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NCR से बेरुखी: लौटने लगा रियल स्टेट कारोबार, लेकिन नोएडा-ग्रेटर नोएडा में नहीं, जानें वजह

नोटबंदी और कोरोना-लॉकडाउन के बाद से अब प्लाट और फ्लैट का कारोबार पटरी पर लौट आया है. लेकिन नोएडा और ग्रेटर नोएडा में नहीं.

नोटबंदी और कोरोना-लॉकडाउन के बाद से अब प्लाट और फ्लैट का कारोबार पटरी पर लौट आया है. लेकिन नोएडा और ग्रेटर नोएडा में नहीं.

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नोएडा. वो बीते जमाने की बात हुई जब ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) से दिल्ली आने में एक से डेढ़ घंटा लगता था. आज  मेट्रो ट्रेन है. 20 से 25 मिनट में सीधे दिल्ली. सड़क से जाने के लिए नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे हैं. लेकिन आज रियल स्टेट कारोबार उसी नोएडा (Noida) और ग्रेटर नोएडा से बेरुखी दिखा रहा है. नोटबंदी (Demonetization) और कोरोना-लॉकडाउन के बाद से अब प्लाट और फ्लैट का कारोबार पटरी पर लौट आया है. लेकिन नोएडा और ग्रेटर नोएडा में नहीं.

कहा जाए तो दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में ही नाम मात्र के प्रोजेक्ट शुरू हो रहे हैं. इस मामले में यूपी भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (UP RERA) की रिपोर्ट खासी चौंकाने वाली है. बीते चार महीने पहले यूपी रेरा में रजिस्टर्ड हुए प्रोजेक्ट में से 80 फीसद प्रोजेक्ट नॉन एनसीआर के शहरों से हैं.

जानिए क्या कहती है यूपी रेरा की रिपोर्ट
यूपी रेरा के चेयरमैन राजीव कुमार का कहना है कि साल 2019 और 2020 में जब हालात पूरी तरह से सामान्य थे तो यूपी रेरा में 68 प्रोजेक्ट रजिस्टर्ड हुए थे. लेकिन बीते चार महीने नवंबर 2021 से फरवरी 2022 तक यूपी रेरा में 116 प्रोजेक्ट रजिस्टर्ड हो चुके हैं. यह नंबर बताता है कि यूपी में रियल स्टेट कारोबार पटरी पर लौटने लगा है. यह इस बात का भी इशारा है कि लोग फिर से प्रापर्टी पर निवेश कर रहे हैं. इसमे कोई शक नहीं कि इससे राज्य की अर्थव्यवस्था में भी उछाल आएगा.

आपके शहर से (लखनऊ)

NCR नहीं नॉन एनसीआर शहरों में बढ़ा बिल्डर्स का रुझान
यूपी रेरा की ओर से जारी की गई रिपोर्ट के आंकड़ों पर नजर डालें तो मालूम होता है कि अब बिल्डर्स का रुझान एनसीआर नहीं नॉन एनसीआर शहरों की तरफ बढ़ रहा है. रेरा के चेयरमैन राजीव कुमार बताते हैं कि नवंबर 2021 से फरवरी 2022 तक यूपी रेरा में 116 प्रोजेक्ट रजिस्टर्ड हुए हैं.

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इसमे से सिर्फ 33 प्रोजेक्ट एनसीआर के शहरों से दर्ज हुए हैं. जबकि नॉन एनसीआर के शहरों से रजिस्टर्ड होने वाले प्रोजेक्ट का आंकड़ा 83 है. इसमे सबसे ज्यादा प्रोजेक्ट आगरा-मथुरा और कानपुर-लखनऊ के हैं. इस तरह से यह आंकड़ा बताता है कि बिल्डर्स का रुझान अब एनसीआर के शहरों से हटकर नॉन एनसीआर के शहरों की तरफ आ गया है.

महंगी जमीन ने रोके नए प्रोजेक्ट के प्लान

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में जमीन करोबार से जुड़े एएन रियल स्टेट के संचालक तेजपाल बताते हैं, “किसी भी प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए जमीन की जरूरत होती है. जमीन हाथ में आते ही फ्लैट, प्लाट और विला की कॉस्ट निकलकर आ जाती है. लेकिन बीते 3-4 साल में जमीन इतनी महंगी हो गई है कि मुनाफा कमाना मुश्किल हो गया है. आज की तारीख में नोएडा और ग्रेटर नोएडा जैसे शहरों में 2 बीएचके फ्लैट की शुरुआत हो रही है. जबकि कसटमर इतना खर्च नहीं करना चाहता है. उसे चाहिए 22 से 25 लाख रुपये में.”

वहीं यूपी से रिटायर्ड टाउन प्लानर राजकिशोर बताते हैं, “ दो-तीन साल से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी में कई बड़ी परियोजनाओं की शुरुआत हुई है या फिर होनी है. मेट्रो ग्रेनो वेस्ट तक पहुंच रही है. सिटी बस सर्विस शुरू हो चुकी है. यह भी बड़ी वजह हैं जिसके चलते जमीनों के रेट देखते ही देखते बढ़ गए हैं.”

Tags: Delhi-NCR News, Greater noida news, Noida news, Real estate market, UP RERA

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