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Suspicious death: मठ पहुंचने से पहले अनुराग संत ने रास्ते से की थी आनंद गिरी से बात

महंत आनंद गिरी ने अनुराग संत से कहा था मठ जल्दी और ज्यादा लोगों को लेकर पहुंचो.

महंत आनंद गिरी ने अनुराग संत से कहा था मठ जल्दी और ज्यादा लोगों को लेकर पहुंचो.

Mahant Death Mystery : महंत आनंद गिरी के करीबी अनुराग संत पुलिस से पहले मठ पहुंच चुके थे. मठ पहुंचने से पहले रास्ते से उन्होंने आनंद गिरी से बात की थी और आनंद गिरी ने उन्हें जल्दी और ज्यादा लोगों को लेकर पहुंचने को कहा था.

  • News18Hindi
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नोएडा. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की आत्महत्या के मामले में आनंद गिरी के एक करीबी के नाम की चर्चा बार-बार होती रही है कि वह पुलिस से पहले ही बाघम्बरी मठ पहुंच चुका था. यह शख्स महंत नरेंद्र गिरी की मौत के बाद बनाए गए वीडियो में मौजूद है. आनंद गिरी के इस करीबी का नाम है अनुराग संत.

न्यूज18 के संवाददाता से अनुराग संत ने बताया कि मठ में रहने वाले छात्र अभिजीत ने उन्हें महंत नरेंद्र गिरी के फांसी लगाने की सूचना दी थी. इस सूचना के बाद वह सिविल लाइन से पुलिस के पहुंचने से पहले ही घटनास्थल पर पहुंच चुके थे. अनुराग संत के मुताबिक मठ जाते समय उनकी बात आनंद गिरी से भी हुई थी. आनंद गिरी ने अनुराग संत से कहा था कि जल्दी पहुंचो और ज्यादा लोगों के साथ पहुंचो. नरेंद्र गिरी की मौत के बाद सवाल यह भी उठा है कि आनंद गिरी के करीबी का महंत नरेंद्र गिरी की मौत से क्या कनेक्शन है. हालांकि अनुराग संत इसे सामान्य घटना बता रहे हैं. अनुराग संत का दावा है कि महंत नरेंद्र गिरी और आनंद गिरी के बीच हुआ विवाद अब खत्म हो गया था.

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इससे पहले आज ही महंत नरेंद्र गिरी के वकील महादेव द्विवेदी ने बताया कि मठ के संपत्ति को लेकर एक विवाद पहले से चल रहा है. वकील के मुताबिक, महंत विचारानंद गिरी की मौत के बाद ही मठ की संपत्ति को लेकर विवाद शुरू हो गया था. तब शिवानंद गिरी ने मठ का उत्तराधिकारी घोषित करने की मांग थी. यह मामला पहले सिविल कोर्ट में दाखिल किया गया था. लेकिन शिवानंद गिरी ने कोर्ट फीस जमा नहीं कर पाए थे तो उनका दावा खारिज कर दिया गया था. हालांकि बाद में हाईकोर्ट जाने पर अदालत ने कोर्ट फीस जमा करने का मौका दिया, लेकिन शिवानंद गिरी फीस नहीं जमा कर पाए. आज भी यह मुकदमा जिला कोर्ट प्रयागराज में चल रहा है.

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