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Noida News: प्‍लॉट की किस्त रुकने पर लग गया है जुर्माना? राहत पाने के लिए अपनाएं यह तरीका

Noida News: प्‍लॉट की किस्त रुकने पर लग गया है जुर्माना? राहत पाने के लिए अपनाएं यह तरीका

GDA अगले सप्ताह से जर्जर फ्लैट्स के मालिकों को नोटिस भेजने का काम शुरू कर देगा. (Photo File)

GDA अगले सप्ताह से जर्जर फ्लैट्स के मालिकों को नोटिस भेजने का काम शुरू कर देगा. (Photo File)

One Time Settlement Scheme: यमुना अथॉरिटी के डिफाल्टर प्लांट आवंटी वन टाइम सेटेलमेंट योजना का लाभ पा सकेंगे, उनका जुर्माना माफ हो जाएगा, लेकिन अथॉरिटी ने बिल्डर और ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी को वन टाइम सेटलमेंट योजना के तहत लाभ देने से वंचित रखा है.

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    नोएडा. बीते 11-12 साल में यमुना अथॉरिटी (Yamuna Authority) ने हजारों प्लॉट का आवंटन (Plot Allotment) किया है. लेकिन प्लॉट लेने वाले हजारों ऐसे भी हैं, जिनकी किस्त रुक गई हैं. किस्त रुकने पर अथॉरिटी ने जुर्माना भी लगा दिया है. ऐसे आवंटियों की संख्या 40 हजार के करीब है. लेकिन अब ऐसे आवंटियों को वन टाइम सेटेलमेंट (OTS) योजना का लाभ दिया जाएगा. उनका जुर्माना माफ हो जाएगा. लेकिन बिल्डर और ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी (Group Housing Society) को इस योजना से बाहर ही रखा गया है.

    जिन आवंटियों की किस्तें रुक गईं थी, उन पर यमुना अथॉरिटी ने जुर्माना लगा दिया था, ऐसे आवंटियों की संख्या 40 हजार के आसपास है. उनकी मांग थी कि उनके जुर्माने को माफ करते हुए उन्हें ओटीएस योजना का लाभ दिया जाए. आवंटियों की इस मांग को देखते हुए हाल ही में अथॉरिटी ने अपनी बोर्ड मीटिंग में आवंटियों की इस मांग का रखा था. जिस पर बोर्ड की सहमति तो बन गई, लेकिन उसे मंजूरी के लिए शासन को भेज दिया गया. अब अच्छी बात यह है कि शासन ने भी बोर्ड के प्रस्ताव और आवंटियों की मांग को मंजूरी दे दी है.



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    ऐसे मिलेगा ओटीएस योजना का लाभ
    -यमुना अथॉरिटी से जुड़े अफसरों की मानें तो यमुना अथॉरिटी से जुड़े आवंटन में जो आवंटी डिफाल्टर घोषित किए गए है और उन पर जुर्माना लगा है वो अपनी कैटेगिरी के मताबिक ओटीएस योजना का लाभ इस तरह से उठा सकते हैं. इसके लिए पहले उन्हें आवेदन करना होगा. ईडब्ल्यूएस भवन, भूखंड के आवंटियों को 100 रुपये प्रोसेसिंग फीस के साथ 5,000 रुपये जमा करने होंगे.

    -इसी तरह एलआईजी भवन और भूखंड के आवंटियों को 500 रुपये प्रोसेसिंग फीस के साथ 10 हजार रुपये और अन्य श्रेणी की आवासीय, मिश्रित उपयोग की संपत्तियों, दुकानों व दुकानों के भूखंड आदि के लिए 2,100 रुपये प्रोसेसिंग फीस के साथ 50 हजार रुपये जमा करने होंगे.

    -इसके अलावा संस्थागत संपत्तियों के लिए 11 हजार रुपये प्रोसेसिंग फीस और पांच लाख रुपये प्रारंभिक धनराशि जमा करनी होगी. लेकिन खास बात यह है कि इस योजना के तहत जमा होने वाली 5 और 10-50 हजार की रकम को तो समायोजित कर लिया जाएगा, लेकिन प्रोसेसिंग फीस वापस नहीं की जाएगी.

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    Tags: Housing project groups, UP Government, Yamuna Authority

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