को पीड़ितों के प्राथमिकी दर्ज नहीं करा पाने के कारण स्वत: संज्ञान से मामले दर्ज करने पड़े. यह लॉकडाउन के कारण था और इसलिए भी कि गिरोह अलग-अलग राज्यों में काम करते हैं और पुलिस क्षेत्राधिकार के मुद्दों पर चलती है.

राकेश अस्थाना की अनूठी पहल, अब उम्रदराज पुलिस वालों को मिलेगी मनचाही 'पोस्टिंग', बस करना होगा ये काम

राकेश अस्थाना काफी तेजतर्रार अधिकारी माने जाते हैं.

Rakesh Asthana : दिल्ली पुलिस (Delhi Police) के आयुक्त राकेश अस्थाना ने 50 साल से अधिक उम्र के कर्मचारियों के लिए पसंदीदा जगह पोस्टिंग की पहल की है. इसके लिए कर्मियों को अपनी मर्जी की पांच पोस्टिंग बतानी होंगी और फिर उनको अपने घर के निकट तैनाती मिल सकती है.

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  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 08:46 IST
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नई दिल्‍ली. दिल्ली पुलिस (Delhi Police) के आयुक्त राकेश अस्थाना (Rakesh Asthana) ने 50 साल से अधिक उम्र के कर्मचारियों के लिए अनूठी पहल की है. इसके तहत अगर कोई मनचाही पोस्टिंग (Posting) चाहता है, तो वह आवेदन कर सकता है. हालांकि पुलिसकर्मी को अपनी मर्जी की पांच पोस्टिंग बतानी होंगी और इससे उनको अपने घर के निकट तैनाती मिल सकती है. इसके अलावा फील्‍ड में सही तरह से काम नहीं कर पा रहे कर्मी को मुख्यालय या दफ्तर वाली किसी दूसरी जगह पर भेजा जा सकता है. जबकि इस अनूठी पहल में सिपाही से लेकर उप निरीक्षक तक शामिल रहेंगे.

बता दें कि दिल्ली पुलिस की ट्रैफिक पुलिस जैसी कुछ इकाइयां हैं, जहां काफी सख्त ड्यूटी देनी पड़ती है. ऐसे में ज्‍यादा उम्र होने पर ड्यूटी करना खासा मुश्किल हो जाता है. खासतौर पर उस वक्त, जब वीवीआईपी रूट लगा हो या जलभराव और धरना प्रदर्शन के चलते जाम लग गया हो. इसके अलावा कई बार थानों में भी लंबे समय तक ड्यूटी देनी पड़ती है. इसके अलावा अधिक उम्र के कर्मियों के लिए दस-बारह घंटे की ड्यूटी देना आसान नहीं होता. वहीं, देखने में आया है कि कुछ पुलिसकर्मी उम्र के इस पड़ाव पर आते-आते कई बीमारियों की जकड़ में आ जाते हैं. जबकि दूसरी जगह उनका तबादला होना भी आसान नहीं था.

पुलिस आयुक्त से सीधे मिल सकते हैं तबादला चाहने वाले कर्मी
दिल्‍ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने कुछ ही दिन पहले उम्रदराज पुलिसकर्मियों के लिए पंसदीदा जगह पोस्टिंग की पहल शुरू की है. यही नहीं, जो भी कर्मचारी किन्हीं विशेष परिस्थितियों के चलते अपना तबादला कराना चाहता है, वह सीधे पुलिस आयुक्त से मिल सकता है. जबकि इससे पहले ऐसी कोई सुविधा नहीं थी. यही नहीं, अब प्रत्येक शुक्रवार को पुलिस आयुक्त अपने कर्मियों से मिलते हैं और अगर कोई समस्या है तो उसका निवारण भी किया जाता है. इसी दौरान पुलिस आयुक्त अस्थाना को उम्रदराज कर्मियों के बारे में पता चला तो उन्‍होंने नई पहल का ऐलान कर दिया.
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जानें क्‍या करना हो काम
पुलिस मुख्यालय के मुताबिक, मनचाही पोस्टिंग देने से पहले पुलिस कर्मियों से उसकी वजह पूछी जाएगी कि वो उस जगह क्यों जाना चाहते हैं. इसके लिए पुलिसकर्मियों के मोबाइल फोन पर मैसेज भेजा जा रहा है. हालांकि यह मैसेज ट्रायल के तौर पर है. इसके बाद पुलिस कर्मियों को नई पोस्टिंग की वजह बतानी होगी और उनसे पांच विकल्प मांगे जाएंगे. इसके बाद उनको वहां पोस्टिंग मिल जाएगी. दरअसल पुलिस आयुक्त अस्थाना की इस पहल से उन लोगों को ज्‍यादा फायदा होगा जो अपने घर से ड्यूटी स्थल तक पहुंचने के लिए तीन-चार घंटे यातायात में फंसे रहते हैं.

