पीलीभीत: पराली जलाने को लेकर 100 FIR, 300 नामजद, 50 किसान भेजे गए जेल
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पीलीभीत: पराली जलाने को लेकर 100 FIR, 300 नामजद, 50 किसान भेजे गए जेल
पीलीभीत में पराली जलाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए किसान.

मामले में पीलीभीत प्रशासन (Pilibhit Administration) ने 8 लेखपालों को संस्पेंड कर दिया है. वहीं किसानों से 6 लाख से ज्यादा जुर्माना भी वसूला गया है. वहीं एसपी ने भी एक कोतवाल को स्थानान्तरित कर दिया है, जबकि एक दरोगा को पराली में लापरवाही को लेकर लाइन हाजिर किया है, 4 कांस्टेबल को नोटिस भेजा है.

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पीलीभीत. उत्तर प्रदेश शासन से सख्ती होने के बाद पीलीभीत (Pilibhit) जिला प्रशासन ने पिछले 10 दिन में पराली जलाने (Burning Stubble) के मामले में ताबड़तोड़ कार्रवाई की है. जनपद में लगभग 100 एफआईआर (FIR) दर्ज हुई हैं, जिसमें 300 किसानों (Farmers) को नामजद किया गया और 50 से ज्यादा किसानों को गिरफ्तार (Arresting) कर जेल भेज दिया गया है. इसके अलावा मामले में प्रशासन ने 8 लेखपालों को संस्पेंड कर दिया है. वहीं किसानों से 6 लाख से ज्यादा जुर्माना भी वसूला गया है. वहीं एसपी ने भी एक कोतवाल को स्थानान्तरित कर दिया है, जबकि एक दरोगा को पराली में लापरवाही को लेकर लाइन हाजिर किया है, 4 कांस्टेबल को नोटिस भेजा है. जिलाधिकारी व एसपी खुद घूम-घूमकर पराली को लेकर कार्यवाही के साथ ही जागरूकता फैला रहे हैं.

जनपद में धड़ल्ले से पराली जलाने के मामले सामने आ रहे हैं, जिसको लेकर जिला प्रशासन काफी गम्भीर हो गया है. राजस्व विभाग से लेकर पुलिस विभाग के कर्मचारियों पर लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की गई है, जहां डीएम ने आठ लेखपालों व एक कानूनगो को संस्पेंड कर दिया. वहीं एसपी अभिषेक दीक्षित ने पूरनपूर कोतवाली में तैनात दरोगा अब्दुल समीद को लाइन कर 4 सिपाहियों से स्पष्टीकरण तलब किया है. जागरूकता फैलाने के लिए जहां डीएम वैभव श्रीवास्तव जगह-जगह जाकर किसानों से बात कर रहे हैं तो वहीं एसडीएम क्षेत्रों में जाकर कार्रवाई का एनाउंस कर किसानों से पराली न जलाने की अपील कर रहे हैं.

मकसद पर्यावरण को लेकर किसानों को जागरूक करना है: डीएम



डीएम वैभव श्रीवास्तव का कहना है कि किसानों पर भले ही कार्रवाई की गई हो लेकिन प्रशासन का मकसद पर्यावरण को लेकर किसानों को जागरूक करना है, इसके दुष्परिणाम बताना है. साथ ही एसपी अभिषेक दीक्षित का कहना है कि बीट कांस्टेबल को भी पराली को लेकर कहा गया है. लापरवाही बरतने पर पुलिस पर कार्रवाई की गई है. इसके साथ ही डीएम ने सभी ग्राम प्रधानों को भी निर्देश दिए हैं कि किसानों को पराली जलाने से रोकें. अगर किसी गांव में पराली जलती मिलती है तो ग्राम प्रधान के अधिकार सीज कर दिये जायेगा.
किसान उठा रहे सवाल- आखिर अवशेषों का क्या किया जाये?

वहीं किसान भी परेशान हैं एक तरफ जेल का डर तो दूसरी तरफ खेत खाली कर नई फसल की चिंता सता रही है. किसानों की मानें तो आखिर अवशेषों का क्या किया जाये? किसान मजबूरी में अवशेषों को जला रहा है, अगर पराली का कोई पुख्ता इंतेजाम कर दिया जाये तो कोई भी किसान पराली नही जलाएगा.

रिपोर्ट: सैयद परवेज

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