पीलीभीत टाइगर रिजर्व के बाघ हुए आदमखोर, 10 दिनों में चार की ली जान
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व के बाघ हुए आदमखोर, 10 दिनों में चार की ली जान
पिछले सात दिनों में टाइगर के हमले में चार लोगों की मौत हो चुकी है.

पीलीभीत टाइगर रिजर्व (Pilibhit Tiger Reserve) में एक बार फिर टाइगर का हमला हुआ है. पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघ ने 10 दिनों में 4 लोगों को निवाला बना लिया है.

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पीलीभीत. पीलीभीत टाइगर रिजर्व (Pilibhit Tiger Reserve) में एक बार फिर टाइगर का हमला हुआ है. पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघ ने 10 दिनों में 4 लोगों को निवाला बना लिया है. जानकारी के बाद लखीमपुर के दुधवा से दो हथनियां सुलोचना और गंगाकली को पीलीभीत बुलाया गया और वन विभाग द्वारा लगातार 2 दिन तक कॉम्बिंग के बाद आखिरकार आज बाघ को पकड़ लिया गया, जिसे वन विभाग लखनऊ के चिड़ियाघर भेजने की तैयारी में जुट गया है.

2014 में हुई पीलीभीत टाइगर रिजर्व की स्थापना
पीलीभीत टाइगर रिजर्व की स्थापना वर्ष 2014 में किया गया. टाइगर रिजर्व घोषित किये जाने के बाद विभाग द्वारा बिना संसाधनों के लगातार घटनाएं रोकना मानो में धुंए में लाठी चलाने की तरह रहा. मानव-वन्यजीव संघर्ष का सिलसिला चलता रहा. इसी फेहरिस्‍त में आज की घटना को लेकर लगभग 28 लोग अपनी जवान जान गवा चुके हैं. 10 दिन के भीतर पीलीभीत टाइगर रिजर्व के माला रेंज क्षेत्र को मिलाकर बाघ ने 4 लोगों को निवाला बना लिया है. आपको बता दें कि पहली घटना बीती 21.3.2020 को रमणी सरकार(महिला)45 वर्ष निवासी-माला कॉलोनी,थाना गजरौला,दूसरी घटना 30.3.2020 को कृष्णा राय(पुरुष)निवासी -माला कॉलोनी,थाना गजरौला,दोनो घटनाएं माला रेलवे स्टेशन के पास हुई थी. तीसरी घटना यानी आज 3.4.2020 इंदर सिंह 35 वर्ष व छोटेलाल 33 वर्ष जो कि माला रेंज वन क्षेत्र से लगभग 500 मीटर दूर सामाजिक वानिकी में हुई है. अधिकारियों के अनुसार पूर्व में हुई 2 घटनाओं में जान गवाने वाले रमणी सरकार व कृष्णा राय को 5-5लाख की सहायता राशि दी जा चुकी है. वहीं आज यानी 3.4.2020 को हुई दोनों घटनाओं में जान गंवाने वालों को दैविक आपदा मद से 5-5 लाख की सहायता राशि दी जाएगी. हालांकि पीलीभीत टाइगर रिजर्व में यह कोई पहली घटना नहीं हुई है. इससे पूर्व भी वन विभाग में संसाधनों के अभाव व लापरवाही की वजह से दर्जनों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. दरअसल जंगल के आसपास रहने वाले किसान जोकि वन्यजीवों से खेतों में खड़ी फसल की रखवाली करते हैं. उनकी सुरक्षा नहीं हो पाती और वन्य जीव उनको अपना निवाला बना लेते हैं.

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लखीमपुर खीरी के दुधवा नेशनल पार्क से दो दिन पहले ही दो हाथी मंगाए गए थे.



 

लखनऊ भेजने की तैयारी
फिलहाल टाइगर रिजर्व के माला रेंज क्षेत्र में रेस्क्यू कर बाघ को पकड़ लिया गया है और मेडिकल के बाद अब उस को लखनऊ के चिड़ियाघर भेजने की तैयारी शुरू कर दी गई है. इधर बाघ के लगातार हमले के बाद इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है. दोनों हथनियां जोकि दुधवा से मंगाई गई हैं,सुलोचना और गंगाकली अभी पीलीभीत में मौजूद है.

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