ग्रेटर नोएडा में मिहिर भोज की प्रतिमा अनावरण से पहले बवाल, जानें क्यों नाराज है गुर्जर समाज

ग्रेटर नोएडा में गुर्जर समाज के लोगों ने पोस्टर फाड़ डाले.

viral video : गुर्जर समाज के कुछ लोग इस बात से नाराज हैं कि मिहिर भोज के नाम के आगे गुर्जर सम्राट मिहिर भोज क्यों नहीं लिखा गया. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि शनिवार को गुर्जर समाज के कुछ लोगों ने इस आयोजन के लिए लगे पोस्टर फाड़े डाले.

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नोएडा. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 21 सितंबर और 22 सितंबर को ग्रेटर नोएडा में रहेंगे. 22 सितंबर को वे मिहिर भोज की मूर्ति का अनावरण करेंगे, लेकिन अनावरण से पहले ही ग्रेटर नोएडा में राजनीति तेज हो गई है. जहां एक तरफ गुर्जर समाज मिहिर भोज को अपना बता रहा है, वहीं दूसरी तरफ राजपूत समाज भी मिहिर भोज को अपना वंशज बताने में जुट गया है.

अनावरण समारोह के लिए ग्रेटर नोएडा के दादरी विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पोस्टर लगाए गए थे. ये पोस्टर दादरी विधायक तेजपाल नागर ने पूरी विधानसभा में लगवाए हैं. लेकिन गुर्जर समाज के कुछ लोग इस बात से नाराज हैं कि मिहिर भोज के नाम के आगे गुर्जर सम्राट मिहिर भोज क्यों नहीं लिखा गया. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि शनिवार को गुर्जर समाज के कुछ लोगों ने मुख्यमंत्री के पोस्टर फाड़े डाले. गुर्जर समाज से जुड़े कुछ लोगों ने वीडियो मेसेज जारी करते हुए इस मुद्दे पर नाराजगी भी जताई और कहा कि पोस्टर में कहीं भी मिहिर भोज के नाम के आगे गुर्जर नहीं लिखा गया है. ऐसे में वे इसका विरोध करते हैं और पोस्टर फाड़ने के वीडियो जारी किए गए. जिसके बाद से दादरी विधानसभा में माहौल गर्म हो चला है. हालांकि अभी पुलिस इस पूरे मामले पर कुछ भी बोलने से बच रही है.

22 मिहिर भोज पीजी कॉलेज में सीएम का कार्यक्रम

22 सितंबर को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 10 बजे मिहिर भोज पीजी कॉलेज पहुंचेंगे और वहां पर 12 फीट ऊंची मिहिर भोज की विशालकाय मूर्ति का अनावरण करेंगे. इस मूर्ति को प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार ने बनाया है. गुर्जर समाज सम्राट मिहिर भोज को अपना महाराजा बताते हैं और ऐसे में जब गुर्जर समाज के ही कुछ लोगों ने इस चीज का विरोध करना शुरू किया तो सभी ने चुप्पी साध रखी है.

