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अनोखी कहानी: जेल जाने के बाद इस युवक की जिंदगी आबाद हो गई.

अनोखी कहानी: जेल जाने के बाद इस युवक की जिंदगी आबाद हो गई.

Sanjay

Sanjay with his work art.

संजय बताते हैं कि मैं कला की तरफ ना जाता तो जेल से आने के बाद हत्यारा बन गया होता, क्योंकि जेल में आपको वैसा ही माहौल मिलता है.

    नोएडा: कहा जाता है किसी कारण अगर कोई एक बार जेल चला जाता हैं तो उसकी जिंदगी बर्बाद हो जाती है. लेकिन नोएडा के एक युवक की जिंदगी बर्बाद नहीं जेल जाने के बाद आबाद हो गई. नोएडा का रहने वाला संजय 18 वर्ष की उम्र में जेल जाता है और 17 महीने जेल में बिताने के बाद जब वो वापस आता है तो वो एक सेलिब्रिटी के रूप में बाहर आता है. जी हां, यह कोई फिल्म की कहानी नहीं उत्तर प्रदेश के जिला गौतमबुद्ध नगर के रहने वाले संजय की असल जिंदगी की कहानी है.
    प्यार और जंग में सबकुछ जायज है
    कहा जाता है प्यार और जंग में सबकुछ जायज होता है. संजय भी इसी प्यार के कारण जेल गए थे. लेकिन जब वो बाहर निकले तो एक अपराधी की तरह नहीं बल्कि एक कलाकार बनकर आए. उसके नाम कई अखबार में आए थे, वो एक मूर्तिकार बन गया था. संजय बताते हैं कि 3 साल पहले वो अपनी महिला मित्र के साथ राजस्थान चले गए थे, उस वक्त दोनों की उम्र 18 वर्ष थी, घर से चले जाने के बाद लड़की के पिता ने संजय पर मुकदमा दर्ज करवा दिया था. जिसके बाद उसे राजस्थान से पुलिस नोएडा (Noida)  लेकर आई, और उसे जेल में बंद कर दिया. जेल में वो 17 महीने रहे, उस दौरान उन्हें मूर्तिकला और पेंटिंग सीखने को मिला. वो बताते हैं कि बचपन से ही मेरी रुचि पेंटिंग और मूर्तिकला में थी. जिसे उसने जेल के दिनों में सीखा, जेल में एक बार पेंटिंग कंपटीशन का आयोजन कराया गया था. वहां उसने पेंटिंग बनाई और प्रथम आया. उसके बाद जेलर ने उसे पेंटिंग और मूर्तिकला सिखाने की व्यवस्था कराई. संजय खुशी से पुराने दिनों को याद करते हुए कहते हैं कि मुझे लगता था कि मैं अब बुढ़ापे में ही बाहर निकल पाऊंगा.

    मूर्तिकला ने ही प्यार से मिलवाया
    संजय आज खुश है, जेल में सीखे गुण से वो अच्छा खासा कमा लेते है और अब उनको जेल से बाहर भी निकाल लिया गया.साथ ही उनकी शादी भी अब प्रेमिका से होने वाली है, बिल्कुल एक फिल्मी हैप्पी एंडिंग की तरह. संजय शर्माते हुए बताते है कि जब मैं जेल में कैद था तो मैं मूर्तियों को बनाता था. उन मूर्तियों की फोटो मेरे नाम के साथ अखबारों में छपती थी जिसे लोग देखते थे.उसी के बाद मेरे ऊपर जो मुकदमे थे वो मेरे होने वाले ससुर ने वापस ले लिए और कुछ दिनों बाद मेरी शादी होने वाली है उसी लड़की से जिसके कारण मैं जेल गया था.

    कई बार मन हुआ जेल से बाहर आने के बाद जिसके कारण जेल गया उन सबकी हत्या कर दूंगा.
    संजय अब 22 वर्ष के है, उनकी मूर्ति अब देश विदेश में जाती है वो अब खुश है. लेकिन पुराने दिनों को याद करते हुए थोड़े मायूस होते हैं और कहते हैं कि जेल की जिंदगी आसान नहीं होती है. वहां कोई लुटेरा होता है कोई हत्या करने वाला उस बीच में मैं 18 साल का लड़का बिना कोई अपराध के जेल गया था. मुझे कभी कभी लगता था कि जब वापस जाऊंगा तो 30 साल का हो जाऊंगा उसके बाद जिसके कारण जेल गया उन सबकी हत्या कर दूंगा लेकिन अब मैं कला साधक हूं. मूर्तियां बनाता हूं लोग मुझे अब इज्जत देते है.
    (रिपोर्ट – आदित्य कुमार)

    Tags: Noida news

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