लाइव टीवी

पीलीभीत: आदमखोर बाघों के आगे वन विभाग ने डाले हथियार, ग्रामीण आतंकित

Rajeev | ETV UP/Uttarakhand
Updated: September 26, 2017, 6:42 PM IST
पीलीभीत: आदमखोर बाघों के आगे वन विभाग ने डाले हथियार, ग्रामीण आतंकित
खूब हुई कॉम्बिंग मगर बाग नहीं मिला. Photo : ETV Network

लम्बे समय से यूपी का पीलीभीत जिला आदमखोर बाघों के आंतक से थर्राता नजर आ रहा है. ये आदमखोर बाघ अब तक जिले के करीब डेढ़ दर्जन से अधिक गरीब किसानों को मौत के घाट उतार चुके हैं.

  • Share this:
लम्बे समय से यूपी का पीलीभीत जिला आदमखोर बाघों के आंतक से थर्राता नजर आ रहा है. ये आदमखोर बाघ अब तक जिले के करीब डेढ़ दर्जन से अधिक गरीब किसानों को मौत के घाट उतार चुके हैं.

काफी कोशिश के बाद भी वन विभाग इन आदमखोर बाघों को पकड़ने में नाकाम साबित हो रहा है. स्थिति ये है कि अब दूर-दराज से आये टाईगर विशेषज्ञो को भी वापस भेज दिया गया है.

हकीकत यह है कि 2017 में अब तक करीब 18 लोगों को बाघ अपना निवाला बना चुका है. वहीं दो दर्जन से अधिक लोगों पर हमला कर उन्हे गंभीर रूप से घायल कर चुका है. बाघ के लगातार हमलों में घायल कई किसान आज भी राजधानी लखनऊ के अस्पतालो में जिदंगी और मौत से जूझते नजर आ रहे हैं.

बीते दिनों सीएम आदित्यनाथ योगी द्वारा बाघ के हमलो में मारे गये किसानो के परिजनो को 5- 5 लाख की मदद के साथ आदमखोर बाघो को तत्काल पकड़ने निर्देशो दिए गए थे.

जिसके बाद वन विभाग तत्काल हरकत में आ गया, और इन आदमखोर बाघों की तलाश में लखनऊ जू, वन विभाग, WTI और WWF के करीब 100 लोगों को लगाकर, हाथियों के जरिए बाघों की तलाश शुरू कर दी गई.

करीब 40 दिन के जंगल टूर के बाद आदमखोर बाघ हाथ नहीं लगे. अब वन विभाग ने अपने इन जांबाज टाईगर विशेषज्ञो को वापस भेज दिया है.

सबसे बडी समस्या पीलीभीत के गरीब किसान के सामने खड़ी हो गई, क्योंकि गन्ने और धान की कटाई के वक्त में आदमखोर बाघो के आतंक से किसान के सामने जान बचाने और दो वक्त की रोटी के इतंजाम के भी लाले पड़ गए हैं.
Loading...

ऐसे में आज पीलीभीत में फैले बाघो के आंतक के लिये वन्य जीव विशेषज्ञ किसी और को नहीं बल्कि बाघ मैनेजमेंट में नाकाम साबित हो रहे यूपी वन विभाग के उनआला-अधिकारियो को ही जिम्मेदार बता रहे हैं. जिनके पास राजधानी लखनऊ में बैठकर कागजो में बाघ बचाने की योजना के अलावा न तो अन्य राज्यो के तर्ज पर बाघ मैन्जमेंट से जुड़ा कोई अनुभव है. और न ही कोई खास रणनीति.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए पीलीभीत से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 26, 2017, 6:42 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...