पुलिस को कार्रवाई का आदेश

मामला संज्ञान में आने के बाद उच्च अधिकारियों ने वायरल हुए वीडियो का संज्ञान लेते हुए दादरी एसएचओ प्रदीप त्रिपाठी को मामले में जांच कर कार्रवाई के लिए आदेशित किया है.

Noida News: झुग्गियों में रहने वाले परिवारों ने नोएडा अथॉरिटी की बढ़ाई टेंशन, फ्लैट में जाने को नहीं हैं तैयार

नोएडा अथॉरिटी के अधिकारी जमकर पसीना बहा रहे हैं, लेकिन सफलता नहीं मिल रही है.

Noida Authority News : यूपी की नोएडा अथॉरिटी इन दिनों सेक्टर-4, 5, 8 और 9 में झुग्गियों (Jhuggi) में रहने वाले एक हजार से ज्यादा परिवारों को लेकर परेशान है, क्‍यों‍कि वह फ्लैट्स में शिफ्ट होने को तैयार नहीं हैं. अथॉरिटी ने इन परिवारों के लिए सेक्‍टर 122 में फ्लैट्स बनाए हैं.

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  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 07:28 IST
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नोएडा. राजधानी दिल्‍ली से यूपी के नोएडा के 4 सेक्टरों की झुग्गियों (Jhuggi) में रहने वाले एक हजार से ज्यादा परिवारों को लेकर अथॉरिटी काफी परेशान है, क्‍योंकि यहां रहने वाले लोग फ्लैट में नहीं जाना चाहते हैं. दरअसल, नोएडा अथॉरिटी (Noida Authority) ने झुग्गियों में रहने वालों के लिए सेक्टर-122 में फ्लैट बनवाए हैं, लेकिन तमाम कवायद के बाद भी झुग्गियों में रहने वाले परिवार फ्लैट में शिफ्ट होने को तैयार नहीं हैं.

यही नहीं, झुग्गियों में रहने वालों के उदासीन रवैये के चलते नोएडा अथॉरिटी की झुग्गी-झोपड़ी हटाने की योजना आगे नहीं बढ़ पा रही है. जबकि सीईओ का आदेश है कि हर हफ्ते 100 झुग्गी वालों को सेक्टर-122 में कब्जा दिया जाए, लेकिन इसके पहले उनकी झुग्गी खाली करवाई जाए. बता दें कि नोएडा अथॉरिटी के कई प्लॉट सेक्टर-4, 5, 8 और 9 में हैं और इन पर अनाधिकृत रूप से झुग्गी बनी हैं. जबकि अथॉरिटी ने 2015 में झुग्गियों को हटाने की योजना शुरू की थी. इसी के तहत नोएडा सेक्टर-122 में 1771 फ्लैट बनाए हैं. यही नहीं, इनका आवंटन झुग्गियों में रहने वाले परिवारों को किया गया है, लेकिन वह झुग्गी खाली करके फ्लैट में जाने से कतरा रहे हैं.

1300 परिवारों ने कराई रजिस्ट्री, लेकिन फ्लैट में गए सिर्फ 250
नोएडा अथॉरिटी के मुताबिक, 1771 फ्लैट्स में 1300 की रजिस्ट्री हो चुकी है, लेकिन अब तक सिर्फ 250 परिवार ही सेक्‍टर 122 में रहने गए हैं. यही वजह है कि नोएडा अथॉरिटी हर महीने करीब 100 परिवारों को फ्लैट में शिफ्ट कराने की कवायद में लगी हुई है. झुग्गियों में रहने वाले परिवारों को इन फ्लैट्स के लिए 4 से 6 लाख रुपये देने पड़े हैं.

झुग्गियों को छोड़ने को तैयार नहीं लोग
नोएडा अथॉरिटी के एक अधिकारी के मुताबिक, सेक्टर-4, 5, 8 और 9 में रहने वाले लोग फ्लैट की रजिस्ट्री के बाद भी झुग्गी छोड़ने को तैयार नहीं हैं. जबकि काफी समय से वर्क सर्कल-1 और टीएसी सहित अन्य अधिकारी इन झुग्गियों में रहने वाले परिवारों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उनको कुछ खास सफलता नहीं मिल रही है.

