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Noida : हाथी के पांव जैसा हो गया इस रिक्शाचालक का पैर, न आयुष्मान कार्ड न पैसे, इलाज मिले तो कैसे?

गरीबों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के दावों की हकीकत नोएडा की सड़क पर एक रिक्शा खींचने वाले को देखकर पता चलेगी. नोएडा के ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट – आदित्य कुमार

नोएडा. 55 पार की उम्र में भी रिक्शा खींचना असहनीय दर्द देता है, लेकिन मजबूरी ऐसी है कि न वह इलाज करवा पा रहा है और न ही काम बंद कर सकता है. सेक्टर 53 के कंचनजंगा मार्केट से लेकर सेक्टर 30 स्थित निठारी तक आप चलते जाएंगे, तो आपको सड़क पर एक रिक्शा वाला दिखाई देगा. इसका बायां पैर सूजकर हाथी के पैर जितना मोटा हो गया है. इसके बाद भी रिक्शा चालक एक दो सवारी लेकर ज़रूर चलता है. दरअसल उसे फाइलेरिया नाम की बीमारी है, लेकिन गरीबी के कारण वह अपना इलाज नहीं करवा पा रहा.

बिहार के छपरा के रहने वाले शंकर प्रसाद चालीस साल से नोएडा में रहते आ रहे हैं. वो सालों से रिक्शा ही चला रहे हैं. रिक्शा चलाकर इतना कमा लेते थे कि उनका और उनकी पत्नी का पेट भर जाता था. शंकर बताते हैं कि छह माह पहले उन्हें यह बीमारी हो गई. इसके बाद समस्या बढ़ने लगी. ’50-55 की उम्र में भी मैं पूरे दिन रिक्शा चलाकर अच्छा कमा खा लेता था. अब तो रिक्शा बिल्कुल नहीं चला पाता. अब एक सवारी भी लेकर चलना दुश्वार हो गया है. पैर में असहनीय दर्द होता है. लेकिन काम नहीं करेंगे तो खाएंगे क्या?’

शंकर प्रसाद बताते हैं घर में बच्चे हैं, वो भी छोटी सी दुकान लगाते हैं. पूरे नोएडा में एक ही सरकारी अस्पताल है. शंकर का कहना है कि वहां इसका इलाज ही नहीं है. उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया. लेकिन इस हालत में वह वहां भी नहीं जा सकते. आयुष्मान कार्ड भी उनके पास नहीं है. चूंकि शंकर के पास फोन भी नहीं है इसलिए अगर आप मदद करना चाहें तो न्यूज़18 लोकल संवाददाता के मोबाइल नंबर 7053077342 या शंकर के पड़ोसी अविनाश सिंह के नंबर 7210952956 पर संपर्क कर सकते हैं.

क्या है फाइलेरिया? कितनी घातक है बीमारी?

फाइलेरिया को हाथी पांव के नाम से समझा जाता है. इसमें पैर हाथी के पैर जितना मोटा हो जाता है और धीरे धीरे पैर की चमड़ी फटने लगती है. दिल्ली के सरकारी अस्पताल के डॉक्टर राजीव शंकर बताते हैं कि दुनिया में सबसे ज्यादा भारत में यह बीमारी (40%) है. मानसिक स्वास्थ्य के बाद यही दूसरी बीमारी है जो लोगों को विकलांग बना देती है. सरकार इसके उन्मूलन के लिए योजनाएं चला रही है. न्यूज़18 लोकल ने इस मामले में बातचीत के लिए ज़िला गौतमबुद्ध नगर के सीएमओ को भी फोन किया पर उनसे बात नहीं हो सकी.

Tags: Ayushman Bharat scheme, Government Hospital, Noida news

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