पीलीभीत: 'नरभक्षी' युवक को फांसी की सजा, बच्चे को मारकर बनाया था निवाला

मोनिश (6 वर्ष) की 21 फरवरी 2017 को हत्या कर दी गई थी. उसका पड़ोसी नजीम उसको बेर खिलने के बहाने को पहले तो अपने घर लाया. फिर उसको धारदार चाकू से काटकर उसको निवाला बनाने लगा था.

News18India
Updated: April 10, 2018, 6:49 PM IST
पीलीभीत: 'नरभक्षी' युवक को फांसी की सजा, बच्चे को मारकर बनाया था निवाला
पुलिस गिरफ्त में नजीम. Photo: News18
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Updated: April 10, 2018, 6:49 PM IST
पीलीभीत के अमरिया थाना क्षेत्र में 21 फरवरी 2017 को 6 वर्षीय मासूम बच्चे के हत्यारे और उसे निवाला बनाने वाले को अपर जिला सत्र न्यायालय ने मंगलवार को सजा-ए-मौत दी है. साथ ही कोर्ट ने 25 हजार रूपये का अर्थदंड भी लगाया है. फैसले के इंतजार में सुबह से ही जिला न्यायालय परिसर में लोगों और वकीलों का जमावड़ा था.

दरअसल अमरिया थाना क्षेत्र के कस्बे के वार्ड नं. 1 कुरैशियान के निवासी मोहम्मद नईम उर्फ गउआ के पुत्र मोहम्मद मोनिश (6 वर्ष) की 21 फरवरी 2017 को हत्या कर दी गई थी. उसका पड़ोसी नजीम उसको बेर खिलने के बहाने को पहले तो अपने घर लाया. फिर उसको धारदार चाकू से काटकर उसको निवाला बनाने लगा था. घटना दोपहर लगभग 12 बजे की है, जब मोहनीश घर से लापता था.

परिजनों को नहीं पता था कि बच्चे का शव बगल के ही एक घर में पड़ा है. पुलिस ने जांच की तो पता चला कि मोनिश की हत्या उनका पड़ोसी नजीम मियां ने ही की है. वह स्मैक और अन्य नशे का आदी था. एक दिन पहले ही नशे की बात को लेकर उसका उसकी मां से झगड़ा हो गया था. इस पर नजीम ने मां पर भी छुरी से हमला कर दिया था. मौके पर पहुंची पुलिस ने नजीम को हिरासत में ले लिया था. घटना की वीभत्सता इसी से पता चलती है कि नजीम ने बालक की हत्या कर उसके कोई टुकड़े किये थे. इस मामले में थाना अमरिया में आरोपी नजीम मियां पुत्र सनब्बर के खिलाफ धारा 302, 377 तथा पास्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करा कर शव का पोस्टमार्टम कराया गया था.

अमरिया थाने में दर्ज मुकदमे की विवेचना उपनिरीक्षक सच्चिदानंद राय ने की और आरोप पत्र न्यायालय भेज दिया. आरोपपत्र न्यायालय ने स्वीकार कर इस मामले की सुनवाई की. प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार शुक्ला ने इस मामले में दोनों पक्षों की दलील सुनी. आरोपी की ओर से कोई वकील न होने पर न्यायालय ने न्यायमित्र के रूप में केशव किशोर गुप्ता को आरोपी की ओर से वकील नियुक्त किया. अपर जिला शासकीय अधिवक्ता काजी रिफाकत हसन फरहान ने अभियोजन की ओर तथ्य पेश किये, जबकि आरोपी खुद को निर्दोष बताता रहा.

प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार शुक्ला ने दो दिन पूर्व सुनवाई और पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद आरोपी नाजिम को दोषी ठहराया और आज सजा का एलान करने तिथि मुकर्रर की. इस अहम फैसले को सुनने के लिए आज सुबह से न्यायालय परिसर में मीडिया, अधिवक्ताओं और लोगों का जमावड़ा था.

दोपहर 3 बजे प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ने हत्यारोपी को धारा 302 में सजा-ए-मौत का एलान किया. इसके अलावा धारा 377 में 10 साल की सजा पाॅक्सो एक्ट में आजीवन कारावास की सजा सुनाई. वहीं उस पर कुल 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. सजा सुनाये जाने के समय आरोपी नाजिम अदालत में मौजूद था. प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ने पुनः आरोपी को जेल भेजने का आदेश दिया.
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