डेंगू के खिलाफ दिल्ली सरकार का मेगा अभियान, CM केजरीवाल ने बच्चों से की ये खास अपील

बयान में बताया गया कि हर साल एक सितंबर से 15 नवंबर के बीच डेंगू के अधिकतम मामले सामने आते हैं. (फाइल फोटो)

Delhi News: एक अधिकारिक बयान में कहा गया कि पिछले साल की तरह ही दिल्ली सरकार ने इस बार भी डेंगू के प्रकोप को खत्म करने के लिए ’10 हफ्ते, 10 बजे, 10 मिनट’ अभियान शुरू किया है.

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  • LAST UPDATED : September 18, 2021, 22:08 IST
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नई दिल्ली. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने शनिवार को बच्चों से दिल्ली सरकार के डेंगू रोधी अभियान (Anti Dengue Campaign) में हिस्सा लेने तथा अपने घर और आसपास में जमे पानी को निकालने का आग्रह किया. बयान में बताया गया कि डेंगू के खिलाफ इस सप्ताह के अभियान का नाम ‘चिल्ड्रन ऑफ दिल्ली’ और ‘कम ऑन किड्स, लेट्स गिव डेंगू ए किक: 10 हफ्ते 10 बजे 10 मिनट इज द ट्रिक’ है. मुख्यमंत्री को उद्धृत करते हुए बयान में कहा गया, ‘‘प्यारे बच्चे, आप डेंगू से लड़ने के लिए तैयार हो जाएं. डेंगू से दिल्ली (Delhi) की रक्षा करने के लिए प्रत्येक रविवार को 10 मिनट घर पर काम करें. इसके लिए हमें जमे हुए पानी का पता लगाने के लिए घर और आसपास का निरीक्षण करना है.’’

एक अधिकारिक बयान में कहा गया कि पिछले साल की तरह ही दिल्ली सरकार ने इस बार भी डेंगू के प्रकोप को खत्म करने के लिए ’10 हफ्ते, 10 बजे, 10 मिनट’ अभियान शुरू किया है. बयान में कहा गया कि दिल्ली सरकार के सभी मंत्री, विधायक और अधिकारी इस अभियान में हिस्सा ले रहे हैं और अपने घरों में जमे पानी को हर रविवार साफ कर रहे हैं. बयान में बताया गया कि हर साल एक सितंबर से 15 नवंबर के बीच डेंगू के अधिकतम मामले सामने आते हैं.

 मलेरिया के 68 और चिकुनगुनिया के 40 मामले आए थे
बता दें कि 13 सितंबर को खबर सामने आई थी कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्‍ली डेंगू पैर पसार रहा है. इस साल अब तक डेंगू  के कम से कम 158 मामले आ चुके हैं. हालांकि गनीमत की बात है कि शहर में डेंगू से कोई मौत नहीं हुई है. यह जानकारी नगर निकाय (MCD) द्वारा सोमवार को जारी रिपोर्ट में दी गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 के बाद एक जनवरी से 11 सितंबर तक आए डेंगू के मामले भी सबसे अधिक हैं. 2019 में इस अवधि में डेंगू के 171 मामलों की पुष्टि हुई थी. जबकि दिल्‍ली सरकार (Delhi Government) ने डेंगू के खिलाफ 10 हफ्ते, 10 बजे, 10 मिनट अभियान शुरू किया है. इसके साथ रिपोर्ट में बताया गया था कि अकेले अगस्त महीने में डेंगू के 72 मरीज सामने आए हैं जो कुल मामलों का करीब 45 प्रतिशत है. वहीं, इस महीने 11 तारीख ( 11 सितंबर) तक डेंगू के 34 मामले आ चुके हैं. यही नहीं, रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल 11 सितंबर तक मलेरिया के 68 और चिकुनगुनिया के 40 मामले आए थे.

(इनपुट- भाषा)

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