क्या विपक्ष के पास मुद्दों की कमी है? क्यों नहीं सक्रियता से निकल रहे है विपक्ष के नेता

जनता के मुद्दे क्यों नहीं उठा रहे हैं विपक्ष के नेता, राहुल गांधी, अखिलेश यादव, प्रियंका गांधी सभी किनारे ही नजर आ रहे हैं

News18Hindi
Updated: June 20, 2019, 5:16 PM IST
क्या विपक्ष के पास मुद्दों की कमी है? क्यों नहीं सक्रियता से निकल रहे है विपक्ष के नेता
राहुल गांधी अब तक नहीं कर पाएं हैं फैसला
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Updated: June 20, 2019, 5:16 PM IST
( पुष्पेंद्र कुमार )

लोकसभा चुनाव के रिजल्ट के बाद से विपक्ष एक दम सन्नाटे में है. जबकि ऐसा भी नहीं है कि विपक्ष के पास मुद्दों की कमी हो. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी किसी से मिल नहीं रहे हैं. संसद का सत्र शुरू हुआ. शपथ लेना था तो लगा कि दिखेंगे ही. खुद को कमरे में बंद करने के बजाए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आंध्र प्रदेश के सीएम जगन मोहन रेड्डी से सीख ले सकते थे. चुनाव में हार के बाद जगन आंध्र प्रदेश के दौरे पर निकल गए थे. चाहते तो राहुल देश के दौर पर निकल सकते थे.

जगन से नहीं तो अपने सामने खड़े अमित शाह से ही कुछ सीख लेते. 2014 के लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के तुरंत बाद अमित शाह ने देश के हर राज्य का दौरा शुरू कर दिया था. अपने कार्यकर्ताओं से मीटिंग करनी शुरू कर दी थी. लेकिन इसके बजाए कांग्रेस में दिख रहा है सन्नाटा.

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और एसपी नेता अखिलेश यादव भी घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं. बस, इक्का-दुक्का बाइट देते नजर आ जाते हैं. जबकि अलीगढ़ में हुई एक बच्ची की निर्मम हत्या की घटना उनके सामने थी. ये ऐसी घटना थी जिसे लेकर योगी सरकार को कानून व्यवस्था के मुद्दे पर घेरा जा सकता था. एक आंदोलन खड़ा किया जा सकता था. लेकिन पूर्व समाजवादी पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के बेटे अखिलेश यादव, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सभी सन्नाटे में नज़र आ रहे हैं.

अखिलेश यादव भी सिर्फ बाइट देते दिखते हैं, Akhilesh Yadav has seen only in interview
अखिलेश यादव भी सिर्फ बाइट देते ही नजर आते हैं.


तेजस्वी यादव के राजनीतिक परिदृश्य से गायब होने पर चुटकुले तक चल पड़े हैं.. चुनाव के नतीजों के बाद से अभी तक कहीं नजर ही नहीं आए. बिहार में मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार ने 135 लोगों की जान ले ली. लू की वजह से 90 लोगों की मौत हो गई. बीजेपी के नेता लगातार बेशर्मी वाले बयान दे रहे हैं. लेकिन लालू प्रसाद यादव के जेल जाने के बाद पार्टी की जिम्मेदारी संभाल रहे बेटे तेजस्वी यादव कहीं दिखाई नहीं दे रहे हैं. ये ऐसा मौका था जिसको लेकर बिहार सरकार पर जबरदस्त हमला किया जा सकता था. लेकिन महागठबंधन में शामिल आरजेडी के तेजस्वी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सन्नाटे में हैं.

ऐसे में सवाल उठ रहा है कि ये क्या हो गया है इन विपक्षी नेताओं को क्या ये सभी नेता हताश हो गए हैं ? क्या सभी नेता हिम्मत हार चुके हैं ? आखिर पहले भी नेता और पार्टियां चुनाव हारते रहे हैं. एक समय था जब इसी राहुल गांधी के पिता राजीव गांधी की अगुवाई ऐतिहासिक सीटें हासिल की थीं. फिर भी विपक्षी दल तो अपने काम में लगे रहे. ऐसे में अगर इन नेताओं को राजनीति में बना रहना है तो जनता के बीच रहना ही होगा.
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First published: June 20, 2019, 5:04 PM IST
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