अयोध्या: जिला महिला अस्पताल में बने कोविड अस्प्ताल में ऑक्सीजन की भारी किल्लत, नये मरीजों को नहीं किया जा रहा भर्ती

अयोध्या की महिला अस्पताल में कोरोना के नये मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है.

अयोध्या की महिला अस्पताल में कोरोना के नये मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है.

अयोध्या (Ayodhya) के जिला महिला अस्पताल (Hospital) में बने कोविड अस्पताल में आक्सीजन की भारी कमी है. इन वजह से यहां नये मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है.

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अयोध्या. अयोध्या (Ayodhya) के जिला महिला अस्पताल (Hospital) में बने कोविड सेंटर में डॉक्टरों ने ऑक्सीजन (Oxygen) और रेगुलेटर की भारी कमी के चलते नये कोरोना मरीजों को भर्ती करना बंद कर दिया है. जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसके शुक्ला ने इस बात को स्वीकार किया है कि अस्पताल ऑक्सीजन की किल्लत से जूझ रहा है.

सीएमएस डॉ. एसके शुक्ला ने बताया कि ऑक्सीजन के अभाव में 3 दिन में 3 मरीजों की मौत हो चुकी है. ऐसे में तीमारदार अपने मरीजों को अपने रिस्क पर भर्ती करें. दरअसल अयोध्या जनपद में 2400 से अधिक कोविड के मरीज हैं. हॉस्पिटल में भर्ती करने के लिए मेडिकल कॉलेज व जिला महिला अस्पताल में कोविड अस्प्ताल बनाया गया है. जिला महिला अस्पताल के कोविड अस्प्ताल में बेड तो है लेकिन पर्याप्त मात्रा में रेगुलेटर ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं हैं, जिससे भर्ती मरीजों को 24 घंटे ऑक्सीजन दिया जा सके.

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सीएमएस डॉ एसके शुक्ला ने बताया कि डीएम अनुज झा को इसके बारे में जानकारी दी जा चुकी है कि कोविड अस्प्ताल में ऑक्सीजन की जरूरत है. इसके बाद कुछ सप्लाई तो हुई लेकिन सुचारू रूप से सप्लाई ना होने के कारण मरीजों को 24 घंटे ऑक्सीजन नहीं दे पा रहे हैं. इसकी वजह से उनका ऑक्सीजन लेवल अगर 80 होता है तो घट कर 60 पहुंच जाता है. ऐसे में मरीजों की जान बचाना जोखिम भरा है.
कमोबेश यही हाल दर्शन नगर के मेडिकल कॉलेज का है, जहां पर बेड भर चुके हैं और जब किसी मरीज की मौत होती है तभी बेड खाली होता है. हालांकि मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की सप्लाई 4 ऑक्सीजन जनरेटर से 30 बेड पर अनवरत मिल रही है. लेकिन, जिस तरह से कोविड के मरीज बढ़ रहे हैं. उस पर यह पर्याप्त नहीं है. जनपद में बनाए गए चार प्राइवेट अस्पताल में कोविड अस्पताल भी बंद होने की कगार पर हैं. वजह है कि उनको भी सुचार रूप से ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं मिल पा रही जिसकी वजह से प्राइवेट अस्पताल भी मरीजों को भर्ती नहीं कर रहे हैं.
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