आयुष्मान कार्ड लेकर भटकता रहा मरीज, अस्पताल ने नहीं किया भर्ती, मौत

यूपी के पीलीभीत में दो दिन से आयुष्मान कार्ड लेकर परिजन भटकते रहे, लेकिन आयुष्मान विभाग से पंजीकृत अस्पतालों ने मरीज को सिर्फ इसलिए भर्ती नहीं किया, क्योंकि वह नकदी पैसे लेकर नहीं पहुंचा था.

ARJDEV SINGH | News18 Uttar Pradesh
Updated: June 17, 2019, 7:53 PM IST
आयुष्मान कार्ड लेकर भटकता रहा मरीज, अस्पताल ने नहीं किया भर्ती, मौत
मरीज के पास आयुष्मान भारत कार्ड था इसलिए अस्पतालों ने भर्ती करने से मना कर दिया. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
ARJDEV SINGH | News18 Uttar Pradesh
Updated: June 17, 2019, 7:53 PM IST
प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना की पीलीभीत में खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. दो दिन से आयुष्मान कार्ड लेकर परिजन भटकते रहे, लेकिन आयुष्मान विभाग से पंजीकृत अस्पतालों ने मरीज को सिर्फ इसलिए भर्ती नहीं किया, क्योंकि वो नकद पैसे लेकर नहीं पहुंचा था.

इस घटना की जानकारी मिलने के बाद पीलीभीत डीएम ने मरीज को तत्काल अस्पताल में भर्ती तो करा दिया, मगर तब तक बहुत देर हो चुकी थी. इलाज के दौरान ही शख्‍स की मौत हो गई. फिलहाल डीएम वैभव श्रीवास्तव ने इस मामले में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है.

ब्रेन हेमरेज की वजह से मरीज की बिगड़ी हालत
दरअसल, नगर कोतवाली इलाके के सरफराज अनवर की दो दिन पूर्व ही ब्रेन हेमरेज होने की वजह से हालत बिगड़ गई थी. आनन-फानन में शहर के दो निजी अस्पतालों में भी उन्‍हें ले जाया गया, लेकिन अस्पतालों ने स्थिति गंभीर बताकर बरेली के हायर सेंटर भेज दिया. मगर वहां भी स्थिति जस की तस बनी रही. बरेली के राम मूर्ति स्मारक मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मरीज को भर्ती करने से सिर्फ इसलिए मना कर दिया, क्योंकि पीड़ित परिवार के पास पैसे की जगह आयुष्‍मान कार्ड था.

जब डीएम से हुई मुलाकात
आखिरकार परिजन जब पीलीभीत जिला अस्पताल पहुंचे तो इत्तेफाकन डीएम वैभव श्रीवास्तव से मुलाकात हो गई. डीएम ने संज्ञान लेकर बरेली के राममूर्ति अस्पताल प्रशासन को फोन करके मरीज को एडमिट करने का आदेश दिया. ऐसा नहीं करने पर एफआईआर कि बात सुनते ही अस्पताल प्रशासन ने 13 जून को मरीज को भर्ती कर लिया.

डीएम ने की मदद, लेकिन तब तक हो चुकी थी काफी देर
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डीएम वैभव श्रीवास्तव ने पीड़ित परिजनों को 2 हजार रुपए देकर आर्थिक मदद भी की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और अनवर के सिर में खून फैल गया था. राम मूर्ति स्मारक मेडिकल कॉलेज में 14 जून की सुबह अनवर की मौत हो गई. समय रहते अगर अनवर का इलाज आयुष्मान भारत कार्ड से हुआ होता तो शायद उसे बचाया जा सकता था. फिलहाल डीएम वैभव श्रीवास्तव ने भी इस मामले पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है.

2018 में पीएम मोदी ने शुरू की थी आयुष्मान भारत योजना
केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी. सरकार द्वारा सभी जिलों में एक आयुष विंग बनाकर वहां डिस्ट्रिक्ट को-ऑर्डिनेटर को जनपदस्तरीय निजी अस्पतालों को पंजीकृत करा दिया, जिसमें किसी भी बीमार व्यक्ति का पांच लाख तक मुफ्त इलाज कराया जाना सुनिश्चित कराया गया. मगर जनपद में इस योजना का लाभ धरातल पर नहीं उतर पा रहा है. इसका बड़ा कारण यह है कि आयुष्मान भारत की ओर से पंजीकृत अस्पताल बिना मुनाफा किसी मरीज की इलाज करने से साफ मना कर दे रहे हैं.

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First published: June 17, 2019, 7:29 PM IST
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