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NOIDA: दहशत में जी रहे हैं ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लोग, जानें क्यों शाम होते ही घरों में हो जाते हैं कैद?

NOIDA: दहशत में जी रहे हैं ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लोग, जानें क्यों शाम होते ही घरों में हो जाते हैं कैद?

Noida Extension News: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वालों की सबसे अहम और पुरानी समस्या है सड़क पर लगीं स्ट्रीट लाइटें. जो यहां रहने वालों के लिए सिर्फ शोपीस हैं. एक दो लाइटों की बात नहीं है. पूरे ग्रेटर नोएडा वेस्ट में आप कहीं भी चले जाइए. अंधेरे के सिवा कुछ नहीं मिलेगा. स्ट्रीट लाइट सिर्फ पोल पर लटकती मिलेंगी. ऐसे में शाम होते ही सड़कों पर अंधेरा छा जाता है, अंधेरा होने के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है. यही कारण है कि आम जनता शाम के बाद घरों में कैद हो जाती है.

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रिपोर्ट- आदित्य कुमार

नोएडा. यूपी का ग्रेटर नोएडा प्रदेश का सबसे विकसित और पॉश इलाका माना जाता है. लेकिन हकीकत कुछ और ही है. जी हां, बाहरी लोगों के लिए भले ही ग्रेटर नोएडा आधुनिक शहरों में से एक हो, लेकिन ग्रेटर नोएडा वेस्ट इलाके में रहने वाले शाम होते ही घरों में कैद हो जाते हैं. बाहर निकलने में भी घबराते हैं. तो चलिए जानते हैं कि आखिर ऐसे क्यों है ?

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वालों की सबसे अहम और पुरानी समस्या है सड़क पर लगीं स्ट्रीट लाइटें. जो यहां रहने वालों के लिए सिर्फ शोपीस हैं. एक दो लाइटों की बात नहीं है. पूरे ग्रेटर नोएडा वेस्ट में आप कहीं भी चले जाइए. अंधेरे के सिवा कुछ नहीं मिलेगा. स्ट्रीट लाइट सिर्फ पोल पर लटकती मिलेंगी. ऐसे में शाम होते ही सड़कों पर अंधेरा छा जाता है, अंधेरा होने के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है. यही कारण है कि आम जनता शाम के बाद घरों में कैद हो जाती है.

अंधेरे में 4 लाख लोगों की जिंदगी
सुपरटेक इकोविलेज-2 में रहने वाले मनीष बताते हैं कि, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में करीब 4 लाख लोगों की आबादी है. ये सभी अपनी जान के साथ खिलवाड़ करते हुए सड़कों पर चलते हैं. कई ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे पता चलता है कि हमारी जिंदगी कितनी सस्ती है. साल 2020 में इसी क्षेत्र में गौरव चंदेल की हत्या कर दी गई थी. उसके बाद यहां पहली बार कमिश्नरी बनाई गई थी.

वर्किंग वुमन सबसे ज्यादा असुरक्षित
ज्योत्सना ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सोसाइटी अम्बर शक्ति में 2019 से रहती हैं. वो बताती हैं कि शाम होते ही लगता है हम किसी गांव में आ गए हों. सड़कें अंधेरी कोठरी जैसी दिखती हैं. ऐसे में यदि हम लोगों के साथ किसी तरह की कोई अनहोनी हो गई तो कौन जिम्मेदार होगा. वहीं समीर भारद्वाज बताते हैं कि हम तीन चार साल से कोशिश में हैं कि, ये लाइट्स लग जाएं. लेकिन हमें नाकामयाबी ही हासिल होती है.

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में प्राधिकरण लापता!
NEWS 18 LOCAL से बात करते हुए ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लोगों ने बताया कि, हम अपनी समस्याओं को लेकर कई बार प्राधिकरण के पास गए, शिकायतें दी, लेकिन हमारी कोई सुनवाई नहीं होती है. वहीं जब ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी से इस मसले पर बात करने के लिए हमने संपर्क करने की कोशिश की तो हमारा भी संपर्क नहीं हो पाया.

Tags: Greater Noida Authority, Noida news

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