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there is such a restaurant in noida which is promoting the knowledge of lord shri krishna there is a different feeling

नोएडा में है एक ऐसा रेस्टोरेंट जो भगवान श्रीकृष्ण के ज्ञान का कर रहा है प्रचार प्रसार,होती है अलग अनुभूति

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महाभारत के युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को पाठ पढ़ाते हुए संदेश देते हैं कि 'यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत,अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम् ' अर्थात जब-जब इस धरती पर अधर्म बढ़ता है,तब-तब उस अधर्म के नाश और धर्म की रक्षा के लिए मैं इस धरती पर जन्म लेता ह?

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    रिपोर्ट:- आदित्य कुमार,नोएडा

    महाभारत के युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को पाठ पढ़ाते हुए संदेश देते हैं कि ‘यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत,अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम् ‘ अर्थात जब-जब इस धरती पर अधर्म बढ़ता है,तब-तब उस अधर्म के नाश और धर्म की रक्षा के लिए मैं इस धरती पर जन्म लेता हूं. गीता के सभी श्लोको से ज्ञान की प्राप्ति होती है लेकिन आधुनिक काल के समय में लोग इस ज्ञान से दूर हो रहे हैं.लेकिन नोएडा के सेक्टर 63 में एक ऐसा रेस्टोरेंट है जो इस भागदौड़ भरी दुनियां में भगवान श्रीकृष्ण के संदेश को आगे बढ़ा रहा है.

    गीता के श्लोकों का होता है पाठ

    सेक्टर 63 में एक रेस्टोरेंट है जो श्रीकृष्ण के द्वरा कहे गए गीता के पाठ की थीम पर आधारित है, इसे भगवान कृष्ण की भक्तलक्ष्मी शर्मा चलाती हैं.उनका मानना है कि भगवान श्रीकृष्ण के बारे में सबको जानना चाहिए.लोगों को गीता के पाठ को पढ़ाने के लिए उन्होंने लाखों की नौकरी छोड़कर इस गीता आधारित रेस्टोरेंट की शुरुआत की है.लक्ष्मी बताती हैं कि आजकल लोगों में गुस्सा,लोभ और अशांति जैसे गुण का विस्तार होने लगा है क्योंकि वो धर्म से विमुख होने लगे हैं, इसलिए उन्हें भगवान और धर्म की ओर जागरूक करने के लिए इस रेस्टोरेंट को समर्पित कर दिया है.यहां पर चारों तरफ गीता के श्लोक लिखे हैं, दीवारों पर भगवान कृष्ण और राधा की तस्वीर बनाई गई हैं, यहां तक कि जो संगीत बजता है उसमें भी गीता का ही पाठ होता है ताकि जो भी लोग यहां खाने आए वो भगवान कृष्ण के ज्ञान को जान सकें.

    बदला कई लोगों का जीवन
    लक्ष्मी कहती हैं कि मैं यह नहीं कहती कि धर्म के प्रति कट्टर हो जाओ लेकिन भगवान की पूजा करते रहना चाहिए जिससे काफी कुछ सीखने को मिलता है, साधु भी बनने की जरूरत नहीं है. पांच महीने से मैं ये चला रही हूं मेरे कहने पर कई लोगों ने गीता पढ़ना शुरू कर दिया है और कई तो वृंदावन तक घूम कर आए.

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