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नोएडा में खास तरीके से बनी ये स्पेशल मूर्तियां विदेशों में मचा रही है धूम

नोएडा में खास तरीके से बनी ये स्पेशल मूर्तियां विदेशों में मचा रही है धूम

Naresh

Naresh bhati, akash singh & sanjay ( left to right)

नरेश बताते हैं कि विदेशो में पैसे तो ज्यादा देते ही है साथ ही कला का सम्मान भी वो लोग करते हैं.

    नोएडा: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक खास तरीके से बन रही मूर्तियों की देश में ही नही विदेशों में भी धूम मचा रहीं हैं. इन मूर्तियों को कनाडा, जर्मनी, रूस, और अन्य देशों में लोग खासा डिमांड करतें हैं. इन मूर्तियों की खासियत के बारे में आकाश,संजय और नरेश भाटी बताते हैं कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (Delhi Ncr) के 160 मंदिरों से वेस्ट को इकठ्ठा कर उसको प्रोसेसिंग करते है फिर उस वेस्ट से ग्राहक के डिमांड के अनुसार मूर्तियां बनाते है. तीनों के हाथों से बनी ये मूर्तियां देश के साथ साथ विदेश में भी खूब पसंद की जाती है. एनर्जिनी नाम की ये मूर्ति बनाने वाली कंपनी तीन साल से काम कर रही है और अब तक इसने सैकड़ों लोगों को रोजगार तो दिया ही है साथ ही धार्मिक स्थलों के वेस्ट को भी मैनेज किया है.

    विदेशी ग्राहक एनवायरमेंट फ्रेंडली चीजों को ज्यादा पसंद करते है
    एनर्जिनी के संस्थापक सदस्य में से एक आकाश कहते हैं कि अपने देश से ज्यादा विदेश के लोग वातावरण (Environment) के बारे में ज्यादा सजग नजर आते हैं. जैसे ही उनको यह पता चलता है कि यह मूर्तियां राख से बनी है जो वाटर बॉडी (Water body) को नुकसान नहीं पहुंचाती है, वो बहुत खुश होकर मूर्तियां मंगवाते हैं. आकाश बताते हैं कि हम यूएसए, जर्मनी, बांग्लादेश, आस्ट्रेलिया जैसे देशों में मूर्तियां भिजवाते है. ज्यादातर मूर्तियां कस्टमाइज होते है, ग्राहक अलग अलग तरह के प्रोडक्ट की मांग हमसे करते है, हम उनके डिमांड के अनुसार मूर्तियां बना कर भेजते है.

    सैंकड़ों लोगों को डायरेक्ट और इनडायरेक्ट देते हैं रोजगार
    एनर्जिनी के दूसरे संस्थापक सदस्य हैं नरेश भाटी बताते है कि जब कोई आर्डर विदेशों से आता है, तो हम उन्हे एक से तीन महीने के भीतर सामान पहुंचा देते हैं. इसके लिए हमने कई कोरियर कंपनी से समझौता कर रखा है, जिससे हम मूर्तियों को विदेशों के साथ अपने देश तक पहुंचाते हैं. एक मूर्ति को बनाने में एक से तीन महीने का समय लगता है. क्योंकि जो मूर्तियां है वो डिमांड के अनुसार बनाई जाती है.

    मूर्तियों को लोग इतना पसंद करेंगे अंदाजा नहीं था
    एनर्जिनी के साथ मूर्ति बनाने वाले संजय बताते हैं कि पहले हम मूर्तियां बनाते थे लेकिन शुरुआत में लोग काम जानते थे, लेकिन अब विदेशों में भी हमारी मूर्तियों की मांग बढ़ गई है. काफी अच्छा लगता है जब कोई हमारी तारीफ करता है और कहता है कि हम वातावरण को बचाने के लिए अपना योगदान दे रहे हैं. वहीं आकाश, नरेश और संजय के मेंटर के रूप में काम करने वाले मीहिप सिंह बताते हैं कि इनका आइडिया काफी कुछ सुधार सकता है, मंदिरों में जो भी वेस्ट निकलते थे, उनका निस्तारण करना काफी जरूरी था.

    (रिपोर्ट-आदित्य कुमार)

    Tags: Ganesh Chaturthi, Noida news

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