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नोएडा की इस इमारत को तोड़ने पर निकलेगा 3 हजार ट्रक मलबा, जानें मामला

नोएडा की इस इमारत को तोड़ने पर निकलेगा 3 हजार ट्रक मलबा, जानें मामला

नोएडा में सुपरटेक ने एमराल्ड प्रोजेक्ट के टावर बनाए गए थे. इसमे से दो टावर अवैध तरीके से नियमों को ताक पर रखकर बनाए गए थे.   Demo Pic

नोएडा में सुपरटेक ने एमराल्ड प्रोजेक्ट के टावर बनाए गए थे. इसमे से दो टावर अवैध तरीके से नियमों को ताक पर रखकर बनाए गए थे. Demo Pic

नोएडा के सेक्टर-93ए में बने हुए सियान और एपेक्स टावर आजकल चर्चा का विषय बने हुए हैं. सुपरटेक की एमराल्ड योजना के तहत यह टावर बनाए गए थे. लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इन्हें तोड़ा जा रहा है. इतना ही नहीं फ्लैट खरीदार (Flat Buyers) और बिल्डर के बीच लम्बी चली लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के आदेश पर ही ट्वीन टावर (Twin Tower) में फ्लैट लेने वाले सभी 252 खरीदारों को 100 करोड़ रुपये वापस किए जाएंगे. वापस की जाने वाली रकम में 12 फीसद की रेट से ब्याज भी शामिल रहेगी. नोएडा अथॉरिटी (Noida Authority) और नोएडा पुलिस समेत सभी संबंधित विभागों ने इसकी मंजूरी दे दी है.

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नोएडा. 100-100 मीटर ऊंचे दो टावरों को गिराने की तैयारी चल रही है. टावर गिराने का ठेका साउथ अफ्रीका (South Africa) की कंपनी को दिया गया है. हैरत की बात यह है कि टावर गिराने पर करीब 3 हजार ट्रक मलबा (Truck Debris) निकलेगा. इस मलबे में अकेले 4 हजार टन तो स्टील ही शामिल है. कंपनी का दावा है कि टावर वाली जगह से मलबा साफ करने में ही कम से कम तीन महीने लग जाएंगे. मलबे की कीमत भी करीब 13 करोड़ रुपये बताई जा रही है. टावर गिराने में 17.55 करोड़ रुपये का खर्च आ रहा है. गौरतलब रहे कि 3.5 किलो से ज्यादा विस्फोटक लगाकर टावर को गिराया जाएगा. यह सुपरटेक ट्विन टावर (Supertech Twin Tower) सियान और एपेक्स हैं.

सुपरटेक को ही देने होंगे टावर गिराने के 17.55 करोड़

नोएडा में सुपरटेक ने एमराल्ड प्रोजेक्ट के टावर बनाए गए थे. इसमे से दो टावर अवैध तरीके से नियमों को ताक पर रखकर बनाए गए थे. जिसके बाद यह मामला कई चरणों से होता हुआ सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था. 30 अगस्त को अपने एक फैसले में कोर्ट ने 30 नवंबर तक यानि तीन महीने में ट्वीन टावर के गिराने का आदेश जारी किया था. इसके बाद यह तारीख मई और फिर आखिर में अगस्त कर दी गई.

साथ ही यह भी आदेश दिया था कि टावर को गिराने का खर्च सुपरटेक बिल्डर ही देगा. जानकारों की मानें तो टावर गिराने वाली अमेरिका की कंपनी को सुपरटेक की ओर से एडवांस के तौर पर 75 लाख रुपये का चेक दिया जा चुका है. अब आने वाले दो-तीन दिन में कंपनी का स्टाफ और मशीनरी टावर की साइट पर पहुंच जाएंगी.

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इसलिए पड़ोसी टावरों का कराया गया है 100 करोड़ का बीमा

नोएडा के सेक्टर-93ए में सुपरटेक बिल्डर ने एमराल्ड प्रोजेक्ट के तहत ट्वीन टावर का निर्माण कराया था. लेकिन दो टावर के बीच दूरी को लेकर फ्लैट खरीदार कोर्ट चले गए थे. सुप्रीम कोर्ट में मामला जाने के बाद ट्वीन टावर अवैध घोषित कर दिए गए थे. कोर्ट ने टावर को गिराने के आदेश जारी कर दिए. साल 30 नवंबर 2021 में टावर गिराए जाने थे. लेकिन किसी वजह से टावर गिराए नहीं जा सके. अब जब रास्ता साफ हो गया है तो अमेरिकन कंपनी एडिफिस टावर को गिराने का काम करेगी.

कंपनी के एक्सपर्ट विस्फोटक लगाकर टावर को गिराएंगे. लेकिन ट्विन टावर से सिर्फ 9 मीटर की दूरी पर सुपरटेक का ही टावर नंबर एक है. इसके साथ ही करीब 35 मीटर की दूरी पर एटीएस बिल्डर्स का विलेज का टावर है. ट्वीन टावर को गिराने के दौरान दोनों टावर को भी खतरा पैदा हो सकता है. इसी के चलते एडिफिस कंपनी इन्हीं दोनों टावर का करीब 100 करोड़ का बीमा भी कराएगी. इसके चलते दोनों टावर में रहने वाले लोगों में खलबली मची हुई है.

Tags: Noida Authority, Noida Police, Supertech twin tower, Supreme Court

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