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Noida में अभी नहीं टूटेंगे सुपरटेक के ट्विंस टावर, जानिए वजह

Noida में अभी नहीं टूटेंगे सुपरटेक के ट्विंस टावर, जानिए वजह

सुपरटेक ने एमराल्ड प्रोजेक्ट के ट्वीन टावर तोड़े जाने का प्लान नोएडा अथॉरिटी में जमा कर दिया था.

सुपरटेक ने एमराल्ड प्रोजेक्ट के ट्वीन टावर तोड़े जाने का प्लान नोएडा अथॉरिटी में जमा कर दिया था.

सुपरटेक बिल्डर (Supertech Builder) की एमराल्ड योजना के ट्वीन टावर (Twin Tower) विवादों में आ गए थे. कई साल से लगातार पीड़ित फ्लैट खरीदार पहले स्थानीय कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के चक्कर लगा रहे थे. इसके बाद ही इसी साल 30 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा अथॉरिटी (Noida Authority) पर सख्त टिप्पणी करते हुए तीन महीने में ट्वीन टावर को तोड़ने का आदेश जारी किया था. इसके बाद लगातार अथॉरिटी केन्द्रीय भवन अनुसंधान संस्थान और आईआईटी (IIT) के साथ मिलकर ट्वीन टावर को कैसे गिराया जाए इस योजना पर काम किया गया. लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी टावर नहीं टूटे थे.

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नोएडा. 30 नवंबर 2021 में गिराए जाने वाले सुपरटेक (Supertech) के ट्विंस टावर अभी नहीं टूटेंगे. एक बार फिर से टावर गिराने का वक्त तय होते-होते रह गया है. सुपरटेक बिल्डर ने टावर को कैसे तोड़ा जाएगा इसकी योजना नोएडा अथॉरिटी (Noida Authority) में जमा करा दी थी. लेकिन योजना पर सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीयूट (CBRI) ने आपत्ति जताई है. बिल्डर की कार्य योजना पर कुछ सुझाव दिए हैं. जिसके बाद नोएडा अथॉरिटी ने सुपरटेक के ट्विंस टावर (Twins Tower) को गिराने की कार्य योजना वापस भेज दी है. साथ ही सीबीआरआई की ओर से आए सुझावों को भी भेजा गया. जिसके बाद बिल्डर से संशोदित कार्य योजना मांगी गई है. सुपरटेक की ओर से एक विदेशी कंपनी ने टावर गिराए जाने की कार्य योजना को तैयार किया था.

वॉटरफाल के तरीके से तोड़ने का दिया था प्लान

अमेरिका की कंपनी इससे पहले भारत में ही मुम्बई और कोच्चि में भी मल्टी स्टोरी बिल्डिंग गिराने का काम कर चुकी है. साउथ अफ्रीका में भी सुपरटेक के ट्वीन टावर जितनी बिल्डिंग को तोड़ चुकी है. कंपनी ने नोएडा अथॉरिटी में अपना प्रस्ताव पेश करते हुए बताया था कि वो ट्वीन टावर को वॉटरफाल का तरीका अपनाकर तोड़ेगी.

इसके लिए टावर के कॉलम, बीम और दिवारों में कई जगह छेद कर एक्सप्लोसिव लगाया जाएगा. इस तरीके से टावर का मलबा एक झरने से गिरने वाले पानी की तरह से नीचे आएगा. खास बात यह है कि मलबा टावर के अंदर की ओर गिरेगा.
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10 सेकेंड में तीनों टावर गिराने का किया दावा

नोएडा अथॉरिटी के सामने प्रस्ताव पेश करते हुए अमेरिकन कंपनी ने दावा किया था कि वॉटरफाल तरीके से ट्वीन टावर को गिरने में सिर्फ 10 सेकेंड लगेंगे. लेकिन इसकी तैयारी करने के लिए उन्हें कम से कम 3 महीने का वक्त लगेगा. टावर गिराने के दौरान नीचे से गुजर रही गैस की पाइप लाइन को भी बंद किया जाएगा. जानकारों की मानें तो टावर गिरने पर उसमे से करीब 4 हजार टन स्टील निकलेगा. वहीं 3 हजार से ज्यादा ट्रक भरकर मलबा भी निकलेगा.

सुपरटेक ही देगी अवैध ट्वीन टावर गिराने का खर्च

नोएडा के सेक्टर-93ए में सुपरटेक ने एमराल्ड प्रोजेक्ट के टावर बनाए गए थे. इसमे से दो टावर अवैध तरीके से नियमों को ताक पर रखकर बनाए गए थे. जिसके बाद यह मामला कई चरणों से होता हुआ सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था. 30 अगस्त को अपने एक फैसले में कोर्ट ने 30 नवंबर तक यानि तीन महीने में ट्वीन टावर के गिराने का आदेश जारी किया था. साथ ही यह भी आदेश दिया था कि टावर को गिराने का खर्च सुपरटेक बिल्डर ही देगा.

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Tags: Noida Authority, Supertech Twin Tower case, Supreme court of india

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