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नोएडा अथॉरिटी में फिर सामने आया घपला! डीजीएम एससी मिश्रा से लिए गए सभी चार्ज

नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने डीजीएम एससी मिश्रा को पद से हटा कर उनका कार्यभार पीजीएम राजीव त्यागी को दिया है.

नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने डीजीएम एससी मिश्रा को पद से हटा कर उनका कार्यभार पीजीएम राजीव त्यागी को दिया है.

एलिवेटेड रोड की निर्माण कंपनी को कर दिया गया 17 करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान, इस पेमेंट से पहले नहीं ली गई थी किसी भी वरिष्ठ अधिकारी से कोई अनुमति. अब पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी गठित.

नोएडा. नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रितु माहेश्वरी ने रुपयों की अनियमित्ता सामने आने के बाद बड़ी कार्रवाई की है. जनस्वास्थ्य विभाग के प्रभारी और वरिष्ठ परियोजना अभियंता एससी मिश्रा को पद से हटा दिया गया है. जनस्वस्थ्य विभाग से जुड़े सभी प्रभार उनसे ले लिए गए हैं. अब यह प्रभार प्रधान महाप्रबंधक (पीजीएम) राजीव त्यागी को सौंपा गया है.
प्राधिकरण ने नोएडा में विश्व भारती से शाप्रिक्स मॉल तक एलिवेटड रोड का निर्माण किया था. नोएडा प्राधिकरण ने फाइनल बिल अप्रूवल के बाद निर्माण कंपनी को 17.21 करोड़ रुपये अतिरिक्त दे दिए. जबकि कैग की आपत्ति और प्राधिकरण की टेक्निकल ऑडिट सेल (टीएसी) की रिपोर्ट के आधार पर उल्टा कंपनी से 21.63 करोड़ रुपये की रिकवरी यानी कुल कंपनी से 38.84 करोड़ रुपये वसूल किए जाने हैं. बल्कि अधिकारी को रिटायरमेंट के बाद दो बार एक्सटेंशन भी दे दिया गया.

कैग ने लगाई थी आपत्ती
दरअसल, निर्माण कंपनी को 415.47 करोड़ में विश्व भारती से सेक्टर-61 तक एलिवेटेड का निर्माण करना था. उसने यह निर्माण 468.90 करोड़ में किया. कैग ने इस परियोजना का वित्तीय ऑडिट की. इस दौरान कैग ने निर्माण कंपनी को वेरिएशन की एवज में दिए गए पैसों में भारी अनियमितता पाई. यह तथ्य भी सामने आया कि सर्किल अधिकारियों की ओर से 7 जनवरी 2019 को टेक्निकल ऑडिट सेल (टीएसी) में फाइनल बिल की रिपोर्ट जमा करने से पहले ही निर्माण कंपनी को 17.21 करोड़ रुपये दिए जा चुके थे.
नियम के अनुसार 10 करोड़ के ऊपर का वेरिएशन आने पर कंपनी को पेमेंट करने से पहले सर्किल अधिकारी को टेक्निकल ऑडिट सेल से वेरिएशन की जांच और पेमेंट करने के लिए मुख्य कार्यपालक अधिकारी की अनुमति की आवश्यकता होती है. यहां नियमों का उल्लंघन करते हुए बिना किसी की अनुमति लिए ही सर्किल की ओर से कंपनी का पेमेंट कर दिया गया.

प्राधिकरण के सर्किल-2 की थी परियोजना
प्राधिकरण ने शहर को 10 सर्किल में विभाजित किया है. मास्टर प्लान रोड नंबर-2, सर्किल-2 में आता है. सर्किल 2 ने ही परियोजना का निर्माण करवाया. अतिरिक्त धनराशि का भुगतान भी सर्किल-2 की ओर किया गया. उस दौरान सर्किल -2 के प्रभारी एससी मिश्रा ही थे. एलिवेटड में अतिरिक्त भुगतान हुआ इसकी जांच के लिए प्राधिकरण ने एसीईओ सीएलए और एफसी की एक कमेटी गठित की है. जांच के बाद इन पैसों की रिकवरी कराई जाएगी.

सर्किल प्रभार में बदली
वर्क सर्किल-9 के प्रभारी व जन स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक विजय कुमार रावल से वर्क सर्किल-9 का प्रभार ले लिया गया है. अब वे जन स्वास्थ्य विभाग-. के प्रभारी व वरिष्ठ प्रबंधक का कार्य देखेंगे. वर्क सर्किल-9 का प्रभार वर्क सर्किल-6 के प्रभारी व वरिष्ठ प्रबंधक मुकेश कुमार वैश्य को सौंपा गया है. वे दोनों वर्क सर्किल का काम देखेंगे.

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