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trauma center and 4 police station to be built on yamuna expressway near jewar ambulance and police pcr dlnh

यमुना एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों के लिए हेल्थ और सेफ्टी-सिक्योरिटी का नया प्लान

यमुना एक्सप्रेसवे पर एक्सीडेंट में घायल बहुत सारे लोगों की मौत तो सिर्फ इसलिए हो जाती है कि उन्हें वक्त पर इलाज नहीं मिल पाता है. File Photo

यमुना एक्सप्रेसवे पर एक्सीडेंट में घायल बहुत सारे लोगों की मौत तो सिर्फ इसलिए हो जाती है कि उन्हें वक्त पर इलाज नहीं मिल पाता है. File Photo

Noida News: नोएडा से आगरा तक यमुना एक्सप्रेसवे पर अभी सिर्फ छह एम्बुलेंस हैं. अब नया प्लान यह है कि एम्बुलेंस की संख्या 6 से बढ़ाकर 12 की जाएंगी. जिससे एक्सीडेंट में घायल होने वालों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया जा सके. इसके लिए यमुना अथॉरिटी ने अब एम्बुलेंस खरीदने की तैयारी शुरू कर दी है. जेवर में ट्रामा सेंटर बन रहा है.

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    नोएडा. यमुना एक्सप्रेसवे पर एक्सीडेंट में बहुत सारे लोगों की मौत इसलिए हो जाती है कि उन्हें वक्त पर इलाज नहीं मिल पाता. लूट की वारदात भी एक्सप्रेसवे पर लगातार बढ़ रही हैं. इसी के चलते यमुना अथॉरिटी और जेपी इंफ्राटेक ने एक प्लान बनाया है कि एक्सीडेंट में घायलों को एक्सप्रेसवे के किनारे ही इलाज मिल जाए. सेफ्टी-सिक्योरिटी प्लान में भी बदलाव किया जा रहा है.

    यमुना अथॉरिटी के अफसरों के मुताबिक़ अभी यमुना एक्सप्रेसवे पर पुलिस पीसीआर की संख्या 14 है. ये पीसीआर नोएडा जीरो पाइंट से लेकर आगरा तक गश्त करती हैं. बावजूद इसके आए दिन एक्सप्रेसवे पर लूट की वारदात हो रही हैं. इसे रोकने के लिए पीसीआर की संख्या बढ़ाई जा रही है. जल्द ही एक्सप्रेसवे पर 14 की जगह 28 पीसीआर पेट्रोलिंग करेंगी.

    एक्सप्रेसवे की सुरक्षा के लिए 4 नए पुलिस स्टेशन खोले जा रहे हैं. सभी नए पुलिस स्टेशन गौतम बुद्ध नगर, अलीगढ़, मथुरा और आगरा में यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे खोले जाएंगे. यूपी सरकार ने पुलिस स्टेशन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. पुलिस स्टेशन के लिए जमीन यमुना अथॉरिटी फ्री में देगी. वहीं अथॉरिटी स्टेशन की बिल्डिंग भी अपनी तरफ से तैयार करवाकर देगी.

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    जेवर में बनेगा ट्रॉमा सेंटर

    जेवर के बीजेपी विधायक धीरेन्द्र सिंह का कहना है कि जेवर और उसके आसपास बहुत तेजी से रेजिडेंशियल, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल डवलपमेंट हो रहा है. इंटरनेशनल जेवर एयरपोर्ट और फिल्म सिंटी भी बन रही है. ऐसे में इमरजैंसी स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत भी होगी. और फिर यमुना एक्सप्रेस वे पर हर रोज छोटे-बड़े एक्सीडेंट होते हैं. एक्सीडेंट में बहुत से लोगों की जान तो सिर्फ इसलिए ही चली जाती है कि वक्त रहते उन्हें इलाज नहीं मिल पाता है. एक्सप्रेस वे जेवर, मथुरा और आगरा को जोड़ता है. लेकिन उसके किनारे कोई अस्पताल नहीं है. इसे ध्यान में रखते हुए ट्रॉमा सेंटर बनाया जा रहा है.

    दो से तीन महीने में ट्रॉमा सेंटर बनना शुरु हो जाएगा. यह 200 बेड का होगा. इसका फायदा वर्तमान में तो मिलेगा ही साथ में यहां जल्द होने वाली बसावट को भी इसका फायदा मिलेगा. नियमों के मुताबिक जेपी कंपनी को एक्सप्रेस वे के किनारे अस्पताल का निर्माण कराना था, लेकिन उसने नोएडा में अंदर जाकर अपना अस्पताल बनाया, जिसका फायदा एक्सप्रेस वे पर एक्सीडेंट का शिकार लोगों को नहीं मिल पाता है.

    एक्सप्रेसवे पर एक्सीडेंट के यह हैं आंकड़े

    सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता केसी जैन को आरटीआई से मिले जवाब के मुताबिक यमुना एक्सप्रेस वे पर जनवरी 2017 तक करीब 4505 हादसे हुए, इनमें 626 लोगों की मौत हो चुकी है. साल दर साल हादसों में तेजी दिख रही है. 2015 की तुलना में एक्सप्रेस वे पर 2016 में 30 फीसद हादसे ज्यादा हुए थे. 2016 में एक्सप्रेसवे पर 1193 एक्सीडेंट हुए थे . इनमें 128 लोगों की मौत हुई थी. वहीं 2015 में यहां 919 हादसे हुए थे जिसमें 143 लोगों की मौत हो गई थी.

    2013 में यहां 896 हादसे हुए जिसमें 118 लोगों की मौत हुई थी. 2014 में इस एक्सप्रेस वे पर 771 हादसे हादसे हुए जिसमें 127 लोगों की अपनी जान गई . अगस्त 2012 में एक्सप्रेस वे चालू हुआ था. तब दिसंबर 2012 तक 294 हादसे हुए थे जिसमें 33 लोगों की जान गई थी.

    Tags: Noida news, UP police, Yamuna Authority, Yamuna Expressway

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