लाइव टीवी

पीलीभीत में जंगल और बाहरी इलाकों में ट्रैप कैमरे से होगी बाघों की गिनती

ARJDEV SINGH | News18India
Updated: November 4, 2017, 4:39 PM IST
पीलीभीत में जंगल और बाहरी इलाकों में ट्रैप कैमरे से होगी बाघों की गिनती
ट्रैप कैमरा (फाइल फोटो)

वर्ष 2018 आते ही उत्तर प्रदेश के पीलीभीत समेत पूरे देश में एक साथ बाघों की गिनती शुरू कर दी जाएगी. राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने देश के सभी टाईगर रिजर्व के क्षेत्र निदेशक, उपनिदेशक तथा प्रदेशों के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालकों की मौजूदगी में ये निर्णय लिया गया.

  • News18India
  • Last Updated: November 4, 2017, 4:39 PM IST
  • Share this:
वर्ष 2018 आते ही उत्तर प्रदेश के पीलीभीत समेत पूरे देश में एक साथ बाघों की गिनती शुरू कर दी जाएगी. राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने देश के सभी टाईगर रिजर्व के क्षेत्र निदेशक, उपनिदेशक तथा प्रदेशों के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालकों की मौजूदगी में ये निर्णय लिया गया.

पहली बार देश के सभी टाईगर रिजर्वों में एक साथ बाघों की गणना की जाएगी. डब्ल्यूआईआई के मानक के अनुसार कैमरे ट्रैप के आधार पर गिनती होगी. इसके लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने सभी टाईगर रिजर्व को मानक के अनुसार क्षेत्र निर्धारित भी कर दिया है.

बरेली से पीलीभीत पहुचे वन संरक्षक विनोद कृष्ण सिंह ने बताया कि सभी टाईगर रिजर्व से कैमरे की संख्या पूछी गई है. जिसमें कैमरों मौजूदगी व आवश्यकता के बारे में पूछा गया है. सीएफ वीके सिंह ने बताया कि पीलीभीत टाईगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश से भी ट्रैप कैमरों की जानकारी मांगी गई है. यह कैमरें डब्ल्यूआईआई तथा राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध करायें जाएंगे. बाघों की गणना से पूर्व जिला लखीमपुर के दुधवा नेशनल पार्क में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश तथा राजस्थान के वन अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा. इसमें भाग लेने वाले अधिकारी रेंजर व डीएफओ स्तर के होंगे. प्रशिक्षण के बाद ये लोग मास्टर ट्रेनर बनकर बाघ गणना के लिए स्थानीय स्तर पर वनकर्मियों को प्रशिक्षण देंने का काम करेंगे.

उन्होंने बताया कि जंगल से बाहर सामाजिक वानिकी में जो बाघ मौजूद हैं, विशेषकर तहसील अमरिया क्षेत्र में, बाघों की गिनती के लिए स्थानीय स्तर पर ट्रैप कैमरे लगाए जाएंगे. अधिकारियों का मानना है कि इससे ओवर लैपिंग की समस्या भी नहीं होगी और शुद्ध गणना भी संभव हो सकेगी.

बता दें कि वर्ष 2016 में ट्रैप कैमरे द्वारा बाघों की जंगल के अंदर व सामाजिक वानिकी में विभाग द्वारा आंकड़ों के अनुसार बाघों की गिनती 45 रही है. अब देखना ये होगा कि वर्ष 2018 में बाघों की संख्या बढ़कर कितनी होगी.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए पीलीभीत से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 4, 2017, 4:39 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...